पोर्न कॉलेज चुदाई कहानी में कॉलेज के तीन लड़के अपनी अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर एक कमरे में सेक्स का खेल खेल रहे हैं. सारी लड़कियों को एक दूसरे के बॉयफ्रेंड ने चोदा, चूत गांड साथ साथ मारी.
दोस्तो, मैं अजय आपको अपने कॉलेज के सबसे बड़े चुदक्कड़ ग्रुप की सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के दूसरे भाग
गर्लफ्रेंड की अदला बदली
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं समीक्षा की चुत चुदाई में लगा था.
वह मुझसे चुदवा कर थक गई थी तो उसने मुझे रुकने के लिए कह दिया.
मैं रुक तो गया पर मुझे अभी अपने लौड़े के लिए चुत चाहिए थी.
अब आगे पोर्न कॉलेज चुदाई कहानी:
मैं मानव से बोला- मानव, अपनी गर्लफ्रेंड को बुला!
उसने अपनी गर्लफ्रेंड को फोन किया और बोला- आ जा रूम नंबर 211 में, आज तेरे लिए सरप्राइज़ है!
दस मिनट बाद रूम की बेल बजी.
एक गदराई हुई माल अन्दर आई.
उसकी चूचियां अपर्णा और समीक्षा से बड़ी थीं.
उभरी हुई गांड, मस्त माल … वह कमरे के अन्दर आ गई.
जब वह आई, समीर अपर्णा को दीवार से चिपका कर पीछे से उसे पेल रहा था.
मानव सोफे में नंगा थका-हारा बैठा था और मैं बेड पर टॉवल लपेटकर लेटा था.
वह चौंक गई और मानव से बोली- मादरचोद, मुझे तू नीचे छोड़कर यहां चुदाई कर रहा है!
मैं बोला- अंजना, तुम्हारी चूत का सौदा हुआ है और तुमको आज मेरे लंड पर अपनी चुत का माथा टेकना है!
अंजना बोली- बहनचोद, ये दोनों रंडी हैं तो क्या इसका मतलब मैं भी रंडी बन जाऊं?
मैं बोला- क्यों तेवर दिखा रही है बे? रंडी तो मैं बना दूँगा चोद कर तुझे … वैसे भी तेरी मोटी गांड मेरे लंड का हमला जब झेलेगी … छिनाल तेरी सारी हेकड़ी निकल जाएगी!
वह मुझे गुस्से से देखने लगी.
मैं आगे बोला- मानव बोल इस कुतिया से … साले तुझे मेरी गर्लफ्रेंड की चूत चाहिए थी ना … अब इससे बोल कि नखरे ना करे!
अंजना बोली- चल बे बहन के लौड़े … गांड मरा अपनी … मैं जा रही!
मैं बोला- तेरी मर्ज़ी, जाना हो जा. लेकिन मन हो तो समीक्षा की गांड कैसे फाड़ता हूँ यह देखना हो, तो तू रुक सकती है!
अंजना बोली- चल ठीक चोद इस रांड को. मैं भी देखूँ तेरा दम!
उसके बाद मैं बेड से उठा और अपनी टॉवल निकाल दी.
मेरा लंड फुफकारता हुआ आज़ाद हुआ तो वह मेरे लंड को देख कर देखती ही रह गई.
अब वह मेरे लौड़े को ललचाई नज़र से देखने लगी. मेरा लंड उफान पर था और एकदम टाइट हो रखा था.
वह बोली- ओ तेरी के … ये इंसानी लंड है या सांड का लंड लगवा रखा है तूने!
यह बोल कर वह मुझे देखती हुई आगे को आ गई.
उसने एक हाथ से मेरा लौड़ा पकड़ लिया और प्यार से सहलाने लगी.
अंजना मेरी आंख में आंख डालकर बोली- साले हरामी, तूने मुझे अपना मोटा लंड दिखा कर फंसा ही लिया … चल अब इसकी ताकत दिखा और मेरे दोनों छेद में इसे पेल कर चोद मुझे.
उसकी कामुक बात सुनकर मेरे लौड़े में और ज्यादा तनाव आने लगा.
उस रंडी ने सफेद रंग का कुर्ता पहना था और सफेद रंग की ही सलवार.
