Xxx देसी गर्ल फर्स्ट चुदाई कहानी में मैं अपनी दीदी के घर गया तो वहां उनकी जवान ननद मेरे में रूचि लेने लगी. मैं समझ गया कि साली की चूत का दाना फड़क रहा है.
दोस्तो, मेरा नाम रोहित है (बदला हुआ नाम).
मैं गुना शहर, मध्य प्रदेश का रहने वाला हूँ और मेरा लंड 5.5 इंच का है, जो किसी भी औरत को पूरी तरह संतुष्ट कर सकता है.
ये Xxx देसी गर्ल फर्स्ट चुदाई कहानी मेरी और मेरी दीदी की ननद निकिता के बीच की है जो 2022 में घटी एकदम सच्ची घटना है.
मेरी दीदी की ननद का नाम निकिता है.
वे गांव में रहती हैं. जीजाजी अकेले शहर में रहते हैं.
निकिता दीदी की तीन छोटी बहनें हैं, जिनमें निकिता सबसे छोटी है.
वह एकदम गोरी, मस्त चिकनी और 30-28-32 के कातिल फिगर वाली है. उसकी पतली कमर, चौड़ी चकरी पहाड़ियों वाली ऐसी मस्त गांड है, जो बुड्ढों का भी लंड खड़ा कर दे.
यह बात दो साल पुरानी है. मैं उस समय SSC GD की फिजिकल की तैयारी कर रहा था.
उस समय मेरे जीजाजी का फोन आया कि रोहित, हमारे यहां घूमने आ जा यार!
मैंने कहा- हां जीजा जी, आ जाता हूँ. आप प्लीज दीदी से थोड़ी बात करवा दीजिएगा.
उसके बाद मैंने दीदी से बात की और आने की हां कर दी.
अगले दिन मैं अपनी दीदी के घर पहुंच गया.
मैंने दीदी के पैर छुए, पानी पिया और सीधा हुआ ही था कि मेरी नजर दीदी की कुंवारी ननद निकिता पर जा पड़ी.
साला क्या माल लग रही थी, एकदम मस्त पटाखा आइटम!
उसके दूध और गांड के उभार मुझे घायल कर गए थे.
शायद मेरी वासना भरी नजरों को निकिता ने भी भांप लिया था.
हम सब बैठ गए और थोड़ी देर इधर-उधर की बातें करने लगे.
फिर जीजा जी और दीदी कमरे से चले गए.
अब हम दोनों यानि मैं और निकिता ही कमरे में रह गए थे.
निकिता ने मुझसे पढ़ाई आदि के बारे में पूछना शुरू किया.
मैं उसे जबाव देता गया और उसके दूध देखने का मजा लेता रहा.
वह भी अपने मम्मों को हिलाती हुई मुझे कामुक कर रही थी.
धीरे-धीरे बातें करते-करते उसने मुझसे पूछ ही लिया- तेरी गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?
मैंने भी यह सुना तो दीदी वाला सम्बोधन गांड में घुसेड़ते हुए उससे बोला- नहीं यार, कोई है ही नहीं.
मेरे मुँह से यार शब्द सुनकर निकिता खुश हो गई और बोली- हां यह सम्बोधन ठीक है यार … तू दीदी दीदी बोल रहा था तो मुझे बड़ा अटपटा सा लग रहा था. तेरी दीदी तो किचन में हैं, मैं तो बस तेरी फ्रेंड हो सकती हूँ.
मैंने कहा- हां यार, मुझे भी तुझे दीदी बोलना ठीक नहीं लग रहा था.
वह हंसकर बोली – वह सब छोड़ो और यह बताओ कि तूने जीएफ बनाई नहीं या कोई बनती ही नहीं?
मैंने मजाक में बोल दिया- तू बन जाएगी क्या मेरी जीएफ?
वह मुस्कुराई और बोली- सोचेंगे …
यह कह कर वह मुस्कुराती हुई उठी और गांड मटकाती हुई चली गई.
बस यार मैं मन ही मन में नाचने लगा कि चलो कोई तो जीएफ बनने को राजी हो गई!
शाम को मैं थोड़ा घूमने निकला, एक सिगरेट पीकर वापस लौटा तो खाना रेडी हो गया था.
दीदी ने खाना टेबल पर लगा दिया तो मैंने खाना खा लिया.
दीदी ने मेरा बिस्तर ब.च्चों वाले कमरे में लगा दिया था, जहां निकिता भी सोती थी.
ब.च्चों से बातें करते-करते दस बज गए, ब.च्चे सो गए.
हम दोनों टीवी देखते हुए बातें करने लगे.
