यंग गर्ल चूत कहानी में एक कॉलेज गर्ल मेरे होटल रूम में नंगी मेरे लंड से खेल रही थी. मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए तैयार था। उसकी चूत में लंड गया तो पता चला कितनी टाइट थी …
दोस्तो, सेक्स स्टोरी के तीसरे भाग
होटल रूम में कॉलेज गर्ल ने लंड चूसा
में आपने पढ़ा कि कैसे एक जवान लड़की से रेस्टोरेंट में मेरी मुलाकात हुई।
मैं उसे अपने होटल ले गया। हमने वहां पर बीयर पी और मैंने उसको नंगी कर लिया।
उसके नंगे चूचों और चूत से खेलने का मुझे सौभाग्य मिला।
उसने भी मेरे लंड को मुंह में भर लिया और अंत में मैंने उसके चेहरे पर पिचकारी मार दी।
अब आगे यंग गर्ल चूत कहानी:
लड़की ने मेरे वीर्य को निकलवा दिया था। मेरा वीर्य उसके चेहरे पर फैल गया।
मैंने इस पल को और रंगीन बनाने का सोचा।
मेरे अंदर तुरंत ही करंट दौड़ा। मैंने उसको पलटा और ऊपर आकर उसके बाल पकड़ कर उसके होंठों को जोर से चूसने लगा।
हम दोनों एक दूसरे के होंठों को पागलों की तरह चूसने लगे।
कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था।
मेरा हाथ नीचे उसकी चूत पर सरक गया और सीधा चूत पर जाकर जकड़ गया।
उसकी गांड उछली और मेरे हाथ में उसकी चूत पूरी समां गई।
दोनों ही अब कामातुर थे।
मेरा लण्ड एक बार झड़ने के बाद भी ढीला नहीं पड़ा था।
शायद मेरे अंदर की उत्तेज़ना, मेरी हवस, या उसके जैसी लड़की को चोदने की हसरत का नतीजा था कि मेरा लण्ड अभी भी चूत में जाने को तैयार था।
वो भी गीली चूत लेकर मेरे लण्ड का इंतज़ार कर ही रही थी।
मैंने उसको पलटा और उसके ऊपर आकर उसकी पैंटी और जीन्स को एक साथ निकालना चाहा।
मैं- यार, तुम लड़कियां इतनी तंग जींस पहनती कैसे हो! मर्द को उतारने में ही पूरी ताकत झोंक देनी पड़ती है। फिर चोदेगा कैसे वो तुमको?
मैं परेशान था लेकिन उसके चेहरे पर मेरी बेबसी देख कर एक मादक हंसी आ गई।
वो शायद मेरा उतावलापन देख कर हंस रही थी।
उसने थोड़ा उठकर मेरी मदद की और वो जींस भी फर्श पर पड़े बाकी कपड़ों से जा मिली।
उफ्फ दोस्तो … क्या क्या चूत थी!
हल्की ब्राउन कलर चूत … जरा भी कालापन नहीं।
हल्के रेशमी से अत्यंत छोटे बाल, जो सिर्फ पेडू पर ही थे।
चूत के आसपास पूरा चिकनापन था।
रेशम सी चिकनी उभरी हुई चूत थी।
चूत के लिप्स एक दूसरे से चिपके हुए थे और बीच में एक महीन सी रेखा थी।
रेखा पर से निकलता हल्का रस … आहा … चूत देखकर मेरी आँखों की चमक और लण्ड की प्यास अचानक से बढ़ गई।
मेरे होंठ इस चूत को चूसने को आतुर हो गये।
मैं नीचे झुक कर अपनी लंबी जीभ से उस महीन रेखा के बीचों बीच नीचे से ऊपर तक चाट गया।
आह्हह …. स्स्स्स् …. की लम्बी कामुक आवाज के साथ वो सिहर गई।
फिर मैं चाटता ही चला गया।
मैंने उसके पैरों को फैला कर उसकी चूचियों की तरफ मोड़ दिया तो चूत और गांड उभर कर मेरी नज़रों के सामने आ गईं।
थोड़ा पैर फैलने से चूत भी खुल गई।
अब आसानी से मैं चूत को चाट रहा था।
बीच-बीच में दांतों से चूत के लिप्स को काट लेता था।
वो सिसकी- थोड़ा आराम से … आहह।
मगर मर्द ऐसे समय पर सुनता ही कहां है।
वो जनता है कि चूत इस दर्द में भी आनंद पा रही है।
मैंने नुकीली जीभ चूत के छिद्र तक घुसा रखी थी और अच्छे से चूत चोदन कर रहा था।
आह्ह … ओफ्फ … सीईईई … इस्स … करके उसकी लगातार सिसकारियां निकलने लगीं।
उसके हाथ लगातार मेरे सिर को उसकी चूत में दबाने की कोशिश कर रहे थे।
वो जोर से मेरे होंठों को चूत पर दबा देना चाह रही थी।
मैं जान चुका था कि इसकी चूत का सैलाब कभी भी टूट पड़ सकता है इसलिए मैं चूत को पूरी तरह से मुंह में भरकर खाने लगा।
वो जोर से सिसकारने लगी- आह्ह … स्स्स … चूस लो राहुल … आह्ह … ऊईई … ओफ्फ … ओओह … आआ आस्सस।
फिर मेरे सिर पर उसके हाथों का दबाव बढ़ने लगा।
उसके पैर मेरे कंधे पर आ गए।
मैं भग्नासा को कुरेदने लगा और एक साथ दो उंगलियां चूत में डाल दीं।
वो फिर चीखी- आह्ह … उम्म्ह … अहह … याह … ओ और चूसो!
