अकेले में भाभी को खूब रगड़ के चोदा

Views: 38 Category: Bhabhi Sex Story By reahana1008 Published: April 20, 2026

हॉर्नी भाभी फक स्टोरी में मेरी क्लास की लड़कियों की जवानी देख मेरे लंड में चूत की तलब लग जाती थी. मैं मुठ मारने लगता था. एक बार मेरी भाभी ने मुझे मुठ मारते देख लिया.

उस समय मैं 21 साल का एक मस्त जवान लड़का था.
मैं कॉलेज में पढता था। पढ़ने में बड़ा तेज था। मुझे मेरे टीचर्स बहुत पसंद करते थे।

हमारे कॉलेज में लड़कियां भी पढ़तीं थीं।
उन पर भी मेरी पढ़ाई का असर था।
वो मुझसे हमेशा नोट्स माँगा करती थी और मैं ख़ुशी ख़ुशी दे दिया करता था।

कई लड़कियां बहुत खूबसूरत थीं और मुझसे बड़े प्यार से बातें करती थी तो मेरे लण्ड में हलचल होने लगती थी और फिर इच्छा होती थी कि मैं इनको अपना लण्ड पकड़ा दूँ, नोट्स देने के बदले में लण्ड पकड़ा दूँ।
मैं चाहता था कि लड़की मेरा लण्ड पकड़ ले और अपने मुंह में लेकर चूस ले।

बस इसके आगे मैं सोच ही नहीं पाता था कि क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहिए।

मेरा नाम शरद है। मैं गोरा चिट्टा हूँ, कद मेरा 5″ 10″ है, बाल घुंघराले हैं और सीना चौड़ा है।

मैं आपको एक बात बता हूँ कि सवेरे सवेरे जब लण्ड खड़ा हो जाता है तो फिर मुझे मुठ मारना ही पड़ता है क्योंकि बिना मुठ मारे वह बैठता ही नहीं।

मेरा लण्ड साला 8″ से ज्यादा लम्बा है, 3″ का तो लण्ड का टोपा ही है और 5″ से ज्यादा मोटा है।

जब खड़ा होता है तो फिर संभाले नहीं संभालता।
मुझे किसी न किसी लड़की का नाम लेकर मुठ मारना ही पड़ता है।

यह हॉर्नी भाभी फक स्टोरी जब शुरू हुई … उस दिन सवेरे के 5 बजे थे।
गर्मी के दिन थे।
पंखा चल रहा था।

अचानक मेरा लण्ड खड़ा हो गया तो मैं उसे सहलाने लगा, थोड़ा हिलाने लगा तो वह और तन कर और ज्यादा गुर्राने लगा।

मैंने बहुत कोशिश कि न मारुं पर फिर मारना ही पड़ा मुठ।
मैं मन में कुछ सोचते हुए मुठ मारने में जुट गया।

अचानक मेरे सामने मेरी काजल भाभी आ गईं।
उसने मुझे मुठ मारते हुए देख लिया तो बोली- अरे शरद ये क्या कर रहे हो?

यह सुनते ही मेरा लण्ड एकदम से ढीला पड़ गया।
मेरे मुंह से निकला- अरे भाभी बस ऐसे ही …
वह बोली- ऐसे ही नहीं मेरे देवर राजा, ये लड़कियों का काम क्यों कर रहे हो? लण्ड की मुठ मारना लड़कियों का काम है, हम जैसी जवान औरतों का काम है। चलो हटो, लण्ड मुझे दो, मैं मारूंगी तेरे लण्ड का सड़का।

भाभी ने मेरे हाथ से लण्ड छीन लिया, मुझे बेड के नीचे खड़ा कर दिया और खुद बेड पर बैठ कर मेरा लण्ड हिलाने लगी।
लण्ड साला भाभी के हाथ में जाकर फिर से खड़ा हो गया।

