हॉट वीडियो कॉल स्टोरी में मेरे शौहर की विदेश में जॉब लगी तो मैं अकेली हो गयी। मेरी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया कि एक गैर मर्द से मेरी दोस्ती हुई. उसने मुझे वीडियो कॉल करके अपना बदन दिखाया.
दोस्तो, यह कहानी मेरी दोस्त सनोबर की है।
मैं उसी की जुबानी इस कहानी को लिख रही हूं।
तो आप ये समझें कि इस कहानी को अब सनोबर ही बता रही है।
चलिए हॉट वीडियो कॉल स्टोरी को शुरू करते हैं।
मेरा नाम सनोबर है और मेरी उम्र 32 साल हो चुकी है।
मैं दो बच्चों की माँ हूं। मैं एक मध्यम वर्ग परिवार से हूं।
मेरा घर सिवान उत्तरप्रदेश में है.
मेरे शौहर विदेश में जॉब करते हैं।
वो अक्सर बाहर रहते हैं और कई-कई महीनों के बाद घर आते हैं।
इसलिए मैं अक्सर घर पर अकेली ही रहती हूं।
दोस्तो, मेरा बदन अभी भी कसा हुआ है।
भले ही दो बच्चे हैं लेकिन देखने में 22-23 साल की लड़की जैसी दिखती हूं।
कोई देखकर कह नहीं सकता है कि मेरे बच्चे भी हैं।
मेरे शौहर भी मुझे मृगनयनी कहते हैं।
मेरे घने काले बाल हैं जो कमर से नीचे तक जाकर मेरी गांड की भी शोभा बढ़ाते हैं।
36 इंच की मस्त, मोटी, रसीली गांड की मालकिन हूं।
उस पर 29 की पतली कमर और 34 के दूध, जिन्हें मेरे शौहर और बच्चों ने खूब चूस चूसकर पीया है।
मेरा सेक्सी फिगर देखकर अच्छे-अच्छे ब्रह्मचारियों के लंड बगावत करने लगते हैं।
शादी के शुरू के 10 सालों में बहुत मजा था।
सब अच्छा था।
फिर शौहर की जॉब विदेश में लग गई तो उन्हें शराब की लत वहां से मिल गई।
छुट्टी में घर आते तो भी शराब पीकर पड़े रहते।
अभी तक मैंने शौहर के अलावा किसी और मर्द से सेक्स संबंध नहीं बनाए थे।
शौहर की हालत देख मैं परेशान रहती थी और खुद को व्यस्त रखने के लिए मैं योगा और फिटनेस क्लास भी जाती थी।
यही वजह है कि मेरा फिगर आज भी जवान लड़कियों को पीछे धकेल देता है। सेक्स का मन करता था लेकिन मैं खुद को रोके हुए थी।
मगर चूत तो फिर चूत है … उसको अपनी तृप्ति के लिए लंड चाहिए होता है, उंगलियों से कब तक उसे बेवकूफ बना सकती थी।
जब नहीं रुका गया तो आखिर मुझे बेवफा होना पड़ा।
पराये मर्द से चुदाई का सिलसिला कैसे शुरू हुआ, अब वो कहानी सुनिए।
कुछ महीने पहले की बात है कि एक दिन मेरी सहेली रेखा का फोन आया।
यहां-वहां की बातें करके उसने एक काम की बात बतायी कि शेयर मार्केट में पैसा लगाकर दिन का 1000-1500 रुपया कमाया जा सकता है।
मेरी भी जिज्ञासा बढ़ी।
फिर मैंने उससे सारी प्रक्रिया पूछी।
फिर उसने मेरे फोन में एक ऐप डाउनलोड करके एक व्यक्ति का नम्बर मुझे दिया।
सहेली ने कहा- इससे बात कर लेना, सारी चीजें ये समझा देंगे।
मैंने उस व्यक्ति का नम्बर सेव करके वॉट्सऐप पर मैसेज किया।
वहां से उत्तर भी आ गया।
फिर मैंने सारी बातें बता दीं और उन्होंने मुझे वो ऐप इस्तेमाल करना बता दिया।
अब मैं ट्रेडिंग करने लगी और शेयर मार्केट में पैसा लगाकर दिन का हजार-पंद्रह सौ कमाने लगी।
ये व्यक्ति मुझे सारी चीजें बताता था जिससे मैं ट्रेडिंग को समझ पाई थी।
इसका नाम नावेद था और मेरी रोज ही इससे बातें होने लगीं।
गंदे जोक्स भी ये कई बार मुझे चैट में भेज देता था।
मैं भी इसके जोक्स का बुरा नहीं मानती थी।
हम दोनों अच्छे दोस्त बन गए थे लेकिन अभी तक मैंने नावेद को देखा नहीं था।
एक दिन की बात है कि मैं ऐसे ही सुबह-सुबह छत पर बैठी हुई धूप सेंक रही थी।
नावेद का वीडियो कॉल आने लगा।
मैं सोचने लगी कि गांव में ऐसे किसी गैर मर्द से सुबह-सुबह वीडियो कॉल पर बात कैसे करूं।
डर रही थी कि किसी ने देख लिया तो कोई क्या सोचेगा।
फिर मैंने सोचा कि कॉल तो उठाना ही पड़ेगा, क्या पता कुछ जरूरी बात हो!
