Chudai Ka Fashion - 4

Views: 45 Category: Jija-Sali By enjoysunny6969 Published: February 02, 2026

फुल सेक्स स्टोरी में बहन जैसी सहेली के पति अकेला पाकर लड़की ने उसके साथ घूमना फिरना शुरू कर दिया. दोनों में समीपता बढ़ती गयी और एक रात दो जिस्म एक जान हो गए.

कहानी के तीसरे भाग
नयी जनरेशन के कारनामे 
में आपने पढ़ा कि दो पक्की सहेलियों की दो हमउम्र बेटियाँ भी साथ ही रहती थी. दोनों आपस में लेस्बियन सेक्स करने लगी. उन दोनों में से एक की शादी हो गयी. पर वह पढ़ाई के लिए पति से दूर रहती थी. दूसरी सहेली ने अपने जीजू से दोस्ती बढ़ा ली.

अब आगे फुल सेक्स स्टोरी:

दिया ने तो एक कदम आगे बढ़कर अपनी फ्रॉक उतार फेंकी.
अब वो निपट नंगी थी.

उसकी देखा देखी आनंद ने भी कपड़ों से निजात पायी.

वासना की आग में जलते जिस्म एक होने के फिर से चिपट गए.

आनन्द दिया के मांसल मम्मे चूमने लगा.
वो किसी नादान बच्चे की तरह एक एक करके दोनों मम्मे बारी बारी से चूस रहा था.
दिया के हाथ में उसका मचलता लोहे जैसा मजबूत लंड आ गया था.

दिया के लिये पहला मौक़ा था की वो किसी मर्द के लंड को छू रही थी.
पोर्न तो उसें ढेरों देखी होंगी, पर आज की रात का अनुभव तो उसे जिन्दगी के नए रूप से मिलाने जा रहा था.

आनंद तो इस समय भूखा शेर था.
उसकी चुदाई की भड़की हुई आग जो पिछले कुछ दिनों से उसे सता रही थी आज ऐसे भड़क गयी मानों जलती आग में किसी ने कपूर डाल दिया हो.

कमोबेश यही हाल दिया का भी था.
उसने मर्द के जिस्म को पोर्न मूवीज में देखा तो था पर उसकी गरमी को महसूस आज किया था.

अब खून का असर कहाँ जाता.
आखिर दिया भी तो इसी तरह की किसी गर्म रात का अंजाम थी.
उसकी मां को भी नहीं मालूम था कि उसकी कोख में बीज किस मर्द का है.

आनन्द का सेक्स अनुभव पुराना नहीं था.
उसके लिए तो सब कुछ बस कुछ दिन पहले की ही बात थी.

हाँ, इतना जरूर है की रिया कुछ शरमाई थी और आज दिया बहुत ज्यादा गरमाई हुई है.

आनंद ने दिया की चूत में हाथ लगाया तो उसे करंट सा लगा.
दिया की चूत बिल्कुल रेशम जैसी कोमल थी, पर बहुत गीली थी.

उसने एक उंगली अंदर की तो दिया कसमसा गयी.
आनंद नीचे हुआ और दिया की टांगें फैलाते हुए उसकी चूत में मुंह लगा दिया.

दिया समझ गयी कि वो क्या चाहता है.
वो तो आज सब कुछ करवाने को बेकरार थी.
दिया आँखें बंद करके, टांगें खोल कर लेट गयी और अपनी उँगलियों से फांकें चौड़ा दीं.

अब आनंद ने अपनी जीभ अंदर घुसा दी.
आनंद के नथुनों में भीनी भीनी खुशबू महक रही थी.

दिया के जिस्म से गुलाब की खुशबू आ रही थी.

आनंद ने जीभ पूरी अंदर घुसा रखी थी और साथ में एक उंगली से वो उसकी फांकों को भी मसल रहा था.

दिया का जिस्म अकड़ने लगा.
वो नागिन की तरह मच रही थी.
दिया अब चाह रही थी कि आनंद उसकी चूत में आ जाये.

उसने आनंद के बाल पकड़कर उसे ऊपर खींचा.
आनंद ऊपर हुआ और उसके पेट और मम्मों को चूमता हुआ उसके होंठों से होंठ भिड़ाकर चूमने लगा.

