लिव इन सेक्स कहानी में हमरे पड़ोस में कई जोड़े बिना शादी के रहते थे. दो लड़कियां एक कमरे में रहती थी, उनके यार कुछ महीने बाद बदलते रहते थे.
दोस्तो, मैं रतन दत्त आज आपको एक ऐसी सेक्स कहानी सुना रहा हूँ जो मुझे एक लड़के ने सुनाई थी.
वह लड़का मेरा पड़ोसी ही था.
हम दोनों पति पत्नी एक बिल्डिंग में रहते थे.
हमारे सामने वाले टू बेडरूम वाले फ्लैट में दो लड़कियां रहती थीं, उनकी उम्र 23-24 साल की रही होगी.
उनमें से किसी एक का ब्वॉयफ्रेंड कुछ महीने उनके फ्लैट में लिव-इन में रहता, फिर चला जाता.
उसके बाद दूसरी लड़की का ब्वॉय फ्रेंड लिव-इन में रहता, फिर कुछ महीने बाद चला जाता.
जब ब्वॉय फ्रेंड आते तो वे एकदम स्वस्थ होते, जाते समय मरियल होकर जाते.
चलिए मैं शुरू से लिव इन सेक्स कहानी सुनाता हूँ.
उन दिनों में मेरी बदली महानगर मुंबई में हुई.
मैं मुंबई के एक उपनगर में फ्लैट किराये पर लेकर पत्नी के साथ रहने गया.
जिस दिन हम फ्लैट में रहने गए, हमारे सामने के फ्लैट से दो 23-24 साल की उम्र की लड़कियां हमसे मिलने आईं.
लड़कियों ने हम लोगों को शिफ्ट होते देखा तो वे हमारे लिए चाय लेकर आयी थीं.
उनके इस व्यवहार को देख कर मैं खुश हो गया और उनसे बात होने लगी.
उसमें से एक का नाम स्वाति था और दूसरी का नाम कोमल था.
उन्होंने हमें आस-पास की दुकानों की जानकारी दी, साथ ही दोनों ने अपना मोबाइल नंबर भी मेरी मिसेज को दे दिया और हमारे नंबर ले लिए.
हमारी बिल्डिंग 20 मंजिला थी, उसमें अनेक फ्लैट थे.
बिल्डिंग में रहने वाले लोगों से पता चला कि हमारी बिल्डिंग में अनेक जोड़े लिव-इन में रहते हैं.
आजकल लिव-इन में रहना आम बात हो गई है.
उनका ब्रेक अप होता रहता है.
मैं थोड़े छोटे शहर से आया था, वहां लिव-इन नहीं होता था, होता भी होगा तो मुझे पता नहीं था.
कुछ दिनों बाद एक लड़का सुमित सामने के फ्लैट में रहने लगा.
कोमल ने हमें बताया सुमित उसका दोस्त है.
हम समझ गए यह लिव-इन रिलेशन है.
सुमित गोरा, स्वस्थ, स्मार्ट लड़का था.
कोमल थोड़ी सांवली, भरे बदन की सुन्दर लड़की थी.
उसकी सहेली स्वाति गोरी भी देखने में काफी सुन्दर थी.
उसका फिगर भी बहुत मस्त था.
सुमित ने अपना मोबाइल नंबर हमें दिया, वह सज्जन व मिलनसार था.
तीनों के कोरियर से सामान हमारे घर आते थे, जब ओटीपी की जरूरत होती, तो वे ओटीपी मेरी पत्नी को भेज देते.
चूंकि वे तीनों नौकरी करते थे तो हम लोगों को भी उनके सामान आदि लेने में कोई समस्या नहीं थी.
दीवाली के त्यौहार पर वे तीनों मिठाई लेकर हमारे घर आये, मेरी पत्नी ने उन्हें घर पर बनी मिठाई खिलाई.
हम सबमें बहुत सारी बातें हुईं.
मेरी मुलाकात सुमित, स्वाति, कोमल से ऑफिस आते जाते कभी कभी होती, वे तीनों बहुत खुश दिखते तो मुझे अच्छा लगता.
