Cyber Cafe Me Chut Marwai

Views: 55 Category: Jawan Ladki By manshipandya11104 Published: February 03, 2026

बैड गर्ल सेक्स स्टोरी में मेरे कॉलेज के सामने साइबर कैफे वाला लड़का मुझे आते जाते घूरता था. मुझे भी वह पसंद था पर साला फट्टू था. तो मुझे ही पहल करनी पड़ी.

नमस्कार दोस्तो, कैसे हो सब?
मैं मानसी, मेरी उम्र साढ़े 20 साल है।

जब मेरी उम्र 19 साल ही हुई थी तब मेरी पहली चुदाई हो गई।
तब मेरा फिगर उस समय 32-24-34 का था।

मेरी पहली कहानी
सहेली के भाई से कामुक प्यार
के दोनों भाग को आप सब ने इतना प्यार दिया कि आपके कॉमेंट्स और मेल पढ़कर मेरी चूत में खलबली मच गई।

मेरी पहली चुदाई मेरी सहेली के भाई ने की थी।
मेरी सहेली के भाई के साथ मैंने एक साल में सिर्फ तीन बार चुदाई की थी।

आपके लिए मेरी एक और बैड गर्ल सेक्स स्टोरी लेकर हाजिर हूँ।

जैसे जैसे मुझे जवानी का जोश चढ़ता गया, वैसे वैसे ही मेरी चूत की आग भड़कने लगी थी।

स्कूल के बाद मैं कॉलेज में आ चुकी थी।
कॉलेज का मेरा पहला साल था और कॉलेज में बहुत से लड़के मुझ पर लाइन मारते थे।
मैं भी मज़ा लेने के लिए कभी कभी थोड़ी बहुत लाइन दे दिया करती थीं।

मेरी कॉलेज के सामने ही एक साइबर कैफे था।
साइबर कैफे का ऑनर एक मस्त जवान और हैंडसम लड़का था।
वहां पर काफ़ी सारी लड़कियों का आना जाना रहता है।

मगर वो एक बहुत शर्मीला टाइप का बंदा था, इसलिए वो किसी भी लड़की से बात करने की हिम्मत नहीं करता था।
मैं भी अक्सर कॉलेज के बाद साइबर कैफे में जाती थी।

मुझे उसका शर्मीला अंदाज बहुत पसंद था।
ऊपर से वो लड़का बहुत ही हॉट था।
मैंने कई बार उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन वो ज्यादा बात नहीं करता था।

एक दिन शाम के आठ बजे थे, तब मैं वहां से गुजर रही थी तो मैंने देखा कि साइबर कैफे में कोई भी नहीं है।
मैं साइबर कैफे में काम करने के बहाने से गई।
तब वो बिलकुल अकेला था।

मैंने साइबर कैफे में जाकर उसे मेरा नाम बताया और कहा- मुझे इंटरनेट पर कुछ काम करना है।
उसने मुझे ओके कहा और इशारा किया कि किसी भी सिस्टम पर अपना काम कर लो।

मैं उसके सामने वाले कंप्यूटर पर जाकर बैठ गई।
वो बस दूर से ही मुझे देख रहा था।

कुछ मिनट बाद मैंने उसे कम्प्यूटर ख़राब होने का बहाना बनाया और बुलाया।

वो मेरे पास आया और उसने सिस्टम को चैक किया, फिर उसने कहा- क्या खराबी लग रही है। सिस्टम सही तो है?
इस पर मैंने उसे कहा- मुझे कंप्यूटर चलाना ठीक से आता नहीं है। प्लीज़ आप मुझको थोड़ा सा सिखा दो।

उसने कहा- ठीक है, क्या सीखना चाहती हैं आप?
मैंने उसे कहा- मुझे यू ट्यूब से कुछ रोमांटिक गाने डाउनलोड करने हैं।

