मैंने छोटे भाई से चुदाई करवा ली

Views: 1008 Category: Brother-Sister By rahimahi7890 Published: February 06, 2026

बैड सिस पोर्न कहानी में मैं अपने दोस्त की बहन को रखैल की तरह चोदता था. उसका भाई यानी मेरा दोस्त भी उसे चोदना चाहता था. मैंने लड़की को उसके भाई की इच्छा बता दी.

दोस्तो, आप सभी का मेरी पिछली सेक्स कहानी
दोस्त की दीदी की ग्रुप चुदाई की प्लानिंग
को ढेर सारा प्यार देने के लिए धन्यवाद.
मैं आपका अपना अभिषेक, आप सभी का अपनी नई सेक्स कहानी में स्वागत करता हूँ.

जैसा कि आपने पिछली कहानी में पढ़ा कि मैंने और जाह्नवी दीदी ने तसल्ली से सेक्स का मजा ले लिया था और अब भी लेते रहते थे.

एक दिन उन्हें चोदते वक्त मैंने उन्हें बता दिया था कि कैसे मैं और उनका सगा भाई सचिन उनकी ब्रा और पैंटी को गंदा करते थे.
अब यह जानकर दीदी चाहती थीं कि वे अपने भाई के साथ अकेले में सेक्स करें … न कि मेरे सामने.

इसलिए आगे क्या हुआ, वह बैड सिस पोर्न कहानी आप आज जाह्नवी दीदी के मुँह से ही सुन लो.

दोस्तो … आप सबको चूत की रानी का ढेर सारा प्यार.
मैं आपकी सेक्सी जाह्नवी.

ये सेक्स कहानी तब की है, जब मैं 26 साल की मस्त माल थी.
मेरा फिगर 32-28-34 था और मैं अभी अभिषेक और समीर से ही चुद चुकी थी.

मुझे पहले अभिषेक के साथ चुदने में बहुत शर्म आती थी क्योंकि अभिषेक मेरी सहेली का भाई था तो एक तरह से वह रिश्ते में मेरा भाई ही था और उम्र में भी 5 साल छोटा था.

फिर अपने सगे भाई के साथ चुदाई करने में मुझे कितनी शर्म आई थी, यह आप समझ सकते हैं.
पर किस्मत को तो कुछ और मंजूर था.

अभिषेक को पता चल गया था कि मेरा भाई सचिन भी मुझे चोदना चाहता है, तो पहले तो वे दोनों मिलकर मुझे चोदने का प्लान बना रहे थे.

पर मैं चाहती थी कि मैं अपने भाई के साथ अकेले में सेक्स करूँ क्योंकि मैं अपनी और उसकी दोनों की आंखों में शर्म देखना चाहती थी.

मैं जानती थी कि अगर मैं सचिन के साथ अकेले में नहीं करूँगी तो भी अभिषेक मुझे सचिन से चुदवा ही देगा.

वैसे तो पहले भी मेरे भाई ने मुझे नंगी बहुत बार देखा था.
यह बात मैं बहुत अच्छे से जानती थी.

क्योंकि जब मैं बाथरूम में नहाती थी तो ये भोसड़ी वाला मुझे गेट के छेद से देखता था.

पहले पहल तो लगा कि दरवाजा खोल कर इसकी गांड पर लात मार कर इसे डांट दूं … फिर न जाने क्यों उसके सामने अपने नग्न दूध और चुत दिखाने का मन करने लगा.

अब मैं भी उसे दिखाती हुई अपनी चूचियों से खेलती और उसके सामने अपनी चुत में उंगली करती तो कभी टूथ ब्रश को चुत में आधा अन्दर घुसेड़ कर उसे कामातुर कर देती.

मुझे लग रहा है कि आपको ऐसे ही कामुक करके झड़ा देने से अच्छा है कि मैं अब बिना देर किए अपनी कहानी पर आ जाती हूँ.

मुझे तो पता ही था कि मेरा छोटा भाई मुझे चोदना चाहता है, तो मैं अब उसको और उकसाना चाहती थी ताकि ये कुछ पहले से हरकत करे.

