कमसिन कन्या के साथ वन नाईट स्टैंड- 3

Views: 45 Category: Jawan Ladki By rahulsrivas75 Published: February 19, 2026

फ़ोरप्ले विद सेक्सी गर्ल इन होटल का मजा मैंने कॉलेज गर्ल को नंगी करवा के लिया। उसकी नंगी चूचियां देख मैं ज्यादा हवसी हो गया। मैंने उसकी चूत को छुआ तो लंड में तूफान उठ गया। मगर वो भी मेरे लंड को चूसने की प्यासी निकली …

दोस्तो, मैं आपको अपनी सेक्स स्टोरी बता रहा था जिसके दूसरे भाग
रेस्टोरेंट में मिली लड़की होटल रूम में
में आपने पढ़ा कि कैसे एक जवान लड़की से रेस्टोरेंट में मेरी मुलाकात हुई।
दोनों में बातें बढ़ीं और मैं उसे अपने होटल ले गया।
हमने वहां पर बीयर पी और मैं उसके कपड़े उतरवाने में कामयाब हो गया।
उसकी चूचियां मेरे सामने आईं तो मैं उन्हें देखता रह गया।

अब आगे फ़ोरप्ले विद सेक्सी गर्ल इन होटल:

मैं उसकी चूचियों को देखकर हैरान था।
इतनी रसीली और गोल चूचियां थीं जैसे अभी निप्पलों से रस टपकने लगेगा।

दोस्तो, चूचियां तो हर लड़की-औरत की बेहतरीन होती हैं, और हर मर्द की पसंदीदा भी होती हैं।
किसी की छोटी तो किसी की बड़ी, तो कोई तनी हुई तो कोई खुद के भार से लटकी, कोई गोल तो कोई पतली, तो कोई उभरी हुई।

असममित चूचियों की एक जोड़ी जिसमें चूचियों का आकार अलग-अलग होता है, उसे असममित जोड़ी कहा जाता है।
इनमें से कोई चूची काफ़ी बड़ी या छोटी होती है और उसको स्पष्ट समझा जा सकता है।

यहां निप्पल विपरीत दिशाओं में होते हैं और चूचियों की संरचना ऊपर से नीचे तक टेढ़ी-मेढ़ी होती है।
साइड सेट ब्रेस्ट में दोनों चूचियों के बीच काफ़ी जगह होती है।
निप्पल ईस्ट-वेस्ट की तुलना में ज़्यादा आगे की ओर होते हैं।

गोल आकार की चुची का जोड़ा वह होता है जिसमें चूचे ऊपर और नीचे से समान रूप से भरे होते हैं।
घंटी के आकार की चूची वे होती हैं जो ऊपर से पतली और नीचे से भरी होती हैं, बिल्कुल घंटी की तरह।

यह आकार घंटी के आकार की चूचियों जैसा ही होता है, लेकिन ढलान हल्की होती है।
ये नीचे से घंटी के आकार की चूचियों की तुलना में कम भरी होती हैं।

पतले चूचे ऊपर से चौड़े और नीचे से संकरे होते हैं।
वे पतले होते हैं और उनमें चूची ऊतक (कोशिकाएं) कम होते हैं।

एथलेटिक चूचे कम चूची ऊतक और सीधे निप्पलों के साथ तंग होते हैं।
शिथिल स्तन ऊपर की ओर चौड़े और नीचे की ओर संकरे होते हैं तथा निप्पल नीचे की ओर होते हैं।
इनको ढीली चूची भी कहते हैं।

फीमेल पाठिकाएं चाहें तो अपनी चूचियों का प्रकार कमेंट्स में बता सकती हैं।

मगर इस लड़की की चूचियों में एक अलग बात थी।
ऐसा लगता था कि कोई समान आकार की गोलाई लिए दो गोल कलश रख दिए हों।

एक दूसरे से सटी चूचियां, और दोनों के बीच एक महीन सी रेखा दोनों चूचियों को अलग करती हुई मैंने पहले नहीं देखी थी।
उत्तेजना से उसकी चूचियों की रंगत हल्की सी लाल हो गई थी।

बीचों बीच गहरे कत्थई रंग का कोट या जींस के बड़े बटन जैसा गोल घेरा था और उन पर उभरे हुई छोटे से निप्पल।
निप्पल का ऊपरी हिस्सा अंदर धंसा सा था।
ये छूने में रुई की तरह सॉफ्ट और उत्तेजना में एकदम कड़क हो चुके थे।