करीब 4 महीने बाद सुमित मुझे लिफ्ट में मिला, वह परेशान और कमजोर दिख रहा था.
मैंने पूछा- कमजोर दिख रहे हो, तबियत तो ठीक है न?
वह बोला- खास कुछ नहीं.
कुछ दिन बाद सुमित ने बताया, वह दूसरी जगह रहने जा रहा है. मुझे समझ आ गया कि वह काफी परेशान है.
सुमित को विदा करने कोमल, स्वाति दरवाज़े पर खड़ी थीं.
उनके चेहरे से दिख रहा था मानो ब्रेकअप से उनको कोई दुःख नहीं हुआ हो.
एक हफ्ते बाद एक जवान लड़का सुनील उनके घर में रहने आया.
वह लिव-इन में ही रहने आया था.
उस वक्त मेरे मन में भाव आया मानो लड़कियों ने नई डिश मँगवाई हो.
मेरे पूछने पर स्वाति ने बताया कि सुनील उसका दोस्त है.
सुनील थोड़ा सांवला लम्बा और कसरती बदन का था, जबकि स्वाति गोरी व सुन्दर थी.
सुनील से मेरी भी बातचीत होने लगी और उसने भी अपना मोबाइल नंबर मुझे दे दिया.
फिर से वही हुआ.
कुछ महीनों में सुनील कमजोर और उदास दिखने लगा.
करीब 5 महीने बाद सुनील भी चला गया.
स्वाति ने मुझे बताया कि उनका ब्रेकअप हो गया है.
जब भी ब्रेकअप शब्द मेरे सामने आता तो मुझे लगता कि लड़की को ज्यादा दुख होता होगा.
लेकिन स्वाति को देखकर नहीं लगा कि उसे कोई दुःख हुआ है.
फिर मेरी पड़ोसियों से बात हुई तो एक ने बताया कि इसके पहले भी एक लड़का लिव-इन में स्वाति, कोमल के फ्लैट में रहने आया था, वह कुछ महीनों में चला गया था.
उसके बाद दूसरा लड़का रहने आया, वह भी चला गया.
एक दिन मेरी छुट्टी थी, उस दिन मेरी पत्नी ने मुझसे कहा- आज शाम मैं स्वाति और कोमल को चाय पर बुलाऊंगी, उनसे से बात करूंगी कि वे लोग शादी क्यों नहीं करतीं.
पत्नी ने मुझसे शाम को सिनेमा देखने जाने को कहा ताकि वह अकेली रह कर उनसे बात कर सके.
रात को जब मैं घर वापस लौटा, तो पत्नी ने बताया कि स्वाति शादी में विश्वास नहीं करती क्योंकि उसके पिताजी उसकी मां को छोड़कर चले गए थे. जबकि कोमल ने बताया कि उसके पिताजी उसकी मां से दुर्व्यहार करते थे, उनकी कोई गर्लफ्रेंड थी. इसी लिए वे दोनों शादी नहीं करना चाहती हैं. बस अपनी शारीरिक जरूरतों के लिए वे दोनों ब्वॉय फ्रेंड बनाती हैं.
अब मेरे अन्दर का लेखक मुझसे पूछ रहा था कि लिव-इन में रहने वाले लड़के कमजोर उदास होकर क्यों भाग जाते हैं, मुझे इसका पता करना चाहिए.
मैंने सुमित और सुनील से फ़ोन पर संपर्क किया, उनका हाल-चाल जाना.
सुमित इसी शहर में था, जबकि सुनील दूसरे शहर चला गया था.
मैंने सुमित से दोस्ती बढ़ानी शुरू की.
उसका ऑफिस मेरे ऑफिस के पास था तो मैं उससे मिला.
मैं सुमित से उम्र में 3 साल बड़ा था, तो वह मुझे भाईसाब कहता था.
मैंने उससे कहा कि एक उम्र के बाद सब दोस्त हो जाते हैं. इस शहर में मेरा कोई दोस्त नहीं है इसलिए तुम मुझे अपना दोस्त ही मानो.
वह मुझसे सहज हो गया.
फिर मैं एक दो बार सुमित के फ्लैट में भी गया, उधर वह अकेला ही रहता था.