फिर मैंने हिम्मत करके पूछ ही लिया- वह जो जीएफ वाली बात की थी … सच में तू मेरी सैटिंग बनेगी?
वह सैटिंग शब्द सुनकर शर्मा गई और झिझकती हुई बोली- हां … बन जाऊंगी!
मैंने उसे नजर भर कर देखा और सोचा कि साली को आज पूरी नंगी करके चोदूंगा.
उसने मुझे देखा और बोली- ऐसे क्या देख रहे हो?
मैंने कहा- बस सोच रहा था कि किधर से शुरू करूँ?
वह हंस कर अंगड़ाई लेती हुई अपने दूध दिखाती हुई बोली- कहीं से शुरू कर दो … मैं रेडी हूँ!
बस उसका यह कहना था और मेरा दिल बाग-बाग हो गया.
मैंने उसे खींच कर अपने गले से लगा लिया और किस करने लगा.
वह भी मेरा साथ देने लगी.
हम दोनों आधा घंटा तक जी भर के किस करते रहे.
फिर मैंने धीरे से उसकी सलवार का नाड़ा खींचा और उतार दी.
उसके बाद उसका कुर्ता भी उतार दिया.
वह ब्रा पैंटी में मेरे सामने थी.
मैंने ब्रा को मम्मों से सरका दिया.
अब उसके 30 साइज के मुलायम दूध मुझे ललचाने लगे थे.
मैं एक दूध को दबाने लगा और एक को मुँह में भर कर चूसने लगा.
मुझे तो ऐसा लग रहा था मानो जन्नत की हूर चोदने मिल गई हो.
वह मादक सिसकारियां लेती हुई कहने लगी- आह … रोहित … चूसो इनको … खा जाओ … चूस लो पूरा आज … आह!
उसके मुँह से बस ‘आह … हाय … सी … सी … ’ की आवाजें आने लगीं.
मैंने धीरे-धीरे उसके बदन से ब्रा पैंटी को भी उतार दिया और खुद भी पूरी तरह नंगा हो गया.
हम दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह चूम रहे थे.
मैं उसके दूध चूसते-चूसते उसकी पेट पर आया, जो संगमरमर की तरह चमक रहा था.
उसकी नाभि में जीभ घुमाते हुए नीचे आया तो उसकी चूत देखकर दंग रह गया.
मेरी दीदी की कुंवारी ननद की चुत एकदम फूली हुई रोटी की तरह थी.
सामने हल्के-हल्के बालों वाली गुलाबी चूत देख कर लंड टनटन करने लगा.
मैंने नीचे को खिसक कर पोजीशन बनाई और उसकी चूत पर हल्का सा किस किया.
मेरे होंठों का स्पर्श पाते ही वह एकदम से सिहर उठी और उसकी मीठी सी कराह निकल गई ‘आह्ह …’
कुछ देर चुत चटवाने के बाद वह मेरे लौड़े को पकड़ कर मसलती हुई बोली- मुझे भी चूसना है!
मैंने सोचा कि साला यह तो मुँह मांगी मुराद मिल रही है!
फिर हम दोनों ने 69 की पोजीशन ले ली और एक-दूसरे के गुप्तांग चाटने-चूसने लगे.
पूरा कमरा बस हम दोनों की मदभरी सिसकारियों से और चूसने-चाटने की चप-चप की आवाजों से गूँज रहा था.
उसका मुँह जैसे ही मेरे लंड पर लगा, मैं तो समझो सातवें आसमान पर पहुंच गया था.
वह मेरे लौड़े को लॉलीपॉप समझती हुई लपर लपर चूस रही थी.
उसकी लौड़े चूसने की अदा से मैं समझ तो गया था कि यह खेली खाई लौंडिया लग रही है.
तब भी मैंने अपने मन में सोचा कि मां चुदाए कौन सा इससे शादी करनी है. चोदो बहन की लौड़ी को … और आगे बढ़ो!
अब मैं भी उसकी चूत को आइसक्रीम की तरह चाटने लगा था.
हम दोनों को एक-दूसरे के लंड चुत को चूसते-चाटते करीब दस मिनट हो गए थे.
इस दरमियान वह एक बार झड़ चुकी थी और मेरा भी हो गया.
उसका रस इतना टेस्टी था कि मैंने सारा पी लिया, उसने भी मेरा माल लौड़े से निकाल कर गटक लिया.
रस चाट लेने के बाद भी हम दोनों एक दूसरे के लंड चुत को चूसते रहे.
उससे हुआ यह कि वापस चुदास भड़क गई.
वह बोली- अब मुझसे नहीं रुका जाता प्लीज … अपनी लंड मेरी चूत में डाल दो!
मैंने कहा- थोड़ा और चूसकर टाइट कर दो पहले!
