लॉकडाउन की दास्तां: ओल्ड मैन यंग गर्ल सेक्स कहानी में कोविड में मैं अपने फ्लैट में फंस गयी. पड़ोस के 2 अंकल समय बिताने मेरे पास आने लगे. एक दिन मेरी पीठ में दर्द था और वे आ गए.
दोस्तो, मैं पारुल आज आपको बताने जा रही हूँ कि कैसे दो बुड्ढों ने मेरा पानी निकाल दिया और मुझे मेरे ही फ्लैट में चोदा।
उन्होंने मेरी गांड और चूत के धागे खोल दिए!
ओल्ड मैन यंग गर्ल सेक्स कहानी तब की है जब मैं COVID के दौरान अपनी सोसाइटी में फंस गयी और घर नहीं जा पायी।
मेरे फ्लैट के बगल में एक भैया-भाभी रहते थे और लॉकडाउन में भैया के पापा, शेखावत अंकल, उनके पास रहने आ गए।
पहले लॉकडाउन में सब बंद था, कहीं आना-जाना नहीं था तो मेरी सारे पड़ोसियों से अच्छी बातचीत होने लगी।
भैया-भाभी दिन भर ऑनलाइन ऑफिस में बिजी रहते थे और उनके पापा अकेले बोर होते थे, तो वो कभी-कभी मेरे पास आ जाते थे।
इसी बीच अंकल की दोस्ती सोसाइटी के प्रेसिडेंट राजवीर अंकल से हो गयी, जो देखने में लगते नहीं थे कि 62 के हैं।
हट्टे-कट्टे, तंदुरुस्त इंसान थे और बहुत ही शरीफ दीखते थे।
अब शेखावत अंकल के साथ राजवीर जी भी मेरे घर आने लगे और अब वो दोनों मेरे साथ हँसी-मजाक भी करने लगे।
उन दोनों के इरादे चुदने तक नहीं पता लगे कि दोनों बुड्ढे मेरी चूत चोदने की प्लानिंग कर रहे थे।
एक दिन शेखावत अंकल मेरे घर आये और साथ में राजवीर अंकल भी आये।
उस दिन मेरी कमर दर्द कर रही थी और मैं बेडरूम में लेटी थी।
ये दोनों आके मेरे पास बैठ गए और मेरा हाल-चाल पूछने लगे।
मेरी कमर दर्द का सुन के राजवीर अंकल ने मेरी कमर पे हाथ रखा और बोला, “बिटिया, यहाँ दर्द कर रहा है क्या?”
मेरे दर्द की जगह जानने के बहाने वो मेरी मुलायम कमर सहलाने लगे।
मुझे लगा अंकल का कन्सर्न सच्चा है.
लेकिन हकीकत में वो मसाज के बहाने मेरी कमर को कैसे तोड़ना है, यह देख रहे थे।
शेखावत अंकल बोले, “राजवीर! बिटिया एक्सरसाइज नहीं कर रही ना आजकल, बॉडी अकड़ गयी होगी। तेल गरम कर और कमर का मसाज कर दे, सही हो जाएगा!”
मैं बोली, “अरे अंकल नहीं, आराम करुँगी तो सही हो जाएगा।”
तो राजवीर बोला, “अरे नहीं बिटिया! आराम करोगी तो हमारा साथ कैसे दोगी!”