मैंने उससे हमारे फ्लैट में आने को कहा, मगर वह शायद उन लड़कियों के कारण आने को राजी नहीं था.
सुमित धीरे धीरे खुलने लगा था, अपनी व्यक्तिगत बातें भी बताने लगा.
एक दिन मैंने सुमित से कहा- कल हम दोनों की छुट्टी है, मेरी पत्नी मायके गयी है. आज रात मेरा पीने का मन है. अकेले पीने में मजा नहीं आता, क्या मैं तुम्हारे फ्लैट में आ जाऊं?
सुमित राजी हो गया.
मैं व्हिस्की, चखना आदि सामान लेकर सुमित के फ्लैट में गया.
एक पैग के बाद मैंने कम ली और सुमित के लिए बड़ा पैग बनाया था.
तीन बड़े बड़े पैग के बाद सुमित थोड़ा नशे में दिखने लगा था.
मैंने चर्चा शुरू की- सुमित भाई, मैं महानगर में पहली बार रह रहा हूँ, इससे पहले मैं थोड़े छोटे शहर में था. उस शहर में लिव-इन नहीं होता था. होता भी होगा तो पता नहीं. मेरी मेरी शादी हो गयी, मैं लिव-इन में रहने का आनन्द नहीं ले सका.
यह कहते हुए मैंने खाली गिलासों में वापस शराब भरना शुरू की.
इस बार मैंने सुमित के गिलास में शराब ज्यादा भरी और पानी काम डाला, जबकि अपने लिए एक छोटा पैग बनाया.
मैंने सच जानने के लिए सुमित को उकसाया- सुमित, तुम करीब 5 महीने स्वाति, कोमल के फ्लैट में रहे, तुम्हारे जाने के बाद एक और लड़का उनके फ्लैट में रहने आया, वह भी 5 महीने बाद चला गया. मैंने पड़ोसियों से सुना इसके पहले भी दो लड़के उनके फ्लैट में लिव-इन में रहकर चले गए थे!
सुमित ने शराब का लम्बा घूंट भरा, सिगरेट का लम्बा कश लिया और मुझे देखने लगा.
सुमित- उन दोनों लड़कियों की सेक्स की प्यास नहीं बुझती है, वे पक्की छिनालें हैं बहन की लौड़ीं … किसी एक लड़के को घर ले आती हैं लिव-इन के नाम से, मादरचोदी दोनों मिल कर उसे पूरा निचोड़ लेती हैं. मैं आपको बताता हूँ कि मैं कैसे उनसे मिला, क्या हुआ!
अब सुमित की कहानी आप उसी की जुबानी सुनें.
मैंने कोमल को पहली बार शॉपिंग माल में देखा था.
उस वक्त सावंली कोमल की सुंदरता मुझे काफी अच्छी लगी थी.
उसका फिगर सुन्दर था.
मैं गोरा हूँ, मुझे थोड़ी सावंली लड़किया अच्छी लगती थीं.
मैं कोमल को निहार रहा था.
कोमल मेरे पास आयी तो मैं थोड़ा घबरा गया.
कोमल ने मुझसे कहा- मुझे पिताजी के लिए शर्ट खरीदना है, आप मदद करेंगे?
उसने पिताजी की फोटो दिखाई और शर्ट का साइज बताया.
मैंने शर्ट पसन्द करने में मदद की.
कोमल- मैं मॉल वाले रेस्तरां में जा रही हूँ, आप चलना पसन्द करेंगे?
मैंने ओके कह दिया और हम दोनों रेस्तरां में आ गए.
उधर कुछ हल्का फुल्का खाने लगे थे.
तब उसने अपने नाम बताते हुए कहा- मैं कोमल हूँ और आप?
मैंने अपना नाम बताया.
हमने एक दूसरे का मोबाइल नंबर लिया.
हम मिलने लगे, निकटता बढ़ी.
हम दोनों आलिंगन चुम्बन करने लगे.
एक छुट्टी के दिन मैंने कोमल को शाम को अपने फ्लैट पर आने का निमंत्रण दिया, कोमल राजी हो गयी.
