गर्लफ्रेंड की चुदाई का बदला बहन की चुदाई से- 2

Views: 103 Category: Jawan Ladki By ffor8397 Published: March 16, 2026

न्यू गर्ल सेक्स कहानी में मेरे दोस्त ने मेरी गर्लफ्रेंड को चोदा तो मेरे मन में बदला लेना का था. एक बार उसकी बहन आई तो मैंने उसकी सील तोड़ दी चोद कर.

फ्रेंड्स, मैं अजय आपको अपनी सेक्स कहानी के पहले भाग
मेरे दोस्त ने मेरी गर्लफ्रेंड चोद दी
में यह बता रहा था कि कैसे मेरे ही दोस्त ने मेरी गर्लफ्रेंड को चोद दिया था और अब मुझे उसी दोस्त की बहन चोदने का अवसर मिल गया था.
अब तक आपने पढ़ लिया था कि उस दिन सभी लोग फ्लैट से चले गए थे. फ्लैट में नदीम की बहन नफीसा ही रह गई थी.
मेरे मन में विचार बन गया कि आज नफीसा की चुदाई करने का सही मौका है.
मुझे यह नहीं पता था कि वह भी मुझसे चुदवाने के लिए मरी जा रही है.

अब आगे न्यू गर्ल सेक्स कहानी:

सबके जाने के बाद मैंने नफीसा के रूम का दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई.
मैंने दोबारा खटखटाया तो वह टॉवल लपेट कर गीली अवस्था में बाहर आई.

उसने गेट खोला और मुस्कुरा कर बोली- जी भैया, बताइए!
मैंने उसको देखा और देखता रह गया.

टॉवल चूचियों से घुटने के ऊपर तक लिपटी थी और उसका गोरा बदन पानी से भीगा था.

उसने मुझे देखा कि कैसे मैं उसके बदन को पाने की चाहत से देख रहा था.

आपको तो पता ही है कि लंड को जब चूत का चस्का लग जाता है तो वह बेशर्म बन जाता है!
मेरा लंड भी उस वक्त मेरा शॉर्ट्स फाड़ने को तैयार था, तन कर एकदम मोटा लंबा पाइप हो रखा था.

मैं आपको बता दूँ कि मेरा लंड जबरदस्त है – बड़ा, मोटा और एकदम खूबसूरत.
यकीन मानिए, एक बार मेरा लंड देखकर लड़कियां अपनी चूत खुजलाने लगती हैं और चुदाई के बाद लंड की गुलाम हो जाती हैं.

मैं उसे चुदासी नजरों से देख ही रहा था कि उसने फिर से कहा- भैया बताइए न … मुझे नहाना है … क्या आपको अभी कुछ काम है?

मैं उसका बदन देख आपे से बाहर था.
मैं कुछ नहीं बोला, बस हाथ बढ़ा कर उसकी टॉवल खोल दी.

वह कुछ समझ पाती कि मैंने अपना मुँह आगे करके उसकी एक चूची पर अपना मुँह लगा दिया और बच्चे की तरह चूसने लगा.
उसके बदन पर हाथ चलाने लगा.

इस हमले के लिए वह तैयार नहीं थी.
उसने मुझे धक्का दिया, हल्का पीछे हो गई.
वह बोली- क्या कर रहे हैं आप?

मैंने सुन कर भी उसकी बात को अनसुना कर दिया और खींचकर उसको खुद से चिपका लिया.
इस बार मैं उसकी दूसरी चूची चूसने लगा.
यकीन मानिए, दुबारा में उसने मुझे एक मिनट चूची चुसाई और फिर धक्का देकर अलग किया.

नफीसा मुझसे दूर खड़ी हो गई और बोली- भाई मानती हूँ आपको!
मैं फिर कुछ नहीं बोला.

इस बार उसके होंठों को चूसने लगा. कमाल का रस था उसके होंठों में, मैं चूस-चूस कर उसका रस पीने लगा और वह कुछ नहीं बोली.

दस मिनट उसके रस का पान करके मैं उससे अलग हो गया.

