आंटी चुदाई कहानी में मेरा दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने गया तो मैं बाहर गली में खड़ा था कि एक आंटी मुझसे बात करने लगी. उसे पता था कि मेरा दोस्त चुदाई करने आया है.
सभी पाठकों को मेरा सलाम, नमस्कार.
यह मेरी दूसरी सेक्स कहानी है अगर कोई गलती हो जाए तो एक मित्र समझ कर माफ कर देना.
दरअसल यह कहानी नहीं बल्कि एक सच्ची घटना है.
मैं आपका ज्यादा समय न लेते हुए सीधे अपनी आंटी चुदाई कहानी पर आता हूँ.
लड़कियां, भाभियां और आंटियां अपनी चूत में उंगली डाल लें.
मेरा नाम वाहिद हुसैन है और मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है. मेरे लंड का साइज 7 इंच है.
और यह घटना जिन आंटी के साथ हुई है उनका नाम अफ़साना है.
दोस्तो, ये बात है 2022 की जब मैं और मेरा दोस्त हम दोनों एक साथ उसकी गर्लफ्रेंड से मिलने जा रहे थे.
वह अपनी सैटिंग के घर के करीब आया और उससे मिलने उसके घर में चला गया.
मैं बाहर गली में खड़ा रह कर उसका वेट कर रहा था.
तभी मेरी नजर एक आंटी पर पड़ी. उस आंटी की उम्र 35 साल थी और वह एक मस्त माल थी.
वह बार बार मुझे घूर रही थी.
मैं सोच रहा था कि ये मुझसे कुछ पूछ न ले कि आप यहां पर क्यों खड़े हो!
कुछ देर बाद वह मेरी तरफ आई और उसने मुझसे पूछा- तुम क्यों नहीं जाते अन्दर, जहां तुम्हारा दोस्त गया है?
मेरी गांड फट रही थी.
मैं सोच रहा था कि इसको कैसे पता चला कि मेरा दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने अन्दर गया हुआ है.
मैंने हिम्मत जताते हुए कहा- ऐसा कुछ नहीं है.
उसने कहा- अच्छा मुझे उल्लू मत बनाओ. मुझे सब पता है!
यह सुनकर मैं डर गया.
मैंने सोचा कि अगर इसने किसी से कह दिया तो हम दोनों (मैं और मेरा दोस्त आर्यन) यहीं कूटे जाएंगे.
उस आंटी ने मेरे घबराए हुए चेहरे को पढ़ लिया.
उसने कहा- घबराओ मत, मैं किसी से भी नहीं कहूंगी.
मुझे समझ आ गया कि यह सब जानती है शायद.
फिर उसने मुझसे सीधे सीधे ही पूछ लिया- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?
मैंने कहा- मैं ऐसे वैसे काम नहीं करता और न मैं ऐसे गलत काम के लिए आया हूँ.
इतने में मेरा दोस्त आ गया.
आंटी ने कहा- लो आ गया तुम्हारा दोस्त.
मैंने कहा- तुम इसे कैसे जानती हो?
उसने कहा- जिस लड़की से यह मिलने गया था, वह मेरी भतीजी है और उसी ने मुझे उसके आने के बारे में सब बता दिया था कि आज उसका एक दोस्त उससे मिलने आ रहा है.
इतना कह कर आंटी मुस्कुराने लगीं.
मैं समझ गया कि आंटी ने अपनी भतीजी को खुली छूट दी हुई है.
आंटी पुनः बोलीं- मैं तभी तो खुद ही घर से बाहर आ गई थी ताकि उन दोनों का काम खराब न हो जाए.
मैं भी हंस दिया और बोला- आप बहुत कॉपरेटिव हैं.
अब उस आंटी ने एक बार मुझसे फिर से पूछा- तुमने अभी तक बताया ही नहीं कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या तुम सिंगल हो?
मैंने कहा- मैंने आपको अभी तो बताया था कि मैं ऐसे गलत काम नहीं करता.
इतने में मेरा दोस्त मेरे पास आ गया.
वह उस आंटी को पहले से ही जानता था.
