फुल न्यूड शो इन रिसोर्ट मैंने किया जब मैं एक गैर मर्द के साथ वहां ठहरी थी और हम दोनों स्विमिंग के लिए पूल में थे. उन्होंने मुझे पूरी नंगी कर दिया.
फ्रेंड्स, आपकी अंजलि शर्मा एक बार पुनः आपसे मुखातिब है.
कहानी के पिछले भाग
रिसोर्ट के कमरे में नंगी चुदाई
में मैं आपको अपनी हनीमून की कहानी में बता रही थी कि किस तरह से मैंने सुमेश के साथ होटल के कमरे में आते ही चुदवा लिया था और उनके सीने पर सर रख कर नंगी ही सो गई थी.
अब आगे फुल न्यूड शो इन रिसोर्ट:
जब मेरी आंख खुली तो रात के 9 बज चुके थे.
सुमेश भी उठ गए थे.
मैं अभी भी उनकी बांहों में नंगी पड़ी हुई थी.
सुमेश ने मुझे देख कर मेरे माथे पर किस देते हुए स्माइल दी और बोले- तबियत ठीक है ना अंजू … कोई दिक्कत तो नहीं हो रही न!
मैंने भी सुमेश से कहा- पति के होते हुए पत्नी को कोई दिक्कत हो सकती क्या?
वे बोले- बिल्कुल ठीक बात है.
हम दोनों किस करने लगे.
फिर सुमेश बोले- अंजलि, चलो नीचे पूल में चलते हैं. थोड़ी देर उधर मस्ती करेंगे तो फ्रेश हो जाएंगे.
मैंने कहा- हां जी प्यारे पतिदेव, चलो कोई दिक्कत नहीं है … पर आप कंट्रोल रखना पूल में!
सुमेश हंस कर बोले- इतनी हॉट बीवी साथ में है तो जरा मुश्किल तो होगी, पर मैं पूरी कोशिश करूंगा.
मैंने उन्हें झिड़की दी तो वे खुल कर बोले- सुनो डार्लिंग … मैं कोई कंट्रोल रखने वाला पति नहीं हूँ. अपनी इतनी हॉट बीवी के साथ तो बिल्कुल भी नहीं!
मैंने भी उन्हें एक अच्छी स्माइल दी.
फिर सुमेश बोले- चलो ठीक है, मैं वाशरूम से फ्रेश होकर आता हूँ. जब तक तुम दो गिलास वोदका विद लेमन जूस आर्डर कर दो.
मैंने कहा- ठीक है, आप दरवाजे का लॉक खोल दो … ताकि वेटर आए तो मुझे उठना ना पड़े.
वे दरवजे की कुंडी खोल कर वाशरूम में चले गए और मैंने नीचे रिसॉर्ट में फ़ोन करके वोदका मिक्स वाले दो लेमन जूस का आर्डर दे दिया.
सुमेश जी वाशरूम में थे और मैं मन ही मन अपने हनीमून के बारे में सोच कर बहुत खुश हो रही थी.
सचमुच मुझे एक अच्छे लंड से चुदाई का सुख प्राप्त हो रहा था जिसे मेरे लिए शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल हो रहा है.
लगभग दस मिनट के बाद हमारे रूम की बेल बजी.
मुझे मालूम था वेटर ही होगा.
मैंने उसे आवाज लगा कर अन्दर आने के लिए बोल दिया.
मैं बेड पर पूरी नंगी लेटी हुई थी तो मैंने खुद को ब्लैंकेट के अन्दर कर लिया.
सिर्फ मेरी गर्दन बाहर थी.
वेटर बाहर लिविंग रूम में था.
मैंने उसे अन्दर बेडरूम में आने के लिए बोला.
वेटर बेडरूम में आ गया.
फर्श पर मेरी पिंक कलर की ब्रा पैंटी और मेरा टॉप और स्कर्ट पड़ी हुई थी, साथ ही सुमेश जी के कपड़े और उनका अंडरवियर पड़ा हुआ था.
उन कपड़ों पर वेटर की नजर पड़ी और वह ये सब देख कर समझ गया कि मैं अभी ब्लैंकेट के अन्दर नंगी लेटी हुई हूँ, मेरी चुदाई भी हुई है.
वेटर ने चुपके से मेरे ब्लैंकेट पर नजर मारी शायद वह मुझे नंगी ही देखना चाहता था.
जैसे ही मैंने उसकी तरफ देखा, उसने अपनी आंखें मेरे ऊपर से हटा लीं और वह वोदका मिक्स वाले लेमन जूस टेबल पर रख कर चला गया.
कुछ देर बाद सुमेश जी भी वाशरूम से नंगे ही बाहर आ गए.
हम दोनों ने साथ बैठ कर वोदका का मजा लिया.
सुमेश बोले- अंजलि, चलो स्विमिंग सूट पहन लो, चलते हैं नीचे!
