स्टेप मॅाम फक स्टोरी में मेरी दूसरी मम्मी बहुत सेक्सी हैं. मेरे पापा बाहर जॉब करते हैं तो मम्मी को लंड की कमी रहती है. मैं खुद उनको देखकर उनके साथ मजे करने की सोचता था.
दोस्तो, मेरा नाम विकी है.
मैं आज आपके साथ अपनी एक सच्ची घटना स्टेप मॅाम फक स्टोरी के रूप में साझा कर रहा हूँ.
यह घटना मेरे जन्मदिन पर घटी थी.
उस दिन मेरे 4 दोस्तों ने मेरी सौतेली मम्मी के साथ गैंगबैंग किया था.
मेरे चार जिगरी दोस्त हैं, रवि गुड्डू गौरव और कुणाल.
ये चारों मुझसे बहुत प्यार करते हैं.
मैं खुद हर दिन कई कई घंटे इन सबके साथ ही बिताता हूँ.
हम पांचों लड़के युवा हैं और सेक्स के लिए पागल रहते हैं.
हम सब आपस में सेक्स को लेकर गंदी गंदी बात भी करते हैं.
मेरे ये चारों दोस्त अमीर बाप की औलाद हैं और दिखने में भी काफी हैंडसम लंबे-चौड़े हैं.
हर शनिवार को हम पांचों रात भर दारू पार्टी करते हैं.
मेरे पापा रेलवे में सरकारी जॉब करते हैं तो वे सिर्फ त्यौहार पर मिलने वाली छुट्टियों में ही घर आते हैं.
घर पर मैं और मम्मी ही रहते हैं.
मेरी मम्मी संस्कारी औरत हैं.
वे गांव से हैं और दिखने में एकदम गोरी चिकनी रसीली माल जैसी लगती हैं.
मेरी मां एकदम स्लिम हैं पर उनके बड़े बड़े बूब्स और फूली हुई गांड बाहर को उभरी हुई है.
वे साड़ी पहनती हैं, तो उनके गहरे गले के ब्लाउज में से बड़े बड़े मम्मों की दरार सामने से ही दिखती है.
मम्मी के दूध ब्लाउज से बाहर आने के लिए बेताब दिखाई देते हैं.
उनकी कमर एकदम गोरी और मक्खन जैसी चिकनी है.
जब तक मैंने इंटरनेट पर मॉम सन सेक्स कहानी नहीं पढ़ी थी, उस वक्त तक मेरे मन में अपनी मम्मी के लिए बुरे ख्याल नहीं आते थे.
फिर मैं नेट पर इंडियन आंटी की चुदाई वाली वीडियो देखने लगा था.
और उसी में एक दिन मैंने देसी पॉर्न में मम्मी की बेटे से चुदाई की वीडियो देख ली.
बस उस दिन से मेरे जेहन में अपनी मम्मी की फिगर आने लगी थी.
उसके बाद मैं जब जब अपनी मम्मी को देखता, मेरा लंड इतना टाईट हो जाता कि छुपते छुपाते मां बेटे की चुदाई कहानी पढ़कर मुझे मुठ मारकर खुद को शांत करना पड़ता था.
उसी दरमियान मैंने यह भी देख लिया था कि मम्मी बाथरूम में अपनी चुत में उंगली करती हैं ताकि वे अपनी वासना की आग को ठंडी कर सकें.
अब आते हैं असली सेक्स कहानी पर!
यह बात मेरे जन्मदिन के एक दिन पहले की है.
सारे दोस्तों ने मेरे जन्मदिन के लिए ढेर सारे पैसे जमा किए थे और चारों ने मेरे जन्मदिन की पार्टी एक बड़े होटल में रखी थी.
जब उन्होंने मुझसे ये बात कही तो मैं खुश तो बहुत हुआ.
