बहनों के साथ सेक्स भरी छेड़छाड़- 1

Views: 64 Category: Brother-Sister By pavanmatro2 Published: February 07, 2026

पुसी फिंगर कहानी में मैं अपनी चचेरी बहन की जवानी का फायदा उठाने के मौके ढूँढता रहता था. ऐसे ही एक बार मैंने उसकी पैन्ट खोल कर उसकी चूत में उंगली डाल कर देखा.

दोस्तो, मैं आज पुनः अपनी सच्ची सेक्स कहानी लेकर आपके सामने हाजिर हूँ.

ये कहानी मेरे और मेरे चाचा की बेटी के बीच की सच्ची घटना है.

हालांकि सेक्स कहानी वाली इस साइट पर जिस हिसाब से सेक्स को लिखा जाता है, यह उस तरह की कहानी नहीं है.

लेकिन ऐसा आम तौर पर बहन भाई के बीच में ऐसा ही होता है और मैंने वही सब लिखा है.

मुझे उम्मीद है कि सच्ची सेक्स कहानी पढ़ने वालों को मेरी पुसी फिंगर कहानी पढ़ कर मजा आएगा.

मेरे चाचा की तीन बेटियां हैं.
बड़ी बेटी का नाम गुड़िया, उससे छोटी का नाम गौरी और सबसे छोटी का नाम ललिता है.

ये घटना तब की है जब मैं 22 साल का था और मेरी बहन गुड़िया 18 साल की थी.
जैसा कि आपने मेरी पहली कहानी में पढ़ा होगा कि मैं बचपन से ही चुदक्कड़ था.

मुझे सेक्स करना मेरी अपनी बहन ने ही सिखा दिया था.
अब मैं सेक्स का आदी हो गया था तो मुझे रोज चोदने के लिए चुत चाहिए होती थी.

पर रोज रोज कोई सेक्स करने के लिए चुत मिलती ही नहीं थी इसलिए मैं पॉर्न देखकर या सेक्स कहानियां पढ़कर मुठ मार लेता था.

उस समय पॉर्न की सीडी मिलती थी क्योंकि स्मार्ट मोबाइल का जमाना नहीं था इसलिए सब मूवी देखने के लिए वीसीआर और सीडी रखते थे.
पॉर्न की सीडी भी दुकान में आसानी से मिल जाती थी पर देखने का इंतजाम करना मुश्किल होता था.

मेरे कई दोस्त थे जो पॉर्न देखना और कहानियां पढ़ना पसंद करते थे.

उस समय सेक्स स्टोरी की किताबें आती थीं जिन्हें हम छुपाकर घर में किसी तरह पढ़ते थे.
मैं रात को देर तक पढ़ने का बहाना करके पढ़ते वक्त अपनी पढ़ाई की किताब में छुपाकर उस वक्त पढ़ता था, जब सब सो जाते थे.

जैसा कि मैंने पिछली कहानी में बताया था कि मेरी अपनी तीन बहनें हैं, जिनमें उस समय दो की शादी हो गई थी.
अब एक मुझसे छोटी बची थी.
घर में उस समय मेरे पापा-मम्मी, दादा-दादी और मेरी छोटी बहन थी.

मेरे चाचा अपनी तीनों बेटियों और वाइफ के साथ बाहर रहते थे.
चाचा और चाची टीचर थे.
उनकी बड़ी बेटी गुड़िया हमारे घर कुछ दिन के लिए रहने आई थी.

मैं उसके साथ कुछ दिनों में काफी घुल-मिल गया था.

उन्हीं दिनों मेरे मामा के घर मेरे मामा की बेटी की शादी थी जिसमें सबको बुलाया गया था.
मेरा एग्जाम आने वाला था इसलिए मैंने जाने से मना कर दिया.

मेरे पापा-मम्मी और मेरी छोटी बहन चले गए.
अब घर में सिर्फ मेरे दादा, दादी, मैं और मेरे चाचा की बेटी ही थी.