दिया का हाथ वापिस उसके लंड पर आ गया.
दिया ने उसे पकड़कर खींचा.

आनंद उसकी मंशा समझ गया.
वो पीछे हुआ और बेड से घुटनों पर आकर दिया की टांगें पकड़कर नीचे खींची.
अब दिया की चूत उसके सामने थी.

आनंद ने उसकी टांगों को खोला और अपने लंड पर पास रखी वेसलीन की शीशी से वेसलीन लगा कर खासा चिकना किया और ढेर सारी वेसलीन दिया की फांकों के अंदर भी लगा दी.
आनंद को रिया की सुहागरात की चुदाई का अनुभव था.

दिया का पहली बार था तो आनंद को मालूम था कि उसकी चूत फटेगी और वो चिल्लाएगी.

दिया से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
वो कस्मासाई और आनंद से बोली- आ जाओ.

आनंद ने अब देर न करते हुए उसकी चूत के मुंहाने पर अपना लंड रखा और हल्के से दबाव दिया.
दिया घबराते हुए बोली- प्लीज़ धीरे धीरे करना, मुझे डर लग रहा है.

आनंद ने आगे झुक कर उसे चूमा और फिर एक झटके से लंड अंदर कर दिया.
दिया की चीख निकल गयी.
दिया आनंद से कस के लिपट गयी.

उसके ऐसा करते ही लंड और अंदर दरक गया.
वो तो वेसलीन साथ दे रही थी, आनंद ने तो अभी कोई धक्का लगाया ही नहीं था.

आनंद ने आगे झुककर दिया के मम्मे मसलने शुरू किये और हल्के हल्के धक्के.
दिया कसमसाती हुई आहें निकाल रही थी- प्लीज़ रुक जाओ, मुझे दर्द हो रहा है.

पर वो आनंद को निकलने का कोई मौक़ा भी नहीं दे रही थी.
वो तो हर धक्के पर खुद भी नीचे से उचकती.

आनंद ने धक्के पूरे वेग से देने शुरू कर दिए.
दिया को दर्द तो हो रहा था पर मजा भी आ रहा था.

जल्दी ही वह भी आनंद का साथ देने लगी.
अब वह आनंद को उकसा रही थी- और तेज करो, मजा आ रहा है, बाहर मत निकलना, आई लव यू जानू!

दिया आनंद की आँखों में झांक रही थी मानो कह रही हो की मुझे अपना बना लो.
उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वो इस तरह से रिया से धोखा करेगी.
पर आज वो अपने अंदर जलती काम वासना से हार गयी थी.

अब जब सब कुछ हो ही गया है तो दिया उसे भरपूर एन्जॉय करना चाहती थी.

आनंद उसके मम्मों को चूम रहा था, मसल रहा था.
उसके बढ़ते धक्के अब कुछ थमते जा रहे थे.

आनंद ने दिया से पूछा- कहाँ निकालूं?
दिया चीख कर बोली- अंदर मत निकालना.

आनंद ने अपना लंड बाहर खींच लिया और कुछ ही पल में उसने सारा वीर्य दिया के पेट और मम्मों पर डाल दिया.
आनंद ने सीधा वाशरूम में जाकर अपने को साफ़ किया और वहां रखा हैण्डटॉवेल दिया को दिया.

दिया ने भी अपने को पौंछा और उठ खड़ी हुई.
वो आनंद के गले में बाहें डालकर मुस्कुराती हुई उसे देखती रही फिर उसके होंठों पर चूमकर बोली- थैंक यू!!

अब तो आनंद और दिया की जिन्दगी ही बदल गयी.
आनंद के फोन कॉल्स रिया के पास जाने कम हो गये.
रिया शायद इस समय बिजी भी ज्यादा थी तो उसे इतना फर्क नहीं मालूम पड़ा.

शालिनी ने जरूर दिया को कॉन्फिडेंस में ले लिया.
हालाँकि दिया ने उसे सब कुछ नहीं बताया पर इतना तो बता ही दिया कि आनंद उसे खूब घुमाता और बाहर खिलाता पिलाता है.
अब इसमें वो भी कभी कभी इमोशनल होकर उसे चूम लेती है या ड्रिंक्स में साथ दे देती है.

