सेक्स वाच स्टोरी में एक रात मैं वॉशरूम में गया. मैंने देखा मम्मी के कमरे की खिड़की हल्की सी खुली हुई है, अन्दर लाइट जली है. मैं रुक गया और अंदर देखने लगा.
नमस्कार दोस्तो,
मेरा नाम साहिल है.
हमारे घर में सिर्फ़ 3 लोग हैं … मम्मी, पापा और मैं. दरअसल हम एक छोटे से 2 BHK के मकान में रहते हैं.
मैं आपको अपनी फैमिली की सेक्स वाच स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ. यह एकदम सच है.
मेरे और मेरे मम्मी-पापा के कमरे के बीच में एक बड़ी सी खिड़की थी.
मम्मी और पापा एक ही कमरे में सोया करते हैं.
मेरे पापा की आदत थी कि वे जैसे ही अपनी नौकरी से घर आते, कपड़े चेंज करके अपने दोस्तों के साथ बैठने चले जाते.
कभी-कभी वे थोड़ी बहुत शराब पी भी लेते.
हालांकि कभी-कभी ही ऐसा होता था.
एक दिन की बात है, पापा अपनी नौकरी से वापस आए और अपने दोस्तों के साथ बैठने के लिए चले गए.
यह अक्सर होता था तो मैं और मम्मी खाना खाकर सो जाते थे.
पापा को वापस आने में थोड़ी देर हो जाती थी इसलिए उनका इंतजार नहीं करते थे.
जब भी पापा को आने में देरी हो जाती थी तो समझ में आ जाता था कि आज वे हल्की ड्रिंक करके आएंगे और आकर बिस्तर पर लेट जाएंगे.
उस दिन भी यही हुआ, पापा को वापस आने में देर लग रही थी तो मैं लेट गया था और हल्की नींद में था.
पापा आए और वे मम्मी को हिलाने लगे.
उन्होंने मम्मी को आवाज देकर उठाने की कोशिश की.
मुझे लगा कि वे ऐसे ही बुला रहे होंगे.
मम्मी ने जबाव दिया- हां हां, उठ रही हूँ!
कुछ देर बाद मम्मी उठकर कमरे में जाने लगीं और जाने से पहले उन्होंने मुझे हिलाकर देखा.
पर मैं नींद में ही था तो मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
वे दोनों अपने कमरे में चले गए.
उनके जाने के कुछ पल बाद मैं उठकर वॉशरूम में गया.
जाते समय मेरी नजर हम दोनों के कमरों के बीच वाली खिड़की पर चली गई.
मैंने देखा कि खिड़की हल्की सी खुली हुई है और अन्दर लाइट जली हुई है.
उसी समय कुछ ऐसा हुआ कि मैं रुक गया और देखने लगा.
मम्मी पापा के पास को गईं.
पापा ने मम्मी को अपनी बांहों में भर लिया और वे मम्मी को चूमने लगे.
मम्मी भी पापा के साथ चुंबन में सहयोग करने लगीं.
पापा ने मम्मी के दूध दबाए और उनके कपड़े उतारने लगे, तो मम्मी ने उनसे कहा- तुम अपने उतारो, मैं अपने उतारती हूँ.
पापा ने अपने भी सारे कपड़े उतार दिए. वे बस एक अंडरवियर में हो गए.
चूंकि मेरे पापा अंडरवियर पहन कर ही सोते हैं तो उन्हें इस तरह से देख कर मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ा लेकिन मम्मी के नंगी होने से मैं जरूर कामोत्तेजित हो गया था.
पापा अपने कपड़े उतार कर वापस मम्मी के पास आ गए और मम्मी की ब्रा उतारने लगे.
फिर पापा ने मम्मी की पैंटी भी उतार दी.
मैंने देखा कि मम्मी पूरी नंगी गई थीं और उन्होंने अपनी चूत के बाल शेव कर रखे थे.
सफाचट चुत देख कर पापा बड़े खुश हुए और वे घुटनों के बल बैठ गए.
वे पागलों की तरह मम्मी की चूत को चाटने लगे.
वे शायद पहले भी चुत में जीभ डालते रहे होंगे, इसी लिए मम्मी ने पापा के सर को पकड़ लिया था और उनके मुँह पर मम्मी अपनी चुत रगड़ने लगी थीं.
मम्मी की कामुक आवाज ‘आह … आह …’ आ रही थी.
कुछ देर बाद पापा ने मम्मी को बिस्तर पर सीधी लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ गए.
वे मम्मी के स्तनों को चाटने लगे, होंठों पर किस करने लगे और चूत को उंगलियों से सहलाने लगे.
मम्मी मस्ती से पापा के साथ का मज़ा ले रही थीं.
कुछ देर के बाद पापा मम्मी की चुत पर फिर से मुँह लगाने लगे और ज़ोर-ज़ोर से जीभ से चुत चाटने लगे.
