गांव की लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और सेक्स

Views: 81 Category: Koi Mil Gaya By anilkotwal905 Published: August 27, 2026 📖 7 min read
Share
Text size:

देसी गर्ल्स ग्रुप सेक्स कहानी में हमारा घर खेतों में है. सूर्योदय से पहले गाँव की लड़कियां खेतों में शौच के लिए आती थी. मैं उनकी नंगी गांड देखा करता था.

दोस्तो, मेरा नाम सुरेश है.

यह देसी गर्ल्स ग्रुप सेक्स कहानी उस वक्त की है जब मैं एक छोटे से गांव में रहता था.

मेरी फैमिली में सिर्फ मम्मी, पापा और मैं ही थे.
मैं अकेला लड़का था और बहुत ही लाड़ला था.
मेरी उम्र 18 हो गई थी और अब मैं कॉलेज देख रहा था.

पापा ने गांव की आबादी से दूर खेत के बगल में ही घर खरीद लिया था.
पहले तो हम सब गांव में रहते थे जहां बहुत पड़ोसी थे लेकिन खेत पर घर लेने से सिर्फ खेत ही खेत थे, किसी और के घर नहीं थे.

हमारा गांव बहुत पिछड़ा हुआ था, यहां आधे से ज़्यादा लोगों के घर में शौचालय नहीं था.
इसलिए सुबह बहुत सारे लोग शौच के लिए निकलते थे.

बिजली की भी बहुत समस्या थी.

रात को तो समझो कभी आती ही नहीं थी, जिसके कारण हमें छत पर सोना पड़ता था.

एक सुबह जब मैं छत पर सो रहा था तो चिड़िया चहचहाने की आवाज़ से जग गया.

मैंने छत से ही खेत की तरफ देखा.
वहां पर मेरी ही उम्र की एक लड़की, जो सलवार-कमीज़ पहने हुई लोटा लेकर जा रही थी.

मेरे दिमाग में उसके लिए अश्लील ख्याल आने लगे.
लेकिन तभी मैंने देखा कि उसके आगे कुछ और लड़कियां भी जा रही थीं,

वे सब सुबह बहुत जल्दी ही दिशा मैदान करने निकलती थीं ताकि कोई आदमी न देख ले.
सुबह 5 बज रहे थे.

मेरा मन दिन भर इसी बात में घूम रहा था.
मेरी सोच बहुत गंदी हो रही थी.

दूसरे दिन जब मैं छत पर सो रहा था तो मैंने 4:30 का अलार्म लगा लिया था.

सुबह जागा तो देखता हूँ 5-6 लड़कियां लोटा लिए आ रही थीं.

मैंने उन्हें देख लिया जबकि उन्होंने मुझे नहीं देखा था.
ये खेत मेरा था इसलिए मुझे किसी का डर नहीं था.

वे सब लड़कियां तो बिल्कुल मेरे खेत में ही घुस गईं.
उस वक्त तो खेत में कुछ भी नहीं लगा था.
वह जून का महीना था, गेहूँ कट गया था, तो खेत खाली पड़े थे.

सारी लड़कियां खेत के बीच में साथ बैठकर हगने लगीं.
मेरे खेत में बिजूका लगा था, वे सब उसी के पास बैठ गई थीं.

बिजूका वह होता है, आदमी की शक्ल कर बना कर खेत में लगा दिया जाता है ताकि जानवर या पक्षी उसे देख कर फसल खराब करने न आ सकें.

मुझे छत से उन लड़कियों की गांड दिख रही थी.
उनकी गोरी गांड देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था.

कुछ देर बाद वे सब चली गईं.

अब मेरे मन में एक गंदा विचार आया.
मैंने सोचा कि मैं अपने लिए बिजूका बना लूँगा और उसको पहन कर वहीं पर खड़ा हो जाऊंगा.
मैंने जैसा सोचा, वैसा ही किया.