मैंने कभी सेक्स नहीं किया था पर सेक्स के बारे में पढ़ा था, वीडियो देखे थे.
मैं कंडोम लेकर घर आया था.
अपने शरीर के अनचाहे बाल साफ़ करके मैं नहाकर तैयार बैठा था.
कुछ समय बाद कोमल सज-धज कर आयी, तो मैं मंत्रमुग्ध हो गया था.
कोमल के आते ही मैंने उसे आलिंगन में ले लिया उसके चूचे मेरी छाती में दबे थे.
हम दोनों काफी देर आलिंगन में खड़े रहे.
मुझे बड़ा सकून मिल रहा था.
फिर हम दोनों जरा सा अलग हुए और एक दूसरे को देख कर होंठ चूमने चूसने लगे.
मैं कोमल के रस भरे चूचों को भी दबा रहा था.
हमारी टांगों के बीच के अंग भी मचल उठे थे तो हम दोनों बेडरूम में आ गए.
मैंने कोमल की टी-शर्ट उतार दी, उसकी ब्रा उतारने की कोशिश कर रहा था पर सफल नहीं हुआ.
कोमल ने मुस्कुराकर कहा- अनाड़ी हो!
उसने अपनी ब्रा उतार दी.
मैं पागलों के जैसे उसके बड़े बड़े चूचे दबाने चूसने लगा.
कोमल- जरा आराम से, मैं भागी नहीं जा रही हूँ. मैं सहेली के साथ फ्लैट में रहती हूँ, उसे बताकर आयी हूँ कि आज रात घर नहीं लौटूंगी.
कोमल ने मेरी शर्ट उतार दी, हम दोनों कमर तक नंगे हो गए.
मैंने कोमल को फिर से आलिंगन में ले लिया, मेरी नंगी छाती पर कोमल के नंगे चूचे दबे थे, तो अलग ही आनन्द आ रहा था.
पता ही नहीं चला कब हमने एक दूसरे के बाकी कपड़े भी उतार दिए.
हम दोनों बिस्तर पर लेट गए.
कोमल ने चित लेटकर घुटने मोड़कर अपनी जांघें फैला दीं.
मैंने चूत की फ़ोटो अब तक सिर्फ वीडियो या फोटो में ही देखी थी, सामने से पहली बार देख रहा था.
कोमल की चूत बाल रहित थी.
मैंने लौड़े पर कंडोम पहना और उसके पैरों के बीच में आ गया.
मैं उसकी चूत में लंड डालने की कोशिश करने लगा, मुझे छेद ही नहीं मिल रहा था.
कोमल ने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चुत के छेद पर लगा दिया.
मैंने हल्के से कमर हिलाकर अपना लंड उसकी चूत में थोड़ा सा डाल दिया.
कोमल ने आह की धीमी आवाज़ निकालते हुए मुझसे रुकने को कहा.
मैं थोड़ा रुका, फिर एक झटके में बाकी लंड चूत में पेल दिया.
वह आह आह करके लंड से चुदने लगी.
मैं भी उसे मस्ती से धीरे धीरे चोदने लगा.
कुछ देर बाद कोमल कमर उछाल उछाल कर साथ देने लगी, इससे मेरी उत्तेजना बढ़ गयी.
मैं उसे तूफानी रफ़्तार से चोदने लगा.
करीब 5 मिनट में मैं कॉन्डोम में झड़ गया.
मैंने पढ़ा था कि पहले सेक्स के समय लड़की की सील टूटती है, तब खून निकलता है. ये भी पढ़ा था कि कभी कभी खेल कूद के समय भी चूत की झिल्ली (सील) टूट जाती है.
मैंने देखा, बिस्तर पर खून नहीं था.
हम दोनों बिस्तर पर पास-पास लेटे थे.
मैं- मुझे बहुत मजा आया, पर ज्यादा देर नहीं टिक सका, कोमल तुम्हारा हुआ क्या?
कोमल- मुझे भी मजा आया. मैं एक बात तुम्हें बताना चाहती हूँ कि मैं कुंवारी नहीं हूँ. मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड था. हम दोनों सेक्स में एक दूसरे को संतुष्ट नहीं कर पाते थे, इसलिए हमारा ब्रेकअप हो गया था.