उसकी सलवार गांड से एकदम चिपकी हुई थी जिससे उसकी गांड एकदम सलवार फाड़ने को हो रही थी … और चूचियां उसकी कुर्ती में इतनी टाइट फंसी थीं मानो उनका दम घुट रहा था.
उसकी चूचियाँ मानो कह रही हों कि कुर्ती का कपड़ा फाड़ कर मुँह में भर लो!
वह मेरे लंड को हाथ में लेकर प्यार से उसकी मज़बूती चेक कर रही थी, मेरे बदन को हल्का-हल्का चूम रही थी.
फिर वह समीक्षा की तरफ देख कर बोली- इसकी गांड तो तुमने पहले ही फाड़ दी है, अब दुबारा इसकी फाड़ कर क्या दिखाओगे? मेरी फाड़ पाओगे या नहीं … मुझे ये देखना है!
यही सब कहते-कहते वह पंजों पर बैठ गई और दोनों हाथों से मेरे लंड को पकड़ कर आगे-पीछे करने लगी.
फिर वह मेरे लंड के टोपे पर जीभ गोल-गोल घुमाने लगी.
मैं मस्ती से पागल हो गया और मुझे लगने लगा कि झड़ ही जाऊंगा.
कमाल की लंड चुसक्कड़ थी हरामन … उसने सच में 15 मिनट में मुझे झाड़ दिया और मेरा पूरा रस पी गई.
वह बोली- कमाल है यार तू … अंजना के आगे कोई लंड 3-4 मिनट से ज्यादा टिका ही नहीं आज तक. तेरे लंबे मोटे लंड ने तो मेरे मुँह में दर्द करवा दिया!
मैं बोला- हां जान किधर थी अब तक … कमाल का हुनर है तेरे अन्दर यार, मज़ा आ गया!
वह बोली- जल्दी तैयार कर फिर से अपने इस नाग को … मुझे भी तो मज़े दे! बहुत दिन हो गए हैं रंडी की तरह चुदे हुए!
मैं बोला- बस थोड़ा सा वेट करो, आह तुम्हें चोद चोद कर चमगादड़ ना बना दिया तो मेरा नाम भी अजय नहीं!
वह बोली- ले लो टाइम, बस टाइम वेस्ट ना करना!
फिर वह मानव को बोली- मानव ठीक से तैयार नहीं कर पाई तुझे मैं! अजय मादरचोद ने अकेले चोद कर समीक्षा का भोसड़ा हिला रखा है. शकल देख कर लग रहा कई रात मज़दूरी की है. तुम दोनों इस रांड (अपर्णा) को मिल कर भी सही से नहीं चोद पाए … साली कुतिया फ्रेश की फ्रेश सी बैठी है!
वह चिल्ला कर मुझे उत्तेजित करती हुई बोली- मादरचोदो, चोदो इस भड़वे की गर्लफ्रेंड को, ये साला तुम दोनों की गर्लफ्रेंड को चोद रहा और तुमसे एक नहीं चोदी जा रही! लो ये गोली खा लो दोनों!
अंजना की बात सुनकर मानव ने उससे 2 गोली ले लीं और दोनों ने खा लीं.
अब वे दोनों अपर्णा को पकड़ कर वापस चोदने लगे.
पोर्न कॉलेज चुदाई शुरू हो गयी.
उन दोनों ने एक साथ गांड-चूत में लंड देकर अपने बीच में उसको खड़ा किया हुआ था और उसे हवा में उचका उचका कर चोदने लगे.
ये देख कर मेरे अन्दर का हैवान जाग गया.
मैंने अंजना को पकड़ा और उसे अपने साथ बाथरूम में ले आया.
उधर उसे शॉवर के नीचे खड़ी करके मैंने शॉवर चला दिया. फिर उसे प्यार से पकड़ कर उसके होंठ चूसने लगा.
पानी की बूँदें हमारे ऊपर गिर रही थीं और मैं उसके होंठों से चूस-चूस कर पानी पी रहा था.
पानी में पूरी भीग कर उसकी सफेद रंग की सलवार व कुर्ती बदन पर चिपक गई और मैं उसके ऊपर से काली ब्रा पैंटी को देख रहा था.
मैं पागल हो चुका था, चुदाई के न/शे में मदहोश था.
मैंने उसके कुर्ते को दोनों हाथों से एक बार में फाड़ दिया.
कुर्ती ‘चर्र’ की आवाज़ के साथ बीच से फटती चली गई और मैंने उसकी बांहों से कुर्ती को निकाल कर दूर फेंक दिया.