इसलिए अब मैं घर में रात को अक्सर, जब पापा भी घर पर नहीं होते, बिना ब्रा और पैंटी के रहने लगी.
इससे हुआ यह कि जब मैं झुकती थी, तो भाई मेरे बूब्स आसानी से देख लेता और पीछे से मेरी गांड भी अपनी लकीर से उसकी तरफ आकर्षित करती.

फिर जब मैं नहाने जाती, तो बाथरूम में इस तरह नहाती कि उसको मेरा जिस्म पूरा दिख सके.
साथ ही वह मुझे चुत में उंगली करते हुए भी देखता रहता था.

मुझे लगता था कि वह इस बात को समझ कर कि मैं चुदासी हूँ मुझे प्रपोज कर देगा, पर मेरा भाई तो पूरा फट्टू निकला.

उसने अपनी तरफ से फिर भी कुछ नहीं किया.
ऐसे ही 10-15 दिन निकल गए.

फिर पापा को ऑफिस के काम से 3-4 दिन बाहर जाना था.
तो मैंने पक्का कर लिया कि अब तो भाई से रिश्ता मजबूत करना ही है … या तो सेक्स करना है, वरना उसे कह देना है कि वह मुझे बाथरूम में नंगी देखना बंद कर दे.

उस दिन वह रात को मूवी देख रहा था.
मैंने उसको अपने रूम में बुलाया और सीधे पूछ लिया- लंड हिलाते हो?
वह शर्माने लगा.

मैं उसे गाली देती हुई बोली- भोसड़ी के … मेरी ब्रा-पैंटी पर क्यों गीला करता है?
वह आंखें नीचे करके देखने लगा.

फिर मैंने बेड पर रखी अपनी पैंटी उसे दी और बोली- अब कर इस पर … जो करना है!

वह डर के मारे कांपने लगा और बोला- दीदी सॉरी.
उसने मेरे पैर पकड़ लिए.

मैं वासना की रौ में उससे बोली- बहनचोद … जो मैं बोली, वह मेरे सामने कर न मां के लौड़े!

उसको मेरे मुँह से गाली सुनकर बहुत अजीब लगा.
उसे देखकर मुझे बहुत हंसी आ रही थी, पर मैं आज भाई को थोड़ा परेशान करना चाहती थी.

मैंने फिर से कहा- चल उठा ना मेरी पैंटी और ब्रा!
फिर मैंने खुद ही उसे अपनी ब्रा दे दी.

मैं बोली- ले … अब इसको मेरे सामने गंदी कर!

उसने पैंटी हाथ में ली और बहुत कांपने लगा.
मैं समझ गई कि इससे नहीं होगा.

मैंने उससे पुचकारते हुए कहा- भाई तू डर मत. मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगी. तू बस एक बार मेरे सामने मेरी ब्रा-पैंटी गंदी करके दिखा दे!

जब उसने कुछ नहीं किया तो मैंने उसे पास बुलाया और उसका निक्कर के साथ उसकी अंडरवियर नीचे खींच दी.

मैंने उसका लंड हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी.

मैंने जब उसका लंड हाथ में लेकर मुठियाया तो वह समझ गया कि दीदी आज मस्ती के मूड में हैं.

शायद यही सोच थी उसकी, इसी लिए तो उसका लंड खड़ा होने लगा था.
फिर मैंने लंड को कड़क करके कहा- अब कर … ब्रा-पैंटी गंदी कर!

उसने एक हाथ में पैंटी ली और दूसरे हाथ में लंड लेकर पैंटी पर हिलाने लगा.

मैं उसके लौड़े को देखती हुई बोली- कुछ बोलता भी तो होगा तू अपना लंड हिलाते वक्त! अच्छा, तुम ऐसे सोचो जैसे तुम अकेले हो और मुझे याद करके अपना हथियार हिला रहे हो!

तो उसने आंखें बंद कर लीं और आवाज़ करने लगा- ऊ… आह… प्लीज़ दीदी. आपकी चूत एक बार मिल जाए!
मैं बोली- सिर्फ़ दीदी की चूत चाहिए?

तो बोला- हां दीदी … आह और आपका दूध पीने को मिल जाए!
मैं बोली- अच्छा दूध भी चूसना है … और क्या-क्या बोलते हो मेरे बारे में?

यह कहते हुए मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया.

