फूफ़ी की बेटी की चूत में उंगली की

Views: 3 Category: Brother-Sister By javedansari973597 Published: September 23, 2026 📖 14 min read
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फिन्गरिंग वर्जिन पुसी स्टोरी में मुझे अपनी बुआ की बेटी बहुत सेक्सी लगती थी, मैं उसे चोदना चाहता था. एक बार मैं उनके घर में रुका. उस रात क्या क्या हुआ?

दोस्तो, मेरा नाम जावेद अंसारी है.
मैं यूपी से हूँ.
मेरी हाईट 5 फीट 7 इंच है और मैं एक दुबला पतला सा लड़का हूँ.

यह मेरी जिंदगी की पहली सेक्स कहानी है और यह एकदम बिल्कुल सच्ची फिन्गरिंग वर्जिन पुसी स्टोरी है.
उस समय में 20 वर्ष का था.

मेरी फूफ़ी की लड़की मुझे बहुत अच्छी लगती थी.
मैं उसे बचपन से ही बहुत पसंद करता था.
वह मुझे बहुत सेक्सी लगती थी.
उसका नाम तस्मीन है.
उम्र में तो वह मुझसे दो साल बड़ी है.

एक दिन की बात है, मैं मेरी अम्मी के साथ अपनी फूफ़ी के घर गया था.
मैं उनके घर जाकर बहुत खुश था और उस दिन वह बड़ी ही मस्त लग रही थी.
उसने उस दिन पीले रंग का सलवार सूट पहना हुआ था.
उसकी हाईट 5 फुट की ही है, तो वह कुछ ज्यादा ही मासूम बंदी लग रही थी.
वह मुझे देख कर मुस्कुरा दी.

वह देखने में बहुत सेक्सी लगती थी.
उसका रंग गेहुंआ और बदन गठीला है.
उसकी छाती का साइज 30 इंच का रहा होगा.

मैं जब भी उसको देखता था तो बस देखते ही रह जाता था.
मेरा ऐसा जी करता था कि इसको अभी के अभी अपनी बांहों में जकड़ लूं और बस उसका काम उठा दूँ.

उसे देखते ही मेरे अन्दर अन्तर्वासना की आग जाग उठती थी.
मैं उसे चोदना चाहता था लेकिन मुझे कभी ऐसा करने का मौका ही नहीं मिला.

आज मुझे लग रहा था कि आज जरूर कुछ हो सकता है.
जब हम लोग उनके घर गए तो उस समय सर्दी का मौसम था.

रात का खाना खाकर हम सभी लोग जल्दी ही अपनी अपनी चारपाई पर जाकर लेट गए.

उनके घर में कुल 4 सदस्य थे.
मेरी फूफ़ी, फूफाजी, एक तस्मीन का भाई और एक मेरी फूफ़ी की लड़की तस्मीन.
मेरी फूफ़ी के घर में बस दो ही कमरे थे वह भी छोटे छोटे कमरे थे.

मेरे फूफाजी और उनका लड़का, वे दोनों तो दूसरे कमरे में सोने के लिए चले गए.
मेरी फूफ़ी, मेरी अम्मी, मैं और मेरी फूफ़ी की लड़की तस्मीन … हम सब एक ही कमरे में थे.

फूफ़ी और अम्मी ने कमरे में अन्दर की तरफ अपनी चारपाई डाल रखी थीं और तस्मीन और मैं हम दोनों ने कमरे के गेट के पास ही अपनी चारपाई डाल रखी थी.

हम दोनों की चारपाई के बीच में बस एक फुट का ही फासला था.
हम सभी अपनी अपनी चारपाई पर लेटे थे.
वह बिल्कुल मेरे पास ही थी.

मैं उसको बार बार देख कर यही सोच रहा था कि मेरे बिल्कुल पास ही है तो आज तो जरूर कुछ ना कुछ करके ही रहूंगा.
शायद ऐसा मौका फिर कभी नहीं मिलेगा.

मैं उसको बार बार देख रहा था और मेरे मन में अन्तर्वासना की आग जल रही थी.