मैंने कहा- सुमेश जी, मैं स्विमिंग सूट नहीं लेकर आयी हूँ.
वे बोले- तो क्या हुआ ब्रा पैंटी पहन लो!
मैंने कहा- नहीं सुमेश जी, मेरी सारी ब्रा पैंटी ट्रांसपेरेंट हैं, उसमें से सब कुछ दिखेगा!
सुमेश जी बोले- अंजलि, वैसे भी हमें यहां कोई जानता नहीं है और रात का टाइम हो रहा है. पूल में भीड़ कम मिलेगी.
मुझे भी सुमेश जी की बात में दम लगा.
मैंने कहा- ठीक है चलो, यह भी देख लेते हैं!
सुमेश जी बोले- रुको मैं निकालता हूँ तुम्हारे बैग से मेरी पसंद का ब्रा पैंटी का सैट … मेरी बीवी सेक्सी लगनी चाहिए.
मैंने भी उनकी हां में हां मिलाते हुए बोल दिया- ठीक है मेरे प्यारे पति देव.
सुमेश जी भी समझ रहे थे कि मैं उनके साथ अब खुलती जा रही हूँ.
सुमेश जी ने मेरा सूट केस खोला और उसमें से मेरे लिए सबसे ज्यादा सेक्सी वाली रेड कलर की ब्रा पैंटी का सैट निकाल कर दे दिया.
यह लगभग पूरी तरह से नेट का बना हुआ था और उसमें सब कुछ ट्रांसपेरेंट था.
मुझे तो उसे देख कर ही शर्म आ रही थी हालांकि मैं वह ब्रा पैंटी का सैट काफ़ी बार पहन चुकी हूँ, पर उसे मैंने अपने पर्सनल स्वीमिंग पूल में ही रोहण के सामने पहना था. आज इंडिया में सार्वजनिक रूप से इसे मैं पहली बार पहनूंगी … इसलिए थोड़ी शर्म आ रही थी.
सुमेश बोले- ये लो, यही पहन लो.
मैंने सुमेश का दिल रखते हुए उन्हें मना नहीं किया और उस ब्रा पैंटी के सैट को पहनने के लिए मान गई.
मैं बेड से उठ कर सोफे पर आ गई थी.
मैंने अपनी पूरी बॉडी और पुसी पर पहले लोशन लगाया ताकि कोई इन्फेक्शन ना हो.
उसके बाद मैंने ब्रा को पहन लिया.
ब्रा के पीछे सिर्फ एक ही डोरी थी और समझ लो वह एक डोरी मेरे दोनों बूब्स का वजन उठा रही थी.
मेरे आधे बूब्स मेरी ब्रा से बाहर आ रहे थे और आधे बूब्स ब्रा के अन्दर थिरक रहे थे.
ब्रा काफ़ी छोटी होने की वजह से मेरे बूब्स की शेप काफ़ी ज्यादा आकर्षक लग रही थी.
ब्रा के ट्रांसपेरेंट होने की वजह से मेरे गुलाबी निप्पल्स भी साफ दिख रहे थे जो किसी भी मर्द का मन मोहने के लिए काफ़ी थे.
मैंने अपनी पैंटी भी पहन ली.
ये काफ़ी ज्यादा छोटी थी और वह पैंटी मेरी चुत को ही बस छुपा पा रही थी.
उस पर भी वह पैंटी जालीदार थी तो मेरी चुत की दोनों रसभरी कलियां और चुत की मुकुटमणि भी पूरी तरह साफ दिखाई दे रही थी.
बस ये समझ लो मैंने ब्रा पैंटी पहनी तो थी पर उसके अन्दर में पूरी नंगी दिख रही थी.
पीछे पैंटी की डोरी मेरी गांड की दरार में अन्दर तक चली गई थी तो दोनों चूतड़ एकदम नंगे थे.
मेरे बदन का पीछे का हिस्सा पूरा नंगा दिख रहा था … या ये कहना भी गलत नहीं होगा कि ये कपड़े मेरे बदन को छुपाने में नाकाम थे.
मैंने अब अपना पूरा मेकअप किया अच्छे से और एक न्यूली मैरिड वाइफ की तरह अपने पति के साथ पानी में डुबकी लगाने को रेडी हो गई.
मेकअप के बाद मैंने अपने बालों का एक जूड़ा बना लिया और गले में मंगल सूत्र पहन लिया था, हाथों में शादी वाला रेड चूड़ा और मेरे दोनों हाथों पैरों में मेहंदी लगी ही थी.
मैंने सुमेश से कहा- सुमेश जी, मेरे हिप्स पर और पीठ पर बॉडी लोशन लगा दो.
उन्होंने कहा- हां लाओ अंजलि डार्लिंग … अभी लगा देता हूं.
