FSI ब्लॉग सेक्स स्टोरी में मैं एक दोस्त के घर पेईंग गेस्ट रहता था. उसकी सेक्सी कामुक बीवी मेरे साथ सेट हो गई थी. हम दोनों ने दोस्त के घर में होते हुए पहली चुदाई की.
फ्रेंड्स, मैं राहुल राज एक बार पुनः अपने दोस्त की वाइफ की चुदाई की कहानी के इस भाग में आप सभी का स्वागत करता हूँ.
यह कहानी मैंने पहले FSI Blog Sex पेज पर डाली थी, अब वहां से हटा कर अन्तर्वासना पर डाली है.
कहानी के पहले भाग
दोस्त की बीवी ने सेक्स के लिए उकसाया
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि भाभी मुझे चुदने को बेताब हो गई थीं.
अब आगे FSI ब्लॉग सेक्स स्टोरी:
फिर भाभी ने मेरे लंड को अपने मुँह में लिया और चूसकर गीला किया.
वे अपने थूक को लौड़े पर लगा कर मेरे लंड को आगे-पीछे करने लगीं.
कुछ ही पल बाद वे मुझसे बोलीं- राज, अब नहीं रहा जा रहा डाल दो इसको मेरी चूत में!
मैंने देर न करते हुए भाभी को कुर्सी पर ही घोड़ी बना दिया और भाभी की चूत पर लंड रगड़ने लगा, जिससे भाभी दुबारा गर्म होने लगीं और आहें भरने लगीं.
भाभी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं, जिनको सुनकर मेरे लंड में भी ज़ोर आ गया.
मैंने एक तेज झटके से अपना लंड भाभी की चूत में घुसा दिया.
मेरा लंड एक ही झटके में भाभी की चूत में अन्दर तक घुस गया था क्योंकि भाभी की चूत पहले से ही पानी छोड़ रही थी.
मेरा लंड जाते ही भाभी के मुँह से ‘आहह’ की आवाज़ निकल गई.
भाभी कराहती हुई बोलीं- आह राज, आराम से करो … दर्द होता है!
मैं अपना लंड भाभी की चूत में अन्दर-बाहर करने लगा.
करीब दो मिनट ही मैंने भाभी को चोदा होगा कि इतने में ही भाभी के रूम से आवाज़ आने लगी.
शायद उनका पति जाग गया था.
भाभी एकदम मेरे लंड के नीचे से निकलती हुई बोलीं- राज, अब बाद में करेंगे शायद वह जाग गए हैं.
वे झट से मेरे लंड पर एक किस करके अपने रूम में भाग गईं.
मैं भी जल्दी से अपना खाना उठाकर अपने खड़े लंड के साथ अपने रूम में आ गया.
मैंने भाभी के नाम से मुट्ठ मारी और अपना पानी निकाल कर सो गया.
सुबह उठते ही मैं नहाकर तैयार हो गया.
भाभी ने पूछा- राज, आज इतनी जल्दी कैसे जा रहे हो?
तभी इतने में मेरा फ्रेंड बोल पड़ा कि इसकी अब ड्यूटी डे में हो गई है और मेरी नाइट में.
इतना सुनते ही पहले तो भाभी कुछ मायूस हुईं, पर एकदम खुश हो गईं- कोई बात नहीं, ड्यूटी तो करनी ही है, अब दिन में हो या रात में!
उन्होंने मेरे लिए नाश्ता लगा दिया.
भाभी जब नाश्ता देने के लिए झुकीं, तो मुझको उनके बोबे दिख गए और मेरा मूड बन गया.
मैं पीछे से भाभी की गांड को सहलाने लगा.
भाभी भी उसका मज़ा ले रही थीं.
फिर मैंने भाभी के चूचे दबा दिये.
भाभी के मुँह से बहुत प्यारी ‘आह’ निकल गई.
भाभी बोलीं- सही है तुम्हारी डे हो गई और उनकी नाइट … अब रात को मज़े करेंगे!
यह कह कर भाभी ने मेरी तरफ देखा और आंख मार दी.
