बिग फक कॉलेज गर्ल स्टोरी में कमसिन कॉलेज गर्ल की चूत मारकर मुझे आ गया। वो मेरे लंड की दीवानी हो चुकी थी। होटल रूम छोड़ते वक्त मैंने उसे दोबारा पटक कर चोद दिया। मेरी कामुक सेक्स स्टोरी में पढ़कर मजा लें …
दोस्तो, सेक्स स्टोरी के चौथे भाग
कॉलेज गर्ल की चूत में लंड पेला
में आपने पढ़ा कि कैसे एक कॉलेज गर्ल से रेस्टोरेंट में मेरी मुलाकात हुई।
वो भी सेक्स की इच्छुक लगी तो मैं उसे अपने होटल ले गया।
जहां पर मैंने उसको लंड चुसवाया और फिर उसकी चूत में लंड डालकर टाइट चूत को चोदने लगा।
कुछ देर उसको चोदने के बाद मैं नीचे लेट गया।
बिना कहे ही वो मेरा इशारा समझ गई।
उसे पता चल गया कि मैं उसको लंड की सवारी करने के लिए कह रहा हूं।
अब आगे बिग फक कॉलेज गर्ल स्टोरी:
वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे निप्पलों को चूसने लगी, लंड पर चूत को रगड़ने लगी।
वो कभी होंठ चूसती तो कभी चूची मेरे मुँह में डाल देती।
फिर थोड़ा उठ कर उसने लण्ड को दिशा दिखाई और धीरे-धीरे उस पर बैठने लगी।
फिर मेरी तरफ मेरी आँखों में देखकर मुस्कराई।
पीछे झुक कर उसने मेरी जांघों पर हाथ टिका लिए।
उफ्फ्फ … करके हल्की सिसकारी के साथ उसने लंड को अंदर आने दिया।
उफ्फ्फ … क्या अद्भुत दृश्य था।
एक कमसिन नग्न कन्या, जिसकी चूची पूरी तरह तनी हुई, मांसल … भरी हुई जांघें, उभरी हुई गांड के साथ … मेरे लण्ड को धीरे-धीरे अपनी चूत में ले रही थी।
मेरे हाथ उसकी गांड पर थे।
धीरे-धीरे उसने पूरा लण्ड अपनी चूत को फैलाते हुए अंदर ले लिया।
इस दौरान एक बार भी उसने मेरे चेहरे से नज़र नहीं हटाई, जैसे देखना चाहती हो कि मैं कितना आनंद में हूँ।
लण्ड अब चूत में था, लण्ड की गोटियां उसकी गांड से चिपकी थीं।
पूरी चूत ही मेरे जिस्म पर चिपक गई थी।
उसने हल्के से दो बार गहरी साँस ली और फिर मेरे सीने पर हाथ रख दिया।
मैंने हाथ को हरकत देते हुए उसको उठा दिया।
फिर वो पूरी तरह से भार डालते हुए लंड पर नीचे बैठ गई।
अब एक सामान स्पीड से लण्ड को चूत में लेने लगी।
मेरे हाथ उसकी स्पीड को बना कर रखे हुए थे।
नीचे से मैंने भी धक्के लगाना शुरू कर दिया और उसकी आहें निकलने लगीं- आह्ह … आह्ह … आईई … ऊहह् आह्हह … ऊओहह।
वो लगातार लंड लेने का मजा लेने लगी।
इस दौरान कभी झुक कर मेरे निप्पल चूसती तो कभी होंठ चूसने लगती।
कभी अपनी चूचियों को मुंह में दे देती।
वो लगातार गांड को ऊपर नीचे किए जा रही थी।
उसकी स्पीड ज्यों की त्यों बनी हुई थी।
चूत मेरी जांघों से टकराती तो पट-पट … पट-पट आवाज हो रही थी।
कुछ देर में उसका जोश और ज्यादा बढ़ने लगा।
स्पीड और ज्यादा तेज हो गई।