मैंने बिजूके की पोशाक बना ली और सुबह 4:00 बजे अलार्म लगा दिया.

जब मैं जागा तो कोई नहीं आया था.
मैं जल्दी से खेत में चला गया और पुराना बिजूका हटा दिया.

नए बिजूके की पोशाक पहन कर मैं खुद खड़ा हो गया.

कुछ मिनट बाद ही लड़कियां आने लगीं और मेरे चारों तरफ गांड दिखाकर बैठ गईं.

एक साथ इतनी सारी गांड देखकर तो मैं पागल ही हो रहा था.

अचानक से मेरा लंड खड़ा हो गया और पैंट में ही तन गया.
मेरे सामने एक लड़की चुत दिखाती हुई बैठी थी और टॉयलेट कर रही थी.

तभी वह अपनी सहेली से कहने लगी- ये बिजूका आज कुछ अजीब नहीं लग रहा?
दूसरी लड़की बोली- हां, नया लगा दिया शायद!

पहली लड़की बोली- मुझे तो ये कुछ ज्यादा ही अजीब लग रहा है और इसके पैंट में तो देखो … कुछ हिल सा रहा है!
सब लड़कियां घबरा गईं और कहने लगीं- जल्दी टट्टी करो और निकलो .. किसी ने देख लिया तो समस्या हो जाएगी!

सारी लड़कियां चली गईं.
लेकिन पहली लड़की मेरी पैंट को घूरती हुई मेरे ऊपरी कपड़े के पकड़ने के लिए आगे को बढ़ी.

मैं जरा भी नहीं हिला, लेकिन उत्तेजना में मेरे लंड से पानी निकल गया और वह समझ गई कि ये बिजूका नहीं है कोई मर्द खड़ा है.

वह तुरंत भाग गई.

मैं भी हड़बड़ा गया था कि कहीं कुछ बवाल न हो जाए, तो मैं अपने घर में आ गया.
मैंने पैंट को साफ किया.

अब मुझे डर लग रहा था कि कहीं वह लड़की सबको बता न दे.

अगले दिन मैं खेत में नहीं गया.
निश्चित समय पर वह लड़की वहां पुनः टट्टी करने आई थी.

आज वह लड़की सिर्फ बिजूका को ही देख रही थी.
तभी उसने इधर उधर देखा और अचानक से ऊपर नजर उठाई तो उसने मुझे छत पर खड़ा देख लिया.

मैं झट से छुप गया!

थोड़ी देर बाद वे सब आईं और टट्टी करके चली गईं.

उसी दिन जब मैं खेत में बीज डालने आया, तो वह लड़की मेरे पास आई और कहने लगी- तुम्हारी माँ को बता दूँ तुम्हारी हरकत?
मैं डर गया और मैंने उससे कहा- ऐसा कुछ मत करना, तुम्हें जो चाहिए हो, मैं दे दूँगा.

वह इठला कर कहने लगी- तो आओ मेरे साथ फिर!

अब वह मुझे उन 5 लड़कियों के पास ले गई जो सुबह टट्टी करने आती थीं.

वह सब मुझे ताने देने लगीं और एक कहने लगी- बहुत शौक है न लड़की की गांड देखने का? हम भी तुमको नंगा करके देखेंगे!

मैंने बहुत हाथ जोड़े, लेकिन वे नहीं मानीं.
उनमें से 3 लड़कियों ने मुझे पकड़ा और कुछ दूरी पर बने एक कमरे में ले गईं.

उधर सबने मिल कर मेरे कपड़े उतार दिए.

डर के मारे मेरा लंड उस वक्त खड़ा ही नहीं हो सका था.
मैंने कहा- अब जाने दो मुझे!

पहली वाली लड़की बोली- नहीं, पहले अपने इसको खड़ा करो, तभी जाने देंगी.
मैंने कहा- मुझे छोड़ दो, प्लीज जाने दो!