सुमेश ने मेरी पीठ पर और दोनों हिप्स पर बॉडी लोशन लगा दिया, जिसकी वजह से मेरी गांड भी एकदम चमक उठी थी.
वे बोले- अंजलि यार आप बहुत खूबसूरत लग रही हो. मेरा बस चले तो कुछ दिन क्या … लाइफ टाइम के लिए तुम्हें अपनी बीवी बना लूं!
मैंने भी सुमेश को स्माइल देते हुए उनके लंड पर अपना हल्का सा हाथ रख कर उसको सहलाया.
मैं कहा- किसने रोका है आपको, बना लो अपना मुझे लाइफ टाइम के लिए पार्टनर!
सुमेश जी ने गंभीरता से कहा- हम्म … बहुत जल्द ऐसा हो सकता है मेरी रानी.
मैं एक हाथ से सुमेश जी के लंड को सहला रही थी और हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे.
सुमेश जी बोले- अंजू, फिर से मन हो रहा है क्या चुदाई करवाने का?
मैंने कहा- हां हो तो रहा पति देव, पर पहले पूल होकर आते हैं, फिर करना आप मेरी चुदाई!
सुमेश जी बोले- ठीक है अंजू! बस मैं रेडी हो जाऊं!
मैंने सुमेश जी से कहा- रुको आपको आज मैं रेडी करती हूँ.
सुमेश जी बोले- ठीक है अंजलि!
मैंने सुमेश जी के पूरे बदन पर बॉडी लोशन लगाया और उनकी पीठ पर भी बॉडी लोशन लगाया.
सच में सुमेश जी का बदन काफ़ी ज्यादा मजबूत है और ये चीज मेरी चुदाई से साबित हो चुकी थी.
मैं घुटनों के बल बैठी हुई थी और सुमेश जी मेरे सामने खड़े हुए थे.
उनका लंड मेरे मुँह के बिल्कुल सामने था.
मैंने थोड़ा सा लोशन हाथ में लेकर सुमेश जी के लंड पर लगाया और उनके लंड की मालिश की.
मैंने लौड़े को भी चिकना कर दिया, जिसे देख कर मेरे मुँह में पानी आ रहा था.
मालिश करने की वजह से सुमेश का लंड खड़ा हो चुका था.
मैंने उनके लंड का मुँह उसकी खाल से बाहर निकाला और धीरे से अपने होंठों के बीच में दबा कर एक बार उसे चूसा.
ऐसा करते देख सुमेश जी मुस्कुरा दिए और बोले- क्या बात है अंजलि, कंट्रोल आपसे नहीं हो रहा है और मुझसे कह रही थीं कि चोदना नहीं!
मैंने कहा- पति का लंड सामने खड़ा हो तो बीवी को कैसे कंट्रोल होगा!
सुमेश जी हंस कर बोले- वही तो मैं कह रहा था कि इतनी हॉट बीवी के साथ कैसे कंट्रोल हो पाएगा!
अब मैंने सुमेश जी से कहा- चलो बाद में करना जो करना है आपको, अभी चलो!
मैंने सुमेश जी को उनके बैग से एक वाइट फ्रेंची निकाला कर दी.
सुमेश जी ने उसे पहना और हम दोनों पूल के लिए चल दिए.
पूल हमारे रूम से 2 मिनट की दूरी पर ही था और रात हो चुकी थी तो काफ़ी कम लोग बाहर दिख रहे थे.
मैं और सुमेश जी पूल के पास पहुंच गए.
वहां पहले से ही 3 लड़के पूल में नहा रहे थे.
उनकी उम्र शायद 25-26 की रही होगी.
हम दोनों पूल के पास पहुंच गए.
वे तीनों लड़के मुझे ही देख रहे थे.
जैसा कि मैंने आप लोगों को बताया था कि इस ब्रा पैंटी के सैट में बिल्कुल नंगी लग रही थी.
उन तीनों लड़कों की नजर मेरे ऊपर ही टिकी थी.
वे तीनों मुझे काफ़ी ज्यादा हवस भरी नजरों से देख रहे थे.
मुझे इस बात का अहसास हो चुका था.
उन लड़कों की नजर मेरे बूब्स और मेरी चुत पर ही लगी थी, जिसे मैं साफ देख पा रही थी.
सुमेश जी ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे पूल के अन्दर उतारा और हम दोनों पूल में आ गए.
इस वक़्त पूल के अन्दर हम सिर्फ 5 लोग थे.
दो हम और वे तीनों लड़के.
सुमेश ने मुझे अपनी ओर खींच रखा था और मुझे मेरी कमर पर हाथ रख कर पकड़ा हुआ था.
हम दोनों एक दूसरे के साथ पानी के अन्दर खेलने लगे.
दोनों एक दूसरे के ऊपर पानी की बूंदें फेंक रहे थे और खेल रहे थे.
