फर्स्ट सेक्स की कहानी में मेरे क्लास में एक लड़की से मुझे प्यार हो गया. उसने भी मुझे अपना प्रेमी स्वीकार कर लिया. उसने अपनी कुंवारी बुर के लिए मुझे इन्तजार करवाया.
मेरा नाम कृष्णा कुमार गुप्ता है और मैं बिहार के रोहतास जिले, चेनारी का रहने वाला हूं।
मैं एक शिक्षक हूं।
मेरी कई गर्लफ्रेंड्स रह चुकी हैं, पर इनमें से सबसे अच्छी और सुंदर मांडवी है, जो कि चेनारी की रहने वाली ही है।
वह मेरी स्टूडेंट भी है!
हमारी फर्स्ट सेक्स की कहानी 2016 से शुरू होती है जब मांडवी ग्रेजुएशन सेकंड ईयर में थी।
वह पढ़ने में अच्छी थी, गोरी है और उसकी लंबाई करीब 5 फीट है।
थोड़ा मैं अपने बारे में बता दूं।
मेरी लंबाई 5 फीट 6 इंच है।
मेरा लंड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है और मेरा रंग सांवला है।
मैं एक प्राइवेट कोचिंग भी चलाता हूं, जिसमें मांडवी, कंचन, प्रिया और बहुत सारे स्टूडेंट भी पढ़ने आते हैं।
मांडवी की दो बहनें और एक भाई भी मेरे पास ही पढ़ते हैं।
2016 में जब मांडवी मेरे पास पहली बार पढ़ने आई, तभी मुझे उससे प्यार हो गया।
पढ़ाते-पढ़ाते 2 साल बीत गए, फिर मैंने उसे 2018 में प्रपोज किया और कुछ सोचने के बाद उसने स्वीकार भी कर लिया।
फिर शुरू हुई हमारी प्रेम कहानी।
एक साल तक हमारा प्रेम सामान्य रहा।
इस बीच मैंने अपने घर पर ही मांडवी को चोदने की बहुत कोशिश की पर सफल नहीं हो पाया क्योंकि वह बहुत नखरे करती थी।
फिर 2019 का दिन आया, मैंने उसके बुर के ऊपर कई बार लंड रगड़ा और वीर्य मांडवी के बुर पर गिराया।
दिसंबर 2019 में जब वह किसी कार्य से मेरे घर आई थी.
तब मैंने मांडवी से बोला, “तुम मेरे बारे में क्या चाहती हो?”
मांडवी ने कहा, “सर जी, हम आपसे शादी करेंगे!”
तब मैंने उसे किस किया।
मैं उसके होंठों को चूसने लगा, तभी वह भी मेरे होंठ चूसने लगी और हम दोनों बेड पर लेट गए।
मैं किस के साथ-साथ उसके बूब्स (चुच्ची) दबा रहा था।
वह भी मजे ले रही थी।
जब मैं चुच्ची दबा रहा था, तभी मैंने उसकी ब्रा खोल दी और निप्पल को दबाने लगा।
फिर मैंने अपना मुंह उसकी चुच्ची पर ले जाकर निप्पल को मुंह में ले लिया और पीने लगा।
वह सिसकारी भरने लगी, “शह्ह्ह… हहह… आह… आ… आहहह!”
मैंने उसकी लेगिंग्स को नीचे किया और अब वह मेरे सामने केवल कच्छे में लेटी हुई थी।
मैं उसकी चुच्ची पी रहा था और उसे मसल रहा था।
फिर कुछ देर बाद दूध पीने और चुच्ची मसलने के बाद, मैंने उसका कच्छा नीचे कर दिया।
मांडवी के बुर पर कोई बाल नहीं था, एकदम क्लीन था।
देखकर ही मेरे लंड से पानी निकल गया।
मैंने बिल्कुल देर न करते हुए मांडवी के बुर पर मुंह लगा दिया और जोर-जोर से चूसने लगा।
मांडवी एकदम से बोली, “नहीं … मत करो! मुंह मत लगाओ!”