मुझे कोमल की साफगोई अच्छी लगी, उसने सच नहीं छुपाया था.
कोमल अपने साथ नाइटी लायी थी, उसने उसे पहन लिया.
मैंने भी नाईट ड्रेस पहन ली.
हम दोनों ने खाना खाया, थोड़ी देर बात की.
फिर वापस बेडरूम में आ गए और एक दूसरे के कपड़े उतार कर लेट गए.
इस बार कोई जल्दी नहीं थी, चूमा-चाटी के बाद मैंने मिसनरी पोजीशन में कंडोम पहन लिया और कोमल की चुत में लंड पेल कर उसकी चुदाई करने लगा.
कुछ देर बार कोमल ने मुझे चित लेटा दिया.
अब वह मेरे लंड की सवारी करने लगी.
उसके उछलते हुए चूचे मस्त लग रहे थे.
इस बार चुदाई काफी देर चली, हम दोनों साथ साथ झड़ गए.
दोनों के चेहरे पर संतुष्टि थी.
दूसरे दिन हम दोनों तैयार होकर ऑफिस जाने लगे.
मैंने कोमल से पूछा- आज रात मेरे फ्लैट में आ रही हो?
कोमल- सुमित, तुम आज रात मेरे फ्लैट में आ जाना, सुबह वहीं से ऑफिस चले जाना. मैंने अपनी फ्लैट पार्टनर स्वाति को बता दिया है कि तुम आ रहे हो.
रात मैं कोमल के फ्लैट में कोमल के लिए चॉकलेट और लाल गुलाब और स्वाति के लिए चॉकलेट लेकर गया.
स्वाति गोरी सुंदर फिगर की लड़की थी.
उस दिन उसने शार्ट पैंट और टी-शर्ट पहनी हुई थी, वह काफी हॉट लग रही थी लेकिन मैं कोमल के कारण उसे नहीं देख रहा था.
स्वाति ने मुझसे काफी अच्छे से बात की.
डिनर के बाद मैं कोमल के साथ बेडरूम में आ गया.
उधर हम दोनों सेक्स करने लगे.
उस दिन मैंने कोमल को डॉगी स्टाइल में चोदा.
चुदाई के बाद हम दोनों नंगे लेटे थे.
कोमल- सुमित, कंडोम लगाकर सेक्स करने में मजा नहीं आता. कल हम लोग अपनी जांच करा लेंगे कि हमें कोई यौन रोग तो नहीं है, उसके बाद बिना कंडोम के सेक्स करेंगे. गर्भ न ठहरे, उसका मैं ख्याल रखूंगी.
दूसरे दिन मैं कोमल के बताये डॉक्टर के क्लिनिक गया, वहां पर कोमल और स्वाति दोनों ही मिलीं.
हम तीनों के खून के सैंपल लिए गए.
तो मैं जरा चौंका कि स्वाति का ब्लड सैंपल क्यों लिया गया.
डॉक्टर ने हम सभी से कुछ सवाल किए.
जांच की रिपोर्ट 3 दिन बाद आनी थी.
उस रात जब मैं कोमल के साथ कंडोम लगाकर यौन आनन्द ले रहा था तो मैंने स्वाति के ब्लड सैंपल को लेकर पूछा.
उस पर कोमल ने बताया- स्वाति का अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ अनसेफ सेक्स हो गया था, इसलिए उसने भी जांच करा ली.
तीन दिन बाद रिपोर्ट आयी कि हम तीनों को कोई यौन रोग नहीं है.
कोमल के कहने पर मैं उसके साथ लिव-इन में उसके फ्लैट में रहने आ गया.
अब इसके बाद क्या हुआ, वह सब मैं आपको सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूँगा.
आपको मेरी यह लिव इन सेक्स कहानी कैसी लग रही है?
प्लीज जरूर बताएं.
और मेल लिखते समय कहानी का शीर्षक अवश्य लिखें, उससे मुझे जबाव देने में आसानी रहती है.
valmiks482@gmail.com