शालिनी ने ये सुनकर बजे गुस्सा होने के यही कहा- ये सब तो चलता है. आनंद अभी अकेला है, वो कहीं बाहर किसी के साथी घूमे फिरे, इससे तो अच्छा है कि वो तुम्हारे साथ घूमे.

शालिनी ने तो दिया को और उकसाया- तेरा जीजा है और तू उसकी साली. मजे कर!

अब इतना सपोर्ट तो दिया को बिगड़ने के लिए काफी था.
सबसे बड़ी बात की शालिनी ने दिया से कुछ भी रूपा या रिया को बताने को मना कर दिया था.

अब आनंद और रिया हर वीकेंड पर आनंद या दिया के फ्लैट पर ही मिलते, मस्ती करते और घमासान सेक्स करते.

दिया अब पूरी बेशर्म हो चुकी थी.
जब शालिनी साथ है तो डर कैसा.

शालिनी को तो वो अब खुलकर बता देती की कल रात आनंद आया था, देर रात गया. या मैं कल आनंद के साथ गयी थी, देर रात लौटी.

शालिनी तो बड़ी बेशर्मी से पूछ लेती- आनंद का स्वभाव कैसा है.
तो दिया भी कह देती- मस्त है. खूब मजे देगा रिया को.

इस पर शालिनी बेहयाई से कह देती- फिलहाल तो रिया एक दो महीने बाद वहां आएगी, तब तक तू मजे ले. बस ध्यान रखना कोई जंजाल मत पाल लेना.
मतलब शालिनी उससे घुमा फिरा कर कहती कि चुदाई तो कर ले, पर बच्चा मत कर लेना.

अब दिया पहले ही प्रोटेक्शन रखती.
वो बिना उसके कभी सेक्स करती ही नहीं.

आनद तो उसी का होकर रह गया था.
एक बार तो बहक कर आनंद ने यहाँ तक कह दिया कि दिया, घर पर बात कर ले. वो रिया को छोड़ देगा और दिया से शादी कर लेगा.
दिया ने हंसकर कहा कि पहली बात तो अभी दो तीन साल शादी नहीं करेगी और करेगी भी तो फ्रेश पीस से.
कहकर दिया तो हंस दी.

पर आनंद को अपनी औकात मालूम पड़ गयी.
उसे बुरा तो लगा फिर उसने सोचा कि मुफ्त में साली मिल रही है चोदने को, और पता नहीं कब तक चुदती रहेगी दिया उससे. तो फिर क्या बुराई है.

रिया का प्रोजेक्ट सबमिट हो गया.
वो अब बंगलौर आ गयी.

शालिनी ने दिया को सलाह दी कि अब वो एक दो महीने आनंद से दूर ही रहे ताकि रिया को स्पेस मिल जाए और वो और आनंद अपनी वैवाहिक जिन्दगी का लुत्फ़ उठाना शुरू कर दें.
दिया ने दूरी बना ली.

अगर वो वीकेंड पर रिया के पास जाती भी तो बस थोड़ी देर के लिए.

आनंद तो अब भी मुंह मारने के चक्कर में था.
वो मौक़ा देखते ही दिया को चूम लेता या मम्मे दबा देता.
दिया अब चौकस थी रिया को लेकर.

वो रिया से प्यार भी बहुत करती थी.
अब जो हो गया वो हो गया.
अब वो खुद आनंद से दूर रहना चाहती थी रिया की वजह से.

वो बात अलग है की उसकी चूत में चीटियाँ रेंगती तो वो उंगली करके अपने को शांत करती.

एक वीकेंड पर आनंद कोई बहाना करके दिया के फ्लैट पर आ गया.
दिया उसे देखकर चौंकी.
पर वो भी मजबूर थी अपनी चूत की आग से.

आनंद ने उसके लाख मना करने पर भी उसे बेड पर खींच लिया.
दोनों के कपड़े छिलके की तरह उतर गए. दिया प्यासी थी.

कुआं प्यासे के पास आया था, ऐसा नहीं था.
दिया की चूत का प्यासा आनंद भी तो था.
सेक्स के मामले में रिया दिया से कम बिल्कुल भी नहीं थी.

शादी के बाद रिया का रूप यौवन और निखार पर था.
पर मर्द को मुफ्त की चूत मिल रही हो तो वो अपनी बीवी को भी धोखा दे देता है.

