हॉट न्यूड सेक्स स्टोरी में मैं चाचा के घर गया तो वहां उनकी छोटी साली आई हुई थी. मस्त माल हो चुकी वो शादी के बाद. मैं उसे देखते ही अपना लंड सहलाने लगा.
फ्रेंड्स, मेरा नाम साहिल है. मेरी उम्र 26 साल है.
आज जो बात मैं आप लोगों के सामने पेश करने जा रहा हूँ, वह तीन साल पुरानी है.
ये एक सच्ची घटना है.
ये हॉट न्यूड सेक्स स्टोरी उस समय की है जब मैं अपनी जवानी के चरम पर था.
मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी क्योंकि उस समय मुझे लड़कियों से बात करने में बहुत शर्म आती थी.
उस समय मैं अपने चाचा के घर घूमने गया था, जो मेरे घर से पास ही था.
हम सब यानि चाचा, चाची और मेरा भाई (चाचा का लड़का) बैठकर चाय पी रहे थे.
तभी ऊपर वाली छत से मेरी मौसी (चाची की बहन) उतर कर आईं.
मुझे तब तक पता नहीं था कि वे उस समय उनके घर पर मौजूद हैं.
मैंने उन्हें पहले एक शादी में देखा था, पर तब उनका फिगर इतना अच्छा नहीं था, जितना अब मेरे सामने था.
जब वे आईं, तब मैं उन्हें देखता ही रह गया.
वे सलवार सूट में एकदम माल लग रही थीं.
उनकी मोटी-मोटी जांघें, ठसे हुए कड़क दिखने वाले दूध और मोटे-मोटे चूतड़.
आह … मैंने तो सोचा भी नहीं था कि वे शादी के बाद इतनी माल हो जाएंगी.
ऊपर से उनका सांवला रंग और तीखी चितवन मेरे मन पर बहुत असर डाल रहा था.
कुछ ही देर में मुझसे रहा न गया और मैंने सबसे निगाह बचाते हुए बाथरूम में जाकर अपने लंड को शांत किया और वापस आकर सबसे बातें करने लगा.
उसी वक्त अचानक से मेरी नज़र मौसी की आंखों पर जा पड़ी.
वे मेरी ही तरफ देख रही थीं.
यह वह पल था, जब मैं उनके दूध देखते हुए अपने लौड़े को हाथ से सहला रहा था.
मौसी समझ गई थीं कि मैं उन्हें चोदना चाहता हूँ.
उस दिन देर हो जाने की वजह से चाचा ने मुझे अपने घर पर रोक लिया.
मैं भी मौसी को देखते हुए उधर ही रुकने के लिए हामी भर दी.
उस वक्त मैंने मौसी के चेहरे पर मैंने एक कामुक मुस्कान देखी.
फिर जब सभी लोग खाना खा रहे थे, तब मौसी मेरी तरफ बार-बार घूर-घूर कर देख रही थीं.
मानो वे कह रही हों कि साहिल, चोदो मुझे आज रात भर!
मेरा खाने में भी मन नहीं लग रहा था.
खाना खाने के बाद मैं अपने भाई के साथ गेम खेलने लगा.
तभी अचानक वहां मौसी आ गईं.
हम सभी लोग बिस्तर पर लेटे हुए थे.
मौसी चाचा-चाची की नज़रों से बचते हुए धीरे-धीरे मेरे हाथों को छूने लगीं और मुझे उकसाने की कोशिश करने लगीं.
पहले तो मुझे लगा कि मेरा वहम है, लेकिन बाद में अहसास हुआ कि नहीं … यह सच है और वे मुझे उकसा रही हैं.
फिर मैंने भी हिम्मत जुटाई और सबसे बचा कर अपने हाथ से उनके हाथों को सहलाने लगा.
हम दोनों एक-दूसरे के हाथों को सहलाने लगे.
तभी अचानक चाची की नज़र पड़ गई और हम दोनों ने तुरंत हाथ हटा लिए.
चाची को शायद शक हो गया था.
इसी वजह से उन्होंने मौसी को अपने पास आने और सोने के लिए कहा.
फिर मैं चाचा के साथ चारपाई पर सोने चला गया.
जैसे-जैसे रात बीत रही थी, वैसे-वैसे मैं और मेरी मौसी सेक्स करने के लिए बेकरार हो रहे थे.