कुछ ही समय में सर्दी बढ़ गई थी तो हम दोनों ने रजाई ओढ़ ली थी.
मेरे दिमाग में बहुत गंदे गंदे ख्याल आ रहे थे.

मैं उसके बारे में सोच सोच कर रजाई के अन्दर ही अपने लंड को सहला रहा था, जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया था.
मैं बस उसे चोदने के बारे में ही सोच रहा था.

मैं रजाई के अन्दर से ही अपना हाथ डालकर अपना लंड हिला रहा था कि आज जैसा मौका फिर कभी नहीं मिलेगा … चढ़ जाता हूँ इस हूर के ऊपर!

फिर मैं उसके सोने का इंतजार करने लगा कि कब ये सोए और कब मैं अपने काम को अंजाम दूँ.
यही सोचते सोचते मेरे लंड ने पानी टपका दिया और मैं भी ढीला होकर सो गया.

फिर अचानक रात को मेरी आंख खुली, पता नहीं उस टाइम रात के कितने बजे थे क्योंकि उस टाइम मेरे पास ना तो घड़ी थी और ना ही मेरे पास मोबाइल था.
मैंने आंख खुलते ही सबसे पहले उसको ही देखा, वह गहरी नींद में सो रही थी.

उस वक्त उसकी रजाई बस उसके पेट तक थी और उसकी मोटी मोटी चूचियां रजाई के बाहर उसके चुस्त कुर्ते में से उठ बैठ रही थीं.
उसकी मोटी मोटी चूचियों को देखकर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.

कमरे की लाईट भी जल रही थी.

मैंने थोड़ा सा ऊपर उठकर देखा कि क्या मेरी फूफ़ी और अम्मी को सो गई हैं या नहीं?
मैंने देखा कि सब सो रहे हैं, तो मैं वापस लेट गया और उसको देखने लगा.
वह गहरी नींद में सो रही थी.

मैं बस उसकी चूचियों को देख रहा था.
सच में वह सोती हुई बड़ी ही मस्त लग रही थी.
मैंने सोचा कि आज अच्छा अवसर है, ऐसा मौका फिर कभी नहीं मिलेगा!

फिर मैं थोड़ा सा उसके करीब को हुआ और अपनी चारपाई पर लेटे लेटे मैंने उसकी चूची के ऊपर अपना हाथ हल्के से रख दिया.
उस वक्त वह बिल्कुल सीधी लेटी हुई थी तो उसकी चूचियों का रुख एकदम छत की तरफ था.

जब मैंने उसकी चूची के ऊपर अपना हाथ रखा तो उसने नींद में ही मेरा हाथ अपने हाथ से पकड़ कर नीचे रख दिया और मेरी तरफ करवट ले ली.
मैं थोड़ा सा डर गया और मैंने अपना हाथ वापस हटा लिया.

मैंने सोचा कि शायद उसकी नींद खुल गई है, थोड़ी देर के बाद दुबारा से ट्राई करूंगा.
फिर मैं भी सीधा होकर लेट गया और उसके दुबारे सोने का इंतजार करने लगा.

इंतजार करते करते मेरी भी आंख लग गई.
मैं तकरीबन एक घंटे बाद वापस उठा और मैंने फिर से सबको देखा कि सब सो रहे हैं क्या?

देखा, तो सब सो रहे थे.
वह भी सो रही थी.

वह अभी भी सीधी सो रही थी और उसकी मोटी मोटी चूचियों को देख कर मुझे फिर से बेचैनी होने लगी थी.

मैं फिर से उसके थोड़ा करीब हुआ और वापस से हिम्मत करके अपना हाथ उसकी चूची पर रख कर उसकी चूची को हल्की सी दबा दी.
वह थोड़ी सी हिली.
मैंने फिर से अपना हाथ हटा लिया कि शायद वह अभी गहरी नींद में नहीं है.

फिर मैंने सोचा कि अगर ये जाग गई और मुझे ऐसा करते देख लिया तो शायद मेरे लिए कोई मुश्किल बन सकती है.
मैं बिल्कुल भी रिस्क नहीं लेना चाहता था क्योंकि मेरी फूफ़ी और अम्मी भी उसी कमरे में सो रही थीं.