तभी एक हुंकार के साथ उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और उसने कस कर अपनी जांघों से मेरा मुँह दबा दिया।
जकड़ तो बहुत थी उसकी जांघों में।
मेरा मुँह पूरा चूत पर दबा था।
उसके मुंह से सीत्कार फूट रहे थे- स्स्स् स्साआ अह्ह् … म्म्म म्म्माआ आह्ह … ओह येस … ओह येस … ओह येस।
कामुक सीत्कार निकालते हुए उसने अपना सिर बिस्तर पर गिरा दिया।
मगर मैं चूत को अभी भी छोड़ना नहीं चाह रहा था।
मैं चूत को चाटता ही रहा जबकि वो कुछ पल के लिए जैसे बेहोशी में जा चुकी थी।
मैं लगातार जीभ से चूत को कुरेदता चला गया।
कुछ देर में मेहनत रंग लाने लगी।
उसकी जांघों में फिर से हल्की सी हलचल होना शुरू हुई।
कुछ ही देर में वो फिर से मेरे सिर के बालों को अपने कोमल हाथों से सहलाने लगी।
अब मैं जान गया कि चूत में दोबारा से गर्मी पैदा होने लगी है।
फिर और दो मिनट का अंतराल देकर मैंने उसको चोदने की तैयारी कर ली।
उसकी चूत में अब पूरी उत्तेजना आ चुकी थी।
उसकी टांगों को फैलाकर मैंने बीच में पोजीशन बना ली।
मैंने कॉन्डम निकाल लिया जिसे देखकर वो मुस्करा दी।
फिर हल्की आवाज में बोली- थोड़ी देर बाद …
मैं समझ गया कि वो अभी फोरप्ले का और आनंद लेना चाहती है।
मुझे भी कोई चिंता नहीं थी क्योंकि वो रंडी तो थी नहीं कि डर होता किसी बात का।
इसलिए मैंने उसके मन की करने की सोची, उसके पैरों के बीच मैंने जगह बना ली।
फिर आराम से उसकी चूत को हथेली से सहलाने लगा।
अब चूत बहुत नर्म और मुलायम हो चुकी थी।
मेरी लार और उसकी चूत के रस ने उसको बहुत कोमल बना दिया था।
कुछ देर तक मैं चूत को ऐसे ही सहलाते हुए उसको आनंद देता रहा।
उसकी चूचियों का तनाव अब कई गुना बढ़ चुका था।
नुकीले पहाड़ों की तरह वे दूध तनकर खड़े थे जैसे किसी को उस पार न जाने देंगे।
फिर मैंने उसकी तड़प को थोड़ा और बढ़ाना सोचा।
मैंने लंड को चूत के नजदीक लाकर चूत पर स्पर्श करवाना शुरू किया।
लंड का स्पर्श उसने पहचान लिया और आंखें खोलकर मेरी तरफ कामुक नजरों से देखने लगी।
बोली- आपका तो बहुत गर्म है … आराम से करना!