आनंद और दिया आज ऐसे सेक्स कर रहे थे मानों कब के बिछुड़े हों या ये पल फिर आयेगा भी या नहीं.
दोनों पागलों की तरह धाकापेल कर रहे थे.

दिया की आहें पूरे कमरे में गूँज रही थीं.
इस धमाचौकड़ी में दिया प्रोटेक्शन यूज़ करना भी भूल गयी थी और होश तब आया जब उसकी चूत में गरम गर्म लावा आनंद के लंड ने छोड़ दिया.

दिया ने आनंद को झिड़का तो आनंद ही उलटे उस पट गुस्सा हुआ कि हमेशा दिया ही अपने पर्स से प्रोटेक्शन निकाल कर उसे देती थी.

खैर आनंद ने उसे ये समझाया- चलो कल मेडिसिन लाकर दे दूंगा.

तभी डोरबेल बजी.
दिया और आनंद दोनों घबरा गए.
दोनों ने फटाफट कपड़े पहने.

गेट खोला तो बाहर शालिनी खड़ी थी.
वो हँसते हुए बोली- सरप्राइज!

आनंद की तो मानो जान ही निकल गयी.
वो हकलाते हुए बोला- मैं कुछ सामान देने आया था. और आपने किसी को कुछ नहीं बताया.
शालिनी बोली- फिर सरप्राइज कैसे होता.
कहकर वो हंस पड़ी.

ये तय हुआ कि शाम को दिया और शालिनी रिया के घर जायेंगे डिनर वहीं लेंगे.

आनंद चला गया.

उसके जाते ही शालिनी ने दिया को हाथ पकड़कर सोफे पर बिठा लिया और लगी घूरने.
दिया रो पड़ी और उसके गले लगकर बोली- मौसी, गलती हो गयी. मैं बहक गयी थी. प्लीज़ किसी को कुछ नहीं कहना.

अब शालिनी क्या कहती. उसे अपना बीता हुआ कल फिल्म की तरह सामने आ गया.
उसने दिया से साफ़ कह दिया कि बस अब वो उसके लिए लड़का ढूंढना शुरू करती है. जल्दी ही उसकी शादी कर देंगे.

दिया क्या कहती. अब तो उसे हर शर्त मंजूर थी.

शालिनी एक हफ्ते रही.
रिया, दिया और आनंद के साथ वो खूब घूमी, घूब मस्ती करी और सबके सामने शालिनी ने कह दिया कि अब उसे दिया की शादी की चिंता ही और वो जल्दी ही उसके लिए कोई लड़का ढूंढ लेगी.

शालिनी के जाने के बाद आनंद को दो दिन के लिए कम्पनी के काम से बाहर जाना पड़ा तो दिया रिया के पास रुकी.

रिया बहुत खुश थी.
आनंद उसे बहुत प्यार करता था.

रिया खुद भी अब सेक्स में रम गयी थी.
अब उसकी और आनंद की कोई रात बिना सेक्स के होती ही नहीं थी.

आनंद को सेक्सी ड्रेस का बहुत शौक था.
रिया की वार्डरोब में ढेरों सेक्सी नाईट ड्रेस थीं.

रिया आज मस्ती के मूड में थी.
उसने दिया को भी जबरदस्ती एक सेक्सी सी ड्रेस पहना दी और खुद भी पहनी.

अब दोनों की ड्रिंक्स की महफ़िल जम गयी.
रिया और दिया पहले भी हमबिस्तर रह चुकी थीं और लेस्बियन थीं.

पर अब माहौल बदल गया था.
आज रिया ने पुराने दिन याद करने की सोच से ऐसा प्लान किया.

एक के बाद एक और पेग लगाने से दोनों बहक गयी थीं.
रिया अपनी सेक्स की बातें खुलकर बता रही थी.

उसकी देखा-देखी दिया भी बहक गयी.
उसने भी अंट शंट पता नहीं क्या क्या बक दिया.
नशे में दिया ने रिया से कहा- आनंद के साथ मुझे भी करना है.
रिया बहकती हुई बोली- करा दूँगी.

दोनों ने अपने कपड़े उतार फेंके और एक दूसरे की चूत में जीभ से चूमते चाटते और उंगली करके लिपट कर सो गयीं.

