चालू बीवी स्टोरी में मैं अपनी बीवी के साथ ससुराल गया तो वह बहाने से अपने मुंह बोले भाई के साथ चली गयी. उन दोनों ने क्या गुल खिलाये?
दोस्तो, मेरा नाम राकेश है. मैं एम.पी. के इंदौर शहर का रहने वाला हूँ और एक बैंक की फाइनेंस करने वाली शाखा में जॉब करता हूँ.
मेरी उम्र 26 साल की है, दिखने में भी ठीक-ठाक हूँ … हाइट साढ़े पांच फुट की है और लंड का साइज 7 इंच का है.
मैं raatkibaat का बहुत सालों से पाठक रहा हूँ. आज जीवन में पहली बार मैं बड़ी हिम्मत करके अपनी सच्ची सेक्स कहानी लिखने जा रहा हूँ.
मुझे उम्मीद है ये कहानी आप सबके लंड खड़े कर देगी और महिला पाठकों को चूत में उंगली करने के लिए मजबूर कर देगी.
गोपनीयता बनाए रखने के लिए मैंने चालू बीवी स्टोरी के पात्रों के नाम बदल दिए हैं.
यह चालू बीवी स्टोरी मेरी वाइफ की है.
उसका नाम काजल है और उसकी उम्र 23 साल की है.
वह दिखने में सांवली सी है, नैन नक्श कटीले हैं और होंठ तो बिल्कुल गुलाब के फूल की पंखुड़ियों के जैसे लाल और रसीले हैं.
उसकी हाइट 5 फीट की है और उसका फिगर 34-30-36 का है.
काजल के बूब्स को मैंने ही दबा दबा कर बड़े आकार का कर दिया है.
शादी से पहले तो उसके दूध ज्यादा बड़े नहीं थे.
उसकी गांड बड़ी है और बाहर को निकली हुई है.
लांकि उसकी गांड शुरू से ही बड़ी है और बिल्कुल गोलाकार है और जब वह चलती है तो गजब की टमटम सी लगती है.
वह मटक कर चलती है और चलते समय उसके दोनों चूतड़ इस कदर ऊपर नीचे होते हैं कि देखने वाले का लंड खड़ा हो जाता है.
उसकी चाल इतनी मनमोहक है कि वह अच्छे अच्छों को मुट्ठी मारने पर मजबूर कर देती है.
मैं जब उसको शादी के लिए देखने गया था, तब उसकी गांड को देखकर ही मैंने उसको पसंद किया था.
हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं.
उसने भी मुझे एक नजर में ही पसंद कर लिया था और शादी से पहले ही मैंने उसको एक महीने के अन्दर ही चोद लिया था.
पहली बार में ही मुझे पता चल गया था कि मेरी बीवी चुदी चुदाई है.
मैंने उससे पूछा भी, पर उसने साफ मना कर दिया.
वह बोली थी कि मैं उसकी लाइफ का पहला मर्द हूँ और आज पहली बार ही किसी से चुदवा रही है.
उसके बाद मैंने उसको कई बार ओयो ले जाकर चोदा और तकरीबन डेढ़ साल तक हमारी सगाई रही, तब तक मैं उसकी कई बार ले चुका था.
मैंने अभी तक उसकी गांड नहीं मारी थी.
काजल की गांड मारने का मौका मुझे शादी के बाद ही मिला था.
हमारी शादी को अब एक साल हो चुका है और मैं उसको लगभग रोज ही चोदता हूँ.
शादी से पहले काजल एक कॉल सेंटर में काम करती थी.
उसको घूमने का बहुत शौक है और उसकी दोस्ती ज्यादातर लड़कों से ही है.
उसके पापा नहीं हैं इसलिए शुरू से उसको किसी से भी मिलने जुलने में कोई रोक-टोक नहीं थी.
हमारी सगाई होने के बाद धीरे धीरे उसकी और मेरी बातें व्हाट्सैप पर हुईं, फिर वीडियो कॉल पर हम दोनों सेक्स चैट करने लगे.
कुछ ही दिन के अन्दर मैं उससे चुदाई की बात खुल कर चुका था और उसकी गांड चूत वीडियो कॉल पर देख चुका था.
हालांकि तब मुझे ऐसा लगा था कि मेरी बीवी कुछ ज्यादा ही चालू टाइप की है, पर मैंने भी लड़कियां चोदी थीं तो इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
पर अब मुझे उसको चोदना था.