वह बिना बोले वॉशरूम में चली गई, मैं उसके पीछे-पीछे उसके साथ बाथरूम में आ गया.
उधर उसको पीछे से पकड़ कर दीवार पर चिपका कर उल्टा खड़ा कर दिया और गर्दन को चूमने लगा.

नफीसा का सुंदर बदन मेरे लंड में आग लगा रहा था.

मैंने पीछे से उसकी चूचियां अपने दोनों हाथों से पकड़ लीं और संतरे की तरह निचोड़ दिया.
वह तड़प गई.

अब बारी थी उसकी चुदाई की.

मैंने उसकी गांड पर चांटा बजाया और हल्की सी गांड दबा दी.
अपने कड़क लंड को चूत पर सैट किया और घुसाने लगा.

उसकी कसी हुई चूत थी, लंड छिटक कर बाहर आ गया.

मैं बोला- नफीसा, तेरी चूत तो बड़ी टाइट है रे … सील पैक है क्या?
वह कुछ नहीं बोली.

मैंने उसको दोनों हाथों से उठा लिया और लाकर बेड पर गीला ही पटक दिया.
अब वह नंगी पर लेटी थी और मैं अपने कपड़े उतार कर उसके सामने खड़ा था.

मेरा अनकट लंड देखकर उसके मुँह से आवाज निकल गई- बाप रे बहुत बड़ा है आपका … मैं नहीं ले पाऊंगी आपका लंड!

मैं उसकी चूत देखकर पहले ही पागल हो चुका था.
उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे और एकदम गोरी बुर थी.

मैं उसकी टांगें फैलाकर उसकी टांगों के बीच आ गया और चुत पर अपना मुँह लगा दिया.

मैं उसकी चूत की फांकों को जीभ से कुतरने लगा और मस्ती से चाटने लगा.
उसकी चूत गीली होने लगी और वह मस्त होकर कामुक सिसकारियां लेने लगी.

फिर मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और उंगली से उसको चोदने लगा.

मेरी उंगली उसकी टाइट चूत में मुश्किल से घुस पा रही थी और वह मीठे दर्द से मस्त होकर आहें भर रही थी.

मैं बोला- लगता है तुम्हारी चूत रानी ने आज तक लंड के दर्शन नहीं किए!
वह बोली- नहीं, कभी मौका नहीं मिला भैया. और आपका लंड देखके मुझे डर लग रहा है!

मैं बोला- भाई बोल रही थी … अभी तेरा मुँहबोला भाई तुझे मुँह में देगा और बहनचोद बनेगा!
वह हंस दी और होंठ दबा कर बोली- हमारे में भाई .. कब जान बन जाता है, क्या यह आपको मालूम नहीं है!

अब मैं उसे चोदने के मूड में आ चुका था.
मैंने उसकी टांगें फैलाईं और लंड पर उसको बोला- थूक से मेरे लंड को और गीला कर!

उसने झटके से लंड मुँह में भर लिया और चाट चाट कर मेरे लंड को पूरा गीला कर दिया.
उसके बाद मैंने लंड को चूत की फांकों पर धरा और पूरी ताकत से चूत में धकेल दिया.

मेरा पूरा लंड नदीम की बहन की चूत को फाड़ता हुआ गड़ता चला गया.

बल्कि ये कहना ठीक होगा कि मैंने लंड के प्रहार से नफीसा की प्यारी पर्दानशीं बहन की चूत फाड़ दी थी.

वह लंड का ये झटका सह नहीं पाई और दर्द से चिल्लाने लगी- आह्ह्ह मर गई अम्मी रे … आह!
लेकिन मैं उसको उसी दर्द में चोदता रहा.

मैं उसे अपनी बेगम समझ कर चोद रहा था और वह भी सब रिश्ते भुलाकर अपने ‘भैया’ का लंड मजे से चखती रही.

न्यू गर्ल सेक्स का दर्द खत्म होते ही वह मुझसे ऐसे लिपट-लिपट कर चुदवाने लगी, जैसे मेरी गर्लफ्रेंड हो.

उसकी लंड की भूख देख कर ये अहसास हुआ कि क्यों लड़कियां अपने भाई से भी चुद लेती हैं.