मुझे क्या पता था कि ‘साथ देने’ से उनका मतलब चुदाई में साथ देने से था।
राजवीर तेल गरम करके ले आया और उन सालों ने मुझे डाइनिंग टेबल पे उल्टा लिटा दिया, यह बोलकर कि यहाँ सही से तेल लग जाएगा और गिरेगा तो साफ़ भी हो जाएगा।
अब मैं उल्टा लेट गयी और शेखावत ने मेरी टी-शर्ट को ऊपर किया।
राजवीर ने मेरे शॉर्ट्स को हल्का खींच के नीचे किया और मेरी लाल पैंटी दोनों को दिखने लगी।
राजवीर ने तेल मेरी कमर पे गिराया और सहला-सहला के फैलाने लगा।
शेखावत ने बगल में सिगार जला ली।
शेखावत अंकल बिल्कुल मेरे मुँह के सामने खड़े थे और मेरा मुँह बिल्कुल उनके लंड के सामने था।
वो मेरे इतने करीब थे कि मैं जीभ से उनका लंड छू सकती थी।
उधर राजवीर अपने दोनों अंगूठों से मेरी कमर का मसाज कर रहा था और उसी बहाने कमर से नीचे मेरी गांड तक भी हाथ घुमा रहा था।
चूँकि मुझे चुदे एक महीना हो गया था और अजय के बिना मेरा मन नहीं लग रहा था, मेरी चूत को लंड चाहिए था, यह तो मुझे पता था; लेकिन ये दो बाप की उम्र के लोग मुझे चोदेंगे, यह नहीं पता था।
मैं धीरे-धीरे उनके इरादे भांपने लगी क्योंकि शेखावत का लंड पैंट में खड़ा हो रहा था, यह मुझे दिख गया था।
अब राजवीर बोला, “यार, कपड़ों में तेल लग रहा है!”
शेखावत बोला, “निकाल दे, नहीं तो दाग नहीं जाएगा!”
राजवीर अंकल ने अपना कुर्ता-पजामा निकाल दिया और सिर्फ अंडरवियर में आ गए।
उन्होंने कहा, “यार शेखावत! आज बिटिया के पूरे शरीर का मसाज कर देते हैं मिल के, एकदम तरोताजा हो जाएगी!”
मैं बोली, “नहीं-नहीं, इतना काफी है।”
तो शेखावत अंकल बोले, “अरे बिटिया, करने दो मजा आएगा! हमें 60 साल का एक्सपीरियंस है!”
यह बोलकर उन्होंने मुझे सिर्फ ब्रा और पैंटी में कर दिया और खुद भी नंगे हो गए।
शेखावत मेरी कमर से नीचे और राजवीर मेरी पीठ का मसाज करने लगा। राजवीर बोला, “बिटिया, कभी मसाज लिया है?”
मैं बोली, “हाँ, मेरा बॉयफ्रेंड करता रहता है।”
तो राजवीर बोला, “सिर्फ करता है कि करवाता भी है?”
मैं बोली, “करवाता भी है!”
शेखावत बोला, “गुड लैड! उसकी मेहनत तुम्हारे शरीर पे दिख भी रही है!”
यह बोलते-बोलते वो मेरी गांड पे दोनों हाथ फिराने लगा और बोला, “बेटी, पैंटी निकाल रहा हूँ, तभी अच्छा मसाज होगा!”
नग्नता और हवस की पराकाष्ठा
अब मैं उनके इरादे समझ चुकी थी, ये दोनों मुझे ठोक के ही मानेंगे।
मैंने हाँ में सर हिलाया तो दोनों को हरी झंडी मिल गयी।
अब मुझे उठा के दोनों ने ज़मीन पे योग मैट पे लिटा दिया और पूरी नंगी कर दिया।
मेरे पूरे शरीर को तेल से भिगो दिया और खुद भी पूरे नंगे हो गए।
मैं कुछ नहीं बोली।
उन दोनों का लंड मूसल जैसा था।
उस उम्र में भी उनका लंड बांस की तरह तना था।
शेखावत नीचे लेट गया और राजवीर ने मुझे उसके ऊपर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गया।
अब मैं उन दोनों के बीच में थी और वो दोनों हिल-हिल के मेरे बदन पे अपना पूरा शरीर घिस रहे थे।
शेखावत मेरी गांड दबा रहा था और अपनी उंगली से छेद खोद रहा था, और राजवीर मेरी चूँचियों को मसल रहा था।
राजवीर बोला, “शेखावत जी, मक्खन है पूरा बदन इसका!”