फिर वो पंजों के बल बैठ गई।
अब चूत में वो लंड को और ज्यादा अच्छे से समा रही थी।
नीचे से मैं भी धक्के लगाकर उसका पूरा साथ देने लगा।
इससे उसका मजा दोगुना हो गया था।
तेजी से वो लंड पर तीस-चालीस बार कूदी और एकदम से उसकी चीख निकली- आआ आ आआआ आहह … आआ आहहह … ओहह मम्मी … ह्हहह।
उसने एकदम से मेरे ऊपर गिरकर मुझे जकड़ लिया।
ऐसा लगा जैसे चूत ने लंड को कसकर भींच लिया हो।
चूत का पानी भरभरा कर बाहर गिरने लगा।
उसकी चूत में मैं लगातार हल्के शॉट लगाता रहा।
लंड चूत में कसकर फंसा हुआ महसूस हो रहा था।
मैंने धक्के लगाने बंद नहीं किए।
कुछ देर में उसके अंदर फिर से उत्तेजना सी दिखने लगी।
मैंने उसको बेड पर पलट दिया, फिर पेट के बल उसको लिटा दिया।
मैंने उसको घोड़ी पोजीशन में कर लिया।
उसकी गांड और चूत अब दोनों ही मेरे सामने खुली थीं।
चूत से बूंद-बूंद करके रस बाहर टपक रहा था।
उसके बालों को मैंने हाथों में पकड़ कर जैसे घोड़ी की लगाम बना ली।
मैंने लंड को चूत में सेट करके एक बार में ही धक्के के साथ अंदर घुसा दिया।
उसकी जोर से चीख निकली और मैंने चुदाई शुरू कर दी।
मैंने उसके गोल-गोल चूतड़ों पर चांटें मारना शुरू कर दिया।
मैं लगातार लंड को चूत में डालने लगा।
कभी अंदर तो कभी बाहर जोर से मैं धक्के मारता चला गया।
वो भी गांड को हिला हिलाकर लंड को चूत में लेने की पूरी कोशिश कर रही थी।
पूरा कमरा अब वासना और उत्तेजना के रंग में डूब चुका था।
धीरे-धीरे हम दोनों ही चरम की ओर बढ़ने लगे थे।
पच-पच … फट-फट … की आवाजें लगातार गूंज रही थीं।
मेरे लंड की गोटियां लगातार उसकी गांड से टकरा रही थीं।
तीस या चालीस धक्कों के बाद मैंने अपना सारा रस उसकी चूत में डालना शुरू कर दिया।
लेकिन इससे पहले ही उसकी चूत का फव्वारा चल चुका था।
दोनों के रस एक दूसरे से मिलने लगे।
तेज हुंकार के साथ मैंने भी आखिरी बूंद तक अपना वीर्य उसकी चूत में झाड़ दिया।
मेरे बदन में लगातार झटके लग रहे थे और वो भी कांपती जा रही थी।
मैं उसकी पीठ पर ढेर हो गया।
मेरी सांसें तेजी से भाग रही थीं।
सामान्य होने तक हम चिपके रहे।
फिर मैं उसकी बगल में आकर बिस्तर पर गिर गया।
मेरे दोनों हाथ और पैर फैले थे।
वो मेरी बांहों में सिर रख कर लिपट गई और मुझे किस करने लगी।
टाइम करीब 8 बज रहे थे।
मैं अपनी स्मार्टवॉच में 30 मिनट का अलार्म लगा कर, उसको बाँहों में भरकर नींद की आगोश में चला गया।
अलार्म से नींद खुली तो वो अभी भी वैसे ही नग्न मेरी बाँहों में थी।
काफी सारे लव बाईट उसके जिस्म पर थे।
मैं हल्के से उठा और बाथरूम में जाकर एक गर्म पानी में डूबी टॉवल लेकर लौटा।