मैं नफीसा को सहलाता-सहलाता, बहलाता-बहलाता, घोड़ी बनाता, मेंढकी बनाता – धक्कम-पेल तरीके से डेढ़ घंटे तक चोदता रहा और नफीसा इस चुदाई से दो बार झड़ी.

उस दिन चुत फट गई और लाल रंग से तर हो गई.
वह बड़ी खुश थी और दुबारा से भी चुदी.

फिर मैंने अपने लंड को आराम दिया, लंड बाहर निकाला और उसको अपना पूरा वीर्य पिला दिया.

नफीसा ने पूरा लंड चाटकर एकदम साफ कर दिया और बगल में लेट कर सो गई.

फिर मैंने नदीम को फोन किया और बोला- भाई, शिखा की चूत कैसी लग रही तुमको?

वह थोड़ा चौंका और बोला- मलाई है एकदम!
मैं बोला- भाई, नफीसा की चूत भी मक्खन है … साली को मथ कर आनन्द आ गया!

फोन की दूसरी तरफ सन्नाटा था और कुछ देर बाद उसकी आवाज आई- बहन ही चोद दी भाई … सही है भोसड़ी के पहले गर्लफ्रेंड ही चोद लेता!
यह कह कर उसने फोन काट दिया.

अब मैंने एक घंटे बाद नफीसा को उठाया और उसको नहलाने ले आया.
पानी में भीगते हुए उसको चोद चोद कर नहलाने लगा.
बाथरूम फच-फच की आवाज से गूंज रहा था.

तभी नदीम शिखा को लेकर बाथरूम में आ गया.
हम तीनों रूममेट्स के पास फ्लैट की चाबी है ताकि कोई आए-जाए, रहे-न-रहे, चाबी का झंझट ना हो.

जिसको जब लाना है, जिसको लाना है – लाओ और बजाओ, लेकिन हमें डिस्टर्ब ना करो.

नदीम शिखा को लेकर बाथरूम में आ गया और उसको मेरे सामने पूरी नंगी करके अपना लंड उसके मुँह में पेलने लगा.
नदीम को अन्दर आता देख कर नफीसा जरा हिचकिचाई लेकिन मैंने उसे अपने लंड पर दबा लिया.

वह चुपचाप अपने भाई की मौजूदगी में मेरे लंड से खेलने लगी.

उधर शिखा नदीम की जबरन मुँह चुदाई से हलकान होने लगी थी और उसकी आंखों से आंसू आने लगे थे.

लेकिन शिखा एक खेली खाई लौंडिया थी तो उसने नदीम का लंड आसानी से मुँह में भर लिया … जो कि एक तरह से पूरा अन्दर जा ही नहीं रहा था.

अब मैंने नफीसा को घुमाया और उसका चेहरा नदीम की तरफ करके उसके बाल खींचे और पीछे से लंड उसकी चूत में डाल कर उसको उचका दिया.

नफीसा मेरे लंड पर 30 सेकंड के लिए टंग गई.
फिर मैंने उसको घुमा कर दीवार पर चिपका दिया और उसकी चुत को बजाने लगा.
नफीसा मस्ती में चिल्लाने लगी.

अब तक नदीम को भी जोश आ गया था.
नदीम ने शिखा को फर्श पर लिटाकर लंड पेल दिया और चोदने लगा.

शिखा भी मस्त होकर आहें भरने लगी, वह भी नदीम को मस्त होकर चूत दे रही थी.

कुछ देर बाद मैंने नफीसा को सीधा किया और दीवार पर सीधा खड़ा करके एक टांग को उठाकर उसको चोदने लगा.
उसकी चूचियां पीने लगा.

वह मस्ती में पागल होकर मेरे कान काटने लगी, मेरे सिर को प्यार से सहलाने लगी और कुछ ही मिनट बाद झड़ भी गई.
अब मैंने अपना लंड निकाला और नफीसा के मुँह में दे दिया. मैंने लंड को चूसने को बोला.

