हॉट कॉलेज गर्ल स्टोरी में मैं एक रेस्टोरेंट में जा बैठा जहां मेरी नजर एक कमसिन सी जवान लड़की पर गई। किस्मत से वो मेरी टेबल पर आकर बैठ गई। फिर जो हुआ वो मैंने सोचा भी नहीं था।
दोस्तो, मेरा नाम राहुल श्रीवास्तव है।
अंतर्वासना पर मेरी पहली कहानी मार्च 2016 में आई थी।
तब से लेकर अब तक मैंने आपके साथ बहुत सारे अनुभव शेयर किये हैं।
आपने उन अनुभवों को पढ़ा, अपना प्यार दिया, मुझे फीडबैक दिया इस सबके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।
आज मैं आपको अपना एक नया अनुभव बताने जा रहा हूं।
दोस्तो, मैं रहता तो मुंबई में हूं लेकिन संबंध प्रयागराज से है।
दोस्तो, आज की कहानी शुरू करने से पहले मैं बता दूं कि मैं एक अच्छा सलाहकार भी हूँ।
आप अपनी सेक्सुअल, रिलेशनशिप सम्बन्धी समस्याओं या फिर सेक्स रिलेशन में कुछ नया करना सीखने के लिए भी संपर्क कर सकते हैं।
आज की हॉट कॉलेज गर्ल स्टोरी शुरू करते हैं।
यह मेरी पहली कहानी है जिसमें स्थान का नाम गोपनीय रखा है।
मैं एक बहुत बड़े शहर के एक ठीक-ठाक से रेस्टोरेंट में बैठा था।
यह सेल्फ सर्विस रेस्टोरेंट था।
साथ में बार भी था जिसका ऑर्डर वेटर लेने आते थे।
वक़्त शाम के 4 बजे थे।
हवाई यात्रा और फिर दिन भर काम करने की बाद की थकान उतारने के लिए मैं वहां बैठा हुआ बीयर पी रहा था।
पूरा रेस्टोरेंट भरा था।
मैं अकेला था तो मेरे सामने की चेयर खाली थी।
टेबल साइज भी ठीक ठाक ही था।
तभी एक नवयुवती या ये कहिये किसी कॉलेज की लड़की वहां आई।
उसने जीन्स और टाइट टी शर्ट पहना था जिसमें उसका जिस्म पूरा कपड़ों में उजागर हो रहा था।
वो आई और बोली- क्या मैं यहाँ बैठ सकती हूँ?
मैंने भी हाँ कर दी।
लड़की वहां अपना सामान रख कर आर्डर के लिए चली गई।
मैंने ध्यान से उसे देखा।
वो करीब 20 या 21 साल की लड़की थी।
लड़की काफी खूबसूरत थी।
उसके पास कुछ कॉपी-किताब भी थीं; शायद स्टूडेंट थी।
मैं अपनी बीयर का स्वाद ले रहा था; साथ में चखना भी था।
वो कुछ देर में खाने की ट्रे लिए आई और वहां बैठकर खाने लगी।
थाली देखकर लग रहा था कि वो काफी भूखी थी।
ट्रे लगभग भरी हुई थी जिसमें चिकन विंग्स, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक्स, फ्रेंच फ्राइज आदि रखे थे।
मैं उसको खाते देखता रहा।
जब शायद उसके पेट में कुछ गया और भूख कुछ शांत हुई तो उसने मेरी तरफ मुस्कुरा कर “थैंक्स” बोला।
मैंने भी स्माइल दे कर बोला- कोई बात नहीं, लगता है आप को कुछ ज्यादा ही भूख लगी थी।
वो बोली- हाँ बहुत, क्लास लम्बी चल गई, कैंटीन में बहुत भीड़ थी तो यहाँ आ गई … और … आपका शुक्रिया जो आपने बैठने दिया।
मैं- आप पढ़ती हो?
तो उसने बोला- हां, मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रही हूँ।
उसने कालेज का नाम भी बताया।
फिर पूछा- आप क्या करते हो?
मैं- एक मार्केटिंग एंड ब्रांड कंसल्टेंट हूँ।
लड़की- वाओ, फिर तो आप बहुत सारी जगह घूमते होंगे।
मैं- हाँ, आपकी बात सही है, घूमना तो पड़ता है। और इसी वजह से आपके शहर में हूँ।
लड़की- अरे मैं भी यहाँ की नहीं हूँ, मैं तो कानपुर, यूपी की रहने वाली हूं। यहाँ तो स्टडी के लिए आई हूँ।
मैं- अच्छी बात है।
लड़की- आप क्या पी रहे हैं?