मैंने उसका वीडियो कॉल रिसीव किया।
मैं तो उसे देखती ही रह गई।
वो 34 साल का जवान मर्द था।
गोल चेहरा, घुंघराले बाल, और साफ गोरा रंग।
नावेद ने मेरा सपना तोड़ा और बोला- कैसी हो आप? आपको देखने का मन कर रहा था तो कॉल कर लिया।
मैं थोड़ी घबरा रही थी लेकिन फिर एकदम से हंस पड़ी और बोली- अच्छा, क्या करोगे देखकर? मैं तो दो बच्चों की मां हूं।
नावेद- सच! देखकर तो बिल्कुल पता नहीं चलता आपको! आप तो वो क्या कहते हैं … बिल्कुल सोना लगती हो!
मैं बोली- सोना … चलो प्यारा नाम दिया आपने काफी!
तभी छत पर किसी के आने की आहट हुई तो मैंने तुरंत वीडियो कॉल बंद कर दिया।
फिर उसे मैसेज किया कि कोई आ गया था।
वो बोला- दोबारा कॉल करूं?
मैंने कहा- नहीं, मैं रात में फ्री होकर करूंगी।
नावेद को देखने के बाद, और उससे बातें करने के बाद मुझे उस दिन जिंदगी में कुछ नया सा महसूस हुआ।
जैसे किसी ने सोई जिंदगी के चेहरे पर ठंडे पानी के छींटें डाले हों।
मैं रात होने का इंतजार करने लगी। फिर रात में मेरे कॉल लगाने से पहले उसी का कॉल आ गया।
तब तक मैं शौहर से बात कर चुकी थी।
फिर हमारी बातें होने लगीं।
मैंने कहा- आपकी वाइफ कहां गई है? इतनी रात को कैसे कॉल कर रहे हो?
वो बोला- वो तो मायके गई है, पेट से है, चार महीने के बाद ही लौटेगी।
मैंने पूछा- और रहते कहां हो?
नावेद- सलेमपुर में।
मैं एकदम से चहक कर बोली- अरे, मेरा मायका तो बिल्कुल वहां पास में ही है। मैं तो शॉपिंग करने आती रहती हूं वहां!
नावेद बोला- अच्छा, तो फिर अबकी बार आओ तो जरूर मिलकर जाना।
मैंने कहा- ठीक है, जरूर आऊंगी।
मैं देख रही थी कि नावेद की नजर मेरी चूचियों पर जा रही थी।
इधर नावेद को देखकर मेरे अंदर भी कुछ-कुछ हो रहा था क्योंकि वो बेड पर अधनंगा लेटा था।
उसने शर्ट नहीं पहनी थी और छाती नंगी थी।
अच्छी खासी चौड़ी छाती थी उसकी और रंग काफी गोरा था।
नावेद- तो शौहर विदेश में कमाते हैं, और आप यहां पर मजे ले रहे हो।
मैं बोली- कहां के मजे, जितना भी कमाते हैं सारा शराब-अय्याशी में उड़ा देते हैं।
नावेद- कोई बात नहीं, आपके खूबसूरत चेहरे पर ऐसी उदासी अच्छी नहीं लगती। सब ठीक हो जाएगा।
मैं बोली- हां, देखते हैं, आप सो जाओ अब काफी रात हो रही है।
नावेद- ये सोने ही नहीं दे रहा!