उसने एक-दो मिनट और जोर-जोर से चूसा और इस बार उसने मेरे दोनों टट्टे भी जीभ से चाटे … इससे मेरा लंड लोहे जैसा कड़क हो गया.
मैंने उसे सोफे पर ही लिटाया, उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और किस करते हुए उसके दूध दबाने लगा.
अपना लंड मैं उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
वह बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी और चिल्लाने लगी- चोदो ना … जल्दी चोदो साले क्यों परेशान कर रहा है … क्या किसी मुहूर्त का इंतजार कर रहा है!
मैं हंस दिया और मेरी नजर दीवार पर लगी घड़ी पर चली गई.
उस टाइम रात के 12:30 बज चुके थे.
मैंने अब देरी न करते हुए एक जोरदार झटका दे मारा.
पहले शॉट में मेरा सिर्फ टोपा ही चुत के अन्दर घुस पाया था.
लंड की चोट से उसकी चुत चिर सी गई और उसके मुँह से जोरदार ‘स्स्स … आ आह्ह … मर गई!’ निकला.
मैंने तुरंत उसके होंठ अपने मुँह में लेकर किस कर लिया ताकि आवाज दब जाए.
वह मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगी, पर तभी बाहर कुत्ते जोर-जोर से भौंकने लगे.
सारे घर वाले जाग गए और कुत्तों के भौंकने का कारण जानने के लिए घर के बाहर निकलने लगे.
दरअसल उस इलाके में कुछ दिनों से चोरों का आतंक चल रहा था तो सब लोग सजग रहने लगे थे.
घर के लोगों की आवाज सुनकर हम दोनों घबरा गए और दोनों ने जल्दी-जल्दी कपड़े पहने.
मैं बाहर निकला तो दीदी ने पूछा- इतना शोर हुआ और तुम लोग क्या घोड़े बेच कर सो रहे थे?
मैंने कहा- क्या हुआ दीदी?
‘अरे किसी ने बताया कि एक चोर, तेरे जीजा जी की भैंस ले जा रहा था, इसलिए सब जाग गए … तो वह चोर भाग गया!’
यूं ही एक घंटा तक चुदुरपने की बातें होती रहीं.
मेरे लौड़े की मां चुद गई थी.
साला न झड़ा और न खड़ा … केएलपीडी हो गई थी.
उस रात मेरा, दीदी की ननद को चोदने का सपना अधूरा रह गया.
मैं अगली रात का इंतजार करने लगा.
अगली रात आई, लेकिन उसकी बड़ी बहन उसी कमरे में सोने आ गई.
उसे आया देख कर मुझे तो करंट सा लग गया.
झांटें सुलग गईं पर क्या कर सकता था.
निकिता भी मुँह दबाए हंस रही थी.
यह रात किसी तरह कटी, पर मेरा मन नहीं लग रहा था.
मैंने सोचा- एक रात और रुकता हूँ, आज कुछ भी करके निकिता को चोद ही दूंगा!
जैसे-तैसे दिन निकला, शाम हुई.
सबने खाना खाया और मैं सोने चला गया.
थोड़ी देर बाद निकिता भी आ गई.
बच्चों से बातें करके दस बजते-बजते ब.च्चे सो गए.
गांव में वैसे भी सब जल्दी सो जाते हैं.
अब मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था, कहीं फिर कोई लफड़ा न हो जाए और सुबह मुझे घर भी जाना था.
मैंने निकिता को अपनी बांहों में खींच लिया, गले लगाया और पागलों की तरह किस करने लगा.
वह भी चुदासी थी तो मेरे साथ चूमा चाटी में लग गई.
निकिता की बड़ी दीदी भी इसी कमरे में सो रही थीं लेकिन वे खर्राटे भर रही थीं तो हम दोनों बेफिक्र थे.
कुछ ही मिनटों में हम दोनों फिर पूरी तरह गर्म हो चुके थे.
मैंने एक-एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसके मुलायम दूध जोर-जोर से चूसने लगा.
उसके मुँह से ‘आह … स्सी … उई माँ … ’ की आवाजें आने लगीं, जिससे मेरा जोश और बढ़ गया.
मैंने अपना लंड उसके मुँह में ठूँस दिया, पूरा गले तक पहुंचा दिया.
वह ‘गुह … हुह … ’ करने लगी, उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
पर मैंने लंड खूब चुसवाया.
फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए.
वह मेरा लंड चूस रही थी, मैं उसकी चूत चाट रहा था.
कुछ देर में वह फिर झड़ गई और बोली- अब जल्दी लंड डाल दो … नहीं तो मर जाऊंगी!