मैं- बीयर, अपने पी है कभी? इसे आज कल कॉलेज के बच्चे बहुत पसंद करते हैं?
वो बोली- हाँ, एक बार पी है।
मैं- अच्छा, अभी पीना पसंद करोगी?
लड़की- हाँ क्यों नहीं, हम स्टूडेंट तो ढूंढते हैं कि कौन आज बकरा बनेगा।
कह कर वो हंसने लगी।
फिर बोली- लेकिन इस कोक का क्या होगा? रहने दीजिये, वरना कोक बुरा मान जायेगा।
वो फिर खिलखिला कर हंस पड़ी।
दोस्तो, कॉलेज लाइफ में ये बहुत होता है … चाय की टापरी में, कैंटीन में सब कोई ढूंढते हैं कि चाय समोसा खिलाने वाला कोई मिल जाए।
मतलब कोई बकरा बने और मुफ्त का मिले।
तब तक मैंने एक माइल्ड बीयर के लिए इशारा कर दिया क्योंकि ड्रिंक्स ऑर्डर करनी पड़ती थी।
फ़ूड सेल्फ सर्विस पर था लेकिन बीयर या हार्ड ड्रिंक के साथ फ़ूड आर्डर कर सकते थे।
मैंने कहा- पहले बीयर पी लें, फिर देखते हैं कोक का क्या करना है।
लड़की- हाँ, बाद में इसको भी पी लेंगे, कॉकटेल हो जायेगा अंदर!
अब तक शायद उसको भी मेरा साथ या मेरी बातें अच्छी लगने लगी थीं।
तो उसने मुझे बर्गर ऑफर किया।
लेकिन उसके फ्रेंच फ्राइज को मैंने ले लिया।
बातें भी शुरू हो गईं।
काफी होशियार लड़की लगी मुझे वो।
बहुत ज्यादा अमीर घर से नहीं लग रही थी लेकिन सपने काफी बड़े थे।
अपनी फीस और खर्चा वो खुद ही निकाल रही थी जिसके लिए वो फ्री टाइम में ऑनलाइन काम करती थी।
उसने स्किल्स के लिए कई कोर्स भी किए हुए थे।
वो सर्विलांस तकनीकी की छात्रा थी।
मुझे वो काफी समझदार लगी; सुलझी हुई, खुद निर्णय लेने वाली लड़की लगी।
इस छोटी सी मुलाकात में बात होते-होते बात उसके बॉयफ्रेंड पर आ गई.
वो बोली- तीन बीएफ थे मेरे, मगर अभी कोई नहीं है। अभी सिर्फ पढ़ाई में फोकस कर रही हूँ। ग्रेड अच्छे लाने हैं, कुछ साल के लिए एक अच्छी जॉब चाहिए।
मैं- मेहनत कर रही हो तो वो भी मिल जाएगी लास्ट सेमेस्टर आते आते।
मुझे पता था कि इस कॉलेज का प्लेसमेंट अच्छा रहता है।
बीयर पीते-पीते वो अच्छे से बात कर रही थी।
फिर पूछने लगी- आप कहाँ से हो?
मैं- अभी तो मुंबई रहता हूँ, वैसे प्रयागराज का हूँ।
लड़की- ओह्ह फिर तो बढ़िया है, मुंबई तो अच्छी जगह है। मैं कभी नहीं गई वहां, आपकी लड़की फ्रेंड है क्या?
मैं- नहीं, मैं शादी कर चुका हूँ।
लड़की- क्या? उससे क्या होता है? शादी हो गई तो क्या लड़की फ्रेंड नहीं रख सकते? मुझे विश्वास है आपकी गर्लफ्रेंड होगी।
उसके यह कहते ही मुझे आदिरा याद आ गई।
पहली बार मन में आया कि ये भी तो आदिरा जैसी है, तो क्या आज रात रंगीन हो सकती है?