वे मेरे लौड़े को दबाकर चली गईं.
मैं भी ड्यूटी आ गया.
पर मेरा मन लग नहीं रहा था, बस बार-बार भाभी ही सामने आ रही थीं.
मैं पूरा दिन यही सोचते रहा कि भाभी को आज खूब मसल-मसल कर चोदूँगा.
यही सोचते-सोचते पूरा दिन निकल गया.
मैं जब शाम को घर पहुंचा तो भाभी को देखकर बिल्कुल दंग रह गया.
आज तो भाभी पूरी कयामत लग रही थीं.
वे लाल साड़ी में थीं और उन्होंने अपने बाल खुले कर रखे थे.
गुलाबी होठ, लाल बिंदी … आह बिल्कुल अप्सरा लग रही थीं.
शायद वे मेरे लिए ही इतना सजी-सँवरी हुई थीं क्योंकि आज मैं उनको पूरी रात चोदने वाला था.
ये बात भाभी को भी पता थी कि आज उनकी जमकर चुदाई होने वाली है.
कुछ देर बाद मेरा दोस्त यानी भाभी का हसबैंड मेरी बाइक लेकर निकल गया.
उसके जाते ही भाभी ने गेट बंद कर दिया और मुझसे चिपक कर किस करने लगीं.
मैं भी उनका साथ देने लगा और उनकी गांड दबाने लगा.
कभी बूब्स दबा देता, जिससे भाभी गर्म होने लगीं और उनके मुँह से गर्म-गर्म सांसें बाहर आने लगीं.
थोड़ी देर में ही भाभी बिल्कुल पागल हो गईं और पागलों की तरह चूसने और चाटने लगीं.
फिर भाभी नीचे घुटनों पर बैठ गईं और मेरी पैंट खोलकर मेरे लंड को चूसने लगीं.
भाभी इतनी ज़ोर से लंड को चूस रही थीं मानो आज पूरा लंड खा जाएंगी.
करीब दस मिनट लंड चूसने के बाद मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने भाभी का सर पकड़ कर अपने लंड पर दबा दिया.
मैंने अपना पूरा लंड भाभी के मुँह में भरकर अपना पूरा माल भाभी के मुँह में ही निकाल दिया.
जिसे भाभी पूरा पी गईं और एक मिनट तक मेरे लंड को अपने मुँह में ही रखा.
उसके बाद लंड बाहर निकाल कर एक लंबी सांस ली, बोली- ओह राज, मज़ा आ गया आज तुम्हारा लंड चूसकर … अब तुम फ्रेश हो जाओ, तब तक मैं तुम्हारे लिए खाना बना देती हूँ!
मैंने बोला- भाभी, खाना तो लेट खाऊंगा. पहले एक राउंड मार लेते हैं!
इस पर भाभी राज़ी हो गईं और बोलीं- ठीक है चलो मेरे कमरे में चलो, वहीं पर चोद लेना मुझको!
मैं और भाभी उनके रूम में पहुंच गए.
रूम में जाते ही मैंने भाभी को पीछे से पकड़ लिया और भाभी की गर्दन पर किस करने लगा, जिससे भाभी सिसकारियां निकालने लगीं.
मैंने आगे से भाभी के चूचे पकड़ लिए और उनको मसलने लगा.
भाभी मेरे साथ देने लगीं और मज़ा लेने लगी.
मैंने भाभी की साड़ी को उनके बदन से अलग किया, उसके बाद ब्लाउज़ और पेटीकोट को अलग किया.
अब भाभी मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में ही थीं.
भाभी के चूचे भाभी की ब्रा में समा नहीं रहे थे, वे बाहर आने के लिए तड़प रहे थे.
भाभी की पैंटी भी चूत वाली जगह से गीली हो चुकी थी.
मैंने भाभी की ब्रा खोली, जिससे उनके बोबे उछलकर बाहर आ गए.
मैंने दोनों मम्मों को पकड़ा और चूसने लगा. मैं दोनों को बारी-बारी से चूस रहा था.
थोड़ी देर में भाभी बोलीं- राज, इनको छोड़ो और नीचे से चूसो … मुझको आग तो नीचे लगी हुई है!
