Kuwari Nanand - 2

Views: 153 Category: Family Sex By Garimasexy Published: July 29, 2025

अब आगे इनोसेंट टीन गर्ल हॉट स्टोरी:

अपने पापा और ज्योति के पापा के साथ चुदाई के खेल के बाद इतना तो समझ चुकी थी कि अनुभवी और बड़ी उम्र के आदमी सेक्स में भरपूर मजा देते हैं।

चूंकि ससुर जी भी करीब-करीब मेरे पापा की उम्र के ही थे।
तो मजा वे भी उतना ही देंगे, यह मैं समझ रही थी।

लेकिन मुझे पता था कि जब तक बड़ी बुआ घर में हैं, तब तक तो कहीं से मौका मिलना थोड़ा मुश्किल है।
वैसे भी दिन में ससुर जी ऑफिस में रहते थे और शाम के बाद तो बुआ जी और पायल दोनों घर में रहती थीं तो बस हम दोनों को बात को आगे बढ़ाने का मौका नहीं मिल पा रहा था।

जब रोहित ड्यूटी पर रहते थे तो पायल मेरे साथ सोती थी।

फिर मेरे दिमाग में एक आइ़डिया आया।
मैंने सोचा क्यों न मायके वाला माहौल यहीं ससुराल में ही तैयार किया जाए।

फिर मैंने अपने प्लान पर काम करना शुरू कर दिया।
मैंने सोचा कि जब तक बड़ी बुआ हैं घर में तो वैसे भी ससुर जी से आमना-सामना होना मुश्किल है।
रोहित की कुछ छुपी हुई फैंटेसी तो मैं जान ही गयी थी।

मैंने सोचा क्यों न तब तक पायल को ही पहले अपने फंदे में फंसाया जाए।
क्योंकि अगर वह फंस गयी तो मेरे दो काम एक साथ हो जाएंगे।

पहला तो बुआ जी के जाने के बाद फिर घर में किसी बात का डर नहीं रहेगा और दूसरा ये कि कभी चूत चाटने या चटवाने का मन हुआ तो वो भी हो जाएगा।

धीरे-धीरे मैंने पायल को फंसाने के प्लान पर काम करना शुरू कर दिया।

एक दिन बाद ही रोहित को ड्यूटी पर जाना था।
मैं जानती थी कि इन 3 या 4 दिनों के लिए पायल रात में मेरे साथ ही सोएगी।

वैसे पायल के बारे में आप लोगों को बता दूँ।
पायल की उम्र 19 साल की गोरी-चिट्टी और सुंदर थी।
हाइट करीब-करीब मेरे बराबर थी 5 फीट 2 या 3 इंच के करीब।

उसका शरीर भी मेरी तरह ही मांसल था।
अगर हम दोनों एक दूसरे के कपड़े पहन लें तो पीछे से देखने पर एक बार तो लोग मेरे और पायल में कन्फ्यूज हो जाएंगे।

पायल बेहद चुलबुली थी और घर में खूब हंसी-मजाक करना उसकी आदत थी।
चाहे ससुर जी हों या रोहित … दिन भर सबसे पटर-पटर उसकी जुबान चलती रहती थी।

रोहित से तो उसकी मजाक वाली नोकझोंक हमेशा चलती रहती थी।

वह रोहित को जब ज्यादा चिढ़ाती थी या मजाकर करती थी तो रोहित उसके बाल पकड़ कर नोच देते थे, फिर वह भी रोहित के साथ यही करती।
वे दोनों आपस में बच्चों का सा झगड़ा करते थे कभी-कभी।

वहीं वह ससुर जी को भी नहीं छोड़ती थी।
उनके साथ भी उसका खूब-हंसी मजाक करती रहती थी।

यहाँ तक कि कभी-कभी जब मेरे घर से पापा-मम्मी का फोन आता था तो ससुर जी भी उनसे बात करते थे।

मम्मी की थोड़ा लंबा बात करने की आदत थी तो उसका भी वह मजाक बनाती और ससुर जी से हंसते हुए कहती- पापा, आप अपनी समधन से इतनी देर-देर तक क्या बात करते हैं, कुछ हम लोगों को भी बताइये।
ससुर जी भी बस हंस देते थे और कोई जवाब नहीं देते थे।

हालांकि उसे सब घर की शेरनी बोलते थे.
वजह यह थी कि वह जितना शरारत और बोलना घर में करती थी, वहीं बाहर उसकी बोलती बंद रहती थी।
कॉलेज में वह एकदम शर्मीली और अन्तर्मुखी इनोसेंट टीन गर्ल थी।

घर वालों के अलावा वो किसी से ज्यादा बात भी नहीं करती थी।
उसके ज्यादा दोस्त भी नहीं थे.
लड़के तो एक भी नहीं!
और जो एक-दो लड़कियाँ उसकी सहेलियां थीं, उनसे भी सिर्फ कॉलेज और पढ़ाई तक ही दोस्ती थी।