वह आंखें खोल कर बोला- दीदी, अब आप भी तो कुछ दिखाओ!
मैं बोली- तुम पहले मेरी ब्रा-पैंटी अच्छे से गंदी करो, फिर मैं सोचूँगी!
तो उसने कहा- ओके!

फिर मैं वापस बेड पर बैठ गई.
वह फिर पैंटी पर लंड हिलाने लगा और बोलने लगा- आह मादरचोद … क्या मस्त रांड दीदी मिली है किस्मत से … बस इसकी चूत और मिल जाए … साली की चुत का भोसड़ा बना दूंगा.

यह सब बकते हुए उसने ब्रा को चाटना शुरू कर दिया.
उसकी हरकतों को देख कर और उसके मुँह से अपने लिए गंदा सुनकर मेरी चुत में चींटियां रेंगने लगीं.

फिर 5-6 मिनट में उसने पैंटी पर अपना पानी छोड़ दिया.
मैंने उससे अपनी पैंटी और ब्रा वापस ले ली और पैंटी को सूँघकर अपने भाई का प्यार महसूस करने लगी.

फिर मैंने उससे कहा- चल, जा अपने रूम में!
वह मेरी तरफ़ गुस्से में देखने लगा और बोला- प्लीज़ दीदी … आप अपनी चूत दिखा दो न!

मैं बोली- क्यों? रोज़ देखता तो है तू, जब मैं नहाती हूँ!
तो वह बोला- पास से देखना है!

मैं बोली- अच्छा … और क्या करेगा मेरे साथ?
तो वह बोला- आपकी चूत भी चाटना है.

मैं चुत चटवाने के नाम पर कुछ उत्तेजित हो गई.

मैं वासना से उसे देखती हुई बोली- और?
तो वह मेरे दूध देखते हुए बोला- आपको चोदना भी.

मैं बोली- ठीक है भाई, चुदाई भी कर लेना. पर अभी मेरा मन नहीं है!

मन तो मेरा बहुत था, पर मैं भाई को और परेशान करना चाहती थी.
वह बोला- अच्छा जब मन हो तब चुदवा लेना, पर अभी अपनी चूत तो दिखा दो दीदी!

मैं उसकी बात से एकदम से गर्म हो गई और बोली- खुद देख ले!
यह कह कर मैं चित लेट गई.

उसने एक ही झटके में मेरा लोअर नीचे खींच दिया.
मैं ब्रा-पैंटी तो वैसे भी नहीं पहनती थी, तो पूरी नंगी हो गई.

वह मेरी गीली चुत देख कर बोला- आप भी मुझसे चुदना चाहती थीं ना दीदी?
मैं कुछ नहीं बोली.

तो वह बोला- आपकी चूत वैसे बहुत अच्छी है यार!
मैं बोली- देख ली, तो अब जा अपने रूम में!
वह बोला- इतनी क्या जल्दी है दीदी?

यह कह कर उसने मेरी चूत को अपने हाथ से सहलाना शुरू कर दिया और अपने मुँह को मेरी चूत पर रखकर चाटने लगा.

मैं बोली- आह भाई … मस्त लग रहा है.
तो उसने कहा- आपको तो मैं बहुत सालों से चोदना चाहता था, अब मुझे मौका मिला है. प्लीज़ दीदी, आज आप कुछ मत बोलना!

मैं मुस्कुरा दी.
उसने पूछा- दीदी, आप वर्जिन हो या पहले चुद चुकी हो?
अब मुझे शर्म आने लगी.

मैं बोली- नहीं भाई, वर्जिन नहीं हूँ.
वह बोला- किससे चुद चुकी हो?

मैं बोली- ये बातें हम बाद में करेंगे. पहले तुम अच्छे से चोद लो मुझे!

तो उसने कहा- दीदी, आप हार्ड सेक्स करोगी?
मैं बोली- ओके भाई!

वह बोला- ठीक है दीदी!
फिर उसने तुरंत मेरे गाल पर एक ज़ोर का थप्पड़ मारा.

मैं बोली- क्या हुआ?
वह बोला- प्लीज़. आप हार्ड सेक्स में मज़ा लो!

मैं बोली- मुझे भी दर्द होता है यार!
तो वह बोला- आपको आज रात के बाद मुझे जितना मारना है, मार लेना. पर आज मुझे मत रोको प्लीज़ … आज ज़ोर-ज़ोर से चीखो, चिल्लाओ.

