गांव की माल सरीखी चाची को चोद दिया

Views: 113 Category: Padosi By RaatKiBaat Published: March 05, 2026

चाची Xxx सेक्स कहानी में मेरे पड़ोस में एक सेक्सी माल चाची रहती हैं. गाँव के लौंडे उन्हें चोदने की फ़िराक में थे. मैं भी उन्हें लाइन मारने लगा. वे मुस्कुराने लगी.

मेरा नाम अमरेन्द्र है.
मैं बिहार के सिवान जिले का रहने वाला हूँ.

आज जो सेक्स कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ, वह मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली सबिता चाची की है.

इस चाची Xxx सेक्स कहानी में सिर्फ़ नाम काल्पनिक हैं, बाकी सब कुछ बिल्कुल वास्तविक है.

मेरी उम्र 26 साल है और हाइट 5 फीट 5 इंच.
सबिता चाची की उम्र 35 साल है.
वे खुलते गोरे कहूँ या हल्के सांवले रंग की कहूँ … पर बड़ी मस्त माल हैं.

चाची का कद पांच फीट एक इंच है और फिगर 34-30-36 का कमाल का है.

उनके पीछे मुहल्ले के दो जवान मर्द और तीन जवान लड़के हमेशा पड़े रहते थे.

इस कहानी की शुरुआत उन्हीं पीछे पड़े लोगों की बातों से हुई.

सर्दियों का समय था.
वे पांचों आग जलाकर हाथ सेंक रहे थे.

मैं भी आग का मज़ा लेने वहां पहुंच गया.
वहां सबिता चाची की जवानी और उनके गदराए हुए बदन की बात चल रही थी.

वे सब यही बोल रहे थे कि किसी तरह वह माल पट जाए, तो उसकी जवानी का मज़ा लिया जा सके.
उन सबकी बातें सुनकर मेरे अन्दर भी उन्हें चोदने की लालसा जागने लगी.

मैं तो मुहल्ले का बहुत शरीफ लड़का माना जाता था.
लेकिन उसके बाद मेरा उन्हें देखने का नज़रिया पूरी तरह बदल गया.

कमाल तो तब हुआ जब चाची ने भी इसमें पूरा सहयोग दिया.
मैं उन्हें आते जाते देखने लगा था.

औरतों को शायद यह वरदान है कि वे मर्दों की नजरों से ही समझ लेती हैं कि वह उनके बारे में क्या सोच रहा है.
चाची ने भी मेरी पिपासु नजरों को देख कर समझ लिया था कि मैं उन्हें चुदाई की दृष्टि से देखता हूँ.

गांव में हम सब आपस में एक दूसरे को भली भांति जानते हैं और बात करने में कोई गुरेज भी नहीं करते हैं.

इसलिए चाची मुझे देख कर हल्की सी स्माइल करने लगी थीं.
उनकी स्माइल देख कर मुझे अच्छा तो लगता था लेकिन गांड फट जाती थी कि ये क्यों मुस्कुराईं.

इस तरह से वे खुद धीरे-धीरे मेरे नज़दीक आने लगी थीं.
लेकिन मेरी हिम्मत आगे बढ़ने की जरा सी भी न होती थी.

एक दिन मैं अपने दरवाजे पर खाट बिछा कर उस पर बैठा था.
सबिता चाची मेरे द्वारे से होती हुई खेत की तरफ़ जा रही थीं.

जैसे ही वे मुझे घूरती हुई सामने से गुज़रीं, अचानक मेरी आंख की पलक पर एक मक्खी आ बैठी और मेरी वह आंख मिचक कर बंद हो गई.
चाची मुस्कुराती हुई चली गईं.

मैं समझ नहीं पाया कि मसला क्या हुआ, चाची क्यों मुस्कुराईं.
बाद में चाची ने ही बताया था कि वे समझी थीं कि मैंने उन्हें आंख मार कर इशारा किया था.

अब यह तो ऊपर वाले का ही करम था कि चाची की चुत के लिए मेरा लंड सैट कर दिया गया था.

माया महा ठगनी.

खैर … जो भी हुआ, वह मेरे फ़ेवर का ही हुआ था.

उसके बाद वे अपने फोन में रिचार्ज करवाने के बहाने मेरे पास आईं.
गूगल पे से रिचार्ज करवाने के नाम पर उन्होंने मेरा नंबर ले लिया.

रिचार्ज चेक करवाने के बहाने उन्होंने मुझसे अपने नंबर पर कॉल भी करवाई.

अब उनकी तरफ से शुरू हो गया मिस्ड कॉल और व्हाट्सएप वीडियो कॉल का सिलसिला.
वह भी रात को!

लेकिन मैं इतना बड़ा वाला फट्टू था कि रात को न कॉलबैक करता था, न वीडियो कॉल रिसीव करता था.
मुझे न जाने कौन सा भय समाया हुआ था कि गांड फट कर फ्लावर हो जाती थी.

