कामुक आंटी की गन्दी चुदाई

Views: 2 Category: Koi Mil Gaya By robjwanda Published: August 25, 2026

नेस्टी सेक्स स्टोरी में मुझे एक माल में एक आंटी ने अश्लील इशारे से मुझे अपने पास बुलाया, फोन नम्बर दिया. फिर उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया. हमने घिनौने तरीके से सेक्स किया.

फ्रेंड्स, मैं 26 साल का हूँ. आप मेरा नाम कुछ भी रख लीजिए.

यह नेस्टी सेक्स स्टोरी पिछले साल 2023 की है, जब मैं एक ऐसी औरत के संपर्क में आया जो 45 साल की शादीशुदा चुदैल किस्म की औरत थी.

वह टाइट लैगिंग पहने हुई थी, जिसमें से साफ़ दिख रहा था कि उसका शरीर फिट है.
बस उम्र के हिसाब से मामूली सा ढीला हुआ है, जो मेरे लिए एक ख़ज़ाने मिल जाने के बराबर था.

हुआ यूं कि मैं प्लाज़ा से निकल रहा था और वह प्लाज़ा की पार्किंग में खड़ी अपनी गाड़ी की तरफ़ जा रही थी.
अचानक मेरी उसकी निगाह मिली, तो उसने नख़रे दिखाते हुए से शर्मा कर स्माइल दी और शरारत भरी निगाहों के साथ मेरी तरफ़ देखा.

उसकी आंखों में शारीरिक भूख साफ़ दिख रही थीं.
मैंने अपने होंठों पर अपनी जीभ फेर कर उसे अश्लील सा इशारा किया तो उसने भी अपनी जीभ से होंठों को चाट लिया.

फिर अपने हाथ से छिपे हुए अंदाज में लंड को मुँह में लेकर लंड चूसने जैसी हरकत की, तो मैं गनगना गया.
एक हिसाब से उसने मुझे आमंत्रण ही दे दिया था.
वह अपनी कार में बैठ गई और उसने कार आगे बढ़ा दी.

मैंने अपने साधन से उसका पीछा करना शुरू कर दिया और उसके घर तक उसे फ़ॉलो किया.
उसके घर पहुंचते ही हम दोनों की आंखें एक बार पुनः लड़ गईं और उसने मुझे उंगली के इशारे से नजदीक आने का कहा, तो मैं उसके करीब चला गया.

हाय हैलो के बाद उसने सीधे तौर पर मुझसे मेरा कॉन्टेक्ट नंबर मांगा.
मैंने फोन नंबर न देते हुए उसे स्नैपचैट वाला लिंक दे दिया.
उसने भी दे दिया और इस तरह से हम दोनों एक दूसरे के टच में आ गए.

जब स्नैपचैट पर बात शुरू हुई तो पता चला कि उसका पति कभी भी उसकी भरपूर तसल्ली नहीं करवा पाया था इसलिए उसके अन्दर काम का शोला अभी ठंडा नहीं हुआ था.
मैं उसकी बातों से ही ये बात भाँप गया था.

हमारी नज़दीकी बढ़ती गईं और हमने मिलने का प्लान बनाया.

उसने पूछा- कोई फैंटेसी?
मैंने अपनी फैंटेसी शेयर करते हुए उससे कहा- मुझे मिलने से एक दिन पहले जो पैंटी तुम पहनोगी, वह मुझसे मिलने तक चेंज मत करना … और जिम भी वही पैंटी पहनकर जाना. गाड़ी भी ड्राइव उसी को पहन कर ही करना.
चूंकि वह दिन में तक़रीबन 2 घंटे गाड़ी चलती थी और वे दिन गर्मी के थे. इसी कारण से मुझे पता था कि पसीना तो उसको आ ही जाएगा. अब यह सब कहने का कारण यह था कि उसकी पैंटी उसके शरीर की सारी सुगंध और स्वाद अपने में समा लेगी.

और दूसरी बात यह कि मैं ये भी जानता था कि उसके दोनों छेदों में से भारी रस बहकर उसकी पैंटी में समा जाता होगा. जब मैं उसकी चुत और गांड की पैंटी के ऊपर से सूँघूँगा और चाटूँगा तो वह सारा रस और शरीर का पसीने का स्वाद सीधा मेरे मुँह में जाएगा.

मेरे मुताबिक औरत को चोदने से ज़्यादा मज़ा उसके शरीर के पसीने के विसर्जन को सूँघने और चाटने में आता है.
इससे औरत को भी एक अजीब खुशी और संतुष्टि मिलती है.

अगर औरत साफ़-सुथरी और स्वादिष्ट हो तो मैंने जाना है कि उसके थूक को निगलने से भी एक अलग ही आनन्द महसूस होता है.

खैर … उसका पति घर नहीं था और उसी दिन हमने मिलना प्लान किया.
उसके घर अन्दर दाखिल होते ही हम दोनों ने एक-दूसरे पर भूखे जानवरों की तरह हमला कर दिया.

क्योंकि हम दोनों फोन पर गंदी-अश्लील बातें करके पहले ही खुल चुके थे.
उसने मुझे चैलेंज किया हुआ था कि वह मुझे 2-3 मुलाक़ातों में ही आम की तरह चूसकर ख़ाली कर देगी.

मगर मैंने उससे ये कहा हुआ था कि मैं तुम्हें ऐसा चोदूँगा कि तुम ही देर तक बेड पर एंजॉय कर पाओगी, उसके बाद तो तुम जान बचाती हुई मेरे नीचे से खिसक जाने की कोशिश करोगी!

उसकी छातियां तनी हुई थीं और कमर एकदम पतली थी, मगर चूतड़ उभरे हुए थे.