खैर … मैंने उसको कैसे चोदा और उसे चोदने से पहले मुझे क्या जानकारी मिली थी, वह सब मैं फिर कभी किसी दूसरी सेक्स कहानी में लिख कर बताऊंगा.
अभी इस कहानी का ही मजा लेते हैं.
ये बात तब की है, जब हमारी शादी को एक महीना हो चुका था और मैं काजल के घर रहने गया था.
काजल ने उस दिन लाल कलर की साड़ी पहनी थी.
उसकी साड़ी एकदम गांड पर कसी हुई थी.
साड़ी चिकनी और झीनी होने की वजह से उसकी गांड क्लियर दिख रही थी.
आह क्या ही बताऊं … साली क्या मस्त माल लग रही थी. उसका फिगर शादी के समय 30-28-36 का था, बाद में मैंने फिगर चेंज कर दोया था.
उसकी गांड शुरू से ही हाहाकारी थी.
जब काजल इठलाती हुई मेरे सामने गांड मटकाती हुई चलती, तो मेरा लंड पानी छोड़ने को हो जाता.
उसको पता था कि मैं यहां सबके सामने उसको चोद नहीं पाऊंगा, फिर भी मां की लौड़ी मुझे छेड़ने के लिए अपने चूतड़ों को कुछ ज्यादा ही हिला हिला कर चल रही थी.
उस दिन भी उसकी हरकतों से मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था.
फिर जब वह अपनी गांड को हिलाती हुई मेरे बाजू से चिपक कर निकली तो मैंने मौका पाते ही उसकी गांड में उंगली कर दी.
वह चिहुंक गई और तभी मैंने उसके चूतड़ पकड़ कर दबा भी दिए.
वह आंख तरेर कर देखती हुई चली गई. मैं हंस दिया तो वह भी हंस दी.
मैं उसके घर दो दिन तक रहा, सबके साथ खाना आदि खाया और खातिरदारी का खूब मजा लिया.
तीसरे दिन सुबह की बात है, जब काजल के पास किसी का कॉल आया.
फोन पर बात होने के बाद उसने मुझे बताया कि अभिषेक का कॉल है.
उसने बताया कि अभिषेक ने घर पर बुलाया है.
वह बोली- चाय नाश्ता करके आप जल्दी से तैयार हो जाओ, हमें जाना है.
यह बोलकर गांड मटकाती हुई काजल नहाने चली गई.
इधर मैं आप सभी को अभिषेक के बारे में बता देता हूँ.
ये काजल का मुँह बोला भाई है, इसकी कोई बहन नहीं है इसलिए काजल ने अभिषेक को ही अपना भाई बना लिया है.
ये दोनों साथ में स्कूल में पढ़े हैं.
हालांकि मैं अभिषेक से पहले कभी मिला नहीं हूँ, पर सगाई के थोड़े दिन बाद ही काजल ने मुझे बताया था कि उसने किसी को अपना धर्म भाई बनाया है.
उसकी दादी शांत हो गई हैं, वहीं पर तेरहवीं के दिन जाने के लिए मुझसे पूछा था.
मैंने उसको मना कर दिया था.
काजल ने मुझसे उस टाइम कहा था कि आप कह रहे हैं, इसलिए मैं भी नहीं जाती.
इस बात का उल्लेख बाद में आपको समझ में आएगा.
काजल के जाने के बाद मैं नहाने चला गया और नहा कर जैसे ही बाहर निकला तो सामने काजल खड़ी थी.
आह साली … क्या मस्त कांटा माल लग रही थी.
उसने ब्लैक शॉर्ट कुर्ती पहनी हुई थी और वाइट कलर की लैगी, जो उसकी जांघों और गांड से पूरी तरह चिपकी हुई थी.
लैगी उसकी इतनी पतली थी कि उसकी ब्लैक कलर की पैंटी साफ़ नजर आ रही थी.
कुर्ती शॉर्ट होने के कारण उसके नितंब आधे नजर आ रहे थे.
मैंने मौका देखकर उसकी गांड को मसल दिया.
काजल मुझसे ‘हटो जी’ कहती हुई दूर हो गई और बोली- शर्म नहीं आती, कोई देख लेगा!
फिर मैं हंस कर कपड़े पहनने चला गया.
वापस आया तो काजल ने मुझसे चलने को कहा.
अभिषेक का घर करीब 4 किलो मीटर की दूरी पर था.
मेरे पास पल्सर बाइक है तो मैंने बाइक चालू की ओर काजल को इशारा किया तो वह अपनी गांड उचका कर पीछे बैठ गई.
उसने दोनों बाजू टांगें डाली हुई थीं.