वो मेरे पास में बैठ गया।
उसके पैर मेरे पैर से लगने लगे थे।

गाने डाउनलोड करते हुए वो धीरे धीरे अपने पैर से मेरे पैर को सहलाने लगा।
वो शर्मीला था इसलिए खुलकर आगे नहीं बढ़ रहा था।

मैंने भी उसके पैर को सहलाना चालू कर दिया।
वो एकदम से दंग रह गया और वो चुप रहा।
उसने अपनी तरफ से कोई रिस्पॉन्स ही नहीं दिया।

ये देख कर मैंने सोचा की ऐसे बात नहीं बनने वाली।
अब मुझे ही खुलकर आगे बढ़ना होगा।

फिर मैंने धीरे धीरे करके उसके लौड़े पर अपना हाथ रख दिया।

मेरा हाथ जैसे ही उसके लौड़े पर गया तो मुझे महसूस हुआ कि उसका लौड़ा खड़ा हो चुका है।
और तब वो वहां से उठ कर जाने की कोशिश करने लगा।

उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहने लगा- ये क्या कर रहीं हैं आप?
मैंने उसे कहा- मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो।

उसने कहा- ये क्या बात हुई? अभी तो हम दोनों पूरी तरह से एक दूसरे को जानते भी नहीं हैं … और तुम मेरे से ये सब कर रही हो।

मैंने उसे कहा- अच्छा, तुम मुझे नहीं जानते हो। अभी कुछ देर पहले तो मैंने तुम्हें मेरा नाम बताया। और तुम मेरे पैर भी सहला रहे थे।

इससे आगे वो कुछ और बोलता मैंने उसके गाल पर किस कर दिया।
वो शर्माने लगा।

अगले ही पल मैंने इसका कॉलर पकड़ा और उसके होंठों से होंठ लगा कर मै उसे किस करने लगी।

बस फ़िर क्या था … वो भी तो आख़िर मर्द ही था … वो भी मेरा साथ देने लगा और उसे अच्छे से किस करने लगा।
हम एक दूसरे को चूमने लगे थे।

तभी उसने अपना एक हाथ उसके बूब पर रख दिया तो मैंने उसे कुछ नहीं बोला … बल्कि उसका दूसरा हाथ पकड़ कर मेरी गांड पर लगा दिया।

वो मेरे बूब और गांड को दबाने लगा.
और मैं जोर जोर से बोलने लगी- ओह रौनी … आह्ह!
और वो जोर जोर से मेरे बूब्स और गांड को दबा रहा था।

मुझे गर्म करके उसने मुझे छोड़ दिया और कहा- बस अब रुक जाते हैं, कहीं कस्टमर न आ जाए। हम कहीं अकेले में आराम से मिल के एन्जॉय करेंगे। अभी इधर कोई आ जाएगा तो सब गड़बड़ हो जाएगी।

मुझे भी उसकी बात ठीक लगी और मैंने अपने टॉप को ठीक करते हुए कहा- ठीक है. मैं संडे को सुबह छह बजे तुम्हारे कैफे पर आउंगी।

उसने कहा- इतनी सुबह क्यों भला?
मैंने कहा- सर्दियों के दिन हैं … सुबह सुबह का मजा ही कुछ और आएगा। वैसे भी मैं घर से सुबह घूमने के लिए निकलती हूँ, सो घर पर सबको यही पता रहेगा। फिर छह बजे थोड़ा सा अंधेरा भी होता है।

वो मेरी तरफ देखने लगा।
उसने कहा- तुम्हें कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना?
मैंने उसे कहा- कि ऐसा मौका फ़िर नहीं मिलेगा …चुत चुदने मचल रही है।
उसने कहा- ठीक है मैं आ जाऊंगा।

फ़िर उसने मुस्कुराते हुए मुझे एक किस की और मेरी गांड पर हाथ फेरते हुए कहा- संडे को मिलते हैं। अभी तुम जाओ, कोई कस्टमर आ गया तो परेशानी हो सकती है।

दो दिन बाद संडे था।
मैं सुबह सुबह जल्दी पांच बजे उठी और तैयार हो कर सुबह को घूमने के लिए निकल गई।