उसने हम दोनों के पास में आकर कहा कि ऐसी क्या बात कर रहे हो तुम दोनों?
मैंने अचानक से उसकी आवाज सुनी तो उसकी तरफ देख कर उससे पूछा- क्या तुम इन्हें जानते हो?
तो उसने कहा- हां जी बिल्कुल, इनकी वजह से तो मेरा काम बन पाता है.
यह सुनकर आंटी हंस दीं.
मैंने अपने दोस्त से कहा- चलो फिर तो अच्छी बात है!
अब हम दोनों उस आंटी से बाय बोल कर वापस आ गए.
एक दिन मैं और मेरा दोस्त आर्यन एक जगह बैठे गप्प लड़ा रहे थे.
तभी उसके पास उसकी गर्लफ्रेंड का फोन आया और वे दोनों एक दूसरे से बात करने लगे.
मैं भी वहीं पर बैठा था और मैं भी बीच बीच में बोल रहा था.
उसका फोन स्पीकर पर था तो मुझे उस तरफ की सारी बातें सुनाई दे रही थीं.
मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड के पास उसकी वही वाली आंटी बैठी थी.
वह भी दूसरी साइड से बीच बीच में बोल रही थी.
तभी अचानक उसने मेरे दोस्त से मेरे बारे में पूछा- तुम्हारे इस दोस्त की कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?
मेरे दोस्त ने मना कर दिया कि यह ऐसे कामों से दूर ही रहता है.
उस आंटी ने कहा- दूर रहता है या फिर इसके कुछ बस की नहीं है!
फोन स्पीकर पर था तो मुझे आंटी की बात सुनकर गुस्सा आ गई.
मैंने कहा- एक बार देकर देखो, फिर तुम्हें पता चल जाएगा कि मेरे बस की है या नहीं!
तभी उस तरफ से आवाज आई- मेरी तुमसे ना ली जाएगी बेटा … तुम अभी ब.च्चे हो. मैं तुझको सर के बल घुसेड़ लूँगी अपने अन्दर!
मैंने कहा- अच्छा … एक बार देकर तो देखो, फिर बताना घुसेड़ लोगी या घुसड़वा लोगी!
उसने मुझे तैश दिलाते हुए कहा- अच्छा ये बात!
मैंने कहा- हां ये बात!
उसने कहा- आ जाओ फिर किसी दिन, हो जाए दो दो हाथ!
मैं समझ रहा था कि ये अभी तक सिर्फ मजाक कर रही है.
उस दिन तो मेरे दोस्त ने बीच में आकर बात खत्म करवा दी.
लेकिन दो दिन बाद एक अनजान नंबर से मेरे पास कॉल आई.
इस नए नंबर को देख कर मैं सोचने लगा कि उठाऊं या नहीं!
फिर मैंने फोन पिक कर लिया.
उधर से उस आंटी की आवाज आई.
उसने मुझे अपने बारे में बताया कि मैं तुम्हारे दोस्त की गर्लफ्रेंड की चाची बात कर रही हूँ!
मैंने उससे पूछा- तुम्हें मेरा नंबर कैसे मिला?
उसने कहा- तुम्हारे दोस्त से लिया है.
मैंने कहा- ओके बताओ क्या बात करनी है?
उसने कहा कि कुछ खास नहीं, बस मन कर रहा था तुमसे वैसे ही बात करने के लिए … इसलिए फोन मिला दिया.
मैंने कहा- ओके!
अब मेरे मन भी उसको चोदने के सपने आने लगे थे लेकिन मैंने उससे ऐसा कुछ नहीं कहा.
मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा पति क्या काम करता है?
उसने कहा- मेरा पति एक टीचर है.
मैंने कहा- चलो अच्छी बात है.
वह लंबी सांस लेकर बोली- अच्छी ही तो बात नहीं है!
उसकी मुझे यह समझ में आ गया था कि इस आंटी का पति इसे सही से नहीं चोद पाता है इसलिए ये लंड की तलाश में है.
अब मेरे मन में उसे चोदने की इच्छा होने लगी.
उससे मेरी बात होने लगी.