बस इसी लिए मैंने अपने दिमाग से काम लिया और अपना हाथ पूरी तरह से हटा लिया और मैं उसके दुबारा से सोने का इंतेजार करने लगा.

इस तरह से उसके सोने का इंतजार करते करते मुझे दो घंटे गुजर गए थे.
अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मेरे अन्दर अन्तर्वासना की आग भड़क रही थी.

मैंने उसकी तरफ देखा तो इस बार वह सो गई थी और उसने अपने मुँह तक रजाई ओढ़ रखी थी.

यह देख कर मुझे लगने लगा था कि वह गहरी नींद में सो रही है.
मैंने फिर से अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाया और सोचा कि बार बार इसकी चूची पर हाथ रखता हूं तो इसकी नींद खुल जाती है.

इस बार कुछ और किया जाना चाहिए. बस मैंने अपने दिमाग का इस्तेमाल किया और सोचा कि अबकी बार सीधा इसकी चूत पर हाथ रखकर देखता हूं.
मैंने ऐसा ही किया और अपना हाथ उसकी रजाई के नीचे से से डालकर सीधा उसकी चूत पर रख दिया.

मैं हल्के हल्के से उसकी चूत को सहलाने लगा.
अब वह बिल्कुल आराम से पड़ी हुई थी और कोई भी हरकत नहीं कर रही थी जिससे लगे कि वह जाग रही है.

मैं अपने हाथ से उसकी चूत को रगड़ने लगा.
वह गहरी नींद में सो रही थी.
उसकी तरफ से कुछ भी प्रतिक्रिया न होने से मेरी हिम्मत बढ़ गई थी.

मैंने उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत में अपनी एक उंगली रखी और ऊपर नीचे करते हुए रगड़ने लगा.

वह अब भी गहरी नींद में सो रही थी और उसकी तरफ से कोई भी हरकत नहीं हो रही थी.
इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई.

मैंने उसकी सलवार के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और पाया कि उसने पैंटी नहीं पहनी हुई थी.
मेरा हाथ सीधा उसकी चूत से लगा था.

मैंने हथेली को उसकी चूत पर रख दिया.
उसकी चूत पर बहुत सारे बाल थे.
मैंने अपने हाथों से उसकी चूत के बाल पकड़ कर देखे तो वे लगभग एक इंच लंबे होंगे.

मैं उसकी चूत सहलाने लगा और उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी.
वह चुप थी तो मैं उंगली को चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

तभी मेरी उंगली फिसल कर उसकी चूत के और अन्दर तक घुस गई, तो मुझे मजा आ गया.
अब मैंने अपनी पूरी उंगली उसकी चूत में डाल दी और हल्के हल्के से अन्दर बाहर करने लगा.

अब उसकी चूत गीली हो चुकी थी और मेरी उंगली उसकी चूत के पानी से पूरी तरह से भीग चुकी थी.
मुझे उसकी चूत में गर्म गर्म महसूस हो रहा था और बहुत अच्छा लग रहा था.

मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी लड़की की चूत उंगली डाली थी.

दो मिनट में अपनी उंगली उसकी चूत में ऐसे ही अन्दर बाहर करता रहा.
फिर मैंने अपनी उंगली बाहर निकाली और उसकी चूत का गर्म गर्म पानी सारा अपने मुँह में लगा लिया. मस्त स्वाद लगा तो मैंने उंगली चूस ली.

अब मैंने अपना हाथ उसके कुर्ते में डाला और उसकी चूची को दबाने लगा.
वह बिल्कुल शांति से सो रही थी और अब रात का आखरी हिस्सा चल रहा था.

बस एक दो घंटे में सुबह होनी ही वाली थी इसलिए वह गहरी नींद में सो रही थी.

मैंने भी मौके का फायदा उठाते हुए उसकी दोनों चूचियो को बारी बारी से दबाना शुरू कर दिया.
उसकी चूचियां बहुत ही टाईट थीं और उसने ब्रा भी नहीं पहनी थी.

मतलब वह रात को ब्रा पैंटी नहीं पहनती थी, बस सूट सलवार में थी.

मैं बार बार उसकी दोनों चूचियों को दबाता रहा.