पर मैंने कहा- यार, बड़ी बड़ी पार्टियां हम लोग हर हफ्ते बाहर करते ही हैं, पर मेरी मम्मी गांव की सीधी-सादी औरत हैं और वे हमेशा मायूस ही रहती हैं … तो मैं ये पार्टी अपने घर में रखना चाहता हूँ, जिससे मम्मी का भी मन बहल जाएगा और वे भी खुश होंगी, हमारा हाथ भी बंटाएंगी.
सब लोग मान भी गए.
मैंने घर आकर मम्मी से ये बात बोली तो वे भी खुश हो गईं.
पापा बहुत स्ट्रिक्ट हैं. वे घर में पार्टी नहीं करने देते.
मैंने मम्मी से कहा कि मेरे चार दोस्त भी आ रहे हैं.
मम्मी ने कहा- मैं सबके लिए अच्छे अच्छे खाने के आइटम बना दूँगी. मेरे साथ बाजार चल और चल कर सामान खरीदवा देना.
मैं मम्मी के साथ सामान खरीदने बाजार गया तो सारे मर्द मम्मी की उभरी गांड और उनकी गांड मटकने वाली चाल देखकर लंड पकड़ ले रहे थे.
पीछे आ रहे लड़के चुपके से उनकी गांड की फोटो और वीडियो ले रहे थे.
पर साला पता नहीं मुझे बुरा लगने की जगह अच्छा लग रहा था और मैं भी मम्मी के साथ सटकर चल रहा था.
फिर सारा सामान खरीदा कर हम दोनों घर आ गए.
अगले दिन सुबह सुबह मेरी मम्मी जब मेरे रूम में मुझे उठाने आईं, उस समय मेरा लंड एकदम टाइट था और खड़ा दिख रहा था.
फिर भी वे लंड को देख कर नजरअंदाज करके झुककर मुझे उठाने लगीं- उठो मिस्टर बर्थडे ब्वॉय!
मैं उठा तो देखा उनके बड़े बड़े दोनों बूब्स मेरे सामने लटक रहे थे, जिसे देखकर मेरा 7 इंच का लंड पूरा सलामी देने लगा.
मैं उठ भी नहीं पाया था कि मम्मी ने मुझे गले से लगा लिया और चुंबन देकर मुझसे ‘हैप्पी बर्थडे’ बोलीं.
मैंने भी उनके गाल पर चुंबन लेकर उन्हें थैंक्स कहा.
वे हंस कर मुझसे अलग हुईं और मैं जैसे तैसे उठकर अपने लौड़े को दबाते हुए नहाने चला गया.
कुछ देर बाद हम दोनों ने मिलकर घर सजाया, पार्टी की तैयारियां की.
ये सब करते वक्त जब जब मम्मी का पल्ला गिरा, मेरा लंड सलामी देने लगता था.
मैंने महसूस किया था कि मम्मी बार बार ऐसा करने लगी थीं और वे मेरे सामने अपने मम्मों का बेहद दिलकश अंदाज से मुजाहिरा कर रही थीं.
घर का डेकोरेशन करते करते शाम हो गई.
उसके बाद मैं तैयार होने लगा और मैंने मम्मी को भी नए कपड़े पहनने को बोला.
वे ‘अच्छा ठीक है बेटा’ कह कर तैयार होने चली गईं.
मैं तैयार होकर अपने दोस्तों का इंतजार करने लगा.
रात के आठ बजे वे चारों आ गए.
सबकी आवाज सुनकर मम्मी भी उन्हें देखने आ गईं.
मम्मी लाल सिल्की सी साड़ी और काले रंग कर ब्लाउज पहना हुआ था.
मम्मी एकदम ऐसी बवाल लग रही थीं, जिसके सामने विद्या बालन भी फेल है.
मैंने देखा मेरे चारों दोस्त नजरें चुराते हुए मम्मी की मदहोश कर देने वाले सेक्सी जिस्म को ही निहारे जा रहे थे.
मैंने केक काटा तो चारों ने महंगे महंगे गिफ्ट मुझे दिए.