मेरे सामने अब काले पिंजरे में सफेद मासूम पक्षी आधे झांकते दिख रहे थे.
मन कर रहा था पूरे बदन को चूमूँ-चाटूँ, चूत को खा जाऊं, फिर आराम-आराम से हिला-हिला कर चोदूँ.
लेकिन मुझे इसको प्यार से नहीं खुंदक में चोदना था और खुंदक ऐसी कि समझ लो तुम्हारी क्रश को तुम्हारे किसी राइवल ने पटाकर तुम्हारी आंखों के सामने रंडी की तरह चोदा, जिसको तुम रानी समझते थे … और अब तुमको उसकी गर्लफ्रेंड चोदने का मौका मिल रहा, वह भी उसी के सामने.
“तो कैसे चोदोगे? गांड फाड़ दोगे ना!”
“ठीक वैसे ही इसकी गांड फाड़नी थी मुझे!”
मैंने उसकी सलवार को फाड़ दिया.
उसकी चूत और गांड पूरी बाहर दिखने लगी.
मैंने उसको घुमाया और झुका दिया.
वह दोनों हाथ दीवार पर रखकर पूरी झुक गई.
मैंने उसकी गांड के छेद पर लंड रखा और एक झटके में पूरा अन्दर पेल दिया.
इतनी टाइट गांड थी, लगा लंड छिल गया.
वह ज़ोर से चिल्लाई- आह मर गई … निकाल मादरचोद मर गई मम्मी … आह बहुत दर्द हो रहा अजय … प्लीज़ निकालो प्लीज़!
उस वक्त सीन ऐसा था कि मेरे लंड और उसकी गांड पर फव्वारे का पानी गिर रहा था और उसकी गांड मेरे मोटे लंड के प्रहार से कांप रही थी.
अंजना चीख रही थी … मैं उसकी चीख को चोद चोद कर और बढ़ाता जा रहा था.
गांड मारना क्या होता है छिनाल को बता रहा था!
मैंने उसकी एक ना सुनी.
एक हाथ उसके कंधे पर और एक हाथ उसकी कमर पर रख अपनी रेलगाड़ी उसकी गांड में चलाने लगा दी.
थोड़ी देर में उसकी गांड ने मेरे लंड का माप पढ़ लिया और हिलोरें मारती हुई मेरा साथ देने लगी.
अब मैंने अंजना को घुमाया और उसकी एक टांग हाथ में पकड़ ली.
मैं एक टांग हवा में उठा कर उसकी मां चोदने लगा.
वह भी मस्ती में उछल उछल कर मज़े देने लगी.
मैं बोला- क्यों साली, मम्मी याद आ गई? तेरी मम्मी को भी चोदूँ … बता साली उसकी भी गांड मारूँगा तो ऐसे ही चीखेगी?
वह हंस कर बोली- साले हरामी, मेरी मां तेरे से बड़े वाले लौड़े झेलती है … ऐसे ही नहीं वह कंपनी की पार्टनर बन गई!
मैं बोला- बहन की लौड़ी, तुझे तेरी मां दोनों को साथ चोदूँगा … छिनाल तेरी मां होगी रांड … लेकिन मैं रांड को भी रखैल बना लेता हूँ … झेल नहीं पाओगी दोनों अजय की चुदाई, अभी शुरू हुआ हूँ तब गांड फट गई तेरी रांड … अभी आगे देख तुझे ज़िंदगी की सबसे बेहतरीन चुदाई का मज़ा दूँगा!
ये बोलते हुए मैंने उसके होंठ को कसके काट लिया.
वह आह करके मस्ताने लगी.
मैंने उसे टब में गिराया और अन्दर घोड़ी बना दिया.
फिर अपने हथौड़े जैसे लौड़े से, जैसे लोहा पीटते हैं … उसकी गांड पीटने लगा … फाड़ने लगा, लंड गाड़ने लगा.
वह दर्द और मज़ा महसूस करके मस्त आवाज़ में चिल्ला रही थी, दाँत पीस पीस कर सिसकारियां ले-लेकर गालियां दे रही थी- आह मादरचोद, क्या चोद रहा … सच में साले तुझसे मां चुदवानी पड़ेगी क्या? तभी मेरी मां मुझे भी राज़ बताएगी और साथ नए-नए लंड दिलाएगी!