मैं- कौन? कोई है क्या पास में?
वो बोला- हां, पास में नहीं हाथ में है।
कहकर उसने फोन को नीचे जांघों की तरफ घुमा दिया।
मैं तो देखकर हैरान और शर्म से लाल हो गई।
उसके हाथ में उसका लम्बा मोटा लंड था जिस पर तेल लगाकर वो हाथ से उसकी मालिश करने में लगा हुआ था।
अब मैं समझी कि उसकी नजर मेरी चूचियों पर क्यों जा रही थी बार-बार।
मेरी क्लीवेज को देखकर शायद वो काफी देर से लंड की मालिश कर रहा था।
देखकर मैंने नजर नीचे कर ली।
नावेद- देखा ना सोना … कितना परेशान करता है ये, सोने ही नहीं दे रहा!
मैं शरमाते हुए बोली- धत्त आप भी ना … कैसी बातें करते हो?
नावेद- मैं तो बस अपनी परेशानी बता रहा था। तुम्हें पसंद नहीं आया क्या?
मैं बोली- बाप रे … कितना बड़ा है आपका, बीवी कैसे लेती होगी?
नावेद- दोनों तरफ से लेती है।
मैं- दोनों तरफ मतलब?
नावेद- चूत में भी, और गांड में भी!
जब उसने चूत और गांड में लंड देने की बात कही तो मेरे अंदर भी कुलबुली मचने लगी।
बोला- आपके शौहर नहीं देते हैं क्यो चूत और गांड में? उनका लंड ऐसा नहीं है?
मैं बोली- नहीं, उनका ऐसा नहीं है।
नावेद- जितना बड़ा लंड, उतना ज्यादा मजा …
मैं ये सुनकर मुस्करा दी।
उसकी नजर अभी भी मेरी चूचियों पर थी।
बोला- तुम्हारी चूचियां बड़ी मस्त हैं! काश तुम मेरे पास होतीं!
मैंने भी बेशर्म होकर पूछा- होती तो क्या करते?
वो बोला- रात भर तुम्हारी जबरदस्त चुदाई करता। खुश कर देता तुम्हें, शौहर को भूल जाती।
मैं आंखें दिखाकर बोली- हप्प! कैसी बेशर्मी से बोल रहे हो।
चाह तो अंदर से मैं भी यही रही थी कि नावेद मेरी चूत में अपना मोटा सिलबट्टे जैसा लंड डालकर मस्त चोदे।
फिर भी मैं खुद से प्यासी साबित नहीं होना चाह रही थी।
उसने फिर पूछा- जब तुम्हारा दिल करता है लंड लेने का तो क्या करती हो?
मैंने बनावटी गुस्से में कहा- छी! गंदी बातें कर रहे हो। मैं तो कुछ नहीं करती ऐसा!
दोस्तो, मैं उसके सामने नाटक जरूर कर रही थी लेकिन उसकी सेक्स भरी बातों से मेरी चूत में जोर की कुलबुली मच गई थी और मैं अपनी चूत को नीचे ही नीचे सहलाने लगी थी।
नावेद ने मेरा झूठ पकड़ते हुए कहा- मुझसे छुपा रही हो? कह दो कि तुम्हारा हाथ चूत पर नहीं जाता है, और तुम चूत को सहलाती नहीं हो! जैसे मैं अपने औजार को सहला रहा हूं!
कहते हुए नावेद ने कैमरा अपने लंड की तरफ कर दिया।
उसका मोटा मूसल जैसा लंड उसके हाथ में था और वो लगातार ऊपर नीचे करते हुए उसे रगड़ रहा था।
उसके लंड का सुपाड़ा टेनिस की बॉल जैसा लग रहा था और तेल से चिकना होकर एकदम चमक रहा था।
एकदम से तना हुआ लंड मेरे सामने था और उसकी नसें एकदम से खड़ी थीं।
मेरी चूत ऐसे लौड़े को देख देखकर और ज्यादा गर्म होती जा रही थी।
मैंने कहा- शांत कर लो इसे!