जिसे देखकर मम्मी बोलीं- दोस्त हों तो ऐसे!
रवि बोला- रॉकी हम चारों की जान है आंटी.
मैंने पहले मम्मी को, फिर सबको केक खिलाया.
वे चारों भी मम्मी को केक खिलाने लगे.
वे उन्हें केक खिला कम रहे थे, उनके गाल गले पर ज्यादा लगा रहे थे.
मम्मी अपने चेहरे को धोने वाशरूम जाने लगीं और जाते जाते बोलीं- तुम लोग मजे करो, मैं सबके लिए खाना लेकर आती हूँ.
जैसे ही मम्मी गईं, मैंने कहा- क्या कर रहे थे तुम लोग? मैं सब समझ रहा था!
गुड्डू- यार माफ करना, पर तुम्हारी मम्मी इतनी बवाल कसी हुई औरत हैं कि बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
मैं- साले तुम लोगों ने तो एक दिन देखा, तो तुम्हारा ये हाल है. मेरी भी तो सोचो कि मैं रोज देखता हूँ, मेरा क्या हाल होता होगा!
गौरव- यार अगर आज आंटी मसलने मिल गईं तो जन्नत का मजा आ जाएगा.
रवि- यार रॉकी, आज हमें इस औरत को चोद लेने दे, बदले में तू जो बोलेगा … वह तुझे दे दूंगा.
मैं- ठीक है, लेकिन अगली पार्टी तुम चारों के घर पर होगी. उधर तुम लोग भी अपनी किसी माल को पेलने दोगे!
मेरा माल को पेलने देने से मतलब था कि वे अपने घर की कोई आइटम को चोदने देंगे.
मेरी बात सब मान गए और मेरी मम्मी को चोदने का प्लान बनाने लगे.
कुणाल- यार रॉकी, तेरी मम्मी कितने दिनों से चुदी नहीं हैं?
मैं- पापा 3 महीने पहले आये थे, तब से नहीं चुदी हैं!
गौरव- मतलब बस उनको गर्म करने की देरी है. मेरा लंड तुम सबसे बड़ा है. मैं एक काम करता हूँ कि उनको अपना लंड दिखाता हूँ. रॉकी टायलेट कहां है?
मैं- किचन के सामने ही है.
गौरव किचन से मम्मी की फोटो खींचकर टायलेट गया और गेट खुला छोड़कर अपना बड़ा लंड निकाल कर फोटो देखकर जोर जोर से हिलाने लगा.
जैसे ही मम्मी किचन से बाहर आईं, उनकी नजर गौरव के मोटे लम्बे लंड पर पड़ी.
वे एकदम से चौंक गईं.
उनका रियेक्शन ऐसा था मानो उन्होंने क्या देख लिया है.
उनकी आंखें और मुँह दोनों खुले रह गए.
वे गौरव से चिल्ला कर बोलीं- ये क्या कर रहे हो?
हम सब भी वहीं छिपकर देख रहे थे.
गौरव फोन में मम्मी की फोटो दिखाते हुए बोला- आंटी मैंने आपके जैसी इतनी सुंदर इतनी हॉट और सेक्सी औरत कभी नहीं देखी. आपको देखते ही मेरा मन कंट्रोल से बाहर हो गया और इसे कंट्रोल करने के लिए आपके फोटो पर ही मुठ मारने लगा.
इतना सब वह अपना मोटा बड़ा लंड बाहर निकाल कर हिलाते हुए ही बोल रहा था.
मम्मी का मन भी अन्दर से बहक रहा था क्योंकि वे उसके जबाव में धीरे से बोलीं- अच्छा इसे अन्दर करो और जाओ यहां से!
फिर जैसे ही मम्मी हम लोग के पास आने लगीं, हम सब भी फट से रूम में गए और वही करने लगे जो गौरव कर रहा था.
मम्मी उधर आईं और जैसे ही सीन देखा कि हम चारों भी अपना अपना लंड बाहर निकाल कर हिला रहे हैं.
उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं.
वे बोलीं- तुम सब ये क्या कर रहे हो? कितने गंदे लोग हो … और रॉकी तुम भी!
मैंने कहा- मम्मी, आप अप्सरा से भी सुंदर दिखती हो, जो कोई भी आपको देखता है मदहोश हो जाता है. आपके पास इतना खजाना होने के बाद भी आप दुखी रहती हो. आप आज हम सब को मौका दो, हम सब आपको इतने मजे देंगे कि आप हमेशा खुश रहोगी!
मम्मी का भी मन भी बड़े बड़े पांच लंड देखकर मचल रहा था.
पर वे इतनी जल्दी खुलना नहीं चाहती थीं.
वे बोलीं- नहीं, ये सब गलत है.
मैंने कहा- हम 6 के अलावा किसी को कुछ नहीं पता चलेगा!
मम्मी की आंखें बता रही थीं कि उन्हें लंड की कितनी जरूरत है और अब तो पांच पांच मोटे बड़े लंड सामने थे.
मम्मी ना-नुकुर करने लगीं.
इतने में गौरव ने पीछे से जाकर मम्मी को दबोच लिया और एक बार में ही मम्मी के ब्लाउज को ब्रा सहित खींच कर दो हिस्से में फाड़ दिया.
मम्मी के दोनों बड़े बड़े गोरे बूब्स आजाद हो गए थे.
मम्मी गौरव को हटाने लगीं मगर उसकी पकड़ से वे हिल भी नहीं पा रही थीं.
हम चारों भी जल्दी से पूरे नंगे हो गए और मम्मी को उठाकर बेडरूम में लेकर आ गए.
उधर उन्हें बेड पर पटक दिया.
मम्मी हंस भी रही थीं और मना भी कर रही थीं कि यह गलत है छोड़ दो!
गौरव पीछे से मम्मी की चूचियों को बेरहमी से निचोड़ रहा था.
गुड्डू मम्मी की दोनों टांगों को खोलकर उनकी चुत पर अपने मुँह लगाने की कोशिश कर रहा था.
फिर जैसे ही उसने मम्मी की चुत को चाटना शुरू किया, मेरी मम्मी की हल्की हल्की सिसकारियां निकलनी शुरू हो गईं.
कुणाल, रवि और मैं मम्मी के मुँह के पास खड़े होकर अपने अपने लंड हिलाने लगे.
मम्मी भी अब चुत चुसवाने लगी थीं.
गुड्डू अब अपनी जीभ को मम्मी की चुत में अन्दर बाहर करने लगा.
मम्मी ढीली पड़ने लगीं और वे अपनी गांड उठा कर चुत चटवाने का सुख लेने लगीं.
अब मैंने और रवि ने अपना अपना लंड मम्मी के दोनों हाथों में पकड़ा दिए और वे लौड़े मसलने लगीं.
कुणाल मम्मी के ऊपर चढ़ कर बैठ गया और उसने अपना लंड मम्मी के मुँह के पास रख दिया.
गुड्डू अपनी दो उंगलियां मम्मी की चुत में जोर जोर अन्दर बाहर करने लगा था तो मेरी मम्मी पूरी तरह से गर्म हो गईं.
वे मस्ती से तेज तेज सिसकारियां लेने लगीं और अपने दोनों हाथों में लिए मेरे व रवि के लंड को हिलाने लगीं.
मम्मी ने कुणाल का लंड भी मुँह में ले लिया था और वे उसे पूरा सहयोग दे रही थीं.
मम्मी अब मेरा, रवि और कुणाल का लंड बारी बारी से चूसने लगीं.
गौरव ने मम्मी के दोनों मम्मों को दबा दबा कर लाल कर दिया था.
तभी गुड्डू ने अपना लंड मम्मी की चुत पर रखा और एक जोरदार धक्का दे दिया.
एक ही बार में उसका 6 इंच लंड चुत के अन्दर चला गया.