वो जाग चुकी थी और वैसे ही लेटी थी।
मैंने टॉवल से उसकी चूत और जिस्म को साफ़ किया।
नई टॉवल से उसका चेहरा साफ किया।
फिर खुद को जाकर साफ किया और आकर उसके बगल में लेट गया।
मैंने उसको बाँहों में भर लिया।
वो भी मुझसे लिपट गई।
हमने थोड़ी बहुत बातें कीं।
उसकी आँखों की चमक बता रही थी कि उसको सबसे बेहतर सम्भोग सुख मिला है आज।
उसके जैसी कमनीय काया के साथ सम्भोग एक ऐसा अनुभव था जो सबसे अलग था।
क्योंकि ये अचानक से होने वाला वन नाईट स्टैंड था जो मैंने कभी नहीं किया था।
थोड़ी देर में मैंने उसको वस्त्र पहनाये और डिनर का आर्डर किया।
लड़की- आप सच में बहुत अच्छे सेक्स पार्टनर हो कोई, भी आपके साथ खुश रहेगी।
मैं- क्या हम आगे भी मिल सकते हैं क्या? ये मेरा कार्ड है रख लो, कभी कोई भी मदद की जरूरत हो तो फ़ोन कर देना।
लड़की- मेरा नाम प्रिशा है, मैं जब तक स्टडी के लिए यहाँ हूँ और आप जब भी यहाँ आओ तो मेरे को फ़ोन करना। आपके साथ रहना, आपके साथ समय बिताना मुझे भी अच्छा लगेगा। ऐसे ही कई और बार का साथ मुझे चाहिए।
अपनी बातों से उसने आगे के लिए भी रास्ता खोल दिया और फिर मोबाइल से मेरे को मिस कॉल दे कर अपना फ़ोन नंबर भी दे दिया।
फिर मैंने पूछा- क्या कल हम दोनों साथ रह सकते हैं?
मेरा मन अभी भी पूरी तरह भरा नहीं था, और उसको और चोदना चाहता था मैं!
प्रिशा- हां, क्यों नहीं!
फिर उसने बोला- आप चल ही रहे हो साथ तो वार्डन से बात कर लीजियेगा। अगर वो इज़ाज़त दे दे तो मैं साथ ही वापस आ जाऊंगी।
ये सुन कर मेरे को लगा कि प्रिशा का भी दिल नहीं भरा है। वो भी चाह रही है कि ये पल यहीं ठहरे रहें।
जब हम चलने लगे तो मेरे को उसने बाँहों में भर लिया और बोली- आपको मेरा साथ अच्छा लगा ना?
मैं- ये मेरी जिंदगी की सबसे बेहतरीन शाम थी, और ऐसी कई और शाम तुम्हारे साथ रहना चाहूंगा।
कह कर मैंने उसको अच्छे से बाँहों में ले लिया और प्यार भरा चुम्बन उसके होंठों पर किया।
अभी भी उसकी चूचियां मेरे से सीने से दबी थीं। मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया।
मैंने उसको पलटा और उसकी पीठ अपने सीने से चिपका कर उसकी चूचियां मसलने लगा।
उसने मुझे रोकने की एक-दो बार नाकाम कोशिश की मगर मैं रुकने वाला नहीं था।
मैंने दूसरे हाथ से जींस का बटन खोला और सीधे पैंटी में हाथ डाल कर उसकी चूत को मसलने लगा।
चूत अभी भी गीली थी।
मैं चूत को बेरहमी से मसलने लगा।
साथ में गर्दन पर किस करते हुए चाट भी रहा था।
उसकी आहें निकलने लगीं- आह्ह … आईई … आह्ह! रुकिए, क्या कर रहे हैं आप … देर हो जाएगी … कपड़े खराब हो जाएंगे।
मैं- हो जाने दो। पांच मिनट रुको बस!