एक दिन अचानक से ऐसे ही मैंने उस आंटी से पूछा कि तुम्हारे पति तुम्हारे साथ कितनी बार सेक्स करते हैं?
उसने साफ शब्दों में कहा- मेरे पति मुझे खुश नहीं कर पाते. वे एक तो मुझे कम बार पेलते हैं और जब कभी मेरे ऊपर चढ़ते भी हैं तो 3 या 4 मिनट में ही झड़ जाते हैं, जिससे मैं संतुष्ट नहीं हो पाती हूँ.
यह बात हुई तो मैं भी खुल कर सेक्स से संबंधित बातें करने लगा.
चुदाई की फिल्मों की बातें होने लगीं और मैं सनी लियोनी की चुदाई वाली बातें करने लगा कि जब वह ऊपर बैठ कर सवारी करती है तो मुझे उसे दूध उछलते हुए देख कर बहुत सेक्स चढ़ता है.
वह हंसने लगी और बोली- मैं तो लंड पर कभी बैठ ही नहीं पाई.
उसकी यह बात सुनकर मैंने भी कह दिया कि तुम एक बार मुझको मौका दो, मैं तुमको पूरा खुश कर दूंगा.
उसने कुछ जवाब नहीं दिया और अगले दो दिन तक कोई कॉल नहीं की.
तीसरे दिन उसकी कॉल आई.
मैंने सबसे पहले यही पूछा- क्या जबाव है तुम्हारा … क्या तुम मुझे अपने ऊपर चढ़ने दोगी!
वह मेरे लौड़े से चुदवाने के लिए राजी हो गई.
उसने कहा- मेरे पति रात को मेरे पास रहते हैं, इसलिए उस वक्त तो संभव नहीं है. बताओ मैं तुमसे कैसे मिल पाऊंगी?
मैंने कहा- दिन में बुला लो न!
उसने कहा- अब तो दिन में भी मेरे सास ससुर मेरे पास ही रहते हैं. पहले तो वे अपने दूसरे बेटे के पास रहते थे.
मैं सोच में पड़ गया.
तभी उसने कहा- मैं कोई उपाय निकालती हूँ!
दो दिन उसने बताया कि मेरे घर के बाहर दरवाजे से लग कर एक कमरा गाय का चारा आदि रखने का है. उधर आ जाना!
मैंने कहा- ओके जैसा तुम्हारी मर्जी.
मैं भी उत्तेजना से भर गया था और फुल जोश में था कि मुझे एक सेक्सी बदन वाली आंटी की चूत चोदने को मिलने वाली है.
दूसरे दिन मैं दिन में उससे मिला और मैंने उसे नींद की गोली का एक पत्ता दे दिया कि अपने सभी घर वालों को यह दवा दे देना ताकि सब सो जाएं. उससे कोई दिक्कत नहीं होगी!
शाम को उसने सबको गोली देकर सुला दिया और वह खुद उस कमरे में आ गई, जिसमें गाय का भूसा आदि रखा था.
जब आंटी आई तो मैं उसे देखता ही रह गया.
वह एक सुंदर अप्सरा सी लग रही थी और बिल्कुल कयामत ढा रही थी.
मैंने उसकी तारीफ करते हुए कहा- आज तो बिल्कुल परी की तरह चमक रही हो!
वह खुश होकर बोली- ये सब तुम्हारे लिए ही है और आज सिर्फ तुम्हारा प्यार पाने के लिए तैयार होकर आई हूँ.
मैंने उससे कहा कि समय ज्यादा नहीं है, अगर इजाजत हो तो कार्यवाही शुरू की जाए!
उसने नजर नीचे की तरफ करके कहा- हां जैसी तुम्हारी मर्जी!
मैंने उसको अपनी बांहों में ले लिया और उसके होंठ चूसना शुरू किया.
पहले पहल तो वह शर्मा रही थी लेकिन धीरे धीरे मेरा साथ देने लगी.
मैं भी धीरे धीरे उसकी कमीज के ऊपर से ही उसकी उभरी हुई चूचियों को दबाने लगा और वह सेक्स भरी सिसकारियां भरने लगी.