मैं बोला- कभी भी बुला ले रानी लेकिन अपनी मां को तो दिखा. मेरी इस कुतिया रांड की रांड मां कैसी दिखती है … जरा मैं भी तो देखूँ!
वह बोली- मोबाइल अन्दर रूम में है!
मैं बोला- कोई नहीं बेटी माल है, तो मां भी कातिल होगी. बेटी के सामने मां चोद दूँगा और तेरी मां को चोदकर तेरी दोस्त बना दूँगा. उसे चोद अपनी रखैल बनाऊंगा … तू मौका तो दे अंजना रंडी की जनी आह साली बहन की लौड़ी!
जब उसकी आधा घंटा तक टब में मैंने गांड मार-मारकर छील दी, तब चैन आया.
फिर मैंने उसको प्यार से नहलाया और वह थक कर लड़खड़ाती हुई कमरे में आकर नंगी ही बेड के एक कोने पर बैठ गई.
वह एक सिगरेट सुलगा कर मजा लेने लगी.
उधर अपर्णा की शक्ल बता रही थी कि अच्छी चुदाई हुई है.
समीर अभी अभी उसको चोद कर झड़ा था और मानव समीक्षा की दोनों टांगों को फैला कर घुटने पर खड़े होकर समीक्षा को बजा रहा था.
मैं कमरे में अन्दर आया तो मैंने अंजना को धक्का देकर बेड पर लिटा दिया.
उसकी एक टांग को उठा कर अपने कंधे पर रखा और अपने भुजदंड को उसकी चूत में पेल दिया.
वह आह करके लौड़े को गड़प कर गई और मैं धकमपेल दस मिनट तक उसे चोदता रहा.
फिर टांग कंधे से उतारकर दूसरी टांग पर रख कर कमर से पकड़ कर सैट हुआ और उसकी चूत को लंड की तरफ की दोनों टांगों में कसके पेला, तो उसकी चूत कसी हो गई.
मैंने एक हाथ उसकी गद्देदार चूची पर रखा और चूत में लंड पेलकर मस्त हो.
अब मैं मस्ती में कमर हिला हिला कर उसे चोदने लगा.
थोड़ी देर चुदाई के बाद उसको आधा बेड पर रख कर उसकी टांगों को गले से लगा ली.
वह मेरी आंखों में वासना से देख रही थी.
मैं उसकी चूत पर अपनी कड़क तोप को बर्बरता से बरसाने लगा.
उसके चूतड़ लंड के धक्कों से लहरों जैसे गोते लगाने लगे.
यह मदमस्त चुदाई 20 मिनट तक चली और आज मैं दया के मूड में बिल्कुल नहीं था … बस इस छिनाल की मां चोदने के मूड में था.
अब मानव समीक्षा को पटक पटक कर चोद कर झड़ चुका था.
समीक्षा लंबी-लंबी सांसें ले रही थी और वे चारों मेरी कलात्मक, धमाकेदार, ताबड़तोड़ चुदाई के मज़े ले रहे थे.
पूरे रूम में सिर्फ अंजना की ज़ोर-ज़ोर से मस्त होकर चीखने की आवाज़ और मेरे धक्कों की गूँज गूँज रही थी.
अंजना थक गई थी और मस्ती में मज़े से हिल हिल कर आराम से चुद रही थी.
उसके बाद मैंने उसकी टांगों को फैलाया और दोनों जांघों को पकड़ कर चूत खोदने लगा.
वह चिल्ला रही थी- आआआ आआ साले अजय … तुम तो राक्षस हो. आह साले ने फाड़ दो मेरी चूत. बहनचोद ओह आह … आज सच में मेरी मां चुद जाएगी तुझसे हरामी!
यही सब गालियां देती हुई वह खुद मेरे लंड पर चूत मारने लगी.
अब वह अपनी कमर को हिला हिला कर मुझे चोद रही थी. कमाल की लचक थी उसकी!
अपर्णा बोली- मेरी चूत कमज़ोर पड़ रही क्या जो इसके लौड़े से अपनी बूढ़ी मां चुदवानी पड़ेगी?
उसकी बात पर सब हंसने लगे.