मौसी मुझे अपनी खास सांसों की आवाज़ से यह बताने की कोशिश कर रही थीं कि वे जग रही हैं.
मैं काम वासना में फुंकता हुआ आधी रात तक मौसी के अपने पास आने का इंतज़ार करता रहा.
जब नींद चरम पर होती है तब लगभग हर सामान्य व्यक्ति को नींद आ ही जाती है, बस प्रेम पिपासु ही ऐसा होता है तो अपने सुख की तलाश में जागता रहता है.
अब चाचा चाची अच्छे से सो गए थे.
मैंने मोबाईल में देखा तो स्क्रीन पर 2 बजे का समय दिख रहा था.
आधी रात हो चुकी थी और सब तरफ नीरव सन्नाटा था.
मैं चारपाई से उठा और उस दूसरे कमरे में जाने लगा, जिधर मौसी के साथ मैं कबड्डी खेल सकता था.
मैंने चाची के बिस्तर पर लेटी मौसी के सर पर अपना हाथ लगाकर हल्के हाथ से हिलाया, तो मौसी एकदम से चेतन्य हुईं और मुझे देखने लगीं.
मैंने उन्हें इशारा किया कि मैं दूसरे कमरे में जा रहा हूँ.
अब मैं चला गया.
लगभग दस मिनट बाद चाचा के कमरे का दरवाजा खुला और मौसी मेरे कमरे के बाहर आकर खड़ी हो गईं.
उन्होंने अपने बालों की रबड़ निकाल ली.
जैसे ही मौसी ने अपने बाल खोले, मैंने उन्हें अपनी तरफ जोर से खींचा और अपने होंठ उनके होंठों से चिपका दिए.
वे कुछ समझ पातीं, तब तक तो मैं उनको जोर-जोर से किस करने लगा और कुछ ही पलों बाद वे भी मुझे कसके चिपटा कर किस करने लगीं.
किस करते-करते मैं उन्हें बेड पर लेकर गिर गया.
उन्होंने मेरी जीभ को अपने मुँह में भर लिया था और वे उसको बेहद गर्म अंदाज में चूसने लगी थीं.
मैं भी उनकी जीभ के सामने अपनी जीभ को आत्मसमर्पित मुद्रा में चुसवा रहा था.
कभी वे अपनी जीभ को शिथिल छोड़ देतीं तो मैं उनकी जीभ का रस पीने लगता.
इस तरह से लगभग 10 मिनट तक हम दोनों ने किस किया.
इस दौरान मेरा हाथ उनके चूतड़ों को मसलता रहा.
किस करने के दौरान गलती से उन्होंने मेरा होंठ काट लिया, जिससे हल्का खून भी आ गया था, मगर उस वक्त चोट लगने का अहसास मानो हो ही नहीं रहा था.
अब मैंने उन्हें सीधा लिटाया और उनकी सलवार का नाड़ा खोलकर सलवार को उतार दिया.
क्या ही कमाल की जांघें थीं उनकी … केले का तना भी शर्मा जाए.
फिर मैंने अपनी लार से चूस-चूस कर उनकी जांघें गीली कर दीं.
अब मैं ऊपर की ओर बढ़ा और उनकी पैंटी उतारने की कोशिश करने लगा.
पैंटी उतारने के बाद मैंने उनकी पैंटी को सूँघा.
मजेदार चूत की नशीली खुशबू लेने के बाद मैं उनकी हल्के-हल्के बालों वाली चूत को एकदम घुसकर चूसने लगा.
उनका हाथ मेरे सर पर आ गया.
करीब 15 मिनट बाद उन्होंने अपना पानी छोड़ दिया.
पानी छोड़ने के बाद मेरा भी वीर्य निकल गया, जो मैंने उनके नंगे पेट पर छोड़ दिया था.
कुछ देर अलग अलग लेटे रहने के बाद हम दोनों फिर से लिपट लिपट कर किस करने लगे.
मैं कभी उनकी गर्दन चूमता, दूध चूसता, कभी चूतड़ के छेद को चाटता.
कुछ देर में हम दोनों पुनः गर्म हो गए.
वे उठीं और नीचे उतरने लगीं.