मैंने रात को ही मेरी चूत की झांटें साफ कर ली थी।

वो मुझसे पहले ही कैफे पहुंच गया था और उसने थोड़ा रूम फ्रेशनर भी स्प्रे कर दिया था।
अब वह मेरे आने का इन्तजार कर रहा था।

उसने कैफे की शटर आधी उठा रखी थी ताकि मुझे उसके आ जाने का अहसास हो जाए।

मैं शटर उठा कर अन्दर चली गई और वो मुझसे लिपट गया।
मैंने कहा- एक मिनट … शटर तो बंद कर लो।

फिर उसने शटर बंद कर दी और मेरी तरफ घूम गया।
वो मुझे देख कर सीधे आकर मुझसे लिपट गया।

उसने मुझे ध्यान से देखा कि मैं जॉगिंग सूट में आई थी।
तब उसने कहा- तुम्हारे खुले हुए लंबे बाल तुम्हारी खूबसूरत जवानी को और भी ज्यादा मदहोश कर देने वाली बना रहे हैं।

हम दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भर लिया और करीब दस मिनट तक एक दूसरे को छूते हुए किस किया।
चूमाचाटी के दौरान एक बार तो उसने मुझे काटा भी मगर मैंने कुछ नहीं कहा।

सर्दियों के मौसम में भी वो काफी गरम हो चुका था।

फिर उसने मेरे टॉप की जिप खोली.
मैंने अन्दर पिंक कलर की ब्रा पहनी थी।

वो मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे दूध दबाने लगा, तो मैं मादक सिसकारियां भरने लगी- आह जोर से … और जोर से!

फिर उसने मेरा टॉप उतार दिया और मेरी ब्रा भी निकाल दी।
मेरे बूब्स नंगे हो गए और उसने मेरे बूब का एक निप्पल मुँह में ले लिया और मेरे बूब को चूसने लगा।

बदले में मैं मादक सिसकारियां लेते हुए उसके मुंह पर हाथ फेरते हुए उसे कहने लगी- आह मेरे राजा … और जोर से चूस ले इसको। आज जी भर के चूस लो।

फ़िर वो मेरे दोनों बूब्स को बारी बारी से चूसता और चूमता हुआ मेरे पेट तक आ गया।
कुछ ही पलों के बाद उसने मेरे पैंट और पैंटी को भी उतार दिया और मुझे पूरी नंगी करके खड़ा कर दिया।

तभी मैंने उसे कहा- एक मिनट रुक जाओ।
वो रुका.

तो मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए और मैं उसे हर जगह पागलों की तरह चूमने लगा।

अब उसकी भी चुदास बढ़ी … तो उसने भी एक दो बार मेरे निप्पल को काटा।

फिर मैं घुटनों पर नीचे बैठ गई और मैं उसके लौड़े को अपने मुँह में लेने लगी।
मैं उसका लौड़ा चूसने लगीं और वो मेरे बालों में अपना हाथ फेरते हुए मादक सिसकारियां भरने लगा।

अपने लौड़े पर मेरे मुंह का अहसास पाते ही वो अपने होश खो बैठा।
उसे भी मज़ा आने लगा और वो अपने लौड़े को मेरे मुंह में दबाते हुए मेरा मुंह चोदने लगा।

पांच मिनट तक उसके लौड़े को चूस कर मैंने उसे गरम किया और कहा- अब मुझे जल्दी से चोद दो … मुझसे अब रहा नहीं जाता।
उसने कहा- ठीक है जान, आ जा चोदता हूं तुझे!