सभी के चले जाने से मुझे तो जैसे पॉर्न देखने का मौका मिल गया था इसलिए मैं काफी खुश था.
मैं दुकान से एक अच्छी वाली सीडी ले आया और उसे देखने का मौका ढूंढने लगा.

मेरे घर में टीवी था, जो एक रूम में था. उसमें मेरी दादी सोती थीं.

मैं रूम के बाहर बरामदे में सोता था इसलिए रात को मैं नहीं देख सकता था.
सीडी उस समय भाड़े पर मिलती थी, एक दिन के हिसाब से … इसलिए मैं कोशिश करता था कि एक दिन में ही देखकर वापस कर दूँ.

अब मेरे पास सिर्फ़ दिन का ही टाइम था.
मैं मौके की तलाश में था.

फिर शाम को लगभग 4 बजे मैंने देखा कि टीवी वाले रूम में कोई नहीं है.

मैं चुपके से उसमें चला गया.
उस रूम में एक खिड़की थी और खिड़की के पास ही टीवी था.

अगर कोई आता तो वह रूम के दरवाजे की तरफ आने से पहले ही दिख जाता था और मैं तुरंत ही टीवी बंद कर देता था.
पर सीडी प्लेयर ऑन ही रखता था क्योंकि एक बार बंद करने से वह फिर स्टार्टिंग से शुरू हो जाती थी इसलिए मैं सिर्फ़ टीवी ही बंद करता था.

मुझे पता था कि मेरी दादी अगर सीडी प्लेयर ऑन देख भी लेगी तो उसे समझ नहीं आएगा कि क्या हो रहा है.
मैं टीवी का आवाज़ कम करके सिर्फ़ वीडियो देखता था.

ऐसा करते-करते मैं कुछ देर देखता रहा.

फिर मुझे कुछ आहट हुई तो मैंने खिड़की से देखा कि मेरी बहन दरवाजे की तरफ आ रही है.
मैंने तुरंत ही टीवी बंद कर दिया.

वह दरवाजे से अन्दर आई.
मुझे टीवी के पास खड़ा देखकर उसने पूछा- यहां क्या कर रहे हो?
तो मैंने कहा- मैं बुक्स ले रहा हूँ.

क्योंकि टीवी के पास ही बुक का रैक था, जिस पर मेरी किताबें रहती थीं.
मैं झूठ-मूठ का नाटक करके कुछ किताबें ढूंढने लगा.

शायद मेरी बहन ने सीडी प्लेयर ऑन देख लिया इसलिए उसे शक हुआ कि मैं कुछ देख रहा था.
पर वह कुछ बोली नहीं और वहां से चली गई.

मैं फिर से टीवी ऑन करके देखने लगा.

अचानक वह फिर से तेज़ी से रूम में आई.
जब तक मैं टीवी बंद करता, वह दरवाजे तक आ चुकी थी.

मुझे फिर से टीवी के पास देखकर उसने फिर पूछा- तुम यहां इतनी देर से क्या कर रहे हो? मुझे पता है तुम बुक नहीं ले रहे, कुछ देख रहे हो टीवी पर!
मैंने हड़बड़ाते हुए बोला- क्या देखूँ? तुम जाओ यहां से!

उसने पूछा- तुम ऐसा क्या देख रहे हो, जो मेरे आने पर बंद कर देते हो?
फिर मैंने उससे कहा- कुछ नहीं, बस ऐसे ही सीडी चेक कर रहा था.

अब वह वहां से चली गई.

मैं तो पॉर्न देखकर जोश में था, मेरा लंड पूरा खड़ा था.
मैं उसे छुपाकर दूसरी तरफ घूमकर उससे बात करता था.

उसके जाते ही मैंने फिर से टीवी ऑन कर दी.
इस बार वह गई नहीं थी, दरवाजे के पास ही छुप गई थी

इस बार मैं परेशान हो चुका था क्योंकि मुझे जल्दी पूरा वीडियो देखकर खत्म करना था.
इसलिए मैंने सोचा कि अब अगर आएगी, तो भी टीवी बंद नहीं करूँगा.