पर उसका शरीर उसका साथ नहीं दे रहा था।
उसने अपने दोनों पैर फैला दिए और मैंने उसके बुर में अपनी जीभ डाल दी।
उसका बुर एकदम सील पैक था।
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में हो गए।
मांडवी ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी।
करीब 15 मिनट मैंने उसके बुर को चूसा, जब तक कि उसने मेरे मुंह में ही पानी नहीं छोड़ दिया।
उसके एक मिनट बाद ही मेरे लंड ने उसके मुंह में पिचकारी मार दी और उसका मुंह मेरे वीर्य से भर गया।
उसने पहली बार वीर्य मुंह में लिया था, इस वजह से उसे उल्टी भी हुई।
इस प्रकार उस दिन हमारी पहली बार ढंग से मौखिक चुदाई हो पाई।
इसके बाद सब सामान्य रहा।
मांडवी की 2022 में स्कूल में जॉब हो गई।
सब ठीक चल रहा था, मैं उसे रोज अपनी स्कूटी से छोड़ने जाता था।
इस बीच मेरी शादी हुई, जिससे मांडवी खुश नहीं थी।
फिर मैंने उसे समझाया कि यह सब दिखावा है, मैं प्यार तो तुम्हीं से करता हूं।
फिर मैंने करीब 6 महीने तक अपनी बीवी को चोदा, जो पहले से चुदी हुई थी।
फिर वह अपने मायके चली गई।
इस बीच मुझे मांडवी को चोदने का मौका नहीं मिला।
फिर BPSC असिस्टेंट का एग्जाम मैंने और मांडवी ने एक साथ भरा था।
28 अप्रैल 2023 को भाग्य की बात यह रही कि हम दोनों का एग्जाम एक ही शहर आरा (बिहार) में पड़ा।
उस समय मांडवी ने खुद से चुदवाने के लिए बोला.
तो मैंने कहा- ठीक है।
हमने चुदाई की सारी व्यवस्था कर ली थी.
तभी आखिरी मौके पर पता चला कि उसकी बहन भी साथ जा रही है।
हमारे चुदाई का सारा प्रोग्राम फेल होता हुआ नजर आ रहा था।
हम सभी एक साथ गए।
भोर में ऑटो से चेनारी से सासाराम गए और वहां से ट्रेन द्वारा आरा पहुंचे।
हमने सुबह की शिफ्ट में एग्जाम दिया और वहां एक मंदिर ‘अरण्य देवी मंदिर’ तीनों लोग चले गए।
उसकी छोटी बहन भी साथ में थी।
जब वह इधर-उधर थी, तो मैंने अपने हाथों से मांडवी के सिर पर सिंदूर लगा दिया, जिससे हमारी अनौपचारिक शादी हो गई।
उसकी बहन यह सब नहीं देख पाई।
फिर हम वहां से लौट गए।
हमें आते-आते देर रात हो गई, तो हमने सासाराम से ऑटो रिजर्व किया और चेनारी के लिए चल पड़े।
रास्ते में उस रात कुछ नहीं हो पाया क्योंकि मांडवी की सिस्टर साथ ही थी।
बस मांडवी ने ऑटो में थोड़ी देर मेरे लंड को सहलाया, फिर हम चेनारी पहुंच गए।
मैं अपने घर आ गया और वे दोनों अपने घर चली गईं।
असली कहानी यहाँ से शुरू होती है।
मांडवी ने KVS प्राइमरी का एग्जाम दिया था और उसका रिजल्ट आ गया था।
उसे 3 नवंबर 2023 को इंटरव्यू के लिए चंडीगढ़ बुलाया गया था।
उसने मुझे बताया और मैंने 10 दिन पहले ही चंडीगढ़ की दो रिजर्वेशन टिकटें सासाराम से करवा ली थीं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ट्रेन से 2 नवंबर को हम दोनों निकले।
सुबह ट्रेन पकड़ी और रात करीब 9 बजे चंडीगढ़ पहुंचे।
जाते ही हमने होटल में खाना खाया और स्टेशन के पास ही एक होटल बुक किया।
हम दोनों थके हुए थे, इसलिए जाते ही सो गए।
करीब 12 बजे मेरे मोबाइल पर फोन आया तो मैं जग गया।
मेरी नींद खुल गई थी।
फिर मैंने मांडवी को जगाया और हम दोनों पानी से मुंह धोकर आए।
आते ही मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया और उसके कपड़े उतारने लगा।
मैंने उसे बिल्कुल नंगा कर दिया।
मांडवी के बुर पर मैं बिल्कुल भूखे शेर की तरह टूट पड़ा।
मैंने उसके बुर को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और वह मेरे लंड को चूसने लगी।
बुर चूसने से उसे बहुत मजा आ रहा था, वह मेरे सिर को अपने बुर पर दबा रही थी।
उसने दोनों पैर फैला दिए थे।
चूसने के 10 मिनट में ही उसके बुर से पानी निकला और मैं मांडवी के बुर के अमृत को पी गया।
मांडवी के लंड चूसने की वजह से मेरा वीर्य गिरने ही वाला था कि मैंने उसके मुंह से निकाल दिया।
उसने बोला, “आज मुझे चोद दो! आहहह… आहहह… शह्ह्ह… हहह!”