थोड़ी ही देर में उसकी चूची के निप्पल भी खड़े हो गए.
अब मैं उसकी चूची के निप्पल पकड़ कर अपनी उंगलियों से मसल रहा था और वह आराम से सोती रही.

कुछ देर तक मैं उसकी चूचियां दबाने के बाद अपना हाथ थोड़ा सा नीचे लाया और उसके पेट पर अपना हाथ फिराने लगा.
उसका पेट बहुत ही मुलायम था.

मैं अपने हाथ को ओर नीचे लेकर आया और मैंने उसकी सलवार के अन्दर अपना हाथ फिर से डाल दिया और अपनी उंगली उसकी चूत में डाल कर अन्दर बाहर करने लगा.
फिर से मेरी उंगली उसकी चूत के पानी से भीग गई थी.

उसकी चूत बहुत टाइट थी क्योंकि वह अभी कुंवारी थी.
मैं भी अब पूरा गर्म हो चुका था.

मैंने अपना लंड पैंट से बाहर निकाल लिया और एक हाथ से पकड़ कर अपना लंड सहलाने लगा.
दूसरे हाथ से उसकी चूत में उंगली अन्दर बाहर करने लगा.

उसकी चूत बहुत गर्म हो गई थी और अब मुझे लग रहा था कि वह भी बहुत गर्म हो गई होगी.
फिर मेरे दिमाग में आया कि मैं अपनी उंगली को ओर अन्दर डाल कर देखता हूँ कि इसकी चूत की गहराई कितनी है!

मैंने अपनी उंगली को एकदम जोर से उसकी चूत के अन्दर पूरा डाल दिया.

इससे उसको दर्द हुआ और वह एकदम छटपटा कर उठ गई.

मैं सिटपिटा कर डर गया और मैंने अपना हाथ बाहर निकाल लिया.

वह इधर उधर देखती हुई और अपनी चूत को सहलाती हुई वापस लेट गई और जल्द ही सो गई.

थोड़ी देर बाद मैंने दुबारा से उसकी रजाई में हाथ डाला और उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत में उंगली अन्दर डाल दी.
मैं ऊपर से चूत की फाँकों में उंगली को रगड़ने लगा.

वह आराम से पड़ी हुई थी पर अबकी बार मुझे ऐसा लग रहा था कि वह सोई नहीं है … जाग रही है.

यह देखते ही मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींचा और सलवार खोलने लगा.
उसने अपने हाथ से नाड़ा पकड़ लिया और मुझे सलवार नहीं उतारने दी.

मैंने फिर से कोशिश की तो उसने फिर से अपनी सलवार को पकड़ लिया और वापस से नाड़ा बांध कर उसे अपनी सलवार के अन्दर डाल दिया.

अब मुझे पूरा यकीन हो गया था कि वह जाग रही है, सोई हुई नहीं है.
जब जाग रही है तो समझ भी गई होगी कि उंगली कौन कर रहा है.

यह बात दिमाग में आते ही मैं बिंदास हो गया और मैंने उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर हाथ रख दिया और उंगली से चूत को कुरेदने लगा.
वह कुछ नहीं बोल रही थी क्योंकि शायद वह भी पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और मजे ले रही थी.

मैंने अपनी उंगली से उसकी चूत की दरार को टटोला और दाने को उंगली से रगड़ने लगा.
उसे मजा आने लगा तो उसने अपनी टांगें फैला दीं और वह भी मेरा साथ देने लगी थी.

कुछ पल बाद मुझे महसूस हुआ कि वह खुद अपनी गांड उठा कर उंगली से चूत रगड़वा रही है.
तो मैंने अपना हाथ एकदम से उसकी सलवार के अन्दर डाल दिया.

वह मेरा हाथ पकड़ कर रोकना चाहती थी, पर मैंने एकदम से उसकी चूत के ऊपर अपना हाथ लगा दिया.
वह रोक नहीं सकी.

मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी और अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.
वह भी अब पूरे मजे ले रही थी, तो मैं अपनी उंगली जोर जोर से उसकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

वह कामुक सिसकारियां लेने लगी- आह आह!
मैं समझ गया कि उसको भरपूर मजा आ रहा है और फिन्गरिंग वर्जिन पुसी में मेरा पूरा साथ दे रही है.