शेखावत बोला, “सही बोला यार! और गरम भी खूब है, मजा देगी!”
राजवीर बोला, “हाँ मजा तो देगी! वो साली थर्ड फ्लोर वाली शिशिर की बीवी याद है ना? वो साली फुस्स निकली, लंड झेल नहीं पायी। एक घंटे में तीन बार ढह गयी और रोने लगी कि राजवीर जी छोड़ दो मर जाऊँगी। मजा खराब कर दिया बहन की लौड़ी ने!”
शेखावत बोला, “कोई नहीं, पारुल बिटिया नहीं होगी फुस्स, खिलाड़ी है ये! क्यों बेटी, झेल लोगी ना हमें?”
मैं बोली, “कोशिश करुँगी अंकल!”
अब शेखावत अंकल लेट गए और बोले, “बिटिया, चलो लंड का मसाज करो!”
मैं शेखावत के लंड का मसाज करने लगी।
कमाल का मोटा तगड़ा लंड था, मेरी मसाज से वो फुफकारने लगा।
दूसरी तरफ राजवीर मेरी चूत चाट रहा था, कमाल का खिलाड़ी था वो चूत चूसने में।
चूस-चूस के उसने मेरी चूत को पानी-पानी कर दिया।
फिर राजवीर के लंड की बारी आई।
साला उसका लंड भी बेजोड़ था— एकदम कड़क, लम्बा और मोटा।
मसाज के बाद उसने अपना लंड मेरी चूचियों के बीच रखा और उन्हें चोदने लगा।
उसका लंड चूँचियों को चीरता हुआ मेरे मुँह में घुस रहा था।
असली चुदाई का तांडव
अब दोनों लंड तैयार थे और मेरी चूत पूरी गीली हो चुकी थी।
पहले शेखावत ने मेरी चूत में लंड घुसाया।
उसने एक बार में पूरा लौड़ा मेरी चूत में उतार दिया!
उसका मोटा लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ अंदर जड़ तक घुस गया।
मैंने कस के शेखावत को जकड़ लिया और बोली, “बुड्ढे आराम से कर मादरचोद! मेरी चूत फाड़ेगा क्या?”
शेखावत बोला, “बेटी, तेरा ये बुड्ढा अंकल आज तेरी चूत को फाड़ के तुझे असली औरत बनाएगा! आह, क्या चूत है यार राजवीर, लौड़ा घुस के ही तृप्त हो गया! आज बिटिया रानी बनाऊँगा तुझे!”
वो तेज रफ़्तार से धक्के लगाने लगा।
शेखावत मेरी चूत की धज्जियाँ उड़ा रहा था और मुझे उछाल-उछाल के चोद रहा था।
20 मिनट तक उसने मेरी चूत को ओखली समझकर मूसल ठोका।
फिर शेखावत बोला, “राजवीर, आ अब तेरी बारी!”
राजवीर ने मेरी गांड में लंड डाल दिया।
मैं चीख पड़ी, लगा गांड फट गयी! एक मोटा बांस पूरा मेरी गांड में था और मैं दर्द में बेहाल थी।
मैं घोड़ी बनी हुई राजवीर का बांस गांड में झेल रही थी।
उसके झटके मुझे ऊपर से नीचे तक हिला दे रहे थे।
राजवीर बोला, “कसम से शेखावत, बड़े दिन बाद मस्त टाइट गांड मिली है, मारने में मजा आ रहा है! साली को कब से ठोकने का मन था!”
यह बोल के उसने एक जोरदार चांटा गांड में मारा और मेरी चोटी पकड़ के मुझे गाली देने लगा।
मैं भी गांड हिला-हिला के मरवाने लगी।
उसने बोला, “हरामजादी! इस सोसाइटी की बवाल माल है तू मादरचोद! आज तेरी गांड तो मिल गयी, अब शेखावत की बहू की बड़ी गांड बची है जिसको जल्दी ही फाड़ूँगा!”