देर न करते हुए मैंने अपना 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड उसके बुर के छेद पर रख दिया।
मैंने अंदर डालने की कोशिश की पर लंड इतना मोटा था कि अंदर जा ही नहीं रहा था।
तभी मैंने एक जोर का झटका मारा, जिससे मेरा लंड करीब 5 इंच तक बुर में घुस गया!
वह चिल्ला उठी, “ऊईईई… मां! दर्द हो रहा है, निकालो! मेरा बुर फट गया!”
उसके बुर से खू.न निकल रहा था जो मेरे लंड पर लगा हुआ था।
मांडवी की बुर की सील टूट गई थी।
कुछ देर बाद मैंने पूछा कि क्या फिर से डालूं?
तो वह बोली, “घुसाइए, पर आराम से!”
फिर मैं आराम-आराम से धीरे-धीरे मांडवी को चोदने लगा।
थोड़ी देर बाद उसने बोला, “अब पूरा डालिए ना!”
तब मैं जोश में आकर एक और जोर का झटका मारा, जिससे मेरा पूरा लंड उसके बुर में घुस गया।
उसने सिसकारी लेना शुरू कर दिया, “आहहह… आहहह… फक मी डियर!”
मैं भी मांडवी को जोर-जोर से चोदने लगा।
वह भी अपनी गांड उठा-उठा कर चुदवाने लगी।
करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद उसके बुर ने पानी छोड़ दिया जबकि मेरा वीर्य अभी नहीं निकला था।
मैं उसे चोदता जा रहा था।
बुर के पानी छोड़ देने से ‘चप-चपा-चप’ की आवाज आ रही थी।
अगले 20 मिनट तक चोदने के बाद मेरा वीर्य मांडवी के बुर में ही गिर गया, जिससे उसका बुर पूरा भर गया।
मैंने रात 12 बजे से लेकर भोर के 4 बजे तक उसे चोदा।
मांडवी हमेशा मेरे लंड को अपने बुर में डालकर रखती थी।
जब भी वह बाहर निकलता, वह उसे मुंह में लेकर खड़ा करती और फिर बुर में डाल लेती।
इस प्रकार मैंने रात भर में उसे कई बार चोदा और हर बार वीर्य उसके बुर में डाला, जिससे उसका गर्भाशय भर गया।
फिर सुबह उसने अपना KVS का इंटरव्यू दिया और 3 नवंबर की शाम को हमने ट्रेन पकड़ी और बिहार वापस आ गए।
अब वह पटना के बिहटा में रहती है।
अब जब भी वह अकेले अपने फ्लैट में होती है, तो मैं उसे चोदता हूं, वह भी रात भर।
मैंने कभी कंडोम का प्रयोग नहीं किया और न ही मांडवी ने कभी कहा।
वह हमेशा मेरा वीर्य या तो बुर में लेती है या मुंह में लेकर पी जाती है।
मैं मांडवी के बुर का रसपान हमेशा करता हूं।
मेरी गर्लफ्रेंड के फर्स्ट सेक्स की कहानी कैसी लगी आपको?
थैंक यू!
rajurajeev1798@gmail.com