उसकी आवाज सुनकर लग रहा था कि उसे बहुत मजा आ रहा है.
मैंने उसकी कमीज को नीचे से पकड़ा और उसको सर के ऊपर से निकाल दी.
वह ऊपर ब्रा में थी.
मैंने उसके दूध देखे, तो झट से उसकी सलवार का नाड़ा भी ढीला कर दिया.
सलवार सरसराती हुई खुद ही नीचे गिर गई.
अब आंटी ब्रा और पैंटी में मेरे सामने आ गई थी.
मैंने उसे अपनी बांहों में लेकर उसे चूमने लगा.
वहां पर जमीन पर एक गद्दा पहले से पड़ा था, जो उसने दिन में लाकर रख दी थी.
उसने उस गद्दे को बिछाया और मेरे सामने आकर खड़ी हो गई.
मैंने उसको गद्दे पर लिटाया और उसको फिर से किस करना शुरू कर दिया.
मैं उसकी ब्रा में हाथ डालकर उसकी चूचियां मसलने लगा और वह जोर जोर से आह आह की आवाज निकालने लगी थी.
फिर मैंने उसे अपनी बांहों में भर कर पीछे हाथ ले जाकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया.
उसकी दोनों चूचियां नंगी हो गई थीं तो मैं उन दोनों चूचियों को किसी छोटे बच्चे की तरह पीने लगा.
कुछ देर तक चूचे चूसने के बाद मैं उसकी पैंटी के ऊपर से ही चुत पर हाथ फेरने लगा.
मेरे हाथ का स्पर्श अपनी चुत पर पाकर वह एकदम कभी कभी उछल सी रही थी.
फिर अचानक से उसने दूर होकर मेरा पैंट खोलना शुरू कर दिया. पैंट हटाने के बाद उसने शर्ट भी निकाल दी.
मेरा लौड़ा देखकर आंटी बोली- या मालिक, इतना लंबा भी होता है क्या? मेरे पति का तो इससे आधा भी नहीं है. ये तो उसके लंड से दो गुना लंबा लंड है.
वह मुझसे चिमट कर दोबारा से किस करने लगी.
मैं उसकी चूचियां पीता रहा.
फिर मैंने अचानक से उसकी पैंटी के अन्दर हाथ डाल दिया, वह एकदम से उछल पड़ी.
मैं उसकी चूत के ऊपरी हिस्से को अपने हाथ से रगड़ रहा था. साथ ही मैं अपने दांतों से उसकी चूचियों को हौले हौले से काट रहा था.
कुछ देर बाद वह अपने दोनों हाथों को अपनी कमर पर ले गई और एकदम से अपनी पैंटी नीचे की तरफ खींच दी.
फिर वह अपने हाथ को मेरे लौड़े के पास लाकर मेरे लंड को मसलने लगी.
एक दो मिनट के बाद मैंने उसकी चूत को गीला महसूस किया और उसकी गर्म गर्म सांसों को महसूस तो मैं समझ गया कि इसकी चुत भभकने लगी है.
मैं धीरे से नीचे आया और उसकी चूत के ऊपरी हिस्से मैं जीभ फेरने लगा.
इससे वह और ज्यादा मचल उठी और उसने सेक्सी अंदाज में आहें भरना शुरू कर दिया.
मैं अपनी जीभ को उसकी चूत के अन्दर तक घुसाने लगा और कभी कभी उसकी मदनमणि को भी चाट लेता था, जिससे उसे और भी अच्छा लगने लगा था.
कुछ पल बाद उसने कहा- आज तक मेरे पति ने ऐसे कभी भी मेरे साथ इतना अच्छा सेक्स नहीं किया, जितना तुम कर रहे हो.
मैं उसकी बात को सुनकर और जोर जोर से उसकी चुत चूसने लगा.
कुछ ही देर में उसने अचानक से अपनी चुत से पानी छोड़ दिया.
मैं उसका सारा पानी पी गया और चुत को चाटता रहा.