चूंकि मेरा रूम घर में सबसे आखिरी में था और घर में भी कोई नहीं था तो मेरी आवाज़ किसी को सुनाई नहीं देनी थी.

मैं खुद भी ऐसी चुदाई करवाना चाहती थी, पर कभी अभिषेक और समीर से नहीं कह पाई क्योंकि मुझे लगता था कि दोनों मेरे बारे में क्या सोचेंगे.

पर आज मेरा भाई मेरी फीलिंग बिना कुछ बोले ही समझ चुका था.

मेरे गाल पर थप्पड़ का दर्द अब भी था कि उसने ज़ोर से मेरी चूत पर दांत गड़ाए.
मैं कुछ नहीं बोली.

वह 5-10 मिनट तक कुत्तों की तरह चूत चाटने में लगा रहा.

फिर उसने ज़ोर से मेरे बूब्स पर थप्पड़ मारा और एक झटके में मेरी टी-शर्ट फाड़ दी और कुत्तों की तरह मेरे बूब्स दबाने लगा.

मैं बोली- प्लीज़ भाई … आराम से!

फिर उसने मेरे मुँह में थूक दिया. मैं उसका थूक भी गटक गई.
मैं अपने सगे भाई के सामने नंगी पड़ी थी.

कुछ देर बाद उसने मुझे उल्टा किया और मेरी गांड पर करीब 15-20 थप्पड़ ज़ोर-ज़ोर से मारे.
मैं चीख रही थी- बचाओ बचाओ … उम्म्म … मम्मी मार डाला कुत्ते ने … आह्ह्ह … आह्ह्ह!

अन्दर से तो मुझे अच्छा लग रहा था क्योंकि आज मेरी एक साथ दो इच्छाएं पूरी हो रही थीं.
एक भाई से चुदवाने की और दूसरी बहुत हार्ड सेक्स की.

मैं ‘उम्म्म … आह्ह्ह …’ कर रही थी, पर वह कहां मानने वाला था.
उसने मेरी गांड ज़ोर-ज़ोर से चाटना शुरू कर दिया, दांत गड़ाए और पूरी गांड लाल कर दी.

फिर वह उठकर किचन में चला गया और मैं बाथरूम में टॉयलेट के लिए चली गई.

मेरी गांड अब भी उसके ज़ोरदार थप्पड़ों के कारण जलन हो रही थी.
मेरे शरीर में जितना दर्द था, अन्दर से उतनी ही खुशी भी थी कि मेरी ज़ोरदार चुदाई हुई. ऐसी चुदाई मैं बहुत सालों से सोच रही थी कि कोई मेरे जिस्म को भेड़िए की तरह नोंचकर खा जाए और मैं ज़ोर-ज़ोर से चीखूँ, चिल्लाऊं.

चूंकि आज मेरी दो इच्छाएं पूरी हो रही थीं तो मुझे बेहद सुकून मिल रहा था … बस भाई जरा ज्यादा सख्त हो रहा था … पर वह कहां मानने वाला था!
उसने मेरी गांड ज़ोर-ज़ोर से चाटना शुरू कर दिया, एक चूतड़ पर दांत गड़ाए और पूरी गांड लाल कर दी.

फिर वह उठकर किचन में चला गया और मैं बाथरूम में टॉयलेट के लिए चली गई.

बाथरूम में लगे शीशे में देखा तो मेरी पूरी गांड पर उसकी उंगलियों के निशान थे.

जब मैं बाथरूम से आई, तो देखा रात के 2 बज चुके थे.

मेरी अब और हिम्मत नहीं थी क्योंकि कल मुझे स्कूल भी जाना था.
मैं एक घर के पास स्कूल में पढ़ाने जाती थी.

वह किचन से शहद ले आया.

मैं बोली- ये किस लिए?
तो वह बोला- दीदी. आपकी गांड पर लगाकर चाटने का मन है!

मैं बोली- प्लीज़ भाई … अब सो जाने दे. मेरा पूरा शरीर दर्द दे रहा है!
तो वह बोला- क्या यार दीदी … अभी तो आपको चोदा भी नहीं और आप सोने की बात करती हो!