मैं- यस बेबी, तुमको बिल्कुल भी दर्द नहीं होगा।
मेरी बात सुनने के बाद उसने आंखें बंद करके चादर को एक हाथ से पकड़ लिया, दूसरा हाथ मेरे कंधे पर रख लिया।
उसकी चूत मेरे लंड का स्वागत करने के लिए अब तैयार थी।
फिर मैंने भी देर करना ठीक नहीं समझा, मैंने लंड को उसकी चूत के मुहाने पर लगा दिया।
चूत के मुख पर लंड को टच करवाकर मैंने थोड़ा सहलाया।
वो तड़प सी गई।
फिर मैंने थोड़ा दबाव बनाया।
थोड़ा और जोर डाला तो उसकी गीली चूत ने अपनी फांकें मेरे लंड के टोपे के लिए खोल दीं।
लंड का सुपाड़ा धीरे-धीरे अंदर जाने लगा।
उसके हाथ की पकड़ मेरे कंधे पर बढ़ने लगी।
चूंकि मैं एक तंदरुस्त लंड का मालिक था तो थोड़ा दर्द चूत में होना ही था।
चूत में लण्ड का सरकना चालू था।
उसने दांत कसकर भींच रखे थे।
वो अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही थी एक उम्रदराज़ लण्ड को चूत में लेने की।
आधा लण्ड चूत में जा चुका था।
कई दिनों से उसने शायद चुदाई नहीं की थी इसलिए चूत कुंवारी कन्या जैसी टाइट सी लग रही थी।
मेरे को भी लण्ड में काफी जकड़न महसूस हो रही थी।
मुझे लगा जैसे लंड किसी छल्ले में फंस गया है।
मैं झुक कर उसकी चूचियां चूसने लगा, मैं निप्पलों के चारों तरफ जीभ से गोला बनाने लगा।
कुछ मिनटों की मेहनत रंग ले आई।
उसके बदन में थिरकन हुई। चूत का खुलना, बंद होने जैसा लगने लगा।
कुछ गीलापन भी महसूस हुआ।
मैं आधे लण्ड को ही चूत में अंदर बाहर करने लगा।
उसकी चूत रसीली हो उठी थी।
चूत ने लण्ड के हिसाब से आकार ले लिया था।
उसकी गांड में थिरकन होने लगी थी।
मुझे लगा कि अब ये लड़की आराम से चूत में मेरा पूरा लण्ड ले लेगी।
मैंने भी लण्ड को थोड़ा बाहर खींचा और पूरी ताकत से पूरा लण्ड चूत में डाल दिया।
मगर इसमें फिर उसकी चीख निकल ही गई- आआह … आई ईईई … मर गई … ओ ऊऊऊह।
एक बार दर्द में उसने मुझे पीछे धकलने की असफल कोशिश भी की।
मगर मुझे पता था कि वो छटपटायेगी।
तो मैं वैसे ही उस पर लेट कर उसके कन्धों और चूचियों के ऊपरी हिस्से को चूसने लगा।
चूचियां पूरी तरह से मेरे सीने में दब कर फ़ैल गई थीं।
मेरे भार के नीचे दबी वो कुछ कर पाने की स्थिति में न थी।
वो बस पूरा मुँह खोल कर तेज़ सांसें ले रही थी।
मैं उसकी गर्दन चाटने में लगा था।
कभी होंठ चूसता तो कभी गर्दन चाटता, फिर कभी उठ कर थोड़ा उसके निप्पल को मसलने लगा।
मैं अब दूसरी चूची को चूसता गया।
फिर उसमें भी थोड़ा उत्तेजना का संचार हुआ और जिस्म में हरकत होने लगी।
उसने दोनों पैर कैंची की तरह मेरे जिस्म से लपेट लिए।
अब मैंने भी अपने चूतड़ों को हरकत दी और लण्ड को आगे पीछे करना शुरू किया।
लण्ड अभी थोड़ा फंस कर अंदर-बाहर हो रहा था।
लड़की- आह्ह्ह … उफ्फ् …
एक सामान स्पीड में मैंने थोड़ी देर वैसे ही चोदना चालू रखा।
वो भी अब एक्टिव हो रही थी और साथ में गांड उठा कर लण्ड को अंदर तक लेने की कोशिश कर रही थी।
उसका साथ पाकर मेरे में भी ऊर्जा का संचार हो रहा था।
मेरी स्पीड बढ़ने लगी।
लण्ड कभी अंदर तो कभी बाहर हो रहा था।
मेरे अंडकोष जब उसकी गांड से टकराते तो पट-पट … पट-पट की आवाज़ होती।
वो लगातार कामुक आवाजें निकालने लगी थी।
अब मैंने एक जोर की सांस ली और सांस रोककर दनादन उसकी चूत में लण्ड को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।
अब तक उसकी चूत ने भी पानी छोड़ दिया था।
यंग गर्ल चूत का पानी लंड को पूरी तरह से गीला करने लगा।
अब लंड सुगमता से चूत में अंदर-बाहर होने लगा और चुदाई का असली मजा आने लगा।
इस मिलन से चूत के मुहाने पर झाग बनने लगे थे।
साथ में फच्च … फच्च … फच्च की आवाज हो रही थी।
वो भी अब पूरे जोश में आकर कामुक आवाजें कर रही थी- ओह्ह्ह … र र र र राहुल ल ल ल … आह्ह ईईई ऊईईई बस करिये … धीरे … प्लीज़!
वह रुकने को बोल जरूर रही थी मगर साथ में गांड उठा कर पूरा लण्ड भी अंदर ले रही थी।
फिर मैं लण्ड निकाल कर नीचे लेट गया।
वो तुरंत समझ गई कि मैं क्या चाहता हूँ।
कहानी अगले भाग में जारी रहेगी।
आपको यह कहानी कैसी लग रही है, और इसमें कितना मजा आ रहा है मुझे जरूर बताएं मुझे!
आपके फीडबैक का इंतजार रहता है जो मुझे कामुक सेक्स कहानी लिखने के लिए प्रेरित करता है।
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