वो बोला- इस जिद्दी को अब आप ही शांत कर सकती हो। मेरी तो ये सुनता ही नहीं है।
मैंने कहा- मैं कैसे?
वो जरा सोचकर बोला- मुंह में लेकर!
मैं- ना बाबा ना! मैंने आज तक मुंह में नहीं लिया है।
वो बोला- तो लेकर देखना, बहुत अच्छा लगेगा।
नावेद भी जान चुका था मैं गर्म हो चुकी हूं।
वह बोला- सोना बेबी … अपने दूध पिलाओ ना मुझे!
मैं बोली- कैसे पिलाऊं, आप इतनी दूर जो बैठे हो। पास होते तो पिला देती।
वो बोला- अभी पिला नहीं सकती तो दिखा ही दो?
मेरा जिस्म वासना के आगोश में जा चुका था।
तभी उसने मोबाइल अपने होंठों के करीब किया और मेरे होंठों को चूमने का इशारा किया।
हवस में मैं भी कल्पना करने लगी कि वो सच में मेरे होंठों को चूम रहा है।
मुझे भी चुदने की इच्छा होने लगी।
वह बोला- सोना … तुम बहुत हॉट हो, मन करता है चोद चोदकर तुम्हारी चूत का सारा पानी निकाल दूं।
नावेद की बातों से मैं अब खुद पर काबू नहीं रख पा रही थी।
मैंने अपनी साड़ी को उतार दिया और गुलाबी रंग के ब्लाउज के हुक खोल दिए।
फिर मैंने ब्रा ऊपर करके चूचियां उसके सामने नंगी कर दीं।
नंगी चूचियां देखकर नावेद के चेहरे पर हवस नाचने लगी।
वो इस्स … आह्ह … करते हुए तेजी से लंड की मुठ मारने लगा।
फिर नीचे झुक कर जैसे चूची पीने की एक्टिंग करने लगा।
मुझे भी मजा आने लगा।
लग रहा था जैसे सच में वो मेरी चूचियां पी रहा हो, क्योंकि मेरा एक हाथ अब खुद ही चूचियों को मसलने में लग गया था।
मुझे ऐसा लग रहा था जैसे सबकुछ असलियत में हो रहा हो।
नावेद भी अब बहुत कामुक हो चुका था और उसकी बेचैनी मैं उसके चेहरे पर साफ देख सकती थी।
वह बोला- बेबी, अब चूत भी दिखा दो प्लीज!
मैं बेकरार थी चूत में लंड लेने के लिए … चूत उसकी गर्म जीभ से चुदवाने के लिए।
हॉट वीडियो कॉल में मैंने कैमरा नीचे की ओर करके पेटीकोट उतारते हुए पैंटी नीचे खींच दी।
मेरी चूत नंगी हो गई और मैं दो उंगलियों से चूत को सहलाने लगी।
वो भी अपने लंड को तेजी से हिला रहा था।
तभी एकदम से उसके लंड ने पिचकारी छोड़ दी।
उसके लंड से गाढ़े वीर्य की पिचकारी फूटने लगीं जो इधर-उधर गिरीं।
फिर उसका लावा उसके टोपे से निकल कर लंड पर बहने लगा।
पूरा लंड वीर्य से भीग गया।
ये नजारा देख मेरी चूत ने भी अपना कामरस छोड़ दिया।
मैं तेजी से चूत में उंगली किए जा रही थी और बहुत मजा आ रहा था।
फिर मैं धीरे धीरे शांत होती चली गई।
नावेद- थैंक्स सोना … बहुत मजा दिया तुमने।
अब जल्दी से रियल में आकर मिल लो, तुम्हें बहुत प्यार करूंगा।
मैंने कहा- ठीक है, मैं बाद में करती हूं। बताऊंगी।
हॉट वीडियो कॉल स्टोरी अगले भाग में जारी रहेगी।
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