उधर शिखा ने नदीम की गांड फाड़ रखी थी.
नदीम को गिरा कर शिखा उसके लंड की सवारी कर रही थी और जोर-जोर से गांड में लंड घुसवा रही थी.

नदीम मस्त होकर गांड मार रहा था.
वह थोड़ी देर में झड़ गया.

वह इतना आउट ऑफ कंट्रोल था कि शिखा की गांड में ही झड़ गया और बाथरूम से बाहर चला गया.

अपने भाई के बाहर जाते ही नफीसा बिंदास हो गई और मस्त होकर मेरा लंड चूसने लगी थी.
तभी शिखा खड़ी हुई और उसने नफीसा के बाल पकड़ कर उसे अपनी तरफ घुमा लिया.

वह उससे अपनी चूत चुसवाने लगी.
उसकी चुत में नफीसा के लौड़े का रस भरा था तो नफीसा अपने भाई का माल चूसने लगी थी.

अपनी चुत चुसवाने के साथ ही शिखा मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर हिलाने लगी और मुझे चूमने लगी.

नफीसा ने जब शिखा की चूत को चाटकर साफ कर दिया तो शिखा ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे झटक दिया.
मैं उसका इशारा समझ गया और अपनी दोनों टांगें फैला कर फर्श पर ही लेट गया.

शिखा मेरा लंड चूसने लगी.

फिर वह अपनी चुत चाटे जाने से वापस गर्म हो गई तो वह मेरे लंड पर अपनी चुत फंसा कर बैठ गई और मेरे लंड की सवारी करने लगी.
आज शिखा मूड में थी और उसको पता था कि उसका मूड मैं ही मजेदार कर सकता हूँ.

उधर नफीसा अपनी चुत में उंगली करती हुई हम दोनों की चुदाई देखने का मजा लेने लगी.
उसे चुदाई देखते हुए शिखा ने हंस कर पूछा- अपने भाई के लंड कर रस कैसा लगा मेरी बन्नो … मजा आया?

शायद उसे इस बात का ध्यान ही नहीं रहा था कि वह शिखा की चुत जब चूस रही थी तो शिखा की चुत में उसके भाई का वीर्य भरा हुआ था, जिसे उसने चूसा था.
अपने भाई का वीर्य चूसने की बात सुनकर नफीसा शर्मा गई और अनजाने में ही उसकी जीभ ने उसके होंठों पर एक बार पुनः फेर कर उसकी कारस्तानी की चुगली कर दी.

वह उठ कर बाहर चली गई.
इसके बाद मैंने शिखा को आधा घंटा तक हचक कर चोदा और हम दोनों एक साथ झड़ गए.

हम दोनों उठ कर अपने रूम में आ गए.
इस तरह से मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने का बदला नदीम की बहन की सीलबंद चूत चोद कर ले लिया था.

उसके बाद हम तीनों रूममेट्स ने मिलकर एक-दूसरे की गर्लफ्रेंड बजाई.
मैंने और मेरे दोस्त ने मिलकर नदीम की बहन नफीसा को आगे पीछे से एक साथ चोदा … और ये सब कैसे हुआ वह सब अगले भाग में लिखूँगा.

मुझे अपनी इस न्यू गर्ल सेक्स कहानी पर आपके कमेंट्स का इंतजार रहेगा.
आप चाहें तो मेल भी कर सकते हैं.
ffor8397@gmail.com

You May Also Like

कभी कभी जीतने के लिए चुदना भी पड़ता है-1
Views: 113 Category: Jawan Ladki Author: suhani.kumari.cutie Published: February 26, 2026

कॉलेज गर्ल सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि क्या हुआ जब मुझे एक क्विज टीम लीडर बनाया. पर हमारी टीम में दम नहीं था. प्रिंसिपल ने कहा क…

कभी कभी जीतने के लिए चुदना भी पड़ता है-3
Views: 114 Category: Jawan Ladki Author: suhani.kumari.cutie Published: February 28, 2026

नंगी चूत की चुदाई स्टोरी में पढ़ें कि कैसे एक लड़की प्रतियोगिता जीतने के लिए अपने प्रतिस्पर्धी से चुदाई का सौदा करती है. कैसे …

Comments