मैं उठ कर यह देखने की कोशिश करने लगा था कि कहीं वे कमरे से जा तो नहीं रही हैं!
तभी उन्होंने मुझे बेड पर धक्का देकर गिरा दिया और मैं कुछ समझ पाता कि उन्होंने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया.
आह … यह एक ऐसा अहसास होता है जो हरेक मर्द चाहता है कि उसकी माशूका या बीवी उसके लंड को चूसे. मगर वास्तव में यह सुख कम ही मर्दों को मिलता है.
मौसी पक्की छिनाल बन चुकी थीं और वे मेरे लौड़े पर किसी जंगली जानवर की तरह टूट पड़ी थीं.
कभी वे लंड को ऊपर से चूसतीं, तो कभी मेरी गोलियों को चूसतीं, तो कभी उसे अपने गले तक भर लेतीं.
उनका एक हाथ मेरी छाती के बालों को कसकर दबोचे हुए था.
हम दोनों सेक्स में इतना ज्यादा घुस चुके थे कि पंखा चलाना ही भूल गए और पूरा पसीने में भीग गए थे.
अचानक से मैंने उन्हें अपनी तरफ खींचा, चुदाई की पोजीशन में किया और उनकी चूत पर थूक कर झटके से अपने लंड के मुंड को चुत के मुँह में लगा दिया.
मौसी संभलीं और मेरे लौड़े से अपनी चुत को घिसने लगीं.
मैंने चुत पर लौड़े के सुपारे को रगड़ कर चुत को रसीला किया और उनकी चूत में एक झटके से डाल दिया.
उनकी एकदम से चीख निकलने को हो गई.
मैंने तुरंत उनके मुँह पर तेजी से अपना हाथ रख दिया.
फिर मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया.
अब वह भी मेरा साथ दे रही थीं.
मेरे हाथों ने उन्हें कसके जकड़ रखा था और अपनी जीभ से उनके कानों के जरिए उन्हें उकसा रहा था.
हम दोनों का पसीना बेड की चादर को गीला कर रहा था.
मैंने उन्हें 10 मिनट चोदने के बाद इशारा किया और मेरा लंड चूसने को कहा.
हम दोनों ‘69’ की पोजीशन में आ गए.
मैं उनकी चूत चूस रहा था और वे मेरा लंड चूस रही थीं.
थोड़ी देर बाद मैंने उन्हें उल्टा करके अपने ऊपर बिठा लिया.
इस बार मैंने बहुत ही तेज़ी से उन्हें चोदना शुरू कर दिया था.
करीब 15 मिनट तक चोदने के बाद मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में ही छोड़ दिया.
आप लोग यकीन मानिए, उस रात मैं बार बार झड़ा और उनकी चूत को तबीयत से चोदा.
देखते-देखते कब चार घंटे बीत गए थे और सुबह हो गई थी, इसका पता ही नहीं चला.
हम दोनों थक चुके थे और मौसी मुझसे बुरी तरह से चिपकी हुई थीं.
वे मुझे छोड़ने का नाम नहीं ले रही थीं.
सुबह के छह बज चुके थे. हॉट न्यूड सेक्स के बाद हम दोनों नंगे पड़े थे.
तभी मैंने चाचा के कमरे का गेट खुलते सुना और तुरंत मौसी से कमरे में जाने को कहा.
वे तुरंत उठीं, कपड़े पहन कर कमरे में चली गईं.
चाची उठ कर बाहर को आई थीं.
यह तो अच्छा हुआ कि चाची नींद में उठी थीं और सीधे मुँह धोने चली गई थीं.
इस वजह से वे मौसी की गैरमौजूदगी देख ही नहीं पाईं.
फिर चाची के बाहर निकलते ही मौसी भी आराम से जाकर कमरे में सो गईं.
उस सुबह दस बजे के करीब मैं भी अपने घर चला गया.
उसके बाद मैंने मौसी को कई बार पेला.
मौसी की चुत मेरे लौड़े की मुरीद हो गई थी.
उन्हें मौसा के लंड से चुदने में मजा ही नहीं आता था.
दोस्तो, आपको मेरी हॉट न्यूड सेक्स स्टोरी अच्छी लगी होगी.
तो प्लीज आप मुझे मेरी ईमेल पर जरूर बताएं.
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