गर्लफ्रेंड स्वैप सेक्स कहानी में मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव इन में रहता था. उसी बिल्डिंग में 2 लड़कियां रहती थी. उनमें से एक का बॉयफ्रेंड मेरा दोस्त बन गया तो हम चारों मस्ती करने लगे.
मित्रो, मेरा नाम गोलू है और मैं लखनऊ से हूँ।
मेरी उम्र 25 और लंबाई 6 फीट है।
मेरा लंड 6 इंच का है और मैं सामान्य कद काठी का युवक हूँ।
थोड़ा गोरा और ठीकठाक लंबाई-चौड़ाई की वजह से लड़कियाँ भाभियाँ थोड़ा अट्रैक्ट हो जाती हैं।
यह कहानी मेरी गर्लफ्रेंड और एक दूसरे कपल के बीच स्वैपिंग की है।
यह मेरी पहली कहानी है तो कोई गलती होगी तो माफ करना क्योंकि ये एकदम रियल स्टोरी है।
सबसे पहले मैं गर्लफ्रेंड स्वैप सेक्स कहानी के सभी किरदारों से आपका परिचय करवा देता हूँ।
मेरी गर्लफ्रेंड शियाना।
रंग गोरा, उम्र 22 साल, लंबाई 5 फीट 4 इंच, चूचियाँ 34, गांड 34 है।
सेक्सी इतनी कि सड़क पर लड़के मर्द बिना पीछे मुड़कर देखे नहीं जाते।
ऊपर से छोटे कपड़ों को पहनने की शौकीन जिसमें उसका फिगर और भी कातिलाना हो जाता है।
वास्तव में गजब का माल है और हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं।
दिव्यांशी मेरे फ्लोर के ऊपर की किरायेदार।
चेहरा गोरा, उम्र 22 के लगभग, लंबाई 5.5 फिट के करीब, चूचियाँ 32, गांड 34 है।
एक सामान्य पर सेक्सी लड़की।
साथ ही बहुत बड़ी पियक्कड़ और चुदासी लड़की है।
अंतिम करेक्टर आशीष, दिव्यांशी का बॉयफ्रेंड।
लंबाई 6 फिट के करीब, रंग गोरा, स्पोर्टी बॉडी और लंड की लंबाई साढ़े 6 इंच के करीब है।
स्मार्ट लड़का साथ में ओपन माइंडेड है।
अब आते हैं कहानी पर!
बात 2020 के अक्टूबर की है।
हम लोग किराए के घर में रहते हैं।
नीचे मैं और शियाना, ऊपर दिव्यांशी और उसकी फ्रेंड अंशिका रहती है।
आशीष आता-जाता रहता है।
सबसे ऊपर अंकल-आंटी जिनके यहाँ हम लोग किराए पर रहते हैं।
अंकल-आंटी बहुत अच्छे लोग हैं।
उनको नीचे के कारनामों से कोई मतलब नहीं रहता है।
मैं और शियाना काफी खुले विचारों के हैं।
विशेषकर चुदाई में।
हम दोनों चुदाई के समय रोल प्ले, किसी को इमेजिन करके चुदाई और गंदी-गंदी गालियाँ देकर चुदाई करते हैं।
तो हम लोगों ने दिव्यांशी और आकाश के साथ सोच-सोचकर खूब चुदाई की है।
अब बारी रियल चुदाई की थी।
शनिवार का दिन था।
दिव्यांशी की संडे ऑफिस की छुट्टी थी तो हम लोगों ने दारू पार्टी का प्रोग्राम बनाया।
उस समय दिव्यांशी की रूममेट अंशिका घर गयी थी और आशीष आया हुआ था।
मेरे रूम में दारू की महफिल लगी।
साथ में म्यूजिक सिस्टम में गाना बजा दिया गया।
माहौल एकदम नशीला हो गया।
एक-एक पैग में सबको थोड़ा-थोड़ा शुरूर आने लगा और बगल में हाफ नेकर और सेक्सी टीशर्ट में लड़कियाँ बैठी हों तो सरूर दो गुणा हो जाता है।
जो लोग ऐसे बैठते होंगे दारू पार्टी में उनको पता होगा।
वैसे लखनऊ में शनिवार को ये आम बात है।
अभी तक चुदाई का कोई विचार नहीं था… लेकिन दूसरे पैग के बाद मेरा डांस का मूड बन गया।
मैंने शियाना को बुलाया तो उसने मना कर दिया।
तब तक दिव्यांशी आ गयी और वो मेरे साथ डांस करने लगी।
और बिस्तर पर आशीष और मेरी गर्लफ्रेंड शियाना बैठे कर धीरे-धीरे शराब पी रहे थे और हम दोनों का डांस देख रहे थे।
कमरे की लाइट बंद थीं बस नाईट बल्ब जल रहा था।
डांस करते-करते कब मैं और दिव्यांशी चिपक कर डांस करने लगे पता ही नहीं चला।
उधर शियाना और आशीष भी बगल-बगल बैठे डांस का मजा ले रहे थे।
मैं और दिव्यांशी डांस करते-करते इतने चिपक गए कि उसकी चूचियाँ मेरे सीने में और मेरा हाथ उसकी मखमली गांड पर चला गया.