मैंने भाभी को बेड पर लिटा दिया और उनकी पैंटी उतार कर अपनी पैंट के अन्दर लौड़े के पास डाल ली.
फिर भाभी के दोनों पैरों को हवा में खोल दिया.
भाभी की चूत बिल्कुल चिकनी थी और फूली हुई चूत थी.
शायद भाभी को अभी तक अच्छे से लंड नहीं मिला था जिससे उनकी चूत फूली हुई थी.
मैंने भाभी की चूत पर जैसे ही अपनी जीभ लगाई, भाभी के मुँह से ‘आहह’ की आवाज़ आने लगी.
फिर मैंने भाभी की चूत को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
कभी-कभी मैं भाभी की चूत में अपनी जीभ भी डाल देता था, जिससे भाभी एकदम उछल जातीं.
अब भाभी के मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं ‘अअह ओआउह्ह राज आह राज आहह!’
वे मेरे सर पर हाथ रखकर मेरे बालों से खेलने लगीं.
बीच-बीच में भाभी अपनी चूत को उठाकर मेरे मुँह में भर देती थीं और कभी-कभी मेरे सर को पकड़ कर चूत पर दबा दे रही थीं.
‘अअह राज चूस लो आज इसको अअह आह राज अअह बहुत दिनों से इसकी चुसाई नहीं हुई है अच्छे से … अअह अहह राज इस निगोड़ी का चूस-चूस कर सारा रस निकाल दो!’
मैं भाभी की चूत को चाटने में लगा रहा.
भाभी और ज़ोर से सिसकारियां लेने लगीं और उन्होंने मेरे सर को अपनी चूत पर दबा दिया, अपनी जांघों से मेरे सर को पकड़ लिया और भाभी अकड़ने लगीं.
थोड़ी ही देर में भाभी ने अपना नमकीन पानी मेरे मुँह में ही छोड़ दिया … जिसको मैंने चाट-चाटकर साफ़ कर दिया.
भाभी की सांसें तेज़-तेज़ चल रही थीं.
भाभी बोलीं- थोड़ी देर रुको राज!
मैं भी भाभी के बगल में लेट गया.
कुछ देर बाद भाभी मुझको किस करने लगीं.
धीरे-धीरे भाभी ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए.
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
अब भाभी मेरा लौड़ा चूस रही थीं और मैं भाभी की चूत चाट रहा था.
करीब पांच मिनट बाद भाभी सीधी हुईं.
उन्होंने मेरे लंड पर थोड़ा अपना थूक लगाया और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर सैट कर दिया.
वे मेरे लंड पर अपनी चूत को दबाने लगीं.
जैसे ही मेरे लंड का टोपा भाभी की चूत में गया, भाभी के मुँह से ‘आहह’ निकल गई.
भाभी धीरे-धीरे मेरे लंड पर उछलने लगीं.
थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में समा गया.
अब भाभी मेरे लंड पर उछलने लगीं.
वे अपने चूचे दबाने लगीं और मुँह से आवाज़ निकलने लगीं- आह राज आहह … बहुत मज़ा आ रहा है तुम्हारे लंड पर उछलने में!
करीब दस मिनट में ही भाभी ने हार मान ली और मेरे लौड़े से नीचे उतर गईं.
वे बोलीं- इसे ज़्यादा नहीं कर सकती मैं … अब तुम करो!
मैंने भाभी को घोड़ी बना दिया और उनकी चूत में लंड पेल दिया.
फच्च की आवाज़ आई और मेरा पूरा लौड़ा भाभी की चूत में समा गया.
मैं झटके मारने लगा.
भाभी ‘अअह अअह.’ की आवाज़ निकालने लगीं.
वे ज़ोर से बोलीं- आह धक्का मारो राज आहह … तेज तेज मारो आह बहुत प्यासी है मेरी चूत … आज मेरी चूत को अपने लंड के पानी से भर दो!
मैं भाभी को पूरे जोश में चोद रहा था और भाभी भी पूरे जोश में थीं.