मम्मी की मीठे दर्दसे भरी आवाज ‘आहहह् … फट गई!’ निकली.
उनकी कामुक आवाज से हम सब को और जोश आ गया.
मैं, रवि और कुणाल तीनों एक एक राउंड मम्मी के मुँह में झड़ गए थे.
मम्मी ने तीनों का पानी मुँह में रखकर उसके गरारे किये और मुँह खोल कर रबड़ी दिखाई.
उनका पूरा मुँह हम तीनों के वीर्य से ऊपर तक भर गया था.
मम्मी ने मुँह खोल कर किसी रंडी की तरह से आंख मारी और एक बार में पूरा वीर्य पी गईं.
अब गौरव ने भी अपना 9 इंच का लंड मम्मी के मुँह में दे दिया.
मम्मी ने उसका लंड भी मुँह में ले लिया और गौरव अपना 5 इंच लंड मम्मी के मुँह में देने लगा.
मैं मम्मी की चूचियों को दबाने लगा और नीचे से गुड्डू लगातार 10 मिनट से मम्मी की चुत में झटके मारे जा रहा था.
मम्मी के मुँह में बड़ा लंड होने के बाद भी उनकी दर्द भरी आवाज पूरे घर में मदहोशी का माहौल भर रही थी.
गौरव मम्मी के बालों को पकड़ कर उनके मुँह को बड़ी तेजी से चोदने लगा.
कुछ 5 मिनट बाद गौरव का 9 इंच लंबा लंड मम्मी की मुँह में झड़ा तो उसके लंड से इतना वीर्य निकला कि मम्मी का पूरा मुँह फूल गया और मुँह से टपक कर उनके बूब्स, नाक गाल सब जगह लग गया … पर जो वीर्य मुँह में भरा था, वह मम्मी पी गईं.
लगभग 15 मिनट तक चुत चोदते हुए गुड्डू मम्मी के चुत में ही अन्दर झड़ गया.
बाकी के सब लोग मम्मी की चुदाई के लिए इतना बेताब थे कि किसी को कंडोम लगाने का कोई ख्याल ही नहीं आया!
अब कुणाल ने मम्मी को अपनी गोद में उठाया और पीछे से अपना लंड उनकी गांड में डाल दिया.
रवि मम्मी की चुत में अपना लंड डाल दिया और दोनों तरफ से जोरदार झटके लगने शुरू हो गए.
मम्मी की गांड का छेद भी चालू था तो कुछ ही देर के दर्द के बाद वे बाजारू रंडी को मात देने लगी थीं.
मम्मी नीचे से दो लंड अपने दोनों छेदों में एक साथ ले रही थीं.
ऊपर मुँह में मेरा और गुड्डू का लंड एक साथ लेने लगीं.
पूरे घर में फच फच की आवाज और मम्मी की आह आह की मदहोश कर देने वाली आवाज गूँज रही थी.
ऐसी जबरदस्त चुदाई चल रही थी कि पोर्न भी फेल था.
मम्मी कुणाल के गोद में बैठी थीं. वे दोनों टांगों को ऊपर किए हुई गांड में और चुत में लंड ले रही थीं.
लगभग दस मिनट के बाद रवि भी चुत में झड़ गया और कुणाल ने भी अपना लंड गांड से निकाल कर चुत में सारा माल गिरा दिया.
अब बारी थी मेरी … और 9 इंच वाले गौरव की.
कुणाल रवि और गुड्डू का लंड मम्मी बारी बारी से चूस रही थीं.
मैंने मम्मी को अपनी गोद में बिठाया और पीछे से उनकी गांड में लंड डाल दिया.
मैं मम्मी के बूब्स निचोड़ने लगा.
उसके बाद गौरव ने जैसे ही अपना लंड मम्मी की चुत पर रखा, मम्मी बोलीं- आराम से करना, सबसे बड़ा तुम्हारा है!
गौरव बोला- चिंता मत कर मेरी रंडी.