लेकिन इसने कोई विरोध नहीं किया।
फिर धीरे-धीरे मैंने अपना हाथ उसकी शॉर्ट्स के अंदर डाल दिया और उसकी गांड को दबाने लगा।
एक तो शराब का नशा ऊपर से मर्द का हाथ।
दिव्यांशी ने मूक सहमति देते हुए अपना हाथ मेरे गले में डाल दिया।
अब हम दोनों डांस कम एक दूसरे को टच ज्यादा कर रहे थे।
उधर आशीष ये सब देखकर गर्म हो गया और उसने अपना हाथ शियाना के कंधे पर रख लिया।
अब दोनों एकदम चिपक कर बैठे थे।
शियाना की तरफ से कोई विरोध न होने पर हाथ साइड से जाकर शियाना की चूचियाँ दबाने लगा।
इससे शियाना शराब पीते-पीते कामुक आवाजें निकालने लगी।
शियाना को गर्म होता देख आशीष ने अपने एक हाथ से शियाना की चूत को शॉर्ट्स के ऊपर से सहलाना शुरू कर दिया।
अब शियाना बेकाबू होने लगी.
आपको एक बात बता दें शियाना शराब पीने के बाद एकदम रंडी बन जाती है.
वो आशीष को किस करने लगीं।
इधर मैंने और दिव्यांशी ने जब उन दोनों को इस तरह देखा तो हमारी आग और भड़क गयी और मैंने दिव्यांशी का टॉप उतार दिया।
अब वो पिंक कलर के ब्रा में हो गयी।
कसम से दोस्तो, गजब का नजारा!
उसकी दोनों चूचियाँ धीमी रोशनी में भी चमक रही थीं।
मैंने दिव्यांशी को पकड़ कर चिपका लिया और किस करने लगा।
उधर आशीष ने शियाना के टॉप को उतार दिया।
शियाना की 34 वाली चूचियाँ महरून ब्रा में कयामत कर रही थीं।
वो दोनों भी किश कर रहे थे और शियाना आशीष का लंड हाफ लोअर के ऊपर से ही रगड़ रही थी।
अब कमरे में ग्रुप सेक्स का माहौल बन चुका था।
किसी को शर्म-संकोच नहीं थी।
मैंने दिव्यांशी का शॉर्ट्स उतार दिया और वहीं फर्श पर उसको झुकाकर अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया।
दिव्यांशी लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड चूसने लगी।
उसके चूसने के तरीके से साफ रहा था कि वो बहुत मंझी हुई खिलाड़िन है।
अब मैं उसे उठा कर बिस्तर पर ले गया जहाँ आशीष ने अपना लंड शियाना के मुँह में पेल दिया था और शियाना मस्ती में उसका लंड चूस रही थी।
हम दोनों को बिस्तर पर आता देख उन दोनों ने मुस्कुराहट से हमारा स्वागत किया।
अब मैंने दिव्यांशी पैंटी उतार दी और उसकी चूत में मुँह डाल कर चाटने लगा।
उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे शायद इधर बीच शेव नहीं किया था।
अब शियाना दोनों हाथों से मेरे सिर को चूत पर दबा रही थी।
उसकी हालत खराब हो रही थी।
मेरी जीभ की गर्मी और शराब के नशे में उसने मेरे मुँह में ही अपना माल छोड़ दिया जिसे मैं पी गया।
दोस्तो, मुझे चूत चाटना और चूत का माल पीना बहुत पसंद है।
उधर आशीष ने शियाना को और खुद को नंगा कर दिया था और वो शियाना के ऊपर चढ़ कर उसकी चूचियाँ को पागलों की तरह पी रहा था, काट रहा था।
आप लोगों को बताता चलूँ कि मेरी शियाना की चूचियाँ इतनी आकर्षक हैं कि कपड़ों के ऊपर से भी जो देखता है उसका लंड टाइट हो जाता है।