कमरे में भाभी की सिसकारियां और उनकी चूत से फच्छ-फच्च की आवाज़ निकल रही थी.
फिर मैंने भाभी को दीवार के सहारे सीधा खड़ा किया, उनका एक पैर बेड पर रख दिया, जिससे भाभी की चूत खुल गई.
मैं आगे बैठकर भाभी की चूत को चाटने लगा, जिससे भाभी को भी आराम मिल गया और उनको मज़ा भी आ रहा था.
फिर मैंने भाभी के सामने खड़े होकर अपना लंड भाभी की चूत में पेल दिया.
मैंने अपने दोनों हाथों से भाभी के चूतड़ों को पकड़ लिया और चोदने लगा.
पांच मिनट चोदने के बाद मेरी स्पीड कम हुई तो भाभी ने मेरे चूतड़ों को पकड़ लिया.
अब भाभी झटके मारने लगीं.
ऐसा लग रहा था जैसे भाभी मुझे चोद रही हों.
‘अअह राज येसस्स आहह आह्ह अह ओआउह राजज आहह.’ भाभी ने अपने झटके तेज़ कर दिए और मुझको ज़ोर से भींच लिया.
वे अति उत्तेजना में कांपने लगीं- ‘आहह आहह राआआज आहह राज आहह मेरी चूत आआह मेरी चूत गई राज आआह.’
अब भाभी खड़े-खड़े ही झड़ने लगीं ‘आह्ह्ह राज अब तुम भी अपना पानी निकाल लो … बहुत देर हो गई!’
मैंने भाभी को सीधा बेड पर लिटा दिया और भाभी के दोनों पैर अपने कंधे पर रख कर उनको चोदना शुरू कर दिया.
जैसे-जैसे मेरे झटकों की स्पीड बढ़ रही थी, वैसे ही भाभी की सिसकारियां निकल रही थीं.
भाभी चिल्ला भी रही थीं- अअह राज उह अअह राज आ राज ओओओह आहह!
मैंने भाभी से कहा- भाभी, मेरे को गंदी-गंदी गालियां दो, जिससे मेरा पानी जल्दी निकल जाएगा!
भाभी ने गालियां देना स्टार्ट कर दिया. और भाभी के मुँह से गालियां सुनकर मेरा जोश और बढ़ गया.
मैं और ज़ोर से भाभी को चोदने लगा.
भाभी ‘अअह राज साले चोद … अपनी भाभी को आहह निकाल अपना पानी आह अपने पानी से भर दे अपनी भाभी की चूत को आह आह्ह्ह ह्ह चोद साले आह्ह अअह अअह’ चिल्लाने लगी थीं.
मैं भी पूरी ताकत से भाभी को पेल रहा था.
‘आह फाड़ साले … फाड़ दे आहह फाड़ मेरी चूत आहह … भोसड़ी के अपनी भाभी की चूत का भोसड़ा बना दे … साली चूत को फाड़ दे और भर दे अपने लंड के पानी से … आह मार डाल साले अपनी भाभी को … क्या चोदता है … ओओह्ह … मैं झड़ गई आह!’
भाभी के झड़ जाने के बाद भी मैं लगा रहा.
अब उनकी आवाज बदल गई थी- अहह आह छोड़ दे साले … आआह्ह्हह अह अहह साला चोद चोदकर ही मार डालेगा क्या? जल्दी निकाल अपना पानी निकाल साले निकाल मेरी चूत में साले ने फाड़ दी मेरी चूत … अहहा आह आआह आआह्हह्ह मर गई साले … जल्दी निकाल ले … आहह आह आह मर जाऊंगी … निकल जल्दी भोसड़ी के … मेरी चूत में दर्द हो रहा है!
भाभी मेरे लंड से चुत निकालने की कोशिश करने लगीं.
मैंने भाभी को जकड़ लिया और चोदने में लगा रहा.
भाभी जोर जोर से चिल्लाने लगीं
‘अह छोड़ दे मादरचोद … मेरी चूत फाड़ देगा क्या आज?’