मैं पास की टेबल पर लेट गई और उसने मेरी टांगें चौड़ी करके अपने कंधे पर रख लीं और अपना लौड़ा अन्दर पेलने के लिए कोशिश की।
मेरी चूत टाइट थी तो उसका लौड़ा एक झटके में चुत के अन्दर नहीं गया।

मुझे थोड़ा दर्द हुआ तो मुझे दर्द से कराहते हुए देख कर उसने पूछा- क्या हुआ?
मैं उससे बोली- एक मिनट रुको।

फिर मैंने अपने मुँह से थूक निकाला और अपनी चूत पर लगा लिया।
फिर अपने हाथों से अपनी चूत को मसला और गीला किया।
मेरी चूत गीली करके मैं उससे बोली- अब डाल दो अपना मेरी चूत में और चोद दो मेरी चूत!

उसने कहा- हां ये ले मेरी जान!
यह कहते हुए उसने अपने खड़े लौड़े को एक ही झटके में आधा अन्दर डाल दिया।

उसका लौड़ा अंदर घुसते ही मैं चिल्लाने लगी- आह्ह्ह … मर गई … उह्ह्ह!

वो मेरी चीखों की परवाह किये बिना जल्दी से अपने लौड़े को मेरी चूत में हिलाने लगा और मुझे चोदने लगा।
मैं दर्द से कराहते हुए अपने मुँह बंद किये हुए उसके लौड़े को मेरी चूत में झेलती रही।

कोई आठ दस धक्कों के बाद उसका पूरा लौड़ा मेरी चूत में चला गया और दर्द भी कम हो गया।
अब मैं भी अपनी गांड उछाल उछाल कर चुदवाने लगी।

वो भी मेरे बूब्स को दबा रहा था, मुझे किस कर रहा था।

थोड़ी देर तक मुझे चोदने के बाद उसने अपना लौड़ा मेरी चूत से निकाला और कहा- मस्त माल है तू! मज़ा आ रहा है तुझे चोदने में।
मैंने उसे कहा- तो फिर रुक क्यूं गए? और चोदो!

उसने कहा- ठीक है। खड़ी हो जाओ और जूक जाओ। पहले मुझे तुम्हारी गांड मारनी है। तुम्हारी गांड कितनी मस्त है।
मैं बोली- गांड आज नहीं … फ़िर कभी मार लेना।

उसने मुझे धक्का देकर टेबल पर झुका दिया और लौड़ा पकड़ कर मेरी चूत में डाल दिया।
फिर वो जोर जोर से अपना लौड़ा हिलाते हुए मुझे चोदने लगा।

मुझे चोदते हुए वो कह रहा था- आह … क्या गजब की माल है तू. मज़ा आ रहा है तेरी चुदाई करने में।

वो मुझे चोद रहा था और मेरी चूत से रस टपकते हुए मेरी जांघों को गीला करने लगा।

करीब दस मिनट चोदने के बाद उसका भी पानी निकलने वाला था।
उसने पूछा- क्या करूं?
मैंने कहा- अन्दर नहीं निकालना. मुझे पीना है!

उसने कहा- ठीक है। जल्दी से आ जा और अपना मुंह खोल!
वो मुझसे अलग हुआ और मैंने उसका लौड़ा मुँह में ले लिया।

अगले ही पल उसका रस छूट गया और मैने उसके लौड़े का सारा पानी पी लिया।

चुदाई के बाद हम दोनों ने करीब आधे घंटे तक एक दूसरे को चूमा सहलाया।

फिर वो मुझसे बोला- अब एक बार गांड मारने दो।
मैंने कहा- अभी देर हो रही है, फिर कभी मार लेना!

और हमने अपने अपने कपड़े पहने।

कपड़े पहनने के बाद उसने मेरी गांड पर हाथ फेरा और मुझे कहा- वादा करो कि अगली बार गांड मारने दोगी।
मैंने उससे वादा किया कि मैं उसे अपनी गांड मारने दूंगी।

मेरे प्यारे दोस्तो, अन्तर्वासना के लिए ये मेरी दूसरी सेक्स कहानी है, अगर कोई भूल हुई हो, तो प्लीज़ नजरअंदाज कर देना.
बैड गर्ल सेक्स स्टोरी पर कमेंट्स करना न भूलें।
manshipandya11104@gmail.com

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