यहाँ तो आशीष तो नंगी पा गया था।
वो बार-बार चूचियाँ पीते हुए शियाना को किस करने लगता था।
आज मेरी वर्षों की तमन्ना पूरी होने वाली थी।
आज मैं अपनी गर्लफ्रेंड को किसी के साथ अदला-बदली करके चोदने वाला था।
शियाना भी किसी पराये मर्द की छुअन से आज कुछ ज्यादा ही उत्तेजना में लग रही थी।
आशीष ने चूचियों के बाद शियाना के चूत पर हमला बोल दिया और जोर से जोर से चाटने लगा।
अब शियाना की आवाज से कमरा गूँज रहा था।
इधर मैं दिव्यांशी की चूचियों को मसल-मसल कर चूस रहा था जिससे उसको दर्द और मजा दोनों आ रहा था।
क्योंकि दर्द में भी मज़ा है.
कमरे में सिर्फ कामुक सिसकारियों की आवाजें गूँज रही थीं।
अभी तक हम चारों ने आपस में कोई बात नहीं की थी।
अब मैंने ऊपर आकर अपना लंड दिव्यांशी के मुँह में पेल दिया जिसे उसने लॉलीपॉप की तरह चूसना-चाटना शुरू कर दिया।
दिव्यांशी मेरे लंड के साथ मेरे आंडों को भी चाट रही थी।
वैसे मेरी शियाना सेक्स में कुछ मना नहीं करती सब कुछ करती है।
लंड चूसना, आंड चाटना बहुत अच्छे से करती है लेकिन दोस्तों किसी दूसरी लौंडिया के मुँह में लंड देना और किसी दूसरे लड़के के मुँह में चूत देना इसका अलग ही मजा है।
दिव्यांशी मेरा लंड चूस रही थी और मैं शियाना को किस करते-करते उसकी चूचियाँ दबा रहा था।
नीचे आशीष शियाना की चूत चाट रहा था।
दोस्तो, इसके पहले ये नजारा सिर्फ बीएफ में देखा था और आज ये सब खुद कर रहा हूँ।
यकीन नहीं हो रहा था, गजब का मजा आ रहा था!
अब मैंने अपना लंड दिव्यांशी के मुँह से निकाल कर उसकी चूत पर टिका दिया।
आज मैं एक दूसरी चूत चोदने जा रहा था।
मेरे लंड की गर्मी से दिव्यांशी की चूत भी बहुत गीली लग रही थी।
मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया।
मेरा लंड बड़े आराम से उसकी चूत में समा गया।
एक तो चूत पूरी गीली थी दूसरा आशीष ने पहले जमकर चोदा है दो सालों से और उसका लंड भी मुझसे बड़ा है तो मेरा लंड आराम से अंदर-बाहर हो रहा था लेकिन नए लंड के अहसास से उसकी चूत की नसें थोड़ा टाइट होकर मेरे लंड को पकड़ रही थीं जो मुझे एक सुखद अहसास दे रहा था।
मैं लगातार धक्के देकर तेजी से चोद रहा था और दिव्यांशी ‘आह हह अहहह उम्म आहह हहहह’ की आवाजें निकाल रही थी।
उधर आशीष ने भी अपना लंड शियाना की चूत में पेल दिया।
आज शियाना भी एक नए लंड के अहसास में ज्यादा ही आवाजें निकाल रही थी।
आशीष भी बहुत तेज-तेज झटकों के साथ शियाना को पेल रहा था।
मैंने दिव्यांशी की चूत से लंड बाहर निकाल कर उसको घोड़ी बना कर पीछे से उसकी चूत में लंड झटके से डाल दिया।
इस एकाएक हमले से दिव्यांशी की कराह निकल गयी।
इतनी देर के चुदाई के माहौल में पहली बार किसी की आवाज निकली जब दिव्यांशी ने कहा- गोलू मेरी जान, आराम से चोदो! अब तो ये चूत तुम्हारी भी है!