कहते हुए मैंने शर्ट जबरदस्ती से उतार दी।
अब वो ब्रा में थी।
उसकी चूत भी गीली थी।
मेरा लौड़ा भी तैयार था।
मैंने उसको वैसे ही बेड पर झुका दिया, उसकी जींस को घुटनों तक कर लिया।
फिर गांड को फैलाया और दो उंगली एकसाथ चूत में डाल दीं।
मैं उंगलियों से उसे सुपरफास्ट चोदने लगा।
वो चीखने लगी- आईईई … आअहह … मर गई … आह्ह।
वो भले ही दर्द का नाटक कर रही थी लेकिन गर्म पूरी हो चुकी थी।
उसको भी एक लंड की जरूरत थी।
फिर उसने बोल ही दिया- अब डाल ही दीजिए, सहन नहीं हो रहा है।
मैंने लंड उसकी चूत पर रगड़ते हुए उसकी चूत के पानी से गीला कर दिया।
फिर धक्का लगाकर एकबार में ही लंड उसकी चूत में उतार दिया।
मैं जैसे पागल सा हो चुका था, बिना रोके उसे चोदे जा रहा था।
मैं साथ में उसके गोल चूतड़ों को चांटे मार रहा था।
हर शॉट में चांटे भी साथ जा रहे थे।
चुदाई में ऐसी लहरें उठ रही थीं जैसे समुद्र में उठती हैं।
उसकी गांड इतनी मस्त तरीके से हिल रही थी कि मन कर रहा था गांड भी चोद लूं।
वो इतने में ही झड़ गई।
वो पस्त हो चुकी थी।
मैंने उसको बेड पर लिटा दिया।
कमर तक वो बेड पर थी और पैर नीचे लटके थे।
उसकी चूत से पानी टपक रहा था।
उसकी ब्रा खुली थी और बाल बिखरे थे।
उसकी चूत अब खुलकर बाहर आ गई थी।
छेद साफ दिख रहा था।
मैंने लंड को चूत में सेट किया और धक्का मार दिया।
लंड आसानी से चूत में सरक गया।
फिर मैंने हौले-हौले चोदना शुरू किया।
हर धक्के में उसकी चूचियां थिरक जातीं।
जांघ से जांघ टकराती तो पट-पट की आवाज आ रही थी।
मेरी स्पीड बढ़ने लगी।
मेरा लंड तेजी से चूत में अंदर बाहर हो रहा था।
सेक्स की कामुक आवाजों से कमरा फिर गूंज उठा।
वो सिसकार रही थी- आह्ह … आई ईई … आह्हह … सर प्लीज … और जोर से … आह्ह … चोद दो … आहाहाह स्स्स।
इसी तरह करीबन 15 मिनट की चुदाई के बाद मैं भी अब छूटने के कगार पर आ पहुंचा।
प्रिशा तो कई बार झड़ चुकी थी।
फिर मैं तेजी से धक्के मारने लगा।
मैंने फिर एकदम से लंड को बाहर निकाल लिया और सारा वीर्य उसके बदन पर छोड़ दिया।
मैं थक कर चूर हो गया।
मगर अब जाना भी था।
इसलिए मैं उसके ऊपर से उठ गया।
मैंने खुद को साफ किया, फिर एक तौलिये से उसको साफ किया।
प्रिशा गहरी सांसें ले रही थी।
धुआंधार तरीके से उसकी चुदाई हुई थी।
वो अभी उठने लायक भी नहीं लग रही थी।
फिर भी वो उठी।
मैंने भी उसकी मदद की।
मैंने एक पेन किलर दी उसको और रेडी होने में मदद की।
फिर हम दोनों निकल पड़े उसके हॉस्टल के लिए।
बिग फक कॉलेज गर्ल स्टोरी को अब मैं यहीं पर रोक रहा हूं।
आगे भी चुदाई की यह दास्तान जारी रहेगी जिसमें मैं आप जानेंगे कि क्या मुझे वार्डन मैडम से इजाजत मिली? क्या प्रिशा मेरे साथ वापस आई?
और आगे क्या क्या हुआ … ये सब जानने के लिए आपको कुछ दिनों तक इंतजार करना होगा।
तब तक आप मुझे इस कहानी पर अपनी राय दें।
मुझे बताएं कि आपको इस कहानी में कितना मजा आया।
मैं आपके ईमेल और मैसेज का इंतजार करूंगा।
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