इससे वह वापस गर्मा गई और मुझसे बोली कि राज तुमने मुझे अभी तक जो सुख दिया, वह मेरे पति मुझे कभी नहीं दे सके.
मैंने उसे फिर से किस करना शुरू किया.
वह फिर से उत्तेजित होने लगी.
उसने मुझसे कहा- अब और मत तड़पाओ, बस अब जल्दी से मेरे अन्दर लंड पेल दो!
मैंने भी देर ना करते हुए तुरंत पोज सैट किया और उसकी चूत मैं अपना लौड़ा डालना शुरू कर दिया.
मेरा मोटा लौड़ा उसकी चूत मैं जाने का नाम ही नहीं ले रहा था.
मैंने लौड़ा हाथ से पकड़ा और दोबारा से चुत की फांक में सैट करके एक तेज झटका दे मारा.
इस झटके से मेरा आधा लौड़ा उसकी चूत में घुस गया.
वह चिल्लाने लगी लेकिन मैं उसके होंठों को चूसने लगा ताकि वह आवाज न कर सके.
मैं लंड को रोके हुए थोड़ी देर रुका रहा.
एक मिनट के बाद मैंने फिर से एक और झटका मारा और इस बार मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत में घुस गया था.
उसकी आंखों से आंसू आ गए थे.
मैं उसके होंठों को चूस रहा था.
कुछ समय के बाद मैंने अपना लौड़ा आगे पीछे करना शुरू कर दिया और उसकी चुदाई करने लगा.
कुछ ही देर बाद उसे भी फुल मजा आने लगा.
वह जोर जोर से सेक्स भरी आवाज निकाल रही थी.
बीच बीच में वह यह भी कह भी रही थी- आह मजा आ गया मेरी जान … और जोर जोर से चोदो … आह और चोदो!
करीब बीस मिनट के बाद उसका पानी निकल चुका था.
चुत से पच पच की आवाज होने लगी थी, तो मैंने लंड बाहर खींचा और फिर से उसकी चूत का पानी चाटने लगा.
वह मस्त हो गई मेरे सर के बाल सहलाती हुई मुझे चुत चटवाने लगी.
मैंने उसकी चुत को चाट कर साफ कर दिया और वह वापस गर्मा गई थी.
वो कहने लगी- अब चुत चाटना छोड़ो मेरे राजा … जल्दी से अपने लौड़े को मेरी चूत में घुसा दो … आह जल्दी पेलो … मुझसे रुका नहीं जा रहा.
मैंने उससे तुरंत घोड़ी बनने के लिए कहा.
वह झट से बन गई.
मैंने पीछे से लंड पेला और फुल स्पीड में उसकी चूत में धक्के मारने लगा.
वह जल्दी ही एक बार फिर से झड़ने को हो गई.
इस बार मैं भी झड़ने वाला था.
मैंने कहा कि मैं झड़ने वाला हूं!
उसने कहा- मेरे अन्दर ही आ जाओ, निकाल दो अपना सारा माल मेरी चूत में!
मैंने सारा माल उसकी चूत में गिरा दिया और अपना लौड़ा बाहर निकाल कर उसकी जीभ से उसको चटवा लिया.
उसने भी बेहिचक मेरा लौड़ा चाट चाट कर साफ कर दिया और वीर्य को भी उसने अच्छे से पिया.
लगातार लंड चूसे जाने से मेरा लौड़ा एक बार फिर से खड़ा हो गया.
इस बार मैं उसकी गांड मांगने लगा.
उसने कहा- अभी मेरी गांड आपके लौड़े को झेल नहीं पाएगी.
मैंने कहा- तेल लगा लूँगा.
उसने कहा- अभी नहीं, अगली बार मार लेना क्योंकि अभी मेरे पास क्रीम या तेल जैसी कोई चीज नहीं है.
मैंने ओके कहा.
दोस्तो, यह थी मेरी और प्यासी आंटी की सेक्स कहानी जिसमें मैंने अनजान आंटी की प्यासी चुत चोदी.
आंटी चुदाई कहानी पर आप मुझसे मेल पर संपर्क कर सकते हैं.
waddiwahid@gmajl.com
धन्यवाद.