ये ख्याल आते ही मेरी सोच और मेरा उसको देखने का तरीका बदल गया।
उसको अप्रोच करने के लिए दिमाग में कई सारी बातें आने लगीं।
अब मैंने उसको बड़े ध्यान से देखा।
ब्राउन डार्क टोन स्किन थी।
नीचे का होंठ थोड़ा मोटा, ऊपर वाला थोड़ा पतला था।
हाथों में मेहंदी थी जो खूब खिल रही थी।
चूचियां शायद 30C की होंगीं।
बाल कमर तक थे।
बाकी का हिस्सा टेबल से छुप गया था।
सुर्ख होंठ, आंखें थोड़ी बड़ीं थी।
गले में एक गोल्ड चेन थी, वाइट शर्ट के अंदर वाइट पैडेड ब्रा थी।
क्योंकि ब्रा की आउटलाइन साफ समझ में आ रही थी।
साथ में ब्लू स्किन फिट जीन्स थी।
मैं- ओह्ह तब तो आपको बहुत एक्सपीरियंस भी होगा। तभी बिंदास आप मेरी गर्लफ्रेंड पूछ रही हो। उनके साथ फन भी किया होगा जरूर!
मैंने आगे कहा- हाँ मेरी एक गर्लफ्रेंड है। आपके जैसी ही है वो! वो भी एक स्टूडेंट है होटल मॅनेजमेंट की छात्रा है। मुंबई में ही है और जहाँ मैं रहता हूँ उसी के पास ही एक फ्लैट में अपनी दो अन्य दोस्तों के साथ रहती है।
मैंने एक बार में ही सब कुछ बता दिया इस उम्मीद में कि उसको समझ में आये कि इस उम्र में भी उसकी जैसी हसीना को चोद सकता हूँ मैं!
इस वक़्त मैं थोड़ा दोअर्थी अंदाज़ में बोला।
लड़की- वाओ अंकल, आप तो छुपे रुस्तम हो!
मैं- जी, मगर आप भी कम नहीं हो।
मैं अपने अनुभव से कह सकता था कि ये लड़की वन नाईट स्टैंड हो सकती है।
मन ही मन खुद से कह रहा था- थोड़ी और कोशिश कर राहुल, शायद रात रंगीन हो जाये।
दिमाग में कई विचार आये, फिर अंत में सोचा कि समय के साथ बहे चले जाओ, देखो क्या हो सकता है।
लड़की- किस बात पर कम नहीं हूँ?
अब तक हमारी बीयर ख़त्म होने को आई थी तो मैंने बीयर को रिपीट करवा दिया।
मैं- तुम खूबसूरत हो, यंग हो, बहुत अच्छी सी फिगर है, कोई भी तुमको देख कर अपनी गर्लफ्रेंड बनाना पसंद करेगा।
लड़की- अच्छा तो आपने मेरी फिगर भी देख ली!
मैं- हाँ देखी थी जब आई और गई काउंटर तक।
लड़की- अच्छा फिर तो क्या- क्या देखा, बताओ आप, मैं भी देखूं कितना एक्सपीरियंस है आपको।
अब मेरा विश्वास हो चला था कि बेटा राहुल ये तेरी सरप्राइज सेक्स पार्टनर बन सकती है कोशिश जारी रखो, क्योंकि उसके हाव-भाव चंचल से लग रहे थे और आँखों में शरारत थी।
मगर क्या पता वो सिर्फ बात करके टाइम पास कर रही हो और मेरा चूतिया कट जाये?
ऐसा हुआ तो वो ज्यादा शर्मिंदगी से भरे पल होंगे।
आराम से मेरे को देखना होगा कि आखिर इसके मन में क्या चल रहा था।
तभी मैं कुछ फैसला कर सकता था कि मुझे आगे कैसे बढ़ना है।
मैं- जी बता तो दूंगा मगर कहीं आपको हमारी किसी बात का बुरा न लग जाए!
लड़की- नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा, हम भी देखें एक अनुभव वाले का अंदाज़ा कैसा होता है।
वो बोली- अभी तक मुझे सब हम-उम्र वालों का ही साथ मिला, पहली बार मैं अपने से किसी इतनी बड़ी उम्र वाले एक अनजान इंसान के साथ इतना फ्री होकर बात कर रही हूँ। और कैसे आपसे इतनी बात कर ली मुझे खुद ही नहीं पता। शायद आपके बात करने का अंदाज़ बहुत निराला है।
मैं- एक बार आप खड़ी होंगी फिर से?