सब लोग ये सुनकर हँसने लगे।
तब आशीष बोला- गोलू भैया, आराम से चोदो! दिव्यांशी तो यहीं रहेगी जब मन हो, इसे चोद लेना!
तब मैंने कहा- अब तो जब मन हम लोग एक दूसरे से चुद लेंगे लेकिन आज पहली बार है इसलिए अलग मजा आ रहा!
इस पर सब लोगों ने कहा- सही बात!
फिर से चुदाई शुरू हुई।
डॉगी स्टाइल में चोदने से दिव्यांशी की चूचियाँ आगे झूल रही थीं जिसे चुदाई की जोश में शियाना ने पकड़ कर पीना शुरू कर दिया।
इस नए अहसास ने दिव्यांशी को पानी छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
अब मेरा भी गिरने वाला था तो मैंने पूछा- दिव्यांशी मेरी जान, कहाँ छोड़ूँ अपना माल?
तो उसने कहा- प्लीज अंदर मत छोड़ना!
तो मैंने अपना लंड निकाल कर दिव्यांशी के मुँह में दे दिया जिसे वो हिलाते हुए चूसने लगी और मैंने अपने माल से उसका मुँह भर दिया।
गर्लफ्रेंड स्वैप सेक्स में हम दोनों स्खलित हो चुके थे लेकिन आशीष और शियाना अभी भी लगे थे।
आशीष ने शियाना को अपने ऊपर कर लिया था और शियाना उछल-उछल कर चुद रही थी।
उसकी 34 साइज की चूचियाँ हवा में उछल रही थीं।
गजब अदभुत नजारा था!
मेरी गर्लफ्रेंड किसी दूसरे लड़के का लंड अपने चूत में लेकर चुद रही थी और मैं सामने बैठा देख रहा था।
एक बार झड़ जाने के बाद भी मेरा रोम-रोम रोमांचित हो रहा था।
जिसने भी अपने मन में आज के समय में सेक्स में खुले विचार नहीं लाये वो बहुत बड़े आनंद से चूक गया है।
दिव्यांशी ने हमारी चुदाई के बाद फिर से एक-एक पैग बनाया जिसे हम दोनों आशीष और शियाना की चुदाई देखते हुए पी रहे थे।
साथ ही एक दूसरे के चूत-लंड को सहला रहे थे।
आशीष का भी अब झड़ने वाला हो गया था और उसने लंड निकाल कर शियाना के पेट पर सारा माल निकाल दिया और दोनों एक दूसरे से चिपक गए।
थोड़ी देर बाद शियाना मेरे पास और दिव्यांशी आशीष के पास आ गयी और फिर से पैग का मौसम बन गया.
जिसके बाद दोबारा सेक्स का दौर चला जिसमें हम लोगों ने अलग ही तरह से चुदाई की और एक दूसरे की गर्लफ्रेंड की गांड की चुदाई की.
लेकिन इसे अब आगे दूसरी कहानी में बताऊँगा।
इस तरह हम चारों ने पहली बार कपल स्वैपिंग का मजा लिया।
गर्लफ्रेंड स्वैप सेक्स कहानी अच्छी लगी होगी.
तो हमें मेल करके प्रोत्साहित करें।
आगे अभी आपको और भी मजेदार रियल कहानियाँ सुनाता रहूँगा।
आपका प्यारा गोलू (गोमतीनगर लखनऊ)a68114864@gmail.com