मेरी मम्मी को गौरव ने रंडी बोला तो मेरा मन और खुश हो गया.
मैं भी मम्मी को रंडी बोलने लगा और गांड में पूरे ताकत से लंड पेलने लगा.
मम्मी भी रंडी का रोल प्ले करती हुई बोलीं-आअह फाड दे अपनी रंडी की गांड.
गौरव ने अपना लंड चुत पर रखकर जोर से एक झटका मारा तो मम्मी उछल गईं और दर्द से तड़फ उठीं.
लेकिन चुदी हुई चुत ने एक ही झटके में गौरव का 7 इंच लंड ले लिया था.
बाकी के लंड 7 इंच के ही थे तो मम्मी की चुत सात इंच लंड तो आराम से खा गई थीं.
उसके आगे दो इंच लंड लेने में मम्मी की दर्द भरी आवाज निकलने लगी और घर से बाहर तक जाने लगी.
इधर हम सब पूरे जोश में थे.
गौरव ने दूसरा झटका मारा तो उसका 9 इंच का पूरा लंड मम्मी की चुत में समा गया.
गौरव 20 मिनट तक जोरदार झटकों के साथ मेरी मम्मी की चुदाई करता रहा.
इससे मम्मी की फुद्दी फट कर बाहर लटक गयी.
तभी गौरव ने भी अपना सारा माल मम्मी की चुत में डाल दिया.
अब बारी थी मेरी.
मैंने मम्मी को सब से अलग किया और टेबल पर झुकाकर घोड़ी बना कर चुत में लंड पेल कर उनकी चुदाई शुरू कर दी.
मैं मम्मी को गंदी गंदी गाली दे रहा था और बाल पकड़ कर उनकी चुत की चुदाई करते हुए घुड़सवारी जैसी करने लगा था.
मैं लगातार गाली दे रहा था- आहह कुतिया इतने दिन तड़पाया तूने … आज तू भी तड़प रंडी साली!
मम्मी भी मदहोश कर देने वाली आवाज निकालती हुई बोलीं- अब से मेरा सब तेरा है कुत्ते … अपनी कुतिया पर ऐसे ही चढ़ते रहना … मादरचोद न जाने कब से मेरी चुत में तेरे लौड़े की राह देख रही थी मैं आह आज सच में जन्नत दिखा दी है तूने!
यही सब बातें होती रहीं.
मम्मी ने यह भी कहा कि वे खुद मुझसे चुदने की सोच रही थीं तो मैंने उनसे पूछा कि मेरे अलावा मेरे दोस्तों से चुद कर आपको कैसा लगा?
तो उन्होंने कहा- यह तो मेरे लिए बहुत बड़ा रिटर्न गिफ्ट जैसा था.
कुछ 15 मिनट में मैं भी मम्मी की चुत में झड़ गया और सारा माल मैंने उनकी चुत के अन्दर ही डाल दिया.
फिर हम सब लोग स्टेप मॅाम फक करके थककर नंगे ही सो गए.
अगले दिन सुबह होते ही चारों दोस्त कपड़े पहन कर जाने लगे तो मम्मी ने कहा- आते रहना!
फिर वे सारे एक सुर में बोले- जरूर रंडी आंटी.
यह कहकर वे सब हंसते हुए चले गए.
उस दिन से मम्मी को खाना बनाते समय सोते समय या जब भी मन करता, मैं मम्मी की चुदाई कर लेता हूँ.
कभी मैं ज्यादा काम में व्यस्त रहता हूँ तो वे खुद आकर मेरा लंड सहलाने लगतीं और उसे बाहर निकाल कर चूस कर खड़ा कर देतीं.
दोस्तो, आप यदि इस सेक्स स्टेप मॅाम फक स्टोरी को आगे भी पढ़ना चाहते हैं तो प्लीज रिस्पांस जरूर दें और कमेंट भी करें.
मैं आपके मेल के अनुसार अवश्य लिखूँगा.
शुक्रिया.
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