माय पुसी स्लटी स्टोरी में मेरी गर्लफ्रेंड की चुदाई की बातों से मेरी चूत लंड मांगने लगती थी. एक बार मेरी सहेली ने मुझे चुदवा दिया तो मेरी हवस और बढ़ गयी.
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम शीला है और मैं अब 25 साल की हूं।
मेरा फिगर थोड़ा ज्यादा है क्योंकि मैं थोड़ी ‘हेल्थी’ हूं।
मैं आपका अपनी इस माय पुसी स्लटी स्टोरी में स्वागत करती हूं।
मुझे चुदाई का शौक कॉलेज लाइफ से ही है।
मेरी फ्रेंड ज्योति अक्सर अपने BF से चुदाती थी और फिर वह अपनी कहानी सुनाती थी और पिक्चर्स दिखाती थी, जिससे मेरी भी चूत में आग लग जाती थी।
फिर एक दिन ज्योति मुझे अपने साथ लेकर गई, तो बाद में पता चला कि वह चुदने जा रही है और वहां उसके BF का दोस्त भी है।
फिर ज्योति अपने BF के साथ लग गई और उसके BF का दोस्त मुझे ट्राई करने लगा।
पहले तो मेरा मन नहीं था लेकिन वह नहीं माना!
फिर उसका टच मुझे अच्छा लगने लगा और मेरी बॉडी में भी कुछ-कुछ होने लगा था।
फिर मैं पहली बार उस लड़के से चुद गई।
उसके कुछ दिन बाद ही मेरा फिर से मन करने लगा और बस लन्ड के लिए मेरी हवस बढ़ती ही जा रही थी।
हमारे ही घर में ऊपर के फ्लोर पर राहुल रहता था।
वह मुझसे छोटा था, करीब 19 साल का, और मैं 25 की थी।
लेकिन मुझे अब उसकी उम्र नहीं, बल्कि उसका लन्ड दिखाई दे रहा था!
फिर मैंने उसको अपनी चुदाई के लिए तैयार करने की कोशिश की।
मैंने उसको बाहर से कुछ सामान लाने को दिया।
जब वह सामान लाया तो मैंने उसको रूम में ही बुला लिया।
उस वक्त मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।
रूम में आकर उसकी नजरें मुझ पर से हट ही नहीं रही थी!
पर वह सामान देकर चला गया।
अगले दिन मैं बाथरूम से नहाकर बाहर आई और छत पर कपड़े डालने गई, तो देखा राहुल वहां अकेला था।
मैंने उसको अपने कपड़े छत पर डालने को कहा, जिसमें मेरी ब्रा, पैंटी और नाइट सूट था।
वह कपड़े डालकर नीचे आया तो बोला, “दीदी, आपकी पैंटी का कलर बहुत अच्छा है!”
मैं शरमाने लगी।
फिर वह बोलने लगा कि आज किस कलर की पहनी है?
तो मैंने बोल दिया, “कल भी कपड़े डाल देना और खुद देख लेना!”
अगले दिन मैं घर पर अकेली थी, तो वह मौका मैं गंवाने वाली नहीं थी।
मैंने राहुल को कॉल करके नीचे बुला लिया।
मैंने पूछा, “क्या आज भी देखोगे मेरी पैंटी का कलर?”
वह ‘हां’ करने लगा।
तो मैंने कहा, “पहले तुम दिखाओ अपने अंडरवियर का कलर!”
वह झट से अपना लोअर उतारकर दिखाने लगा।
अंडरवियर में उसका खड़ा लन्ड साफ दिखाई दे रहा था।
मैंने मौका पाकर बोल दिया, “तुम्हारा लन्ड छोटा है क्या?”
उस पागल ने झट से लन्ड बाहर निकाल लिया और दिखाने लगा!
उसको देखकर मेरी आंखें खुली की खुली रह गई।
मैंने थोड़ा ‘अनदेखा’ करने का नाटक किया और कहा कि तुम पागल हो।
तो वह बोला, “दीदी, आपको उस दिन देखा था तो आप बहुत सेक्सी लग रही थी, प्लीज फुल बॉडी दिखाओ ना!”
मैंने उससे पूछा कि उससे मुझे क्या मिलेगा?
तो वह बोलने लगा, “जो आप बोलो!”
मैंने उससे पूछा, “क्या तूने कभी सेक्स किया है?”
उसने मना कर दिया।
तो मैंने कहा, “चल, आज तुझे वही सिखाऊंगी!”
ये सुनते ही वह मेरे पास आकर मेरी चूत को सहलाने लगा।
जैसे ही मैंने अपनी सलवार उतारी, वह मुझे नीचे से बिना पैंटी के देखकर चौंक गया! यह देखते ही वह मेरी चूत चाटने पर टूट पड़ा।
उसका यह स्पर्श पाते ही मैं तो बेसुध हो गई।
फिर उसने अपना लन्ड मेरे मुंह में डाल दिया।
मैंने उसको ’69 पोजीशन’ में आने को कहा, तो वह मेरे ऊपर आ गया।
मैं उसका लन्ड चूसने लगी और वह मेरी चूत चाटने लगा।
कुछ ही देर में वह मेरे मुंह में ही झड़ गया! उसने सारा पानी मेरे मुंह में ही निकाल दिया।
कुछ पानी मेरे गले में चला गया और कुछ मैंने बाहर निकाल दिया।
फिर वह मेरी पूरी बॉडी पर किस करने लगा।
मेरे बूब्स चूसते हुए वह मेरी चूत को फिंगर से चोदने लगा।
इन सब हरकतों से मैं तो चुदाई की गहराई में खोती जा रही थी।
फिर उसने अपना लन्ड फिर से तैयार किया और मेरी चूत पर सटा दिया।
उसने मुझसे पूछा, “दीदी, डाल दूं?”
मैंने भी उत्तेजना में बोल दिया, “तुझे जो करना है कर ले, लेकिन अब रुक मत, करता रह!”
जैसे ही उसने अपना लन्ड मेरी चूत में धकेला, गीली चूत होने की वजह से पूरा लन्ड एक ही झटके में अंदर चला गया!
जैसे ही लन्ड चूत में घुसा, मैंने वैसे ही उसे कसकर जकड़ लिया।
मैं उसके लन्ड को बाहर निकलने ही नहीं देना चाहती थी!
जैसे ही उसने धक्के मारने शुरू किए, मैं चुदाई के आनंद में खो गई।
जब उसने तेज़-तेज़ धक्के मारे, तो मेरी सिसकियां बढ़ती जा रही थी— “आआ ह्ह्ह … आ ह्ह्ह … आआ ह्हह!”
फिर उसने मुझे ‘डॉगी स्टाइल’ में भी चोदा और अंत में मेरे ऊपर ही झड़ गया।
वह मुझसे ही चिपक कर लेटा रहा।
मैंने भी उसको किस किया और उसके काम की तारीफ की।
फिर वह उठा और मुझे ‘थैंक यू’ बोला।
उसने पूछा कि आपको कैसा लगा?
मैं उसकी चुदाई से बहुत खुश थी।
उसने फिर पूछा, “दीदी, अब अगली बार कब सेवा करने आऊं?”
मैं हंसने लगी और कह दिया, “जब तेरा मन करे आ जाना, तेरी दीदी की चूत के द्वार तेरे लिए हमेशा खुले हैं!”
उस दिन के बाद से, अब हम हर दो-तीन दिन में एक बार कर लिया करते हैं।
कैसी लगी आपको शीला और राहुल की यह कहानी?
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