घर में ससुर जी और रोहित सब उसे मानते थे।
रोहित तो हमेशा उसके लिए कुछ न कुछ लेकर आते थे।

जैसे मैं शादी से पहले घर में अक्सर स्कर्ट और टीशर्ट पहनती थी, पायल भी उसी तरह अक्सर स्कर्ट और टीशर्ट में रहती थी।
कभी-कभी कुर्ती और लेगिंग भी पहन लिया करती थी।

पायल की चूचियों को मैंने तो कपड़ों के ऊपर से ही देखा था लेकिन उसकी चूचियाँ बहुत बड़ी तो नहीं थीं लेकिन गोल और सुडौल थीं।
उसकी शायद वजह ये भी थी कि उसकी चूचियों पर किसी लड़के ने हाथ नहीं फेरा था।

जींस में उसकी सुडौल जांघों के ऊपर गोल-गोल गांड अच्छी लगती थी।
भरा और मांसल शरीर होने की वजह से गांड बड़ी और मस्त लगती थी।

वैसे तो पायल और मेरी खूब पटती थी एकदम एक दोस्त की तरह!
पायल मेरे ऊपर बहुत भरोसा भी करती थी, कुछ भी छुपाती नहीं थी मुझसे!

हम एक-दूसरे खूब हंसी मजाक भी करती थी लेकिन सारी बातें एक सीमा के अंदर होती थीं।

खैर … अगले दिन रोहित दोपहर बाद ड्यूटी पर चले गये।
जब रोहित नहीं होते थे तो मैं रात 8 या साढ़े आठ बजे तक ही खाना वगैरह बना खाकर अपने कमरे में आ जाती थी।

रात का खाना खाने के बाद रात करीब साढ़े पौने दस बजे के करीब पायल मेरे रूम में आ गयी।
फिर हम रोज़ की तरह इधर-उधर की बातें करने लगी।

मैं तो बस किसी तरह अपने मुद्दे पर आना चाह रही थी।

बातों-बातों में मैंने पायल से पूछा- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेण्ड है?

पायल मुस्कुराती हुई बोली- अरे भाभी, जिस दिन बीएफ बनाया न … उसी दिन यहां पापा-भैया से लेकर शहर में सारे रिश्तेदारों को खबर हो जाएगी।
मैंने हैरानी से पूछा- वो कैसे?

पायल- भाभी, जिस कॉलेज में हूँ, उसके फाउण्डर दादा जी के दोस्त हैं. और जो कॉलेज के प्रिंसिपल हैं वो और पापा साथ ही पढ़े हैं। वैसे भी यहाँ हर मोहल्ले में तो कहीं न कहीं या तो रिश्तेदार रहते हैं, या पापा के दोस्त या फिर भैया के दोस्त!

फिर वह हंसती हुई बोली- तो समझीं आप … यहां जिस दिन बॉयफ्रेण्ड बनाया, उसी दिन कॉलेज से पढ़ाई छुड़ाकर घर बैठा दी जाऊंगी।

मैंने हंसते हुए पायल के गाल पर चिकोटी काटी और कहा- ओहो … मतलब मेरी प्यारी और सुंदर सी ननद के जवान शरीर को किसी लड़के ने अभी तक छुआ भी नहीं है।
पायल मेरी इस बात पर मुझे शरमा कर थप्पड़ मारते हुए मुस्कुरा कर बोली- क्या भाभी … आप भी?

मैंने पायल से कहा- चल बात शुरू ही हुई है तो मस्ती की बातें ही करते हैं।
फिर मैंने आँख मारते हुए पूछा- अच्छा ये बता, कभी कोई पॉर्न मूवी देखी है? सच सच बताना!
पायल शरमाते हुए बोली- क्या भाभी, आप भी कैसी-कैसी बातें कर रही हैं।

मैं समझ रही थी कि पायल जल्दी खुलने वाली नहीं है क्योंकि इस तरह की बातें वो शायद कभी नहीं की थी।
लेकिन मुझे पता था कि कुछ देर और बहला-फुसला कर या दोस्त की तरह बनकर बात करुंगी तो वो धीरे-धीरे अपने राज़ ज़रूर खोलेगी मुझसे!

मैंने फिर मुस्कुराते हुए कहा- अरे शरमा क्यों रही है। मैं कौन तेरे भैया से बताने जा रही हूँ। वैसे भी मुझे अपनी भाभी के साथ ही दोस्त भी समझ! दो ही साल तो बड़ी हूँ तुझसे!
फिर मैंने आँख मारते हुए कहा- वैसे मुझे अपना दोस्त बनाकर बड़ी फायदे में रहेगी तू! हर बात में तेरी मदद करुंगी और तुझे खूब मजे दूंगी … पक्का वादा है मेरा!
पायल मुस्कुराती हुई बोली- अच्छा! तो जरा मुझे भी बताइये कि कैसी मदद करेंगी और कैसे मजे देंगी आप मुझे?

