सिस्टर बॉडी प्ले कहानी में मैंने मोबाइल पर पोर्न देखा तो सब कुछ पता चल गया. मेरी दीदी का जवान बदन मेरे लंड को हिलाने लगा. हम दोनों एक बिस्तर पर सोते थे.
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम अर्चित है. ये नाम बदला हुआ है.
मेरी उम्र अभी बीस साल है. मैं अभी तक सिंगल हूँ.
मेरी दीदी मुझसे पांच साल बड़ी हैं.
अब मैं अपने बारे में बताता हूँ. मैं बहुत शर्मीला किस्म का लड़का हूँ. छोटी अवस्था से ही ज्यादा नहीं बोलता था.
मुझे याद है, जब मैं किशोर अवस्था का था, तभी घर में मोबाइल आ गया था.
स्कूल के दोस्त हस्तमैथुन और लड़कियों की बातें करते थे.
तब मुझे इसके बारे में ज्यादा पता नहीं था.
फिर जब मैंने मोबाइल पर पोर्न देखना शुरू किया, तो सब कुछ पता चल गया.
मैं जवान होते ही सब जान गया था.
उस वक्त मेरी दीदी जवान होकर फल-फूल चुकी थीं.
गर्मियों में मैं और दीदी हम दोनों चटाई पर सोते थे.
मेरे घर में बस चार लोग हैं. मम्मी-पापा, मैं और दीदी.
मैंने पहली बार मुठ मारने की कोशिश दीदी के बगल में लेट कर ही की थी.
क्या बताऊं यार … वह पहला अनुभव बहुत मज़ेदार था.
अब मुठ मारने में वह फीलिंग नहीं आती.
यह सिस्टर बॉडी प्ले कहानी मार्च महीने की होगी.
तब हम लोग कमरे में ही सोते थे.
ज्यादा गर्मी नहीं होती थी तो बस चद्दर ओढ़कर सो जाते थे.
दीदी मेरे बगल में ही चटाई पर सोई हुई होती थीं, मैं उनके बाजू में अपने लौड़े को सहला कर झड़ जाता था.
मैं आपको बता दूँ कि मेरी दीदी दिखने में बहुत सुंदर हैं लेकिन उनके दूध ज्यादा बड़े नहीं हैं और गांड भी मीडियम साइज़ की ही है.
जब यह वाकिया पहली बार हुआ था यह उस दिन का किस्सा है.
दीदी सलवार-कमीज पहनी हुई थीं.
उस दिन शाम को मैंने मोबाइल पर एक पोर्न देखी थी … सिस्टर-ब्रदर वाली.
उसमें जो किया जा रहा था, उसे देखकर लगा कि मैं भी दीदी के साथ ऐसे मज़े ले सकता हूँ.
रात को खाना आदि खाकर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगा ही चादर ओढ़ कर लेट गया.
मैंने अपना लंड थोड़ा खुला रखा, ताकि दीदी देख सकें.
जब दीदी सोने आईं, तो हुआ भी वैसा ही उन्होंने थोड़ी देर तक मुझे देखा.
मैं चादर की झिरी से उन्हें चुपके से देख रहा था.
वे मेरे बाजू में लेट गईं और सो गईं.
करीब एक बजे मैं धीरे से उठा.
मैंने हाथ बढ़ाकर दीदी की गांड पर रख दिया.
वे करवट लेकर लेटी हुई थीं.
मेरे हाथ लगाने से वे कुछ नहीं बोलीं.
फिर मैंने धीरे-धीरे उनकी समीज ऊपर कर दी.
वे नीचे पैंटी पहनी हुई थीं, जो सलवार में खोंसी हुई दिख रही थी.
मैंने धीरे से दीदी की सलवार का नाड़ा खोला, पैंटी नीचे की और उनकी चुत को पूरी तरह खोल दिया.
वाह … क्या बताऊं, मेरी हालत खराब हो रही थी.
मैं एकदम नंगा था और दीदी अभी भी नींद में थीं.
वे कुछ भी रिएक्ट नहीं कर रही थीं.
अब मैं उनके और करीब को चला गया.
मैंने उनके पेट को किस करना शुरू किया.
मजा आ गया … उनकी त्वचा का स्वाद बड़ा ही नमकीन था.
यार … मेरा तो पूरा बदन सिहर उठा था.
कुछ पल बाद मैं उनके एकदम बगल में आ कर लगभग चिपक गया था.
मैंने सलवार का नाड़ा कुछ और ढीला करके खोला और सलवार को नीचे कर दिया.