अब हर कोई काजल की उठी हुई गांड को ही निहार रहा था.
अभिषेक के घर का रास्ता 20 मिनट का था.
मेरी बीवी की गांड एकदम मक्खन की तरह थी, तो हर गड्डे में और स्पीड ब्रेकर आने पर हिल रही थी.
बाइक की स्पीड होने के कारण तेज हवा लग रही थी और इसी वजह से काजल की कुर्ती भी उड़ कर ऊपर को हो जा रही थी, जिससे उसकी कसी हुई गांड काली पैंटी में पूरी तरह से दिख रही थी.
हम दोनों अभिषेक के घर पहुंचे और मैंने हॉर्न बजाया तो अभिषेक घर से बाहर आ गया.
उसको मैंने पहली बार देखा था.
वह देखने में सांवला सा था और उसकी हाईट मुझसे थोड़ी ज्यादा थी.
वह लगभग 5 फुट 10 इंच का रहा होगा.
यह एक ग्रामीण इलाका था और उसका घर कच्चा बना था; घर के ऊपर छत की जगह टिन की चद्दर लगी थी.
‘जीजा जी … जीजा जी.’ बोलता हुआ वह मेरे पास आया और उसने मुझसे हाथ मिला कर मेरे हाल चाल पूछे.
फिर उसने काजल से भी हाथ मिलाया.
अभिषेक हंस कर बोला- शादी करते ही मोटी हो गई हो. लगता है जीजू के प्यार का कमाल है.
काजल ने उसको चिमटी काटी और हम तीनों हंसने लगे.
फिर हम सब अन्दर आने लगे.
मैं सबसे आगे था.
उसके घर में पहले गेट था, फिर हॉल और अन्दर की ओर दो रूम थे. हॉल वाले दरवाजे के बाहर एक छोटा दाढ़ी बनाने वाला कांच लटका था.
मेरे पीछे काजल और अभिषेक थे. मैं सीधे अन्दर जा ही रहा था कि मेरी नजर कांच पर पड़ी और मैंने जो देखा, उसे देखकर मैं चौंक गया.
मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने अभिषेक को काजल की गांड में उंगली करते देखा, पर मेरी नजर सेकंड भर के लिए ही उस पर पड़ी थी, तो मुझे लगा कि शायद ये मेरी आंखों का धोखा है … हो सकता हे गलती से हाथ लग गया हो.
मैं अन्दर चला गया.
अन्दर जाते ही मैंने देखा कि वहां अभिषेक की मां और कुछ बच्चे थे.
मेरे पीछे पीछे ये दोनों भी आ गए.
काजल अभिषेक की मां के पास बैठ गई और मैं अभिषेक के साथ में बैठ गया.
कुछ देर चाय नाश्ता और बहुत सारी बातें करने के बाद मैंने मोबाइल निकाला और चलाने लगा.
अभिषेक ने मेरे मोबाइल में हॉलीवुड मूवीज देख ली थीं तो वह कहने लगा- जीजा जी, प्लीज आप बुरा ना माने तो ये मूवीज आप अपने मोबाइल से मुझे ट्रांसफर कर दो.
उसने बताया कि वह भी हॉलीवुड मूवीज का बहुत बड़ा फैन है, बल्कि वह सिर्फ हॉलीवुड मूवीज ही देखता है.
मैंने भी बोल दिया कि हां अभी कर देता हूँ.
इतने में ही काजल बोल पड़ी- तेरे बड़े भैया और भाभी कैसे हैं?
इस पर अभिषेक बोला- वे अच्छे हैं और तुझे याद करते हैं.
काजल पूछने लगी- कहां पर हैं वे?
अभिषेक की मां ने कहा- अभी जो नया घर बनाया है न, वे लोग वहां शिफ्ट हो गए हैं.
काजल- कहां पर है नया घर?
इतने में अभिषेक बोला- अरे दादी की तेरहवीं में मैं तुझे उधर लेकर नहीं गया था? वे लोग वहीं पर रह रहे हैं.
इतना सुनते ही मेरे दिमाग में सगाई के बाद वाला सीन सामने आ गया, जिसमें मैंने काजल को जाने से मना किया था, पर अब पता चला कि काजल ने मुझसे झूठ बोला था कि मैं भी नहीं जा रही हूँ!
मैं अपने ही ख्यालों में खोया था कि काजल मुझसे बोली- मैं अभी भैया भाभी से मिलकर आ रही हूँ, फिर घर चलेंगे.
मैंने हां में सर हिलाया.