यह सुनकर उसने मेरी तरफ अचरज भरी निगाह से देखा लेकिन वो मेरा आशय समझ गई।
फिर उसने पूरे रेस्टोरेंट में एक नज़र घुमाई।
देखा कि सब अपने में ही बिज़ी थे।
कोई खा रहा तो कोई पी रहा था तो कोई अपने पार्टनर में बिजी था।
सब तरफ से संतुष्ट होकर वो खड़ी हुई और कुछ ऐसे घूमी कि किसी को तलाश रही हो।
फिर बैठ गई।
कोई 10 या 12 सेकंड में सब हो गया।
शायद ही किसी ने नोटिस किया होगा कि हम क्या कर रहे हैं।
अब वो मेरी तरफ देख रही थी कि मैं क्या बोलता हूं।
अच्छी फिगर थी उसकी … गांड उभरी थी, शर्ट में उसके जिस्म का एक एक कटाव साफ़ नज़र आ रहा था।
सुराही सी गर्दन और पतली सी कमर, पीठ पर ब्रा की स्ट्रिप और आगे से शर्ट मैं से ब्रा का शेप भी दिख रहा था।
उसकी जीन्स के ऊपर जांघों के जोड़ के पास चूत का हिस्सा भी अच्छे से फुला सा था।
मतलब ये कि चूत उभरी हुई थी।
कह सकते थे कि एक तरह से साफ और क्लियर स्किन वाली लगभग 20 या 21 साल की वो लड़की थी।
और मैं लगभग उसकी दोगुनी उम्र का।
ज्यादा उम्मीद तो नहीं थी।
फिर सोच रहा था ये ट्रिप शानदार और उत्तेजक होगी अगर ये लड़की थोड़ी देर और मेरी साथ और रह गई तो।
मुझ पर उसकी उत्सुकता भरी निगाहें थीं कि मैं क्या बोलता हूँ।
मैंने भी थोड़ा इस बात को लम्बा खींचने का सोचा।
मैं- क्या हुआ? क्या देख रही हो?
लड़की- बताएं, जो पूछा है। आपने क्या-क्या देखा और महसूस किया?
अब मुझे धीरे-धीरे यकीन होने लगा था कि आज की शाम मेरी रंगीन होने वाली है।
मैं- तुम सच में जानना चाहती हो क्या देखा और क्या सोचा? पिटाई तो नहीं करवाओगी ना?
लड़की- नहीं-नहीं, ऐसा कुछ नहीं होगा। मगर आप नहीं बताना चाहते तो मत बताओ।
उसने किसी अल्हड़ चंचल माशूका की तरह नाराज़गी जाहिर की।
मैं- तुम्हारी उम्र करीबन 20 या 21 साल है। बहुत ज्यादा गोरी नहीं हो, आँखें काफी गहरी हैं।
इतना बताकर मैं चुप हो गया।
लड़की- ये तो सब को दिखता है और ये तो कोई भी बता देगा। आप तो वो बताओ जो मेरे को पता हो या सिर्फ आपको मुझे देखने के बाद पता चला हो।
मैंने उसको इशारे से थोड़ आगे होने को बोला।
फिर मैं धीमे से बोला- तुम्हारी चूचियां 30D होंगी, कमर 28 की होगी और पैंटी तुमने 80cm की पहन रखी है। तुम्हारी हाइट 5.4 की होगी, जांघें तुम्हारी सुडौल हैं और गांड बहुत उभरी हुई है।
इतने खुले शब्दों में हॉट कॉलेज गर्ल के शरीर का वर्णन सुनकर उसके गाल-कान-चेहरा सब लाल से हो गए।
शायद शर्म से पानी-पानी हो गई थी वो!
उसको इतने खुले शब्दों की शायद उम्मीद नहीं थी।
मगर मैं भी क्या करता।
अगर उसके साथ समय को रंगीन बनाना है तो मेरे को पहल तो करनी ही थी।
अब वो तो कहेगी नहीं कि ‘आओ राहुल मुझे चोदो।’
हॉट कॉलेज गर्ल स्टोरी अगले भाग में जारी रहेगी।
आपको यह कहानी कैसी लग रही है इस पर मुझे आपकी राय की जरूरत होगी।
इसलिए आप कहानी पर अपना फीडबैक देना न भूलें।
आपकी प्रतिक्रियाओं का मुझे इंतजार रहेगा।
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