शेखावत बोला, “साले! मेरी बहू अब नहीं चोदेगा तू, दिला दी ना तुझे तेरी चाहत की गांड!”
राजवीर बोला, “साले, तेरी बहू को तो पटक-पटक के चोदूंगा और उसको कुतिया बना के पेलूँगा! उसकी अकड़ का पेच मैं अपने लौड़े पे बिठा के ढीला करूँगा। शेखावत, तेरी बहू तो टारगेट है मेरा, वो नहीं बचेगी साले!”
यह बोल के वो जोश में आ गया और लंड निकाल के मेरी चूत में पेल दिया।
मेरी चूत में लंड घुसाते ही उसने मुझे चूम लिया और बोला, “मेरी जान! तेरी चूत तो मलाई है रे, लंड लग रहा है रुई में घुस गया! कमाल है तेरी चूत छमिया!”
उसने मुझे बाहों में उठा के अपने लंड पे गाड़ना शुरू किया।
मैंने उसकी कमर में अपनी टांगें फंसा लीं।
फिर उसने मुझे नीचे उतार के शेखावत की गोद में बिठा दिया।
गांड और चूत की बर्बादी
दोनों ने दो घंटे में मुझे दो बार झाड़ दिया।
मैं थक के हाँफ रही थी.
लेकिन शेखावत कहाँ मानने वाला था; उसने मुझे कुर्सी पर झुका के घोड़ी बनाया और अपना मोटा लंड मेरी गांड में उतार दिया।
उसका लंड राजवीर से भी मोटा था, मेरी फिर गांड फटने के कगार पे आ गयी।
शेखावत मेरी गांड पे हथौड़े जैसा लंड बरसाने लगा।
शेखावत बोला, “राजवीर, अगर तूने मेरी बहू ठोकी तो साले तेरी बेटी की बुर फाड़ दूँगा! बहुत अंकल-अंकल करती है, रंडी बना लूँगा चोद के। उसके छोटे-छोटे मुम्मे का रस चूसूँगा और उसकी बुर का बुरादा बनाऊँगा!”
दोनों ने बातें करते-करते मेरी गांड मार-मार के चौड़ी कर दी।
फिर शेखावत ने मुझे खड़ा किया और मेरी एक टांग उठा ली, जबकि राजवीर ने दूसरी टांग उठा के मुझे हवा में झुला दिया और मेरी चूत में अपना लंड पेल दिया।
दो मूसल मेरी चूत और गांड में थे और मैं हवा में उनके लंड पे झूल रही थी।
मैं फिर से झड़ गयी।
उस दिन दोनों ने दिन भर मुझे ठोका।
राजवीर रात में मेरे पास ही रुक गया और साले ने मुझे जी भर के चोदा।
मैं भी उसकी राँड बन के चुदी।
साले ने मेरी चूत पे दारू डाल के चाटा।
उसने बाथरूम के टब में मुझे घंटों रौंदा और बेड पे मेरे साथ कुश्ती खेली।
अगले दिन सुबह शेखावत फिर आ गया और उसने भी मुझे बजाया।
मैं लगातार दो दिन तक चुदी।
उन सालों ने मेरी चूत और गांड को सुजा दिया।
पूरे दो दिन मैं कपड़े नहीं पहन पायी, बस ठुकती थी और सोती थी।
बुड्ढों की बेरहमी की छाप मेरे पूरे बदन पे थी।
मेरी चूचियों पे उनके दाँतों के निशान थे और गांड-बुर का छेद चौड़ा हो चुका था।
इस चुदाई के बाद मैं 24 घंटे तक सोती रही।
पूरे लॉकडाउन में उन दोनों ने मुझे चोद-चोद के मेरी भूख को बढ़ा दिया और मेरे लॉकडाउन को मजेदार बना दिया!
ओल्ड मैन यंग गर्ल सेक्स कहानी आपको कैसी लगी?
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