ऐसे ही कुछ समय निकल गया.

एक दिन सुबह 5 बजे के वक्त जब हल्का अंधेरा था, मैं गांव से बाहर टहलने निकला.
आस-पास कोई नहीं था.

तभी सबिता चाची सामने से आईं और एकदम से मुझसे टकरा गईं.

वे मेरे इतनी पास आकर चिपक गई थीं कि उनके दोनों चूचे मेरे सीने से रगड़ने लगे.
चाची के रसभरे दूध का मादक अहसास पाते ही मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया.

मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
वे मुझे टटोल कर इधर उधर की बातें करने लगीं कि कितना गहन अंधेरा है, कुछ दिखाई ही दिया.

मैंने हूँ हां की.

तभी अचानक से चाची अपनी पड़ोसन के अफेयर की बातें करने लगीं- तुमको पता है कि मेरे बाजू वाली का सरपंच के लौंडे से चक्कर चल रहा है!

मैं हतप्रभ था कि साला यह क्या बात हुई.
मैं ठहरा फ़ट्टू सो अपना मुँह सिले चुपचाप उनकी बकचोदी सुनता रहा.

उनके मम्मों का अहसास तो मुझे उस वक्त हो ही रहा था ऊपर से चाची मेर साथ एकदम चिपक कर खड़ी थीं तो उनका एक दूध मेरी बांह से रगड़ खा रहा था.
मेरी हालत खराब हो गई थी.
जैसे-तैसे मैं खुद को कंट्रोल करके वहां से तेज़ी से भागा.

चाची के मम्मों का वह इतना मादक अहसास हुआ था कि अगली कुछ रातों तक मुझे नींद ही नहीं आई.
फिर एक रात मैंने पक्का मन बना लिया कि आज रात कुछ भी हो जाए, बात कर लूँगा!

करीब 11:30 बजे उनका मिस्ड कॉल आया.
मैंने हिम्मत करके कॉलबैक किया.
उन्होंने झट से रिसीव कर लिया और ऐसे बात घुमाई जैसे रात को कॉल करना आम बात हो.

वे बोलीं- कल रिचार्ज खत्म हो जाएगा, रिचार्ज कर देना.

मुझे कुछ बोलने की हिम्मत ही नहीं हुई.
रात वैसे ही बेचैनी में निकल गई.

अगली रात कोई कॉल नहीं आई.
जब मुझसे और नहीं रहा गया, तो रात 1 बजे मैंने दो बार कॉल किया … लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया.

फिर मैं सो गया.
सुबह 5 बजे अज्ञात नंबर से कॉल आया.
मैंने रिसीव किया.

सीधे सवाल पूछा गया- आजकल नींद नहीं आ रही है क्या रात को?

मैंने गौर किया … ये आवाज तो सबिता चाची थी.
बस नंबर दूसरा था.

मैंने हकलाते हुए जवाब दिया- न..नहीं … हां वह नींद नहीं आ रही थी!

उन्होंने कहा- मैं मायके में हूँ, मम्मी के मोबाइल से कॉल की हूँ. अब रखती हूँ, रिचार्ज कर दो!

कॉल कटते ही मैंने झट से उनके फोन पर रिचार्ज कर दिया और हिम्मत करके, मन बदलने से पहले व्हाट्सएप पर एक ही मैसेज कर दिया ‘आई लव यू!’

मैसेज करने के दस मिनट बाद वह मैसेज सीन भी हो गया … लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आया.

उसी दिन वे मायके से गांव वापस आ गईं.
उनका कोई जवाब नहीं मिलने की वजह से मेरी हालत खराब थी.

जैसे-तैसे दिन निकला, रात हुई तो थोड़ी राहत मिली.

रात को इंतज़ार करते-करते जब कोई कॉल नहीं आई.
तो मैंने सोचा कि अब क्या डरना है?
जो कहना था, वह तो बोल ही चुका हूँ.

लगभग एक बजे मैंने मिस्ड कॉल की और उसके बाद मैसेज करके चाची को घर आने को बोला.

मेरे घर में मैं बाहर वाले कमरे में ही लेटता हूँ और घर के सारे सदस्य अन्दर अपने अपने कमरों में सोते हैं.

मैं मैसेज करके चाची को फोन लगाने की सोच ही रहा था कि उसी वक्त उनका कॉलबैक आ गया.

वे समाज की बात करने लगीं- लोगों को पता चल गया तो वे क्या बोलेंगे?
मैंने उनकी एक न सुनी और जैसे-तैसे उन्हें आने के लिए राज़ी कर लिया.

सुबह तकरीबन 4 बजे वे मेरे पास आ गईं.
चाची के आते ही मैं उन पर टूट पड़ा.