सही में चूचे बिलकुल निष्कलंक थे जो रुई के तरह सॉफ्ट और उतेज़ना में पत्थर की तरह कड़क।
सही से देखा जाये तो बगैर ब्रा के भी वो ऐसे ठोस और तने हुए ही रहते तो उनको ब्रा की जरूरत भी नहीं थी।

मुझसे सब्र नहीं हो रहा था।
मैंने धीरे से चूचियों को अपने हाथों में थाम लिया … बड़े प्यार से … सुकून से … थामकर मैं उन्हें हल्के मसलने लगा; इस डर के साथ कहीं उनका आकार बदल न जाए।

साथ ही मैं निप्पल को चुटकी में भरकर हौले-हौले मसलने लगा।
आह्ह … आह्ह … ओह्ह … अम्म … अह्ह की सिसकारियों के साथ उसकी आंखों स्वत: ही बंद हो गईं।

मैंने चूचियों को पूरी तरह मुंह में भर लिया और उनका रस पीने लगा।
मैं बारी बारी से उसकी दोनों चूचियों को व्याकुलता से चूसने लगा।
चूचियां पूरी गीली हो गईं।
उसके बदन का नमकीन रस मेरे मुंह में आने लगा।

चूचियों से निकलते नमकीन रस को चाटने के लिए मैं पूरी जीभ चूचियों पर फेरने लगा।
निप्पल पर फेरते हुए मैं ऊपर जाकर पूरी गर्दन चाट गया।

ऐसा करने से वो पूरी तरह मचल गई- स्स्सस … आह्ह … म्मम … ओह्ह … आह्ह करके वो अपनी उत्तेजना को शांत करने की कोशिश करने लगी।
उसका हाथ कब मेरे सिर पर आ कर मेरे बालों को पकड़ कर चूचियों पर दबाने लगा इसका अहसास ही नहीं हुआ।

अब उसकी शर्म और झिझक धीरे-धीरे दूर होती जा रही थी।
वो भी अब कामाग्नि में सुलगने लगी थी।
मेरे बालों में उसकी पकड़ तेज होने लगी थी।
कमर पर नाख़ून गड़ने लगे थे।

यह इस बात का संकेत था कि वो भी वासना की आग में झुलसने लगी है।

मेरे होंठ उसकी चूचियों को पीने में लगे थे और हाथ मसलने में मशगूल थे।
मैं उसकी नाज़ुक सी गर्म चूची का रस पीता ही जा रहा था।

मेरा तो छोड़ने का मन ही नहीं था, फिर भी मेरे हाथ नीचे सरक गए और जीन्स के ऊपर से जांघों के जोड़ के मध्य में थम गए।
मैंने उसकी चूत का जायज़ा लिया।

फिर चूत पर हल्का दबाया तो तुरंत उसने मेरा हाथ पकड़ कर हटा दिया और दोनों टांगों को जोड़ लिया ताकि मैं उसकी चूत के साथ छेड़छाड़ न कर सकूं।

वो ऊपर से तो नंगी ही थी।
और पूरी तरह से नंगी होने से अब खुद को ज्यादा देर तक बचा नहीं सकती थी।

मैंने उसकी जींस का बटन खोलकर हाथ अंदर डाल दिया।
सबसे पहले हाथ की मुलाकात उसकी पैंटी से हुई।
उफ्फ … नरम सी पैंटी थी।

जैसे ही मैंने पैंटी में हाथ डाला तो उसकी जांघों की रेखा में उंगलियां टहलने लगीं।
लेकिन चूत के द्वार तक उसने उंगलियों की पहुंच होने न दी क्योंकि उसने मेरे हाथ को जोर से दबा रखा था।

मैंने इसकी काट तुरंत शुरू कर दी।
मैं पैंटी के ऊपर वाले हिस्से पर होंठ लगाकर उसको हल्के चुम्बन देने लगा।
गर्म होंठों के चुम्बन से अब उसकी पकड़ थोड़ी ढीली पड़ने लगी।

कुछ ही पलों में उसके हाथों की पकड़ पूरी तरह से ढीली हो गई।
उसके हाथ अब जगह बदलकर मेरे सिर पर आ गए।
मेरे हरेक चुम्बन के साथ उसके मुंह से गर्म सिसकारियां निकल रही थीं- आह्ह … अह्ह … अम्म।

उसके हाथ हटते ही अब वो पल आ गया जब मेरे हाथ उस कॉलेज गर्ल की चूत तक पहुंच गए।
ओह्ह … क्या पल था वो!