मैं बोली- प्लीज़ यार … मेरा तो 2 बार पानी निकल चुका है और कल मुझे स्कूल भी जाना है!
तो वह बोला- कल आप स्कूल मत जाना, छुट्टी ले लो.

मैं कुछ बोलती, इससे पहले ही उसने मुझे धक्का देकर बेड पर पटक दिया और उल्टा कर दिया.

उसने गांड के छेद के आसपास शहद लगा दिया.
मैं चुप रह गई.

उसने बहुत देर तक मेरी गांड चाटी और साथ में नाखूनों से निशान भी बना दिए.

मैं बस बेसहारा-सी लेटी अपने सगे भाई से अपने जिस्म का एक एक कतरा निचुड़वा रही थी.
फिर उसने मुझे खड़े होने को कहा और खुद बेड पर लेट गया.

मुझे लगा अब शायद मेरी चुदाई हो जाए … पर वह तो आज दीदी के साथ दुनिया का सारा सुख एक रात में ले लेना चाहता था.

मैं नंगी अपने भाई के सामने खड़ी थी और वह बैठा-बैठा मुझे देखकर हंस रहा था.

मैं बोली- प्लीज़ भाई अब चोद भी दे!
तो वह बोला- रंडी साली, आज तो तू पूरा मज़ा देगी.

उसने मोबाइल में गाना शुरू कर दिया.

फिर बोला- दीदी डांस करो!
क्योंकि उसे पता था कि मुझे डांस करना बहुत अच्छा लगता है और मैं डांस बहुत अच्छा करती भी हूँ.

मैं ‘शीला की जवानी’ सॉन्ग पर नाचने लगी.
मैं ज़िंदगी में पहली बार नंगी होकर डांस कर रही थी.

उसने करीबन 15 से 20 मिनट तक 3-4 गानों पर डांस करवाया.

फिर उसने मुझे पास बुलाकर लिप किस किया.
मेरे मुँह में जीभ डालकर मेरा थूक अपने मुँह में लिया और अपने मुँह का थूक मेरे मुँह में छोड़ने लगा.

मेरा पूरा शरीर पसीने से तरबतर था.
उसने मेरी गर्दन और कान के पीछे का पूरा पसीना चाट लिया.

मैं बोली- तुम बहुत पागल हो रहे हो भाई!
तो वह बोला- दीदी आप नहीं समझ सकतीं कि आपके लिए कितना तरसा हूँ. हर भाई के लिए अपनी दीदी के साथ चुदाई करना बहुत बड़ी बात होती है.
मैं हंस कर बोली- अच्छा!

फिर उसने अपना लंड मेरे मुँह में पूरा डाल दिया और धीरे-धीरे गाल और बूब्स पर थप्पड़ मारने लगा.

मैं ‘ऊ … ऊऊऊ … गू … उम्म्म …’ की आवाज़ें निकाल रही थी.
मैं उसका सुपाड़ा बहुत प्यार से चाट रही थी.

तभी मैंने धीरे-धीरे उसके लंड पर दांत गड़ाए, तो वह चिल्लाने लगा.

मैं बोली- अब समझ आया बहन के लौड़े … साले जब तुम मुझे दांत गड़ा रहे थे, तो मैंने कुछ नहीं बोला.
फिर 4-5 मिनट बाद उसने मेरे मुँह में ही अपना पानी छोड़ दिया.

मैंने भी प्यार से अपने भाई का पूरा पानी पी लिया.

फिर उसने मेरी चूत को हाथ में लेकर मसलना शुरू किया.
मैं ‘उम्म्म … आह … उम्म … भाई अब चोद भी दे अपनी दीदी को!’ कर रही थी.

उसने अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत पर रख दिया.

मैं बोली- भाई … प्लीज पहले कंडोम लगा ले!
वह बोला- कंडोम नहीं है यार!

मैंने अपने पर्स से कंडोम निकाल कर उसे दे दिया क्योंकि मैं सचिन के कारण हमेशा पर्स में कंडोम रखती थी.

वह बोला- यार दीदी आज प्लीज़ बिना कंडोम करने दो न … कल मैं आपको दवा ला दूँगा.
मैं बोली- ओके.