भाभी ने बड़े प्यार से एक हाथ से मेरे पेल्हड़ थामे और दूसरे हाथ से लण्ड मुठी में लेकर सड़का मारने लगी।
भाभी का ऐसा करना मुझे बहुत ज्यादा मज़ा देने लगा।

मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी और मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगी।
मैं बोलने लगा- भाभी, और तेज मारो सड़का. हां हां … और तेज करो. और जल्दी जल्दी ऊपर नीचे करो. बड़ा मज़ा आ रहा है। भाभी तुम बहुत अच्छी हो।

फिर भाभी ने अपना मुँह खोला और लण्ड के सामने कर लिया।
इतने में लण्ड से पिचकारियां निकली और सीधे उसके मुंह में चली गई।

मैंने कहा- सॉरी भाभी।
वह बोली- कुछ नहीं!
और मेरे लण्ड का सारा माल पी गयी।

मैं यह देख कर दंग रह गया।

भाभी ने कहा- आज से तुम अपने हाथ से सड़का नहीं मारना। सड़का वो लोग मारते हैं जिनको चूत नहीं मिलती जिनको लड़कियों की गांड नहीं मिलती। तेरे सामने तो दोनों मौजूद हैं बहनचोद. फिर काहे का सड़का? समझ में आया भोसड़ी के शरद? समझ में न आया हो तो बताओ खोल के दिखा दूँ?

इत्तिफाक से उस दिन घर में कोई नहीं था।
मम्मी पापा गांव चले गए थे और भैया दो दिन के लिए टूर पर।
घर में मैं और काजल भाभी।
तभी सवेरे सवेरे मेरे साथ यह हो गया था।

मैं फिर नहाया धोया और नाश्ता करके कॉलेज चला गया।
लेकिन मेरे मन में भाभी का मेरे लण्ड का सड़का मारने की बात बराबर घूम रही थी।
मेरा मन हुआ कि आज रात को मैं फिर भाभी से सड़का मरवाऊंगा।

खैर रात को खाना खाकर मैं अपने बेड पर चला गया।

बस थोड़ी ही देर में भाभी भी वहां आ गई और बोली- अरे शरद, कहाँ है वो तेरा मादरचोद लण्ड? दिखा न मुझे? मैं उसे फिर से देखना चाहती हूँ। बड़ा प्यारा है तेरा लौड़ा बहनचोद।
उसके ऐसा बोलते ही मेरा लौड़ा अंदर से पूरा खड़ा हो गया.

भाभी ने मेरे पजामा का नाड़ा खोला और उसे निकाल कर फेंक दिया।
मेरा लण्ड हिलाते हुए भाभी बोली- शरद तुम नंगे नंगे बड़े अच्छे लग रहे हो। तेरा लौड़ा तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

फिर मुझे भी शरारत सूझी मैंने भी भाभी की मैक्सी खोल कर फेंक दी।
मैं उसे पूरी नंगी देख कर दंग रह गया।
मैं अपने होश खो बैठा।

इतनी खूबसूरत गदराये हुए और गोरे गोरे जिस्म वाली औरत मेरे सामने नंगी खड़ी थी।
उसकी उठी हुई दोनों बड़ी बड़ी चूचियाँ बड़ी सेक्सी लग रहीं थीं।

मुझसे रुका न गया और मैंने दोनों चूचियाँ दबा दीं और कहा- भाभी, तुम तो एकदम पटाका हो।
भाभी मुझे अकेले में मिल गई थी।
मेरी नियत उस पर बुरी तरह ख़राब हो चुकी थी।

भाभी की गालियों ने मेरे लण्ड में आग लगा दी थी।
उसका नंगा बदन मुझे उसे चोदने के लिए ललकार रहा था।
मैंने मन बना लिया कि अब मैं भाभी को बिना चोदे छोडूंगा नहीं। एक बार नहीं कई बार चोदूंगा। चूत क्या गांड़ भी फाड़ डालूंगा उसकी।