इधर अभिषेक ने मुझे मोबाइल दे दिया और मैं भी अपने मोबाइल से मूवी को अभिषेक के मोबाइल में डालने लगा.
अभिषेक ने लगभग 10-12 मूवीज सिलेक्ट करवा ली और मैंने ट्रांसफर करना चालू कर दिया.
अभिषेक थोड़ी देर बैठा और बोला- जीजा जी, मैं अभी आ रहा हूँ, मुझे कुछ काम है. आप यहीं बैठो … कहीं जाना मत.
मैंने ओके कहा और वह चला गया.
मैंने सोचा कि इसके मोबाइल से भी मुझे कुछ मूवीज लेना चाहिए और मैं उसके मोबाइल को खंगालने लगा.
उसके पास एक भी मूवी नहीं थी.
मैंने उसकी गैलरी चेक करना चाहा, पर उस पर लॉक था … पर वह मुझे पासवर्ड बता कर गया था इसलिए मुझे गैलरी खोलने में मुश्किल नहीं हुई.
उसके मोबाइल में फोटोज थे, जिसमे काजल की भी बहुत सारी फोटोज थीं.
पता नहीं मेरे दिमाग में क्या सूझा कि मैंने सैटिंग्स में एक वैलेट का ऑप्शन रहता है, जिसमें आप अपनी सारी सीक्रेट फोटोज को छुपा सकते हो.
मैं खुद भी अपने मोबाइल में यूज करता हूँ, तो मुझे लगा कि देखना चाहिए कि इसने क्या छुपा कर रखा है.
उसके मोबाइल में भी वैल्यूट करने का फीचर था, पर उस पर एक साधारण सा लॉक लगा था.
मैं भी कहां मानने वाला था. मैंने जरा सी देर में उस लॉक को खोल लिया.
साले ने उसमें बहुत सारी ब्लू फिल्म और कुछ एमएमएस छिपा रखे थे.
उसको स्क्रॉल करते हुए मैं जब एमएमएस पर आया और उसके बाद जो मैंने देखा तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं, मेरे हाथ से मोबाइल गिर गया.
इतने में अभिषेक की मां ने मुझसे पूछा- क्या हुआ जमाई सा!
मैंने फटाफट मोबाइल उठाया और कहा- कुछ नहीं.
‘किसी चीज की जरूरत हो तो बोल देना!’ ये बोलकर वे अन्दर काम करने लगीं.
मेरे हाथ कांप रहे थे.
मैंने फिर से देखा तो काजल की फोटो थी, जिसमें काजल पूरी नंगी होकर बेड के ऊपर घोड़ी बनी हुई थी.
भैनचौद … मेरे तो दिमाग ने काम करना ही बंद कर दिया था … उसमें ऐसी कई फोटोज थीं.
एक फोटो में तो वह लंड मुँह में लिए बैठी थी और वीडियोज भी थे, जिनमें मेरी वाइफ की हपक हपक कर चुदाई हो रही थी … और उसको चोदने वाला और कोई नहीं उसका मुँह बोला भाई अभिषेक ही था.
मेरी बीवी के लंड चूसने वाले वीडियो भी थे, इससे इतना तो क्लियर था कि मेरी वाइफ एक नंबर की चुदक्कड़ और छिनाल औरत है और उसको अभिषेक ने कई बार चोदा हुआ है.
इससे पहले मैंने जो आईने में देखा था, वह भी सच ही था. साले ने मेरी बीवी की गांड में उंगली की थी और वह भी मेरी मौजूदगी में.
मैंने तुरंत सारे वीडियो और फोटोज को अपने मोबाइल में डाल लिए.
मुझे काजल का ये रूप देखकर बहुत बुरा लगा.
इसके बावजूद मेरा लंड न जाने क्यों खड़ा हो गया था.
इतने में मुझे ध्यान आया कि दोनों ही यहां पर नहीं हैं, काजल का मोबाइल भी मेरी जेब में ही था.
इसलिए मैंने अभिषेक की मां से पूछा- आंटी जी, भैया भाभी का घर कितनी दूर है?
उन्होंने बताया कि पास में ही है.
मेरे कहने पर आंटी जी ने एक बच्चे के साथ मुझे वहां पर भेज दिया.
घर कुछ ही दूरी पर था, फिर भी मैं वहां भी गाड़ी लेकर गया था ताकि जल्दी पहुंच जाऊं.
मुझे वहां छोड़कर बच्चा वापस चला गया.
उस घर का गेट खुला था, पर अन्दर के दरवाजे पर ताला लगा था.
ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बाहर से थीं.
मैंने ताला लगा देखकर सोचा कि यहां तो कोई नहीं है … मेरी वाइफ कहां गई होगी?
मैंने ऊपर जाने का सोचा. मुझे यकीन था कि जरूर वे दोनों यहीं होंगे.
मैं ऊपर दबे पांव जा रहा था बिना कोई आवाज किए. मैं जैसे ही ऊपर पहुंचा तो देखा कि ऊपर एक ही रूम है, बाकी छत खुली है.
रूम का दरवाजा अन्दर से बंद था तो मेरा शक यकीन में बदल गया. ध्यान से सुनने पर कुछ आवाज सुनाई दी परंतु क्लियर सुनाई नहीं दे रहा था.
मैं अन्दर देखना चाह रहा था, पर कैसे देखता?
इतने में मेरी नजर खिड़की पर पड़ी. खिड़की पर बस जाली लगी थी और पर्दा था. दरअसल उस खिड़की में दरवाजे थे ही नहीं.
मैं धीरे से खिड़की के पास गया और कान लगाकर सुनने लगा तो मैंने सिसकारियों की आवाज सुनी.
मैं समझ गया था कि पक्का मेरी बीवी की चुदाई हो रही है.
मैंने धीरे से पर्दा हटाया तो देखकर फिर एक बार आंखें फटी रह गई.
बहन के लौड़े अभिषेक ने काजल को दीवार की तरफ मुँह करके खड़ा किया था और उसने काजल की लैगी और पैंटी को नीचे घुटनों तक कर दिया था.
वह खुद नीचे घुटनों के बल बैठकर मेरी बीवी की गोरी गोरी गांड के ब्राउन छेद को जीभ से किसी पागल कुत्ते की तरह चाट रहा था और किस कर रहा था.
उसने दोनों हाथों से काजल के कूल्हों को पकड़ कर फैला दिया था, जिससे काजल की चूत और गांड का छेद अभिषेक के सामने खुला हुआ था.
कभी वह मेरी बीवी के नितंबों को चाटता, तो कभी गांड और चूत को चाटने लगता.
काजल ने एक हाथ पीछे करके अभिषेक के बाल पकड़ लिए थे और वह मदभरी सिसकारी ले रही थी ‘आह … ओह … मेरी जान!’
अब अभिषेक उसकी गांड चाटते–चाटते चूत में उंगली कर रहा था.
“यस … ओह!” काजल बहुत तड़प रही थी.
इतने में उसने अभिषेक को हटाया और कहा- अब मुझे जाने दो, नहीं तो राकेश मुझे ढूंढेगा. बाकी फिर कभी करेंगे … प्लीज अभी मुझे जाने दो!
इतने में अभिषेक ने कहा- मेरी जान फिक्र मत करो … तुम्हारे पति को मैं उलझा कर आया हूँ मूवी के काम में .. एक मूवी एक जीबी की होगी तो सारी फिल्में ट्रांसफर करने में आधा घंटा तक वह कहीं नहीं जाएगा. तुम्हारे पति को शक भी नहीं होगा क्योंकि हम तो भाई बहन हैं ना!
काजल हंसकर बोली- बहुत शातिर हो तुम, शादी से पहले इतना चोदा है मुझे, अब तो पीछा छोड़ो!
अभिषेक ने कहा- कैसे छोड़ दूँ काजल, तेरी गांड को देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है! मैं हमेशा से तुझे चोदना चाहता था इसलिए मैंने दादी के तेरहवें के टाइम वाला मौका हाथ से जाने नहीं दिया. जब से तुझे चोदा है, बस हर जगह मुझे तेरी गांड ही दिखती है. जब से तुमको पहली बार चोदा था, तब से तुम्हारे वीडियो देखकर मुठ मारता रहता हूँ.
काजल ने कहा- अच्छा जी ऐसा क्या है मेरी गांड में? तुम्हारे जीजा भी मेरी गांड के ही दीवाने हैं!
वह बोला- गदीली गांड है तेरी!
काजल हंसने लगी.
अब वे दोनों किसिंग करने में लग गए.
दोस्तो, आपको मेरी बीवी की उसके मुँहबोले भाई से चुदाई की कहानी कैसी लग रही है, प्लीज जरूर बताएं.
इस चालू बीवी स्टोरी के अगले भाग में मैं इस चुदाई की डिटेल को लिख कर आपकी टांगों के बीच की हलचल को और बढ़ाने का प्रयास करूंगा.
आपका राकेश
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