उन्होंने चड्डी पहनी हुई थी, जो उनके छेद से कुछ नीचे को सरक गई थी.
उनकी छोटी छोटी सी झांटें दिख रही थीं.
फिर मैंने उनका पूरा पेट और कमर पीठ पर जीभ से चाटना शुरू कर दिया … मैं जीभ को सरकाते हुए धीरे-धीरे उनके बदन को चाट रहा था.
उनकी कमर पूरी गीली हो गई थी, नमकीन स्वाद और गर्मी से मेरा बदन सिहर रहा था.
कुछ पल बाद मैंने उनकी कमीज और ऊपर की.
दीदी की कमीज टाइट थी पर मैंने थोड़ी मेहनत से ऊपर तक कर लिया था.
अब उनके छोटे-छोटे दूध मेरे सामने थे.
भरपूर जवान लड़की के दूध देख कर मेरे लौड़े ने बगावत शुरू कर दी.
मेरी दीदी के दूध दिखने में बहुत टाइट थे, पर छूने में एकदम मक्खन से मुलायम और गर्म.
मैंने पहले उन्हें खूब मन भरकर रगड़ा, फिर चूसना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में दीदी के दोनों निप्पल एकदम सख्त हो गए थे.
थोड़ी ही देर में वे हिल गईं.
अब वे मुझे निप्पल चूसने नहीं दे रही थीं.
शायद उन्हें दर्द हो रहा होगा.
मैंने भी उन्हें छोड़ दिया.
अब मैंने उनके होंठों को देखा. मैंने उन्हें भी चूस लिया.
वे अभी भी बिल्कुल नींद में ही थीं, पर उनकी सांसें तेज़ हो गई थीं.
सांसें एकदम गर्म, भारी और उत्तेजित अवस्था को बयान कर रही थीं.
इतना सब कर लेने के बाद भी मुझे चूत के बारे में ज्यादा पता नहीं था.
झड़ना क्या होता है, उस वक्त ये भी सही से नहीं जानता था.
पर मैंने सोचा कि चलो अब बहन की पैंटी को नीचे करूँ.
मैंने हाथ से पैंटी नीचे करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने करने ही नहीं दिया.
वे करवट बदल कर दूसरी तरफ मुँह करके लेट गईं.
मेरे ऊपर कुछ भूत सा चढ़ गया था तो मैंने आव देखा न ताव और उनके ऊपर चढ़ गया.
मैं बिल्कुल नंगा था और मेरा लंड उनकी जांघों के बीच में था.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
मैंने कमर को चलाते हुए थोड़ा धक्का भी मारा, लंड को उनकी जांघों में सरकाता रहा.
फिर मैंने उनके हाथ पकड़ कर हिलाए भी … पर तभी न जाने क्या हुआ कि मैं झड़ गया.
मेरे लंड से गर्म-गर्म वीर्य निकल कर उनकी जांघों पर गिर गया.
अब मैंने उनके कपड़े सही किए और एक जांघिया पहन कर सो गया.
मैं समझ रहा था कि वे पूरी नींद में ही थीं, पर उन्होंने अपनी तरफ से कुछ भी नहीं किया था इस वजह से मुझे ऐसा लग रहा था.
उस दिन ये मेरी बहन के साथ मेरी पहली टचिंग और किसिंग थी.
मैंने सिस्टर बॉडी प्ले का मजा लिया था.
अगले दिन से सब सामान्य हो गया. उसके बाद कभी कुछ कर नहीं पाया.
रात को कुछ करने जाता, तो वे तुरंत जाग जातीं.
शायद उन्हें डर था कि कहीं घर में किसी को पता चल गया तो बहुत बुरा हो जाएगा.
उस पहली रात का वह कामुक अहसास आज भी मुझे अच्छे से याद है.
डर, उत्तेजना और पहली बार का वह वासना का मज़ा मुझे अब बहुत लजाता है कि मैंने अपनी बहन के साथ वह सब किया था.
यह भी याद करके मुझे गुदगुदी सी होती है कि दीदी को भी मजा रहा था.
पर वे रिश्तों की संवेदना को समझती थीं इसलिए उन्होंने मुझे कुछ ज्यादा नहीं करने दिया.
काफी दिनों से मैं यह सब अपने अन्दर भरे हुए था … आज आप सभी के साथ साझा किया तो काफी हल्का महसूस कर रहा हूँ.
आप मुझे जरूर लिख कर बताएं कि आपको मेरी सिस्टर बॉडी प्ले कहानी के बारे में क्या कहना है!
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