मेरा जोश सातवें आसमान पर था।
मेरा लण्ड मेरा साथ दे रहा था।

फिर क्या … मैंने भाभी को अपने नंगे बदन पर कस कर दबोच लिया, दोनों हाथों से चिपका लिया उसे.
उसकी चूचियाँ मेरी छाती से चिपक गयीं, मेरा लण्ड उसकी चूत और जांघों से टकराने लगा।

मैं उसकी चुम्मियाँ लेने में जुट गया।
मुझे भाभी पर जबरदस्त प्यार आ गया था।
मैंने उसके गाल चूमे, होठ चूमे, माथा चूमा, नाक की चुम्मी ली, गर्दन की कई चुम्मियाँ भी, भाभी की चिकनी दोनों आर्मपिट को भी बड़े प्यार से चूमा।
उसके कन्धों की खूब चुम्मियाँ लीं और फिर मैं उसकी दोनों मस्तानी चूचियों को चूमा, निपल्स को मुंह में भर कर बड़े प्यार से चूसा।

मेरे दोनों हाथ उसके नंगे बदन की सैर कर रहे थे।

भाभी उस समय मुझे बहुत ही हॉट और सेक्सी लग रही थी।
उसके भी मेरे लण्ड को पकड़ रखा था, मुट्ठी से उसे ऊपर नीचे आगे पीछे कर रही थी।

फिर मैं पहुँच गया भाभी की चूत पर।
चूत एकदम चिकनी थी।
झांट का तो नामोनिशान नहीं था।

गुलाबी चूत साली बड़ी खूबसूरत लग रही थी।
उसकी मोटी मोटी जांघें बड़ी प्यारी लग रहीं थीं।

मैंने चूत के होठ दोनों खोले और अंदर जबान घुसेड़ दी।
भाभी के मुंह से ऊ…ऊफ निकला, बोली- शरद तू मार डालेगा क्या? इतना प्यार तो मुझे मेरे पति ने भी कभी नहीं दिया जितना तू दे रहा है।

भाभी की इस बात ने मेरे अंदर जोश भर दिया और फिर मैंने देर नहीं की।
अपना लौड़ा उसकी चूत पर रगड़ा और फिर गच्च से एक ही बार में पूरा का पूरा अंदर घुसेड़ दिया।

लण्ड घुसते ही भाभी बोली- हाय रे … बड़ा मोटा लौड़ा है तेरा मादरचोद. मेरी चूत फाड़ डालेगा यार। ज़रा धीरे से पेलो, हौले हौले चोदो। मैं कभी भागी नहीं जा रही हूँ। मेरी चूत भी नहीं जाएगी कहीं!
मैंने कहा- पर मुझे तो जल्दी है भाभी तेरी चूत फाड़ने की।

मैं चोदने की रफ़्तार बढ़ाने लगा।
मैं बड़ा निडर हो चुका था, बड़ा बेशरम और बेहया हो चुका था।

मुझे उस समय केवल भाभी की चूत ही दिख रही थी, बाकी कुछ भी नहीं।
मेरी मर्दानगी का सवाल था।

मैं भाभी की चूत को जल्दी से जल्दी खलास करना चाहता था।
मैं लण्ड पूरा घुसा घुसा के चोदने में जुट गया।
चुदाई की आवाज़ मुझे मंत्रमुग्ध कर रही थी।
चूत टाइट थी तो मज़ा भी बहुत आ रहा था।

मैं कोई पहली बार चूत नहीं चोद रहा था. मुझे दो लड़कियों को चोदने का अनुभव था।
मुझे मालूम था कि औरत चुदते समय क्या करती है और कैसे पेश आती है।

मैं समझ गया कि भाभी इस समय मस्त होकर चुदवा रही है।

फिर मैंने उसे गोद में उठा लिया और सोफा पर बैठा दिया।
वह अपनी टाँगें उठा कर खुद ही बैठ गईं।

मैंने अपने दोनों हाथ सोफे के ऊपर टिका दिया जहाँ भाभी की सिर था।
लौड़ा एकदम चूत के निशाने पर था।
तो मैं उसे पेल पेल कर दनादन चोदने लगा.