मेरी मम्मी की हाइट साढ़े पांच फिट की है और उनका शरीर सामान्य है.
शायद इसी लिए मम्मी की चुत का साइज़ थोड़ा छोटा है.
पापा के मुँह से खुलकर चुत चाटने पर मम्मी ने अपनी टांगों को पूरा फैला दिया था और पापा ने चुत को अपने मुँह से पूरा कवर कर लिया था.
पापा मम्मी की चुत को ऐसे चाट रहे थे कि उनकी चूत एकदम गीली हो गई थी और चमक रही थी.
ये सब देखकर तो मेरा लंड अपने आप मेरे बरमूडे से बाहर आ गया था.
मम्मी को मज़ा आ रहा था.
अब पापा घुटनों के बल खड़े हो गए.
मम्मी ने उठ कर पापा की अंडरवियर को नीचे खींच दिया.
वे पापा से अपनी अंडरवियर को पूरी उतारने को बोलीं- इसे हटाओ न जल्दी से!
पापा ने अपना अंडरवियर उतारा और अपना लंड मम्मी के मुँह के पास ले गए.
पापा ने भी अपने लौड़े की झांटों के बाल शेव किए थे.
मेरे पापा की हाइट भी बहुत बढ़िया है … वे करीब 6 फीट लंबे हैं और बॉडी भी मेंटेन कर रखी है.
उनके लंड की लंबाई को मैंने पहले भी नोटिस किया था, लेकिन आज मैंने पहली बार देखा था कि मैं देखता ही रह गया.
उनका लंड करीब 7 से 8 इंच जितना था
वे अपने लंड को मम्मी के मुँह के पास ले गए और उनके होंठों पर रख कर घिसने लगे.
उसी वक्त पापा ने मम्मी के एक दूध को जोर से दबाया तो मम्मी का मुँह खुल गया और उन्होंने पापा के लंड को मुँह में ले लिया.
वे लंड को चूसने लगीं.
पापा को अपना लंड चुसवाने में अच्छा लग रहा था तो वे भी आंख बंद कर ‘आह … आह …’ की आवाज़ निकाल रहे थे.
कुछ ही देर में पापा का लंड एकदम गीला होकर चमकने लगा था.
अब पापा मम्मी के ऊपर से उतर कर उनकी चूत के पास बैठ गए और उनकी दोनों टांगों को फैला कर चुत को चोदने के लिए रेडी करने लगे.
पापा अपने लंड को मम्मी की चूत पर रगड़ने लगे.
मम्मी चुदास से बेचैन सी होती दिखाई दे रही थीं और वे पापा के लंड को अपनी चुत में अन्दर लेने के लिए अपनी गांड उठाने लगे थे.
फिर पापा ने एक झटका लगाया और लंड चूत के अन्दर डाल दिया.
मम्मी ने ‘अ … अ … आह मर गई’ की आवाज़ निकाली और लंड को झेलने लगीं.
पापा ने भी लंड को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया.
अब मम्मी-पापा दोनों को चुदाई में मज़ा आ रहा था.
कुछ देर बाद पापा ने चुदाई की स्पीड तेज़ कर दी थी.
मम्मी की आवाज़ बढ़ती जा रही थी.
मम्मी की कामुक आवाजों को सुनकर पापा का जोश बढ़ता जा रहा था.
कुछ देर बाद मम्मी झड़ गईं और उन्होंने पापा को कसकर पकड़ लिया.
पापा ने लंड निकाला और मम्मी के मुँह में डाल दिया.
वे तेज़ रफ्तार से अपने लंड को मम्मी के मुँह में अन्दर-बाहर करने लगे.
उनका लंड कभी तेज शॉट के चलते अगर ज़्यादा अन्दर घुस जाता तो मम्मी को अजीब सा लगने लगता और वे हाथ पटक कर पापा को रोकने का इशारा करने लगतीं.
फिर जैसे ही पापा झड़ने वाले हुए, तो उन्होंने लंड को मुँह से बाहर निकाला और मम्मी के मम्मों पर रगड़ने लगे.
मम्मी ने भी पापा के लौड़े को अपने स्तनों में दबा लिया और तभी पापा के लंड से सारा माल निकल कर मम्मी के चूचों को भिगोने लगा.
पापा आंखें बंद करके आह आह कर रहे थे और मम्मी अपने मम्मों से पापा के लौड़े को निचोड़ कर उसका सारा रस निकलवा रही थीं.
करीब 20 मिनट तक चली इस चुदाई में वे दोनों झड़ कर लेट गए और एक-दूसरे से चिपक कर हांफने लगे थे.
कुछ देर बाद मम्मी उठ गईं और अपने बदन पर एक नाइटी डाल कर कमरे से निकल कर मेरे पास आकर लेट गईं.
उधर पापा अंडरवियर पहन कर सो गए.