फिर उसने धीरे-धीरे सुपाड़ा मेरी चुत के अन्दर किया.
मैं ‘उम्म्म … उम्म्म … भाई चोद दे अपनी दीदी को और बन जा बहनचोद साले बहन के लंड … आह्ह्ह … कितना मोटा है तेरा आह … आह’ कह रही थी.

उसने सुपाड़ा तो धीरे-धीरे अन्दर किया लेकिन बाकी का लंड एक झटके में पूरा पेल दिया.
मैं चिल्लाई- मर गई भोसड़ी के … आराम से नहीं कर सकता था साले मादरचोद!
वह हंस रहा था.

मैंने भी अपनी दोनों टांगें फैलाकर भाई के लंड से चुदना शुरू कर दिया.
‘आह्ह्ह … आह्ह्ह … और ज़ोर-ज़ोर से भाई!’

वह चोदने के साथ में मेरे बूब्स दबाने लगा.
फिर उसने मेरी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा.

मेरा पूरा शरीर अकड़ने लगा और मैं अपना पानी छोड़ चुकी थी.

फिर मैं बिना मन के बस टांगें फैलाकर उसका साथ दे रही थी.

थोड़ी देर बाद भाई बोला- दीदी मेरा होने वाला है. कहां निकाल दूँ?

मैं बोली- भाई तुमने कंडोम नहीं लगाया है, प्लीज बाहर निकालो अपना!

वह हंस कर बोला- नहीं मेरी प्यारी रंडी बहन … आज तो पहली बार वाला मामला है, मैं तो आपकी चुत के अन्दर ही रबड़ी निकालूँगा!

यह कह कर उसने 10-12 ज़ोरदार धक्के लगाए और मेरे ऊपर ही लेट कर मेरी गर्दन को चूमने लगा.

मुझे अन्दर उसके लंड से निकलते हुए स्पर्म का बहुत अच्छा अहसास हो रहा था.

बैड सिस पोर्न का मजा लेने के कुछ देर बाद मैंने उसे अलग किया और टॉयलेट के लिए उठी.
अब मेरे शरीर से जैसे जान निकल रही थी और चूत से भाई का प्यार टपक रहा था.

मैं बाथरूम से अपनी चूत साफ करके आई. टाइम देखा तो सुबह के 5 बज चुके थे.

मैंने भाई से पूछा- तुम कोई दवा खाकर आए थे क्या?
तो वह बोला- हां दीदी जब मैं किचन में गया था, तो मेडिसिन खाकर आया था.

मैं बोली- तभी तुमने आज मेरी जान निकाल दी.
वह हंस कर बोला- दीदी, आज पहली बार पूरा मज़ा आया है. क्योंकि गर्लफ्रेंड के साथ तो सिर्फ़ 1-2 घंटे ही मिलते थे!

फिर वह मुझसे छोटे बच्चों की तरह लिपट कर सो गया, मेरे बूब्स को मुँह में लेकर चूसने लगा.
मेरी भी नींद लग चुकी थी.

जब मेरी नींद खुली, तो देखा वह फिर से मेरी चूत चाट रहा था.

दोपहर के 1 बज चुके थे.

मैं उठकर बाथरूम नहाने जाने लगी, तो वह बोला- साथ में नहाते हैं.
मैं कुछ नहीं बोली.

बाथरूम में उसने फिर से मुझे चोदा.

अब जब भी घर पर पापा नहीं होते, वह ऐसे ही बहुत हार्ड सेक्स करता है और मैं भी जी भरकर चीखती हूँ.

बाकी रोज़ रात को मेरे रूम में प्यार से तो सेक्स करता ही है.

अब मैं अपने दोनों भाइयों की पत्नी बन चुकी हूँ.
शादी से पहले ही मैंने अपने सगे भाइयों से अपनी गांड, चूत और मुँह का उद्घाटन करवा लिया था.

वैसे अब मेरी शादी हो गई है और एक बच्चा भी है इसलिए अब भाइयों से सेक्स बहुत कम ही कर पाती हूँ.

मेरी बैड सिस पोर्न कहानी पढ़ने के लिए आप सभी का शुक्रिया. अपने कमेंट्स भी भेजें.

अभी मेरी दूसरे भाई से चुदाई की कहानी बाकी है, जो मैं अगली स्टोरी में बताऊंगी.
rahimahi7890@gmail.com

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