वह बोलने लगी- हाय शरद, तू तो साला बड़ा हरामी है।
उसने मेरी आँखों में आँखे डाली और बोली- भोसड़ी के, तू आज मौके का फायदा उठा रहा है। भाभी को अकेले में पाकर उसकी बुर चोद रहा है। साले कुत्ते हरामजादे तेरी माँ का भोसड़ा। तुझे रत्ती भर शर्म नहीं आती।

फिर बोली- उई माँ, पूरा पेल दे न बहनचोद लण्ड. चोद ले अपनी भाभी की बुर। तेरा लौड़ा साला बड़ा मस्त है। आआ ऊऊ ऊओहू हऊ ऊऊ उहुँ हुँहुँ हूँह हई … उ उहाहा हाहा पेले रहो. और पेलो … और पेलो मज़ा आ रहा है। तेरे लण्ड में बड़ी ताकत है रे!

मैं समझ गया कि जब लड़की को बहुत मज़ा आता है तब वह गालियां निकालती है।
भाभी को खूब मज़ा आ रहा था और तभी अचानक उसकी चूत ने पानी छोद दिया।

भाभी हो गई खलास … चूत हो गयी ढीली।
मेरा मकसद पूरा हो गया तो मेरे लण्ड ने उगल दिया माल जिसे भाभी चट कर गईं।

मैं सीधा बाथरूम गया और वहां से आकर बिस्तर पर नंगा नंगा ही लेट गया।
भाभी मेरे बगल में नंगी नंगी लेट गईं।

भाभी ने कहा- शरद, यार तेरा लौड़ा बड़ा दमदार है।
मैंने कहा- अरे भाभी, तेरी चूत तो ज्यादा दमदार है।

भाभी ने मेरे लण्ड पर प्यार से थप्पड़ मार कर कहा- तेरे लण्ड की माँ का भोसड़ा।
मैंने भी उसकी चूत थपथपाकर कहा- तेरी चूत की माँ की चूत।

फिर हम दोनों खिलखिलाकर हंसने लगे।

बस आधे घंटे में ही लण्ड चूत दोनों साले फिर से तैयार हो गए।
इस बार मैंने भाभी को घोड़ी बना दिया और लण्ड पीछे से उसकी चूत में घुसेड़ दिया।
मुझे पीछे से चोदने में बड़ा मज़ा आता है।

भाभी भी बोली- हां पीछे से चोदो, मैं भी एन्जॉय करुँगी।

मैं घपाघप हॉर्नी भाभी फक करने लगा और फिर दो उंगली उसकी गांड में घुसेड़ दिया।

लण्ड गीला था, चूत गीली थी तो उसका रस गांड़ में लगा दिया।
गांड में चिकनाहट हो गयी।
भाभी की गांड देखने में बड़ी सेक्सी लग रही थी.

और तभी मैंने लण्ड गांड़ में ठोक दिया।

भाभी के मुंह से निकला- उई माँ, मर गई मैं! फट गई मेरी गांड! इस मादरचोद ने बिना बताये लौड़ा मेरी गांड में घुसेड़ दिया। फिर मैं लण्ड कभी चूत में कभी गांड में बड़ी देर तक पेलता रहा। मुझे भाभी की गांड मारने में भी बड़ा मज़ा आया।

मैं जब तक भाभी के साथ अकेला रहा तब तक मैं उसे रगड़ रगड़ कर चोदता रहा।

तो मेरे प्यारे यारो, कैसी लगी मेरी हॉर्नी भाभी फक स्टोरी?
reahana1008@gmail.com

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