फिर अचानक से वह रूम में आ गई.
इस बार वह कुछ देख पाती, मैंने झट से टीवी बंद कर दिया.
पर टीवी बंद करते हुए उसने मुझे देख लिया.

अब उससे पक्का यकीन हो गया कि मैं कुछ देख रहा था.

वह जिद करने लगी- बताओ क्या देख रहे थे? तभी मैं रूम से जाऊंगी!

मेरा टाइम खराब हो रहा था इसलिए मैं कुछ टाइम सोचने के बाद टीवी ऑन कर दिया.

टीवी के ऑन होते ही उसमें एक लड़का एक लड़की को बड़े लंड से चुत की चुदाई कर रहा था, जिसे मेरी बहन ने गौर से देखा.

कुछ सेकंड देखने के बाद मेरी बहन ने बोला- च्चि च्चि तुम यही सब गंदा देखते हो?
तभी मैंने टीवी बंद कर दी और बोला- अब पता चल गया ना क्या देख रहा था?

इतना सुनकर वह छी छी करती हुई वहां से चली गई.

दोस्तो, इस पहले मैं अपनी इस बहन के बारे में गंदा नहीं सोचता था.
पर अब मुझे ऐसा लग रहा था कि शायद इसे मैं चोद सकता हूँ क्योंकि ये अब सब देखने के बाद भी इसने इस बात को किसी को नहीं बताया.

मैं आराम से फिर से पॉर्न देखने लगा.
शायद उसे भी अब ये देखना अच्छा लग रहा था इसलिए वह फिर वापस रूम में आई.

पर इस बार मैंने टीवी बंद नहीं किया.

वह थोड़ी देर सेक्स देखकर फिर च्च च्च करती हुई चली गई.

मैं अब पूरी तरह समझ चुका था कि इसके साथ अब कुछ भी किया जा सकता है.
उस दिन मैंने सीडी पूरी देख कर वापस कर आया.

अब मैं अपन बहन के बारे में सोचने लगा.
मेरी बहन के चूचे बहुत बड़े-बड़े थे.

उस दिन से मैं हर वक्त उसके चूचों को देखता रहता था और सोचता था कि कभी इसके दूध दबाने का मौका मिले.

फिर दो दिन बाद मेरे मम्मी, पापा और बहन घर वापस आ गए.
मेरे चाचा की दूसरी बेटी भी मेरे घर आ गई.

अब घर में ज्यादा लोग हो गए थे तो उनको सोने में जगह की कमी थी.
इसलिए मेरे चाचा की दूसरी बेटी, जो मुझसे छोटी उम्र की थी, उसे मेरे साथ सुला दिया गया.

अब मैं तो जवान था ही, मुझे चूत चाहिए थी.
पर अभी तक मैंने कोई चूत रियल की नहीं देखी थी.
पॉर्न में तो बहुत देखा था, पर अब मैं सोचता था कि सही में चूत में कितने छेद होते हैं, ये मुझे जानना था.

इसलिए मुझे मौका भी मिल गया था.
मैंने देखा कि ये मेरी बहन जब सोती है तो काफी गहरी नींद में सोती है.
अगर इसे नींद में उठाकर भी कहीं ले जाओ तो भी कुछ पता नहीं चलता.

ये सोचकर मेरे दिमाग में एक आइडिया आया.

एक रात को मैंने सोचा क्यों ना इसी की चूत में देखा जाए कि छेद कैसा होता है.
ये सोचकर मैंने उस रात ये देखने का प्लान बनाया.

उस रात सबके खाकर सो जाने तक मैं पढ़ता रहा क्योंकि ऐसा मैं रोज़ करता था.
जब मैंने देखा कि सब सो गए हैं, तब मैं भी सोने चला गया.
मेरी बहन मेरे बगल पर पहले से ही सोई थी.