एक ने बाकी के कान में कुछ कहा, तो सबने मान लिया.
अब सब लड़कियों ने अपने अपने ऊपर वाले कपड़े उतार दिए और मुझे अपने दूध दबा दबा कर दिखाने लगीं.

उनकी रसभरी चूचियों को देख कर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.
मेरा लंड सवा सात इंच का है.

लड़कियों ने खड़े लंड को देखा तो वे सब मुझसे चिपक गईं और मेरा लंड पकड़ने लगीं.
एक ने नीचे बैठ कर मेरे लंड को मुँह में ले लिया और वह मस्ती से लंड चाटने लगी.

दो लड़कियां अपने दूध मेरे मुँह के पास लाकर बूब्स चाटने चूसने को कह रही थीं.

अब मैं समझ गया था कि इन सब लड़कियों को ऐसा लड़का चाहिए जो उन्हें चोद सके.

मैंने सबकी गांड देखी थी तो मुझे भी उन्हें चोदने का मन हो गया था.

उस दिन मैंने उनमें से 3 लड़कियों को अलग अलग करके चोदा.
बाकी की दो लड़कियां चुदने से रह गई थीं क्योंकि मेरे लंड ने जवाब दे दिया था.

उन तीन लड़कियों को चोदने में भी मेरे झड़े लंड को खड़ा करने में चुदने को मचलती लड़की मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसती और लौड़े को खड़ा करती.
फिर वह लंड पर अपनी चुत सैट करके अन्दर लेती और चुदाई करने के लिए लंड की सवारी करती.

इस तरह से दो चुद चुकी थीं.

तीसरी ने चुदने से पहले मेरे मुँह पर अपनी चुत रख दी थी.
इस तरह से मैंने तीनों लड़कियों को जम कर चोदा.

बाकी बची दो का नंबर अगले दिन चुदने का तय हो गया था.

वे भी चुदने आईं और मैंने भी उन्हें हचक कर दो दो बार चोदा.

उन सबकी चूचियां बहुत बड़ी बड़ी थीं और चुतें भी मस्त थीं.
मैंने सबकी चुत को चाटा था और सबका पानी भी पिया था.

उन सबने भी मेरा लंड चूस कर मजा लिया था.

एक एक बार सबको चोद लेने के बाद हम सबमें तय हो गया था कि कब किसका नंबर आएगा.

किसी लड़की की माहवारी के दौरान नंबर अगली वाली लड़की चुदने आ जाती थी.

अब तो जब भी मेरा मन होता है, मैं उन लड़कियों में से किसी एक को बुला लेता हूँ, उसके साथ में सेक्स करता हूँ.

सुबह सुबह हम सब साथ में टट्टी भी करते हैं. वे सब मुझे बहुत अच्छे लगती हैं.

अब अगला राउंड गांड चुदाई का होना है, देखो कब गांड में लंड पेलने का मौका मिलता है.

आपको मेरी यह देसी गर्ल्स ग्रुप सेक्स कहानी अच्छी लगी होही.
तो प्लीज मुझे मैसेज जरूर करें.
धन्यवाद.
Anilkotwal905@gmail.com

You May Also Like

MaalGaadi - 2
Views: 561 Category: Koi Mil Gaya Author: Garimasexy Published: August 20, 2025

लेकिन फिर भी थोड़ा नखरा दिखाते हुए धीरे से बोली- लेकिन रहने दे तू। अपने चक्कर में बोल रहा है पता चला यहां भी तू ही शुरू ह…

दोस्त की वाइफ ने चुदवा कर प्यास बुझवाई- 1
Views: 313 Category: Koi Mil Gaya Author: callboynoida3 Published: February 22, 2026

राजवैप सेक्स कहानी में मुझे जॉब मिली तो कम्पनी के एक कर्मचारी ने मुझे पेईंग गेस्ट रख लिया. उसकी बीवी मस्त माल थी. हमारा बाथर…

Comments