मैं बस भाभी को चोदने में लगा रहा. और करीब दो-तीन मिनट बाद मैंने अपने लंड के पानी से भाभी की चूत को भर दिया.
झड़ कर मैं भाभी के ऊपर ही लेट गया और हांफने लगा.
भाभी ने झट से मुझको अपने ऊपर से धक्का दिया और अलग कर दिया.
वे उठकर अपनी चूत को देखने लगीं.
भाभी मुझसे बोलीं- देखो क्या हाल कर दिया है चूत का … अब दुबारा चूत की तरफ भी मत आना और न ही मुझसे चूत देने के लिए बोलना!
वे उठकर बाथरूम में चली गईं.
थोड़ी देर बाद भाभी बाहर आईं और मेरे पास ही बेड पर लेट गई.
वे मेरे लौड़े पर हाथ रखकर बोलीं- इस साले ने तो चूत का भोसड़ा बना दिया … क्या खिलाते हो इसको?
मैं भाभी को किस करने लगा.
भाभी मेरा साथ देने लगीं.
मैं भाभी की गर्दन को चूमने लगा और बूब्स दबाकर चूसने लगा, जिससे भाभी दुबारा गर्म हो गईं.
फिर जैसे ही मैंने अपना लंड भाभी की चूत पर लगाया, भाभी एकदम अलग हो गईं.
वे बोलीं- नहीं, अब चूत नहीं … मैं तुम्हारा पानी चूस-चूसकर निकाल दूँगी और तुम्हारी मुट्ठ मार दूँगी, पर अब चूत नहीं दूँगी तुमको … बहुत दर्द हो रहा है इसमें!
भाभी मेरे लौड़े को हाथ में पकड़ कर हिलाने लगीं.
मैंने भाभी को बोला- भाभी, चूत नहीं दे सकती तो गांड ही दे दो!
पर भाभी ने उसके लिए भी मना कर दिया.
मेरे काफी ज़ोर देने के बाद भाभी ने हां बोली और अपनी एक शर्त भी रखी.
मैंने भाभी से शर्त पूछी तो भाभी ने बोला- मैं तुमको अपनी गांड तभी दूँगी जब तुम अपने किसी दो दोस्तों को बुलाकर मुझको तीनों लोग मिलकर चोदो तो मैं तुमको अपनी गांड दे सकती हूँ, नहीं तो मेरी गांड को भूल जाओ!
वे मेरे लौड़े को चूसने लगीं.
भाभी ने बताया कि वे तीन लोगों से एक साथ चुदवाना चाहती हैं, जैसे फिल्मों में होता है.
‘अगर तुमको मेरी गांड चोदनी है तो मेरे लिए किसी दो लोगों को भी बुलाना होगा!’
मैंने कहा- अजीब किस्म की भाभी हो यार … मुझसे तो चुदवा नहीं रही हो और दो और लंड चुत में लेना चाहती हो?
वे हंस कर बोलीं- आज कुछ ज्यादा जोश में चोदा है तुमने … और मैं भी तुम्हारे लंड के लिए तैयार नहीं थी. दो चार दिन में मेरी चुत तुम्हें झेलने लगेगी. फिर तुम मेरी फैन्टेसी को पूरा जरूर करना.
इस पर मैं राज़ी हो गया.
भाभी ने अब मेरे लौड़े को मुँह में ले लिया और उसे चूस-चूसकर मजा देने लगीं.
उन्होंने दस मिनट में मेरे लौड़े का रस निकालने पर मजबूर कर दिया था.
काफी देर लंड चुसाई के बाद मैंने अपना पानी भाभी के मुँह में ही निकाल दिया.
तो दोस्तो, ये थी मेरी भाभी की वासना भरी सेक्स कहानी.
अगली बार मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने भाभी की गांड मारी और फिर अपने दोस्तों के साथ मिलकर भाभी को कैसे चोदा.
आपको मेरी FSI ब्लॉग सेक्स स्टोरी कैसी लगी?
मुझे मेल करके ज़रूर बताएं ताकि मैं आपके सामने अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग भी जल्दी से जल्दी ला सकूँ.
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