उस समय ठंडी का मौसम था इसलिए सब रजाई में थे.
मैं भी अपनी बहन के साथ रजाई में घुस गया.

एक बार मैंने फिर से देख लिया कि सब सो गए हैं ना.
जब मुझे यकीन हो गया तब मैंने अपनी बहन को हिलाकर देखा, उसके मुँह पर हाथ फेरा, पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर मुझे यकीन हो गया कि ये अब सो गई है.

फिर भी मैं एक और बार उसको जोर से धक्का देकर हिलाया.
पर वह नहीं जागी तो मैंने सोचा ये अच्छा मौका है.

फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उसके पैंट के ऊपर डाला और कुछ देर रुका.
अभी भी वह सोई थी.

अब मेरा साहस बढ़ गया.
पर डर भी लग रहा था कि कहीं ये उठ ना जाए.
मेरे दिमाग पर सेक्स का भूत चढ़ चुका था.

दोस्तो, ये तो आप जानते होंगे कि अगर एक बार आदमी सेक्स के चक्कर में पड़ जाता है तो फिर उसे सही-गलत कुछ समझ में नहीं आता.
वही अब मेरे साथ हो रहा था.

मैंने भी अब आगे क्या परिणाम होगा, ये सोचना छोड़ दिया था.

मैंने अपना हाथ उसकी पैंट के अन्दर डाला.
मुझे उसकी कोमल चूत महसूस हुई.
मैं क्या बताऊं, डर से और मेरी हालत खराब हो रही थी, पर सेक्स का नशा उससे ज्यादा था.

मैं बिना सोचे अपनी उंगली से उसकी चूत के छेद को ढूंढने लगा.

उस समय सब सोए थे इसलिए सब ही लाइट भी ऑफ थी.
मैं अंधेरे में आराम से उसकी चूत के छेद को ढूंढ रहा था.

तभी मेरी उंगली एक गड्ढे में गई जो थोड़ी गहरी थी, पर उसके बाद बंद थी.

मैं समझ गया ये ही छेद है, पर अभी ये छोटी है इसलिए ये छेद अभी खुला नहीं है.
मैंने अच्छी तरह उंगली घुमाकर देख लिया.

फिर जल्दी से हाथ निकाल कर सोने लगा.

कुछ पल बाद मेरे मन में एक बार और ठीक से देखने की इच्छा हुई तो मैंने फिर से दुबारा उसके पैंट में हाथ डालकर चूत के छेद को चेक किया.
अब मुझे मालूम हो गया था कि चूत सच में कैसी होती है.

मैं अंधेरे में देख तो नहीं सकता था, पर हाथ से पूरा महसूस किया.

पुसी फिंगर करके मैंने हाथ निकाल कर उसकी पैंट को ठीक किया और सो गया.

सुबह सब कुछ नॉर्मल था.
पर अचानक मेरी बहन ने मेरी दादी से कहा- मुझे लग रहा है कि रात को कोई मेरी पैंट खोल रहा था!

ये बात सुनकर मैं तो डर गया.

दादी ने उससे कहा कि तुमने कोई सपना देखा होगा.
इस बात को ज्यादा तूल नहीं दिया गया था.

पर मुझे बहुत डर लग रहा था इसलिए उसके बाद मेरी कुछ करने की हिम्मत ही नहीं हुई.

अब मुझे पता नहीं इस बात को कोई कितना सीरियस लिया, पर मुझे किसी ने कुछ नहीं कहा और ना ही बहन को मेरे साथ सुलाने से मना किया था, तो मैं आश्वस्त हो गया था कि मामला दब गया है.

दोस्तो, पुसी फिंगर कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊंगा कि आगे क्या हुआ?
आप मुझे अपने कमेंट्स करके बताएं कि ऐसा किस किस के साथ हुआ है.
pavanmatro2@gmail.com

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