मैं देख पा रही थी कि पीछे से उन लड़कों की नजर मेरे ऊपर ही थी.
सुमेश बोले- अंजलि, स्विमिंग करें?
मैंने उन्हें हां बोला और हम दोनों ने पूल के अन्दर स्विमिंग की.
जब मैं पानी के अन्दर तैर रही थी तो वे लड़के मेरी नंगी गांड को ही निहार रहे थे.
उन लड़कों का बस ही नहीं चल रहा था वर्ना वे मुझे वहीं पकड़ कर चोद देते.
लगभग 15 मिनट तक स्विमिंग करने के बाद हम दोनों थोड़े थक चुके थे.
इसलिए सुमेश जी और मैं पूल के किनारे पर आ गए.
हम दोनों अभी भी पूल में पानी के अन्दर थे.
सुमेश ने मेरी कमर में फिर से हाथ डाल लिया और मुझे अपनी ओर खींचने लगे.
उनका मूड अब और ज्यादा रोमांटिक हो चला था, जो कि मुझे साफ नजर आ रहा था.
सुमेश ने बिना कुछ सोचे समझे मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रखे और मुझे किस करना शुरू कर दिया.
मैं भी सुमेश का साथ देते हुए उनको किस करने लगी और उनका साथ देने लगी.
हम दोनों एक दूसरे के अन्दर खो चुके थे.
पर उन लड़कों की नजर हम दोनों के पर ही थी और वे सब ललचाए कुत्ते की तरह मुझे ही देख रहे थे.
ये चीज मैं साफ देख पा रही थी.
लगभग 3-4 मिनट किस करने के बाद सुमेश जी का मूड बना चुका था और उनका लंड खड़ा हो चुका था, जो कि मुझे साफ पता चल रहा था.
सुमेश जी ने मेरी ब्रा के पीछे हाथ डाला और मेरी ब्रा की डोरी को खींच कर खोल दिया.
मैं एकदम से शॉक्ड हो गई.
मैंने सुमेश से कहा भी- सुमेश जी, प्लीज ब्रा को मत उतारो आप, यहां पूल के अन्दर पहले से ही 3 लड़के हैं!
सुमेश बोले- अंजू कुछ नहीं होगा, वैसे भी ब्रा के अन्दर से तुम्हारे बूब्स छुप नहीं रहे हैं … और ये लड़के कौन से हम दोनों को जानते हैं. दो दिन बाद तुम खुद दुबई चली जाओगी, फिर कौन तुम्हें जान रहा है!
मुझे भी उनकी बात में दम लगी और मैंने भी उन्हें नहीं रोका.
सुमेश ने मेरी ब्रा की डोरी खोल कर मेरे दोनों बूब्स को मेरी ब्रा से आज़ाद कर दिया.
ब्रा मेरे हाथों से उतार कर पूल के बाहर रख दी.
अब इस वक़्त में पूल में ऊपर से नंगी थी और नीचे से सिर्फ एक छोटी सी लाल पैंटी में थी.
ये कहना गलत नहीं होगा कि हम दोनों ने पूरी तरह से अपनी बेशर्मी दिखा रखी थी.
इस वक्त सुमेश ने मुझे घुमा दिया और उनकी छाती पर मेरी पीठ टच हो रही थी.
मेरे स्तन उन लड़कों के सामने नग्न हो गए थे.
फुल न्यूड शो इन रिसोर्ट में वे सब मेरे मम्मों का अच्छे से दीदार कर रहे थे.
पूल का साफ पानी मेरे बूब्स से नीचे आ रहा था, जिसकी वजह से मेरे दोनों भारी टाइट तने हुए बूब्स उनके सामने नजर आ रहे थे
चूचों के साथ ही मेरे गुलाबी निप्पल भी उनके सामने कड़क हो रहे थे.
मैंने अपने हाथों से निप्पलों को छुपाने की कोशिश भी की पर उसका कोई फ़ायदा नहीं था क्योंकि सुमेश जी मेरे हाथ बार बार मेरे बूब्स पर से हटा रहे थे.
वे तीनों लड़के मुझे स्माइल दे रहे थे और मैंने भी हल्की सी स्माइल से शर्माते हुए उन्हें अपनी मुस्कान पास की.
वे तीनों लड़के इस वक्त मुझे चोदने का ख्वाब सजा रहे होंगे, ये पक्की बात थी.
दोस्तो, आपके लौड़े खड़े हो गए होंगे … चूतों में रस आ गया होगा … है न!
प्लीज मुझे मेल लिखो न … आपकी अंजलि नंगी पूल में आपको अपनी जवानी दिखा रही है और आप मेरी फुल न्यूड शो इन रिसोर्ट कहानी पर कमेंट्स करने में हिचक रहे हैं.
अगला भाग मस्त चुदाई का ही होगा.
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