मैं भी चुदाई का मजा लेकर सो गया.
अब यह मेरा रोजाना का नियम हो गया था.
मैं नजर रखने लगा था कि पापा मम्मी की चुदाई कब कब और किस किस स्थिति में होती है.
एक दिन पापा जल्दी घर आ गए थे.
हम सभी जल्दी खाना खाकर पापा वाले कमरे में टीवी देख रहे थे.
पापा ने कहा- मुझे नींद आ रही है और मैं अब सो रहा हूँ.
फिर उन्होंने मुझसे कहा- बेटा तुम मेरे पैर की मालिश कर दो!
मैं तेल लगाकर पापा के पैरों की मालिश करने लगा.
काफी देर बाद पापा मुझसे बोले- अब तुम रहने दो … मम्मी से बोल दो, वह कर देंगी. तुम सो जाओ.
मैंने ओके कहा और मम्मी-पापा के साथ ही साइड वाले पलंग पर सो गया था.
कुछ देर बाद मम्मी पापा की पैर की मालिश करने लगीं.
मेरी नींद लग ही रही थी कि तभी पापा ने मम्मी से कहा- देखो, वह सो गया क्या?
यह सुनकर मेरे कान खड़े हो गए और समझ में आ गया कि अब खेल शुरू होने को है.
मम्मी ने मुझे देखा और हिला कर चैक किया.
फिर वे पापा से बोलीं- वह जल्दी ही सो जाता है … जरा और रुक जाओ.
अब मम्मी और पापा की बात शुरू हो गई.
वे दोनों आराम-आराम से बात कर रहे थे.
पापा बोले- अब पैर बस की मालिश ही करोगी या कहीं और भी करना है?
मम्मी ने हंस दिया और उन्होंने शर्माते हुए पापा की अंडरवियर खींच कर नीचे सरकाते हुए टांगों से बाहर निकाल दिया.
मैं अधमुंदी आंखों से देख रहा था कि पापा का लंड खड़ा नहीं था.
मम्मी लंड को टटोलती हुई बोलीं- इसको थोड़ा जगाना पड़ेगा … ये तो गहरी नींद में सो सा रहा है!
पापा ने मम्मी का हाथ अपने लवड़े पर महसूस किया तो उन्होंने अपनी टांगें फैलाते हुए लंड की मालिश करने का इशारा किया.
मम्मी तेल हाथ में लेकर पापा के लंड पर तेल लगाने लगीं और देखते-ही-देखते पापा का औज़ार खड़ा होने लगा.
उनका लंड बहुत जल्दी तनकर कड़क हो जाता है.
मम्मी पापा के लौड़े को अपने हाथ से सहलाती हुई ऊपर-नीचे करने लगीं.
कुछ पल बाद पापा से रहा न गया तो वे उठकर घुटनों के बल खड़े हो गए.
उन्होंने मम्मी की नाइटी को पकड़ कर सर के ऊपर से उतारने का प्रयास किया.
मम्मी ने अपने दोनों हाथ ऊपर कर दिए तो नाइटी उनके जिस्म से अलग हो गई.
फिर पापा ने मम्मी की ब्रा और पैंटी भी उतार दी.
अब मम्मी एकदम नंगी हो गई थीं.
पापा ने मम्मी को नीचे खड़ी किया और उनकी चूत में अपनी जीभ डालने लगे.
वे अपने एक हाथ से मम्मी की चूत को सहलाने भी लगे.
मम्मी को मज़ा आने लगा और वे पापा के सर को सहलाने लगीं.
पापा भी अपने हाथ से मम्मी के पिछवाड़े को भी मसलते हुए दबा रहे थे.
कुछ देर बाद पापा ने मम्मी को लेटने के लिए कहा- आ जाओ लेटो!
मम्मी बिस्तर पर लेट गईं.
अब पापा अपने हाथ में तेल लेकर मम्मी की चूत के आस-पास मसाज करने लगे.
मम्मी को भी चुत रगड़वाने में मज़ा आ रहा था.
पापा बार-बार मम्मी की चूत में उंगली कर रहे थे और उनकी चूत को सहला रहे थे.
कुछ पल बाद पापा बिस्तर से नीचे आकर खड़े हो गए और मम्मी को लंड मुँह में लेने के लिए बोले.
मम्मी ने तुरंत उनका लंड मुँह में ले लिया.
मैं देख रहा था कि पापा का मोटा लंड मम्मी के मुँह में पूरा नहीं जा पा रहा था.
वे आधा लंड ही मुँह में ले पा रही थीं.
थोड़ी देर बाद मम्मी ने पापा का लंड चाट-चाटकर पूरा गीला कर दिया.
दोस्तो, अब मेरे पापा मम्मी की चुदाई की रंगरेलियां शुरू होने वाली हैं … मैं अगले भाग में इसे विस्तार से आपके मनोरंजन के लिए आगे लिखूँगा.
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