तभी समीक्षा बोली- बहनचोद, अब पता लगा कि जब तू आई थी तो मेरी गांड क्यों फटी पड़ी थी. बहन की लवड़ी, ये ठोकू पिछले 2:30 घंटे से मुझे रौंद रहा था. जब मैं इसके लौड़े की आग नहीं बुझा पाई तभी तो तुझे बुलाया इसके मूसल लंड की आग बुझाने को छिनाल!
अंजना बोली- आ जाओ बहनो, अपन तीनों मिल कर आज साले की बजाते हैं!
मैं इस हमले को बिल्कुल तैयार नहीं था.
अपर्णा, मेरी गर्लफ्रेंड नजदीक आई और मुझे बेड पर सीधा लिटा कर मेरे लंड पर बैठ गई. वह लंड पर कूदने लगी.
अंजना अपनी चूत मेरे मुँह पर रगड़ने लगी और समीक्षा मेरे टट्टे मुँह में लेकर चूसने लगी.
कसम से मैं चूतों से घिरा था और तीन हसीन खूबसूरत माल मुझे चोद रहे थे.
उसके बाद उन्होंने जगह बदली.
अब समीक्षा मेरी तरफ पीठ करके मेरे लंड पर सिटअप मारने लगी.
मैं पागल हो चुका था और जोश में आ गया था, बोला- समीक्षा मादरचोद मज़ा आ रहा ना कि और मज़े दूँ?
तो वह बोली- मेरी जान तुम मेरे हीरो हो क्या चोदते हो यार, चोदो अपनी रंडियों को और रस निकाल दो अब सारा!
इधर अंजना और अपर्णा एक-दूसरे की चूत और चूची को चूस रही थीं, वे आपस में लोट-पोट हो रही थीं.
अब मैं थोड़ा होश में आया क्योंकि अब एनर्जी सही जगह लगनी थी.
तीन चूत का पानी निकालना है तो जज़्बा चाहिए.
मैंने समीक्षा की टांगों को कैंची बनाई और रेलगाड़ी चला दी.
समीक्षा 4 मिनट में झड़ गई.
उसको चरमसुख देकर मैं उठा और मूत कर वापस आया और अपना लंड अपर्णा के मुँह में दे दिया और अंजना की चूत चाटने लगा.
मैं अपर्णा से बोला- जान जगाना है लंड … झाड़ना नहीं है!
यह कह कर मैंने उसको ज़ोरदार चुम्मा दिया.
अपर्णा बोली- टेंशन ना लो मेरे लौड़े … आह ऐसा जगाऊंगी इस डंडे को कि मेरी प्यास बुझाने के लिए भी डीज़ल बच जाएगा!
फिर मेरी गर्लफ्रेंड, मेरी चहेती रंडी ने मेरा लंड भुजदंड कर दिया.
उधर मैं अंजना की चूत को शहद समझ चाट रहा था.
वह गर्म हो गई थी और उसकी चूत एकदम तैयार थी.
अब मैंने अंजना को उठाया और सीधा लिटा दिया, उसकी टांगों के बीच में आकर घुटने से दोनों टांगें फैलाईं, उसको उठाकर नीचे कमर पर तकिया लगाया और उसके ऊपर आधा चढ़ कर चुदाई की रेलगाड़ी चलाने लगा.
वह उन्हह्ह- उन्हह्ह- उन्हह्ह की आवाज़ करके मस्तियाने लगी.
कसम से उसकी चूत इतनी गर्म और मुलायम थी कि मैंने उसको 10 मिनट में 2 बार झाड़ा और फिर उसे खुद से अलग कर दिया.
उसके बाद बारी थी मेरी राजकुमारी, मेरी दुलारी की … मेरी जान अपर्णा की.
अब मैंने अपर्णा को चूमना स्टार्ट किया और उसकी चूत में पूरा मुँह घुसा कर उसको खाने लगा.
फिर प्यार से उसको मिशनरी तरीके से 20 मिनट तक चोदा और दोनों एक साथ झड़ कर पड़ गए.
उस ट्रिप पर हर जगह चुदाई हुई. पहाड़ों के पीछे, शाम में नदी किनारे!
हर जगह समीर को भी अंजना को चोदने का मौका मिला और उसने खूब किराया वसूला.
उस ट्रिप के बाद सबकी अच्छी दोस्ती हो गई और अब सब एक-दूसरे को चोदते हैं.
बाकी कई और लोग जुड़े, वह भाग अगली सेक्स कहानी में लिखूँगा.
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