हालांकि उसकी जांघें अब भी भिचीं हुई थी।
लेकिन मेरी उंगलियां उसकी चूत की दरार में थोड़ी सी जगह बनाने में कामयाब हो गई थीं।
मैं हल्के हल्के से उसकी चूत की रेखा को कुरेद रहा था।

धीरे-धीरे चूत पर उंगलियों ने असर करना शुरू किया।
चूत को जैसे-जैसे मजा आता गया उसकी जांघें खुलने लगीं।
मेरी उंगलियां चूत के अंदर तक पहुंचने लगीं।

उसकी जांघें कुछ ही देर में पूरी तरह से खुल गईं।
मेरी उंगलियां अब चूत के अंदर सुगम तरीके से पहुंचने लगीं।
चूत पर मेरी उंगलियों की अठखेलियां उसके उन्माद को लगातार बढ़ा रही थीं।

चूत में गीलापन आ चुका था जिससे उंगलियां चूत में आसानी से फिसल रही थीं।
मेरे मुंह में उसकी चूची थी और उंगलियों के नीचे उसकी चूत जिससे उस पर वासना का दोहरा वार हो रहा था।

वो मदहोश होती जा रही थी।
उत्तेजना का आलम ऐसा था कि उसका हाथ खुद ही टटोलते हुए मेरे लंड पर आ गया।
हल्के से वो हाथ से मेरे लंड को रगड़ने लगी।

मैं बोला- उतार दो मेरा सब कुछ!
उसने मुझे खड़ा किया और मेरी बेल्ट को खोलने लगी।
बीच में ही मैं उसे रोक कर बेड पर ले आया।

मेरे कुछ करने से पहले ही उसने मुझे बेड पर धक्का दे दिया।
मैं अब आधा बेड पर था। मेरे पैर नीचे लटके हुए थे।

ये मैं जान ही चुका था कि ये पहल करने वाली लड़कियों में से है।
हुआ भी वही।
उसने मेरी आंखों में देखते हुए मेरी बेल्ट को खोला और उतार कर फेंक दिया।

उसके अर्ध नग्न जिस्म पर खुली जीन्स और उसमें से झांकती वाइट पैंटी, जिस पर शर्ट के बटन जैसे पिंक रंग के डॉट बने थे, मेरे को साफ दिख रही थी।

उसकी सुडौल चूचियां मेरे सामने थीं।
मैं उसके मादक जिस्म में ही खोया था कि एक झटका लगा सा लगा।
मैं जागा तो वो मेरी पैंट को निकालने की कोशिश कर रही थी।

मेरी गांड दबी होने की वजह से वो निकल नहीं पा रही थी।
फिर मेरी गांड खुदबखुद उठ गई और मेरी पैंट टांगों से अलग होकर जमीन की शोभा बढ़ने लगी।

मेरे ब्लैक जॉकी अंडरवियर के ऊपर हल्की उत्तेजित अवस्था में लण्ड का उभार साफ़ नज़र आ रहा था।

उसके हाथ ऊपर से ही मेरे लण्ड को सहलाने लगे।
धीरे-धीरे वो उसे मसलने लगी तो लण्ड में भी हरकत होने लगी।

उत्तेज़ना के मारे मेरा बुरा हाल था।
मैं चाहता था कि मेरा जॉकी भी कहीं जमीन पर पड़ा हो और वो खुल कर मेरे लण्ड से खेले।

वो फिर झुक कर जॉकी के ऊपर से लण्ड को चाटने लगी।
मेरे मुँह से भी अम्म … आह ह्ह्ह जैसी हल्की हवस भरी आवाजें निकलने लगीं।

यह सब इसलिए भी हो रहा था क्योंकि इतने साल की सेक्स लाइफ में पहली बार कोई लड़की आगे से आगे पहल करती जा रही थी।

फिर उसने मेरे जॉकी अंडरवियर को नीचे करना शुरू किया।
मेरी भी गांड उठने लगी धीरे-धीरे।

मादक मुस्कान के साथ मेरी आँखों में देखते हुए वो जॉकी नीचे कर रही थी।
लाइफ का सबसे कामुक दृश्य था मेरे लिए यह।