मैं समझ रही थी कि पायल अब धीरे-धीरे लाइन पर आ रही थी।

मैंने आँख मारते हुए कहा- अरे एक बार बनाकर तो देख … फिर पता चलेगा तुझे!
पायल हंसती हुई बोली- तो चलिए, आज से आप मेरी भाभी और दोस्त दोनों हैं।

मैंने कहा- ये हुई ना बात … तो चल अब इसी बात पर बता कि कभी पॉर्न मूवी देखी है या नहीं?
पायल मुस्कुराती हुई बोली- लेकिन एक शर्त पर बताऊंगी … आपको भी सब सच बताना होगा जो मैं पूछूँगी।
मैंने कहा- बिलकुल बताऊंगी।

फिर पायल थोड़ा शरमाती हुई बोली- हाँ, देखी है।
मैंने हंसते हुए कहा- अरे वाह मेरी रानी… कब देखती है रात में सोते समय?

पायल बोली- अरे भाभी … रोज-रोज थोड़ी न देखती हूँ. कभी-कभार मन करता है तो देखती हूँ। अच्छा अब आप बताइये … आपने देखी है पॉर्न मूवी?
मैं हंसते हुए बोली- अरे मुझे क्या ज़रूरत है ये सब देखने की! जब तेरे भैया रहते हैं तो वैसे ही मैं तो रोज रात में पॉर्न मूवी की हिरोइन बनती हूं और तेरे भैया हीरो!

मेरी इस बात पर पायल मुझे हंसकर थप्पड़ मारती हुई बोली- सच में भाभी, आप तो बड़ी बेशर्म हैं। मेरा मतलब था शादी के पहले देखती थीं या नहीं!
मैंने कहा- देखती थी … और देखकर रात में उंगली भी करती थी। सच में बड़ा मजा आता था।

पायल शरमाती हुई बोली- सच में भाभी? आप ये भी करती थीं?
मैंने कहा- क्यों तूने नहीं किया है क्या कभी? किया तो होगा ही क्यों? सच सच बता न … अब तो दोस्त बन गये हैं अब क्या छुपाना!

पायल थोड़ा रुकी और फिर मुस्कुराती हुई शरमा कर बोली- हां भाभी, करती हूँ कभी कभी!
मैंने पायल की शरम को खत्म करने के लिए कहा- अरे इसमें शर्माने वाली कौन सी बात है यार … सब लड़के-लड़कियाँ करते हैं ये! मैं भी करती थी, मेरी सखी थी, वह भी करती थी।

फिर मैंने जानबूझकर एक बात और बोली- अरे कभी कभी तो मैं और मेरी सहेली अपने कमरे में साथ ही ये सब करती थी।
पायल हैरानी से बोली- अपनी सहेली के साथ करती थीं आप?

मैं अब धीरे-धीरे बात को घुमाती हुई अपने टॉपिक पर ला रही थी.
इसलिए मैंने बात को और आगे बढ़ाते हुए कहा- हाँ तो क्या हुआ … हम साथ ही पॉर्न मूवी देखती थी तो साथ ही उंगली भी कर लेती थी। क्यों तुमने अपनी किसी फ्रेण्ड के साथ नहीं मजे लिए इसके?

पायल बोली- न बाबा, मैं तो अपनी सहेलियों के साथ इस टॉपिक पर बात भी नहीं करती।

मैंने थोड़ा छेड़ते हुए कहा- हम्म्म्म … चल कोई नहीं … आज मैं तुझे पॉर्न मूवी दिखाती हूँ।
पायल थोड़ा हड़बड़ाती हुई बोली- क्या! सच में?

मैंने हंसते हुए कहा- अरे तू तो ऐसे घबरा रही है जैसे में तेरा रे/प करने जा रही हूँ। मैं बस मूवी देखने की बात कर रही हूँ।

इनोसेंट टीन गर्ल पायल को भी अब मेरी बातों में थोड़ा-थोड़ा मजा आने लगा था।
वो मुस्कुराती हुई बोली- अरे मैंने कब कह रही हूँ कि मेरा रे/प करने जा रही हैं आप!

मैंने उसके गाल पर चिकोटी काटते हुए कहा- वैसे … तेरी मासूमियत देखकर मन तो कर रहा है कि तेरा रे/प कर दूँ।
पायल हंसती हुई बोली- अच्छा … मतलब आप जैसी खूबसूरत और भोली सूरत वाली लड़की ये भी कर सकती है?

फिर हम दोनों हंस पड़ी।

हांलाकि मैं और बात को आगे बढ़ाना चाह रही थी.
लेकिन डर था कि कहीं पहले दिन ही ज्यादा बात बढ़ाने से कहीं मामला उल्टा ना हो जाए।

वैसे भी मैंने जितना सोचा था पहले दिन उससे कहीं ज्यादा तक बात हो चुकी थी।
इसलिए फिर थोड़ी देर और हल्का-फुल्का मजाक करने के बाद हम सो गई।

यह इनोसेंट टीन गर्ल हॉट स्टोरी पढ़ते रहिये और कमेंट्स में अपने विचार लिखते रहिये.
धन्यवाद.
लेखिका के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं दिया जा रहा है.

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