हम एक-दूसरे पर झपटते हुए लिप-किस करने लगे.
मैंने उसका मुँह पकड़ा हुआ था और हमारा थूक एक-दूसरे के साथ एक्सचेंज हो रहा था.

उसका थूक इतना स्वादिष्ट था कि मुझे और भी उत्तेजित करता जा रहा था.

उसकी चुत को छूते हुए मैं उसके चूचों को चूसने लगा.
उसकी मदभरी सिसकारियां निकलने लगीं.

उसकी कामुक सिसकारियां सुनकर मेरा सेक्स और भी भड़क रहा था!

आखिर हम दोनों बेड पर पहुंच गए.

मैंने उसके नीचे जाकर उसकी जांघों के अन्दर अपना मुँह घुसेड़ दिया और रगड़ना शुरू कर दिया.
उसकी चुत सूँघनी शुरू की.

वह सुगंध आह जन्नत की सी लग रही थी.
मुझे सेक्स चढ़ता ही जा रहा था.
उसके पसीने की खुशबू मुझे और भी हॉर्नी बना रही थी.

मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसकी चुत व गांड सूँघता और चाटता रहा.
उसने कहा कि मुझे पेशाब आ रही है. मुझे बाथरूम जाना है!

मैं समझ गया कि वह क्या चाहती है.
मैंने भी जानबूझ कर कहा- मैं तुम्हारे साथ बाथरूम चलूँगा.

वह झट से तैयार हो गई, जैसे वह यही चाहती थी.
बाथरूम जाते हुए मैंने कहा- यूँ शॉवर टब में मेरे साथ किस करते-करते पेशाब करो!

वह मान गई, मगर हम दोनों इससे भी बढ़कर चाहते थे.
शॉवर टब में जाते ही लिप-किस शुरू की, मगर उसकी पेशाब निकलना शुरू ही नहीं हुई.

मैंने झट से नीचे को सरक कर उसकी चुत पर नाक रगड़ना, सूँघना और चाटना शुरू कर दिया.
तभी उसकी पेशाब की धार सीधी मेरे मुँह में पड़ गई और वह सिसकारियां ले-लेकर चीखने लगी.

उसने तो जैसे जानबूझ कर ज़्यादा पानी पी रखा था. पेशाब खत्म होने पर नहीं आ रहा था.
मैं भी पेशाब के घूँट भरता, कुछ अन्दर निगल लेता और कुछ मुँह में लेकर कुल्ला कर लेता.

मैं उसके जिस्म पर ही कुल्ला कर रहा था कि अचानक मेरे मुँह में लिए हुए पेशाब को देखकर उसने मेरे लिप्स के पास आकर वही पेशाब अपने मुँह में डलवाने की मांग की.
मुझे अपने आप जन्नत के और करीब पहुंचा हुआ लगा.

काम वासना का ज्वर इतना बढ़ गया कि मेरे दिल में आया कि अगर ये हॉर्नी आंटी अपनी गांड में कुछ क्रीम जैसा भरकर अपने मुँह में ब्लो करवाए तो एक किस्म की मस्त फीलिंग आएगी कि मैं इसकी गांड से इसका गू खा रहा हूँ.

मैंने उससे अपने मन की बात कही, तो वह राजी हो गई.
अब हमने प्लान बनाया कि कुछ क्रीम, बनाना, बटर और बेरीज़ उसकी गांड में डाले जाएं और फिर वो टॉयलेट ब्लो करने की तरह मेरे मुँह में ब्लो करके मुझे वह सब माल खिलाएगी.

दोस्तो, सच जानो मैंने ये सारी चीज़ें उसकी गांड में डाल दीं.
उसने कहा- मैं इस सारे सामान को तुम्हें खिलाने से पहले एक घंटे तक अपने शरीर के अन्दर रखना चाहती हूँ, ताकि एक तो वह सब सामान गर्म हो जाए और दूसरा ये कि उस सब में उसकी शरीर की सुगंध और रस अच्छी तरह से मिल जाए.

मैंने नेस्टी सेक्स के लिए ओके कह दिया.
आखिर वह समय आ ही गया.
उसने मुझे नीचे बैठाकर बटर, क्रीम, बनाना और बेरीज़ का वह मिश्रण मेरे मुँह में ब्लो करके खिलाया.

मुझे इतना स्वादिष्ट भोजन आज तक कभी भी पहले नसीब नहीं हुआ था.

इसके बाद हमने ऐसी चुदाई की कि हम दोनों पसीना ही छोड़ते जा रहे थे.
मैं नीचे से उसे चोद रहा था, लिप्स से थूक एक्सचेंज हो रहा था और वह मुझे अपनी कोख को मेरे लंड के माल से जी भरकर भरने की अर्ज़ पर अर्ज़ कर रही थी.

नतीजतन मैंने उसकी कोख हरी भी कर दी.
अभी पिछले महीने उसके घर जो बेटा हुआ है, वह मेरा है. उसके नैन-नक्शे भी मेरे जैसे हैं.

वह भाभी मुझे अब भी जब मैं उसके घर जाता हूँ तो बटर-बना-बेरीज़ वाला वह भोजन अपनी तरीके से अपनी गांड से निकाल कर प्लेट में प्रोजेक्ट करके चम्मच से अपने हाथों से खिलाती है.

वह मुझसे तो अब अक्सर ही चुदती रहती है.

हम दोनों नेस्टी-नेस्टी आइडियाज़ प्रैक्टिस भी करते रहते हैं.

आपको यह लघु नेस्टी सेक्स स्टोरी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
robjwanda@myyahoo.com

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