सुबह जब आँख खुली तो दोनों अपनी हालत देख कर खूब हंसी.

दोपहर को आनन्द आ गया.
आज सेटरडे था.
दिया ने वापिस जाने की बात कही तो रिया ने जबरदस्ती रोक लिया कि कल तो सन्डे है. कल चली जाना.

रात को तीनों देर रात डांस क्लब में मस्ती करके लौटे.
वहां भी पी थी तो दिमाग पर शराब का सुरूर था.

घर आते ही तीनों हँसते बोलते बेड पर बैठे.
रिया ने यहाँ भी ड्रिंक्स बना लिए.
अब तो तीनों ही नशे में बहकने लगे.

अब सोने की तैयारी हुई.
दिया दूसरे रूम में जाने लगी.

तो रिया ने उससे कहा- तू आज रात यहीं सो जा. मम्मी तेरे लिए लड़का देख ही रही हैं. तू भी आज सेक्स का लाइव शो देख कर तजुर्बा ले ले.
दिया ने जबरदस्ती जाना चाहा तो रिया बोली- यार, मैं तो मजाक कर रही हूँ. चल आ जा सो जा, हम कुछ नहीं करेंगे.

रिया तो अपनी एक सब कुछ दिखाती सी नाईट ड्रेस पहनी.
आनंद की शर्म करते हुए दिया ने एक तू पीस शोर्ट ड्रेस डाल ली.

नशे का सुरूर सर चढ़ कर बोल रहा था.
तीनों लाइट बंद करके बेड पर लेट गये.

थोड़ी देर की चुप्पी के बाद रिया और आनंद की चूमा-चाटी शुरू हो गयी.

आनंद ने फुसफुसाकर कहा- दिया जग रही है.
तो रिया बोली- नहीं, वो सो गयी. और मेरे उसके बीच कुछ छिपा नहीं है.

रिया ने आनंद का लंड पकड़ लिया और लगी चूसने.
अब आनंद भी शुरू हो गया.
दोनों के कपड़े उतर गये.

आनंद रिया के मम्मे चूसने लगा.
रिया बोली- दिया के बूब्स मेरे से भी बड़े हैं.
आनंद चुप रहा.

रिया बोली- तुम्हें करना है दिया के साथ?
आनंद ने उसकी चूत में लंड पेलते हुए कहा- पागल हो गयी हो क्या?

पर रिया को तो नशे में सनक चढ़ी हुई थी.
उसने आनंद को धक्का दिया और दिया के पास जाकर उसके होंठ से होंठ भिड़ा कर चूमते हुए उसके टॉप में हाथ डाल कर उसके मम्मे मसलते हुए बोली- आ जा, हम तीनों मस्ती करेंगे.

दिया उठी और बोली- मुझे नहीं करना. मैं अपने रूम में जा रही हूँ. तुम लोग करो.
अब रिया भड़क गयी और लगी बिगड़ने … बोली- कमीनी मेरे पीछे दिन रात चुदती रही आनंद से! फुल सेक्स का मजा लेती रही. और अब मैं कह रही हूँ तो नाटक कर रही है.

आनंद और दिया का तो नशा उतर गया.
रिया हँसते हुए बोली- कोई बात नहीं. तेरे मेरे बीच आज तक क्या बंटा है जो अब बटेगा. बस तू मुझे बता देती. चल कोई बात नहीं, अब आ जा मस्ती करेंगे. तूने कल रात को नशे में मुझे सब कुछ बता दिया. एक बार तो बुरा लगा. पर जब मैंने तुझसे नशे में ये पूछा कि शादी के बाद तू भी मुझे अपने पति से करने देगी तो तूने मुझे चूमकर वादा किया. बस वही मत भूलियो.

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी कहानी ‘चुदाई का फैशन’?

क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि ज्यादा आधुनिक परिवारों में चुदाई ‘सबके साथ और सबका विकास’ के फार्मूले पर होती है.
मतलब किसी के भी साथ, कभी भी, कोई बंधन नहीं.
फुल सेक्स स्टोरी पर अपने विचार लिखिएगा मेरी मेल आईडी पर.
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उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी. मैंने भी एक ही झटके में उसके चूत में लंड घुसा दिया.

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