कभी होंठ, कभी गाल, गर्दन तक … हाथ पता नहीं कब चूचियों से चूत तक पहुंच गया.
वे मुझे अपने दूध निकाल कर चुसवाने लगीं और मैं भी चाची के रसभरे मम्मों को चूस कर मजा लेने लगा.

मेरी गांड फटने का आलम यह था कि बस लग रहा था कि कोई जाग न जाए … क्योंकि गांवों में सब कोई जल्दी ही उठ जाता है और खास तौर से महिलाएं शौच के लिए खेतों में मुँह अंधेरे निकलती हैं.

चाची भी लोटा लेकर ही मेरे पास आई थीं कि कहीं कोई उन्हें देख कर कुछ गलत न समझे.

कुछ देर बाद मैं कपड़ों के ऊपर से ही चाची की चूत सहलाने लगा.
वे भी मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगीं.

जैसे ही मेरा लंड उनकी चूत में घुसने को बेकरार हुआ और मैंने पैंट खोली, वे भोर होने का बहाना बनाकर अपने घर भाग गईं.
मेरा लंड खड़ा का खड़ा रह गया.

अगली रात को ग्यारह बजे वे बड़े मस्त मूड में आईं.

हम दोनों में चुम्मा-चाटी शुरू हुई.
मेरा लंड खड़ा होकर सलामी देने लगा, चूत फाड़ने की इजाज़त मांगने लगा.

जैसे ही मैंने देखा कि उनकी चूत लंड लेने को बेताब हो गई है.
मैंने झट से साड़ी को पेटीकोट समेत ऊपर उठाया, उन्हें बेड पर लिटाया. चूत के छेद पर लंड का टोपा रखकर रगड़ने लगा.

वे बेचैनी से चिल्ला उठीं- आह अमरेन्द्र … रुकना नहीं … जल्दी से पेल डालो … बर्दाश्त नहीं हो रहा अब … तुम्हारी चाची की चूत ने एक साल से कोई लंड नहीं लिया है. जल्दी डालो … अपनी चाची की चूत की आग ठंडी कर दो!

मैंने भी बिना देर किए धीरे से लंड का टोपा अन्दर पेल दिया … और टोपा घुसते ही मैंने बिना रुके एक ज़ोरदार झटके में पूरा लंड पेल दिया.
चाची की जोरदार आह निकली- आह्ह्ह फट गई

मैंने उनकी आवाज सुने बिना उन्हें जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया.
चाची कुछ ही पलों में आहें भरने लगीं- ओह्ह … आह्ह … अ … अम … अमरेन्द्र … आह्ह … चोद दे अपनी चाची जान को और तेज़ आह.

मैंने रफ़्तार और बढ़ा दी.
चाची की कामुक सिसकारियां बढ़ती गईं- उह … अह … अमरेन्द्र … ओह्ह अपनी चाची को अपनी रंडी समझ के चोद दे अह … आ … उ … आह्ह!

तकरीबन 15 मिनट ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैं झड़ने को हो गया.
मैंने पूछा- रस कहां गिराऊं?
उन्होंने बोला- चाची चोद साले चाची की चूत की गर्मी ठंडी कर … चूत में ही गिरा … और हां … निकालना नहीं है … वैसे ही चोदता रह, जब तक मैं न बोलूँ.

मेरे झड़ने के करीब एक मिनट बाद तक मैं वैसे ही चाची की चुत को रगड़ कर चोदता रहा.

फिर चाची ने जोर से आह भरी ‘उ … आह्ह … उस … उस … ओह्ह.’
चाची Xxx सेक्स करके झड़ गईं.

उसके बाद वे उठीं, अपनी साड़ी ठीक की और बोलीं- बहुत मज़ा आया अमरेन्द्र … अब तो तुम भी खुश हो न?
मैंने कहा- हां.

यह कह कर मैं उनसे लिपट गया.

तब उन्होंने बताया- परसों तुम्हारे चाचा बाहर से वापस आ रहे हैं. अब जो भी करना होगा … बच कर करना होगा.

तब से जब भी मौका मिलता है … चाची की चूत चोद लेता हूँ.
उनकी चुदाई के दौरान मैंने उन्हें बताया कि गांव के कितने लौड़े उनकी चुत चुदाई की फिराक में हैं.

उस पर उन्होंने मुस्कुरा कर कहा था- मुझे मालूम है … मगर वे सब मुझे चोद कर पूरे गांव में मेरी बदनामी करते. इसलिए मैं किसी से नहीं चुद सकती थी. तुम मुझे प्यार भी करते हो और मुझे बदनाम भी करोगे.

उसी वक्त चाची ने मेरी आंख मारने वाली बात भी मुझसे कही थी तो मैं बस मुस्कुरा कर रह गया था.

दोस्तो, आपको मेरी यह सच्ची चाची Xxx सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज अपने कमेंट्स जरूर करें.

लेखक के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं दी जा रही है.

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