कुछ ही सेकण्ड में मेरा लण्ड उछल कर उसकी ठोड़ी से टकराया और वो नीचे देखने लगी।
उसकी आँखों की चमक बता रही थी कि मेरा लण्ड उसे पसंद आ गया है।

उसको मेरी तरह मेरे साथ सम्भोग सम्बन्ध बनाने के निर्णय में कोई अफ़सोस नहीं होगा।

लण्ड को देखते ही उसके मुँह से उफ्फ … की एक लम्बी सिसकारी निकली।
वो लण्ड को अपने हाथ से पकड़ कर, दबाकर, उलट-पुलट कर, सुपाड़े से चमड़ी को हटाकर ऊपर नीचे करके देख रही थी।
वो ऐसे कर रही थी जैसे कभी लण्ड देखा ही नहीं हो।

फिर वो मेरे लण्ड को हथेली से पकड़ कर मुट्ठ मारने लगी।
जबकि मैं अपना लण्ड उसके मुँह में चाहता था।

मैंने हाथ बढ़ा कर उसका सिर दबा दिया तो वो भी समझ गई कि मैं क्या चाहता हूँ।

उसने अपनी गुलाबी जीभ निकाल कर लण्ड को नीचे से ऊपर तक चाट लिया।
मेरे जिस्म में एक करंट सा दौड़ गया जिससे मुंह से लम्बी आह्हह … निकल गई।

तभी वो चमड़ी को खोलकर सुपाड़े पर गोल-गोल अपनी जीभ फेरने लगी।
फिर वह सुपाड़े के ऊपरी भाग के छिद्र को नुकीली जीभ से कुरेदने लगी।

मेरा लण्ड अकड़ा जा रहा था।

फिर वो मुँह में भर कर लंड को मस्ती में चूसने लगी।
वो मेरे ऊपर आधी झुकी हुई थी।
लण्ड चूसने में उसे महारत हासिल थी।

पूरा लण्ड मुँह में लेकर वो जिस तरह से होंठों और दांतों के बीच से भर रही थी लंड में दांतों की हल्की चुभन से मेरी सिसकारी निकल जाती- आह्हह … स्सस … हय … आह्ह … स्स्स।

आप अंदाजा लगा सकते हो कि मुंह में लेकर लंड चूसती एक अर्ध नग्न लड़की, मेरे निप्पलों के साथ खेलते हुए मेरी आंखों में देख कर मुस्करा रही थी।
लंड उसके मुंह में एकसमान स्पीड में अंदर-बाहर होता दिख रहा था।

इतना कामुक नजारा था जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर पा रहा हूं।

मैं गांड उठा उठाकर उसका मुंह चोदने लगा।
अचानक से मेरी स्पीड बढ़ते देख उसने लंड को मुंह से निकाल लिया।
वो लंड को जोर से मुठियाने लगी।

इतने में ही मेरी तेज हुंकार ऊँऊ ऊऊम्म … के साथ वीर्य की धार उसके मुंह पर जा लगी।
उस धार ने उसके चेहरे और मेरी छाती के बालों को भी सान दिया।

वो मेरे ऊपर आकर लेट गई और अपने बदन को मेरे बदन पर रगड़ने लगी।

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.

आपको यह फ़ोरप्ले विद सेक्सी गर्ल इन होटल कैसा लगा?
मुझे जरूर बताना।
आप सब पाठकों की प्रतिक्रियाओं का मुझे इंतजार रहेगा।
आपकी प्रतिक्रियाएं ही मुझे कहानी लिखने के लिए प्रेरित करती हैं।
आप कहानी के नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें, मुझे नीचे दी गई मेल पर मैसेज भी कर सकते हैं।
rahulsrivas75@gmail.com

You May Also Like

Cyber Cafe Me Chut Marwai
Views: 56 Category: Jawan Ladki Author: manshipandya11104 Published: February 03, 2026

बैड गर्ल सेक्स स्टोरी में मेरे कॉलेज के सामने साइबर कैफे वाला लड़का मुझे आते जाते घूरता था. मुझे भी वह पसंद था पर साला फट्टू…

लाइब्रेरी में मिली लौंडिया को सैट करके चोदा
Views: 53 Category: Jawan Ladki Author: RaatKiBaat Published: February 07, 2026

Xxx रोमांस कहानी में कॉलेज की लाइब्रेरी में एकदम बला की खूबसूरत दिखी. मैंने मौका देख उससे बात करने की कोशिश की और मैं का…

Comments