मैं नीचे आया और उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा.
वह तड़प कर बोली- डाल ना मादरचोद … अपनी लंड अन्दर डाल बहन के लौड़े!
उसकी गाली सुनकर मेरा जोश दोगुना हो गया, मैंने एक ही झटके में आधा लंड उसकी चूत में पेल दिया.
उसकी आंखों में आंसू आ गए, वह रोने लगी.
मैं थोड़ा रुका.
जैसे ही उसने गांड हिलानी शुरू की, मैंने दूसरा जोरदार झटका दे मारा.
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में धंस गया.
उसकी आंखें मानो बाहर आने को थीं, चुत से खून भी निकलने लगा.
उसकी चीख मेरे मुँह में ही दब गई.
मैंने फिर से किस करना शुरू कर दिया और चूचियां मसलने लगा ताकि उसे थोड़ा आराम मिल जाए.
फिर उसने खुद गांड हिलाकर इशारा किया, तो मैंने स्पीड बढ़ा दी.
अब वह भी गांड उठा-उठा कर साथ देने लगी और मदभरी आवाज में सिसियाने लगी ‘आह्ह … हाय … उई मम्मी … ’
पूरा बिस्तर हमारी आवाजों से भरा हुआ था.
हम दोनों धीमी आवाज में चुदाई का मजा ले रहे थे.
मैंने पूरी ताकत से उसकी चुत की चुदाई की.
मैं निकिता को करीब 20 मिनट तक चोदता रहा.
इस बीच वह एक बार झड़ भी चुकी थी.
फिर जब मैंने कहा कि मेरा काम होने वाला है … माल क्या बाहर निकालूँ?
वह बोली- नहीं … अन्दर ही डाल दो!
मैंने स्पीड और बढ़ाई और 15-20 जोरदार झटकों के बाद झड़कर उसके ऊपर ही गिर पड़ा.
हम दोनों लंबी लंबी सांसें लेने लगे.
फिर दोनों में चिपक कर प्यार होने लगा.
वह मेरे होंठ चूसने लगी और मेरी जीभ को अपने मुँह में भर कर मुझे गर्म करने लगी.
मैंने कहा- सेकंड राउंड हो जाए!
वह बोली- हां करो!
मैं उसकी चुत का दाना अपनी दो उंगलियों में पकड़ कर मींजने लगा और उसके गले को अपने होंठों से चूमते हुए चाटने लगा.
इससे थोड़ी ही देर बाद वह फिर से गर्म हो गई और नीचे को सरक कर मेरा लंड चूसने लगी.
कुछ मिनटों में ही मैं फिर से चार्ज हो गया.
इस बार मैंने उससे कहा- घोड़ी बन जा!
वह घोड़ी बन गई.
मैं पीछे से उसकी चूत में लंड पेलने लगा.
वह फिर ‘आह … हाय … उई … ’ करने लगी.
इस तरह से उस रात मैंने उसे तीन बार चोदा.
अब घड़ी में 3 बज चुके थे, पर मेरा मन उसकी मोटी गांड मारने का भी कर रहा था.
जब मैंने उससे गांड चुदाई के लिए कहा तो उसने मना कर दिया.
वह बोली- अभी आगे चूत में ही बहुत दर्द हो रहा है … पीछे से तो कांड हो जाएगा. तुम मेरी गांड फिर कभी मार लेना!
फिर हम दोनों कपड़े पहन कर सो गए.
Xxx देसी गर्ल फर्स्ट चुदाई के कारण सुबह उससे चलना भी मुश्किल हो रहा था.
बाद में पता चला कि उसकी दीदी को सब पता चल गया था, उसने मुझे बाद में खुद बताया.
मैंने उसे कुरेदा कि दीदी को पता चल गया था तो उन्होंने कुछ कहा क्यों नहीं?
वह हंस दी.
मैं समझ गया कि बड़ी दीदी की चुत भी मेरे लंड से चुदने को मचल रही है.
अब देखो उनकी चुत चुदाई का मौका कब मिलता है. जब भी दीदी की चुदाई होगी, आप सबको जरूर बताऊंगा!
दोस्तो, ये मेरी दीदी की ननद निकिता की चुदाई की सच्ची सेक्स कहानी थी.
चुत चुदाई के बाद मैंने निकिता की गांड भी मारी और उसके चाचा की लड़की की सील भी तोड़ी, वह सेक्स कहानी अगले पार्ट में सुनाऊंगा.
आप सब दोस्तो अगली सेक्स कहानी के आने तक खुश रहो और प्लीज अपने कमेंट करके जरूर बताना कि आपको Xxx देसी गर्ल फर्स्ट चुदाई कहानी कैसी लगी!
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