फिर मैंने सोचा कि इसको थोड़ा सा और तड़पाया जाए.
अब मैंने अपनी उंगली बाहर निकाल ली और उसकी चूत पर हाथ रख दिया.

उस वक्त तक वह पूरी तरह गर्म हो चुकी थी तो वह उंगली निकालना बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.
उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरी एक उंगली पकड़ कर अपनी चूत में डाल दी.

वह खुद से मेरी उंगली को अपनी चूत में अन्दर बाहर करवाने लगी.
साथ ही वह बार बार बड़ी तेजी से अपनी गांड को ऊपर नीचे कर रही थी.

मैं समझ गया कि यह अब झड़ने की कगार पर आ गई है.
सच में वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी.
इधर मैं भी पूरे जोश में आ गया था.

फिर मैंने सोचा कि इसकी चूत में दो उंगली डालकर देखता हूं कि जाती हैं या नहीं?
मैंने अपनी दो उंगलियों से उसकी चूत में बहुत जोर लगाया, पर दो उंगलियां एक साथ अन्दर नहीं गईं क्योंकि वह अभी तक सीलपैक माल थी.

जब मैंने उसकी चूत में दोनों उंगलियों को जबरन अन्दर डालने की कोशिश की, तो उसको बहुत दर्द हुआ और वह दर्द से चिल्लाने लगी थी.

वह ‘ऊह ऊंह…’ की आवाज करने लगी थी और जब मैं नहीं माना तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और फुसफुसा कर बोलने लगी- हटा लो न … दर्द हो रहा है!

उसने मेरा हाथ पकड़ कर बाहर निकाल दिया और मुझसे दूर हो गई.
उसने अपनी रजाई को जोर से अपने नीचे दबा लिया, जिससे मैं दुबारा अपना हाथ उसकी रजाई में अन्दर ना डाल पाऊं!

फिर भी मैंने अपना हाथ उसकी रजाई में अन्दर डालकर उसकी चूत को छूने की कोशिश की, लेकिन उसने मेरा हाथ बाहर कर दिया.

मैं बहुत उदास हो गया और मैंने अपना लंड पकड़ कर रजाई में मुठ मार दी और अपना सारा वीर्य फूफ़ी के घर की रजाई में ही झाड़ दिया.
अब तक सुबह भी हो गई थी.

पांच मिनट बाद ही मेरी फूफ़ी ने उसको आवाज लगाई- तस्मीन उठ जा, सुबह हो चुकी है … जा जाकर सुबह का नाश्ता बना ले!

मुझे ऐसा लगता है कि शायद मेरी फूफ़ी ने मुझे ये सब करते हुए देख लिया था.
पर मेरी फूफ़ी ने आज तक मुझे इस बारे में कभी कुछ नहीं बोला.

फिर तस्मीन नाश्ता बनाने किचन में चली गई और थोड़ी देर बाद हम सब भी उठ गए.

वह नाश्ता बना कर लाई तो हम दोनों एक दूसरे से नजर भी नहीं मिला पा रहे थे.
उस दिन मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था कि आज यह सब रात में क्यों हुआ है!
उसके बाद उस दिन दोपहर का खाना खाकर हम वापस अपने घर आ गए.

उस दिन के बाद मुझे कभी उसके साथ कुछ ऐसा करने का मुझे मौका नहीं मिला.
अब भी कभी कभी मैं उससे मिलता हूँ, तो बहुत प्यार से देखता हूँ.

उसके एक साल बाद उसका निकाह हो गया और अब उसके दो बच्चे हैं. एक लड़का और एक लड़की.

दोस्तो, उम्मीद करता हूं कि ये मेरी कहानी आपको अच्छी लगी होगी.
मैं अपनी एक और सेक्स कहानी जल्द ही आपके साथ साझा करना चाहता हूँ.
आपको मेरी सच्ची फिन्गरिंग वर्जिन पुसी स्टोरी पसंद आई होगी.
तो मुझे लिखें … तभी मैं लिखूँगा.
javedansari973597@gmail.com

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